Wednesday, July 8, 2026
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YouTube के विज्ञापन के झांसे में आया युवक, पिकअप गाड़ी के नाम पर 90 हजार की ठगी; पैसा मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी, अब घर बेचने की नौबत

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दमोह (मध्य प्रदेश)।
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां यूट्यूब पर पिकअप गाड़ी का विज्ञापन देखकर संपर्क करना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि गाड़ी दिलाने के नाम पर उससे 90 हजार रुपये एडवांस ले लिए गए, लेकिन न तो गाड़ी दी गई और न ही पैसा वापस किया गया। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने अपनी रकम लौटाने की मांग की तो उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना के बाद युवक आर्थिक और मानसिक रूप से टूट गया है और अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उसे अपना घर बेचने तक की नौबत आ गई है।

मामला दमोह जिले के बम्होरी भाट क्षेत्र का है। यहां के रहने वाले 24 वर्षीय रामकुमार अहिरवार, पिता प्रेमलाल अहिरवार ने बताया कि 26 अगस्त 2024 को उन्होंने यूट्यूब पर पिकअप गाड़ी बेचने का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में “कार बाजार” नाम से गाड़ी बेचने की जानकारी दी गई थी। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम इरफान अंसारी बताया और खुद को जबलपुर का रहने वाला बताया।

रामकुमार के अनुसार बातचीत के दौरान पिकअप गाड़ी की कीमत 5 लाख 30 हजार रुपये तय हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि अगर वह डाउन पेमेंट कर देंगे तो तीन दिन के भीतर गाड़ी उन्हें सौंप दी जाएगी। इस भरोसे में आकर रामकुमार ने 26 अगस्त 2024 को 90 हजार रुपये एडवांस के रूप में दे दिए। इस पूरे लेन-देन का वीडियो भी उन्होंने रिकॉर्ड किया था, जिसे बाद में उन्होंने मीडिया तक पहुंचाया है।

पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने तीन दिन के अंदर गाड़ी देने का वादा किया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी गाड़ी नहीं दी गई। जब रामकुमार ने फोन करके गाड़ी के बारे में पूछा तो आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में जब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर गाड़ी नहीं दे सकते तो उनका पैसा वापस कर दिया जाए, तो आरोपी ने कथित तौर पर साफ कह दिया कि न गाड़ी मिलेगी और न ही पैसा वापस होगा।

रामकुमार का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले में शिकायत और कार्रवाई की बात कही तो आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर ज्यादा शिकायत की तो गोली मार दी जाएगी और किसी को कुछ बताया तो गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।

पीड़ित युवक का कहना है कि उसने यह पैसा कर्ज लेकर दिया था। वह पहले दूसरे की गाड़ी चलाकर सब्जी मंडी में काम करता था और इसी उम्मीद में पिकअप गाड़ी खरीदना चाहता था कि अपनी गाड़ी होने से उसकी रोजी-रोटी बेहतर हो सकेगी। लेकिन इस ठगी के बाद उसकी सारी जमा पूंजी खत्म हो गई और वह भारी कर्ज में डूब गया।

रामकुमार का कहना है कि आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें अपना घर बेचने तक की नौबत आ गई है। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी के बीच वह पूरी तरह से टूट चुके हैं और लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

पीड़ित रामकुमार अहिरवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और या तो उन्हें उनकी वादा की गई गाड़ी दिलाई जाए या फिर उनके 90 हजार रुपये वापस दिलाए जाएं, ताकि वह फिर से अपने काम को शुरू कर सकें और अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।

मॉमोज का ठेला लगाकर परिवार चलाता है युवा, 5 साल से बना रहा वीडियो; ‘शाम को मारा’ नाम से इंस्टाग्राम पर पहचान बनाने की जद्दोजहद

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मधुबनी।
मॉमोज का ठेला लगाकर परिवार चलाता है युवा, 5 साल से बना रहा वीडियो; ‘श्याम सुंदर’ नाम से इंस्टाग्राम पर पहचान बनाने की जद्दोजहद
मधुबनी।
बिहार के मधुबनी जिले के रही थाना क्षेत्र के जगपति लक्तोली गांव निवासी 22 वर्षीय श्याम सुंदर शाह इन दिनों अपनी जिंदगी की कठिनाइयों और संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर पहचान बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। श्याम सुंदर शाह, जो गणेश साