Wednesday, July 8, 2026
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सीतामढ़ी में 35 वर्षीय युवक रहस्यमय तरीके से लापता, चार महीने बाद भी नहीं मिला सुराग;

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गर्भवती पत्नी ने पति के इंतजार में दिया बच्चे को जन्म, चार मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां 35 वर्षीय अजय कुमार पिछले चार महीनों से रहस्यमय तरीके से लापता हैं। 27 अक्टूबर 2025 को घर से निकले अजय कुमार अब तक वापस नहीं लौटे हैं और न ही उनका कोई सुराग मिल पाया है। इस घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पत्नी और चार छोटे-छोटे बच्चों की आंखें हर दिन दरवाजे पर टिकी रहती हैं कि शायद आज अजय कुमार घर लौट आएं।

परिजनों के अनुसार अजय कुमार पिछले लगभग आठ वर्षों से जगदंबा कंपनी में काम करते थे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। बताया जाता है कि 27 अक्टूबर 2025 को वह कंपनी के काम से निकले थे, लेकिन इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। परिवार ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन अजय कुमार का कहीं भी कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई, मगर महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

अजय कुमार की पत्नी संगीता देवी ने बताया कि उनकी शादी को करीब 12 वर्ष हो चुके हैं और उनके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति के अचानक लापता हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि जब अजय कुमार गायब हुए, उस समय संगीता देवी गर्भवती थीं और जल्द ही बच्चे को जन्म देने वाली थीं। पति के लापता होने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उस खुशी के पल में भी पति का साथ न होना उन्हें भीतर तक तोड़ गया।

संगीता देवी का कहना है कि अब घर की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। आर्थिक तंगी के साथ-साथ मानसिक तनाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। चारों बच्चे अपने पिता को याद कर रोज रोते हैं और मां से बार-बार पूछते हैं कि उनके पिता कब घर लौटेंगे। मासूम बच्चों के इन सवालों का जवाब संगीता देवी के पास नहीं है, जिससे उनका दर्द और भी बढ़ जाता है।

परिवार ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और अजय कुमार की तलाश तेज की जाए। संगीता देवी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों के साथ भय और चिंता के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन और समाज के सहयोग से उनके पति का जल्द पता चल सकेगा और वह सुरक्षित घर लौट आएंगे।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि किसी व्यक्ति का इस तरह अचानक गायब हो जाना बेहद गंभीर मामला है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गहन जांच कर अजय कुमार को जल्द से जल्द खोजा जाए ताकि परिवार को राहत मिल सके। फिलहाल परिवार हर दिन उम्मीद के सहारे जी रहा है और दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठा है कि शायद किसी दिन अजय कुमार वापस घर लौट आएं।

जिस किसी को भी अजय कुमार के बारे में कोई जानकारी मिले, वह तुरंत नजदीकी थाना या नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें। आपकी एक छोटी सी सूचना चार मासूम बच्चों को उनके पिता से और एक पीड़ित पत्नी को उसके पति से मिलाने में मदद कर सकती है।

संपर्क नंबर: +91 70417 82716

काम पर जाने की बात कहकर निकले मुकेश लापता, पांच महीने से परिवार को नहीं कोई सुराग; पत्नी सरस्वती की अपील—कहीं दिखें तो तुरंत दें सूचना

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भद्रावती क्षेत्र से एक व्यक्ति के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने परिवार की चिंता और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। जानकारी के अनुसार भद्रावती थाना क्षेत्र के चंद्रावती इलाके के रहने वाले मुकेश फूल सिंह कुमार 11 नवंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे घर से काम पर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन इसके बाद से उनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

परिवार के अनुसार मुकेश हमेशा अपना मोबाइल फोन अपने साथ रखते थे, लेकिन जिस दिन वह घर से निकले, उस दिन उन्होंने जानबूझकर अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था। यह बात परिवार के लिए और भी ज्यादा चिंता का कारण बन गई है। घर से निकलने के बाद से न तो मुकेश ने किसी से संपर्क किया और न ही उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी मिल पाई है।

मुकेश की पत्नी सरस्वती ने बताया कि उनकी शादी को करीब पांच साल हो चुके हैं और उनके दो छोटे बच्चे हैं, जो फिलहाल उनके साथ ही रह रहे हैं। पति के अचानक गायब हो जाने के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। सरस्वती का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं पता कि उनके पति इस समय कहां हैं, किस हालत में हैं और सुरक्षित हैं या नहीं।

स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की बातें भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि संभवतः कर्ज के कारण मुकेश कहीं चले गए होंगे, जबकि कुछ लोग अलग-अलग तरह की अटकलें लगा रहे हैं। हालांकि परिवार को अब तक किसी भी तरह की ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

इधर मुकेश की पत्नी सरस्वती ने लोगों से भावुक अपील की है कि यदि किसी को भी मुकेश के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दें तो कृपया तुरंत फोन कर सूचना दें, ताकि परिवार को उनके बारे में कुछ पता चल सके। सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर 9172052261 जारी किया गया है। परिवार और आसपास के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही मुकेश का कोई सुराग मिल सकेगा और वह सुरक्षित अपने घर लौट आएंगे।

नेपाल में बड़ी जीत की तरफ बालेन शाह की पार्टी RSP, बाकी पार्टियां काफी पीछे छूटीं

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बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी नेपाल के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने की तरफ बढ़ रही है। काठमांडू समेत कई सीटों पर पार्टी आगे चल रही है और माना जा रहा है कि प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।काठमांडू: नेपाल के संसदीय चुनाव में काठमांडू के पू्र्व मेयर और रैपर बालेन्द्र शाह उर्फ बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। गुरुवार देर रात को शुरू हुई मतगणना अभी जारी है और RSP अब तक बड़े अंतर से आगे चल रही है। रुझानों को देखकर कहा जा सकता है कि नेपाल की यह नई नवेली पार्टी भारी बहुमत के साथ जीत की ओर बढ़ रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह 8 बजे तक FPTP यानी कि फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट श्रेणी की 165 सीटों में से 135 में मतगणना चल रही है और अगले कुछ घंटों में परिणाम आने की उम्मीद है।नेपाल की पुरानी पार्टियों का बुरा है हाल
चुनाव आयोग के मुताबिक, RSP ने 19 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और 98 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कुल मिलाकर RSP फिलहाल 117 सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है। वहीं, नेपाली कांग्रेस दूसरे स्थान पर है, जिसने 4 सीटें जीती हैं और 11 पर आगे है। केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML ने सिर्फ 1 सीट जीती है और 11 पर आगे चल रही है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी यानी कि NCP ने भी 1 सीट जीती है और 11 पर लीड कर रही है। खास बात यह है कि झापा-5 सीट पर बालेन शाह खुद केपी शर्मा ओली से लगभग 4 गुना वोटों से आगे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बालेन को 34,863 वोट मिले हैं जबकि ओली को सिर्फ 9,068 वोट प्राप्त हुए हैं।

चुनाव मैदान में थीं कुल 68 पार्टियां
सरलाही-4 में नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा RSP के उम्मीदवार अमरेश कुमार सिंह से पीछे हैं। सिंह को 11,383 वोट मिले हैं जबकि थापा को कुल 6,952 लोगों ने वोट किया है। 5 मार्च को हुए इस चुनाव में कुल 68 पार्टियां मैदान में थीं। FPTP के लिए 3,406 उम्मीदवार और PR यानी प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन के लिए 1,270 उम्मीदवार मैदान में थे। नेपाली संसद की 275 सीटों में से 165 FPTP से और 110 PR से चुनी जाती हैं। एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है, और RSP अब तक के रुझानों से इस बहुमत को पार करने की राह पर है।

RSP को दो-तिहाई बहुमत का भरोसा
RSP के उपाध्यक्ष डॉल प्रसाद अर्याल ने ANI को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उनकी पार्टी दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा, ‘हम इन चुनावों में कुल मिलाकर 186 सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे हैं।’ बता दें कि दो-तिहाई बहुमत के लिए 186 सीटें चाहिए होती हैं। यह चुनाव नेपाल में जनरेशन Z के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद हो रहा है, जिसने पुरानी पार्टियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया था और केपी शर्मा ओली की सरकार चली गई थी। RSP जैसी नई पार्टी को युवाओं का खास समर्थन मिल रहा है और माना जा रहा है कि नेपाल की सियासत में इन चुनावों के बाद बड़ा बदलाव आने वाला है।

नाले का मुंह बंद कर बनाया घर, 8 भाइयों के घरों का पानी रुका; विरोध करने पर पड़ोसियों की धमकी—“मार देंगे, जेल चले जाएंगे”

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पूर्वी चम्पारण (बनकटवा) से संवाददाता।
पूर्वी चम्पारण जिले के बनकटवा प्रखंड अंतर्गत थाना जितना क्षेत्र के झंझरा गांव में पड़ोसियों के बीच नाले को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। वार्ड नंबर 08, झंझरा निवासी संतलाल शाह और उनके परिवार का आरोप है कि उनके पड़ोसी जोगिंदर शाह और जयराम पंडित ने गांव के पुराने निकासी नाले के मुंह पर ही घर बना लिया है, जिससे आठ भाइयों के घरों का पानी निकलना पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संतलाल शाह के अनुसार, उनके परिवार में कुल आठ भाई हैं, जिनमें संतलाल शाह, शंभू शाह, राम लखन शाह, सोहनलाल शाह, मोतीलाल शाह समेत उनके चाचा और चाचा के बेटों के घरों का पानी इसी नाले के जरिए बाहर निकलता था। यह निकासी व्यवस्था कई वर्षों से बनी हुई थी। लेकिन कुछ समय पहले पड़ोसी जोगिंदर शाह और जयराम पंडित ने नाले के मुंह पर निर्माण कर दिया, जिससे पानी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।

परिवार का कहना है कि नाले का रास्ता बंद होने से घरों में गंदा पानी जमा होने लगा है, जिससे रहने में भी दिक्कत हो रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने भी कई बार दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि जोगिंदर शाह और जयराम पंडित ने किसी की बात नहीं मानी और निर्माण हटाने से साफ इनकार कर दिया।

संतलाल शाह ने बताया कि जब उन्होंने नाले के रास्ते को खोलने की बात कही तो पड़ोसियों ने उल्टा धमकी देना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि दोनों पड़ोसी कह रहे हैं कि “तुम लोगों को मार देंगे, जेल चले जाएंगे लेकिन यह जगह नहीं हटाएंगे।” इससे परिवार में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और नाले की पुरानी निकासी व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो गांव में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। अब पूरे गांव की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर कब इस समस्या का समाधान निकलता है।

अम्बेडकरनगर में युवती ने लगाया गंभीर आरोप, मां और दो नाबालिग बहनों को बंधक बनाने का दावा, विरोध करने पर की गई पिटाई

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अम्बेडकरनगर जिले में एक युवती ने गांव के ही एक व्यक्ति पर अपनी मां और दो नाबालिग बहनों को बंधक बनाकर घरेलू काम कराने और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

मामला इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव का है। यहां की रहने वाली लक्ष्मी पुत्री शिवशंकर ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति की छात्रा है और पढ़ाई कर रही है। लक्ष्मी के अनुसार उसकी मां माधुरी देवी को गांव के ही पंकज वर्मा उर्फ नेता नामक व्यक्ति ने अपने घर में रोक रखा है।

पीड़िता का आरोप है कि दो मार्च 2026 को जब वह अपनी मां से मिलने के लिए गई तो आरोपी पंकज वर्मा ने उसे घर में घुसने नहीं दिया और उसकी मां तथा दो नाबालिग बहनों को अपने घर में जबरन रखकर उनसे घरेलू काम करवा रहा है। लक्ष्मी का कहना है कि उसने इसका विरोध किया तो आरोपी पंकज वर्मा और उसकी पत्नी प्रतिमा ने मिलकर उसके साथ मारपीट की।

लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए और लात घूंसों से पीटा। साथ ही उसे धमकी दी कि वह यहां से भाग जाए और दोबारा कभी यहां न आए। युवती का यह भी कहना है कि आरोपी उसकी मां और दोनों बहनों को घर नहीं आने दे रहे हैं और जबरन अपने घर में रखकर काम करा रहे हैं।

पीड़िता ने बताया कि घटना के दिन ही उसने इब्राहिमपुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे वह और उसका परिवार भयभीत है।

लक्ष्मी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी मां और बहनों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया जाए और उसके साथ हुई मारपीट तथा अश्लील हरकत के मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पिता-पुत्री की जोड़ी सोशल मीडिया पर लिख रही सफलता की नई कहानी, छोटे से गांव से बड़ी पहचान बनाने की तैयारी

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सुपौल। जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले 30 वर्षीय विकास चौधरी इन दिनों अपनी 6 वर्षीय पुत्री रूही के साथ सोशल मीडिया की दुनिया में नई पहचान बनाने के मिशन में जुटे हुए हैं। पिता-पुत्री की यह जोड़ी पिछले 6 से 7 महीनों से लगातार मनोरंजक और दिलचस्प वीडियो बनाकर लोगों का दिल जीत रही है। उनके वीडियो न केवल लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय भी हो रहे हैं।
विकास चौधरी पेशे से एक छोटे व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, लेकिन कामकाज की व्यस्तता के बावजूद वे रोजाना समय निकालकर सोशल मीडिया के लिए वीडियो तैयार करते हैं। खास बात यह है कि वे अपनी मासूम बेटी रूही के साथ मिलकर अलग-अलग विषयों पर वीडियो बनाते हैं। पिता-पुत्री की यह प्यारी जोड़ी अपने अनोखे अंदाज और सरल अभिनय से दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
रूही का इंस्टाग्राम अकाउंट ruhi_sanvi_2019 है, जिस पर अब तक 319 पोस्ट साझा किए जा चुके हैं और करीब 1,207 फॉलोअर्स उनसे जुड़े हुए हैं, जबकि वह 1,393 लोगों को फॉलो करती हैं। वहीं विकास चौधरी का इंस्टाग्राम अकाउंट vikash_kumar_121837 है, जिस पर 195 पोस्ट के साथ 393 फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं। धीरे-धीरे उनके वीडियो सोशल मीडिया पर अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं और दर्शकों से उन्हें लगातार प्रोत्साहन और सराहना मिल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास चौधरी हर वीडियो में कुछ नया और अलग करने की कोशिश करते हैं। उनकी छोटी बेटी रूही का मासूम अंदाज और स्वाभाविक अभिनय वीडियो को और भी आकर्षक बना देता है। यही कारण है कि गांव और आसपास के इलाके में भी लोग उनके वीडियो को उत्साह के साथ देखते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
विकास चौधरी का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना ही नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और लगन के बल पर सोशल मीडिया की दुनिया में एक मजबूत पहचान बनाना है। वे चाहते हैं कि आने वाले समय में उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचें और उनकी बेटी रूही भी अपनी प्रतिभा से लोगों के दिलों में खास जगह बना सके।
सुपौल जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिले से निकलकर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की यह कोशिश कई युवाओं के लिए प्रेरणा बनती नजर आ रही है। लोगों का मानना है कि अगर विकास चौधरी और उनकी बेटी इसी तरह मेहनत करते रहे, तो आने वाले समय में यह पिता-पुत्री की जोड़ी सोशल मीडिया पर बड़ी सफलता हासिल कर सकती है और जिले का नाम भी रोशन कर सकती है।

सहारनपुर पुलिस का प्रहार: ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार कब्ज़े से 227 ग्राम चरस बरामद….

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रुस्तम-ए- खबर समाचार

सहारनपुर। जनपद में नशे के काले कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन सवेरा” और “मिशन शक्ति 5.0” के अंतर्गत थाना रामपुर मनिहारन पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्ज़े से भारी मात्रा में अवैध नशीला पदार्थ बरामद किया है।सहारनपुर परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक द्वारा नशे के विरुद्ध “नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” संकल्प के साथ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम मे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के निर्देशन एवं प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने सटीक सूचना पर पाईनवुड स्कूल के सामने स्थित एक चाय की दुकान पर छापेमारी की। वहीं पुलिस टीम ने मौके से अभियुक्त सलमान पुत्र शकूर निवासी ग्राम चुनहेटी गाडा को दबोच लिया। जामा तलाशी लेने पर अभियुक्त के कब्ज़े से 227 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया है। पुलिस की इस कार्यवाही ने स्पष्ट कर दिया है कि जनपद मे मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस का कहना है कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशा तस्करों के विरुद्ध यह सख्त अभियान निरंतर जारी रहेगा।

*रिपोर्ट :- फरीद, अहमद

सीतापुर में दहेज के लिए प्रताड़ना, युवती की क्रूर हत्या – ससुराल वाले फरार

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सीतापुर। जिले के थाना मानपुर के ग्राम भोइकला में 26 वर्षीय मालती देवी की कथित दहेज हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। प्रार्थी नन्हू ने बताया कि उनकी पुत्री की शादी 3 साल पहले राज कुमार से हुई थी और अभी तक उनका कोई संतान नहीं है। शादी के कुछ ही दिनों बाद से ही मालती देवी को ससुराल वाले दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ित करते रहे।

प्रार्थी के अनुसार, आरोपी ससुराल वालों ने करीब 7 लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज राशि की मांग की थी। इसमें मुख्य आरोपी हैं राज कुमार, मायाराम, श्रीमती मायादेवी, गीता, सीता, बिमला और अरविंद कुमार। आरोपी परिवार ने मालती देवी को बार-बार धमकाया और पीटा।

घटना 24 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि को घटित हुई। आरोप है कि राज कुमार, बिमला, अरविंद कुमार और अन्य ससुराल वालों ने मालती देवी को कमरे से मारकर छत के कुण्डे में लटका दिया। घटना की सूचना दोपहर 12 बजे तक प्रार्थी नन्हू को मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब ही प्रार्थी के परिवार को मामले की जानकारी दी गई।

पिता नन्हू ने बताया कि उनकी पुत्री को पिछले कई महीनों से लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। समाज में महिलाओं की सुरक्षा और दहेज प्रथा की कड़वी हकीकत पर गंभीर सवाल उठ गए हैं।

एग्जाम देने जा रहे भाई-बहन की पीट-पीटकर हत्या, चाचा और उसके बेटे ने ही ले ली जान; इस बात से थे नाराज

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सीहोर में भाई-बहन की हत्या ने इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां चाचा और उसके बेटे पर ही पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है। दोनों भाई-बहन परीक्षा देने के लिए एग्जाम सेंटर जा रहे थे। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में डबल मर्डर का दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां जमीन विवाद को लेकर शुक्रवार की सुबह एक शख्स ने अपने बेटे के साथ मिलकर कथित रूप से अपने ही भतीजे और भतीजी की डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों को सजा दिलाने की बात कह रही है।

चाचा ने भतीजे-भतीजी को उतारा मौत के घाट
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सिद्धिकगंज थाना इलाके के धर्मपुरी गांव में सुबह करीब साढ़े 7 बजे हुई, जब दोनों भाई-बहन एग्जाम देने जा रहे थे। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि मृतकों की पहचान 20 साल की शीतल मालवीय और उसके छोटे भाई कुलदीप मालवीय के तौर पर हुई। कुलदीप की उम्र 19 साल थी। दोनों के पिता का नाम जगदीश मालवीय था।

शीतल और कुलदीप पर डंडे से किया अटैक
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी हरिसिंह मालवीय और उसके बेटे ने कथित रूप से एग्जाम सेंटर जा रहे दोनों भाई-बहन को रास्ते में रोक लिया और डंडों से अटैक कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हरिसिंह और जगदीश सगे भाई हैं और उनके बीच लंबे वक्त से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।

हिरासत में लिए गए आरोपी पिता और बेटा
एसपी शुक्ला ने बताया कि इस अटैक में दोनों भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए और फिर उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और मामले की पड़ताल चल रही है।

सोशल मीडिया से हुई पहचान बनी मुसीबत: युवक ने पति से मारपीट कर पत्नी और दो बच्चों को ले गया, 15 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग

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पालघर/छपरा। सोशल मीडिया पर हुई एक पहचान ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। बिहार के छपरा जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले रमेश कुमार की पत्नी सुमन देवी अपने दो मासूम बच्चों के साथ पिछले कई दिनों से लापता हैं। आरोप है कि रोशन सिंह नाम का युवक उन्हें डरा-धमकाकर अपने साथ ले गया। घटना 20 फरवरी 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक महिला और बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

मिली जानकारी के अनुसार रमेश कुमार अपनी पत्नी सुमन देवी (25) और दो बच्चों—8 वर्षीय रोनक और 6 वर्षीय समीर—के साथ महाराष्ट्र के पालघर जिले के बोईसर इलाके में आजादनगर स्थित जमुना टाकीज के पास संगम बिल्डिंग के रूम नंबर 22 में रहते थे। 20 फरवरी की दोपहर अचानक रोशन सिंह नाम का व्यक्ति उनके घर पहुंचा। आरोप है कि उसने पहले रमेश कुमार के साथ मारपीट की और फिर सुमन देवी को बच्चों सहित जबरन अपने साथ ले गया। जाते समय उसने परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने तक की धमकी दी।

रमेश कुमार का कहना है कि रोशन सिंह से उनकी पत्नी की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी।रोशन कुमार सिंह, पिता का नाम गौरी शंकर सिंह, निवासी गाँव अफोयरा, थाना खेड़ा का रहने वाला है धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और इस दौरान रोशन सिंह ने सुमन देवी को कुछ पैसे भी दिए थे। रमेश का आरोप है कि इसी बात को आधार बनाकर रोशन सिंह ने उनकी पत्नी को धमकाते हुए अपने साथ जाने के लिए मजबूर किया।

घटना के बाद से सुमन देवी और दोनों बच्चों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार ने बोईसर शहर में रिश्तेदारों, मित्रों और जान-पहचान वालों के यहां काफी तलाश की, लेकिन कहीं भी उनका पता नहीं चला। इसके बाद बोईसर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुमन देवी रमेश ठाकुर उम्र 25 वर्ष हैं और उनके साथ उनके दोनों बच्चे भी लापता हैं। मामले की जांच पुलिस हवलदार सचिन नामदेव जाधव को सौंपी गई है।

घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक महिला और बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाने से परिवार बेहद चिंतित और परेशान है। पीड़ित पति रमेश कुमार का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पत्नी और बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले में तेजी से कार्रवाई करने और आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

सूचना देने वालों के लिए अपील
परिवार की ओर से अपील की गई है कि यदि किसी भी व्यक्ति को सुमन देवी और उनके दोनों बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो वह तुरंत मोबाइल नंबर 9579113319 पर संपर्क करें। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सही सूचना देने वाले को ₹3000 का इनाम भी दिया जाएगा।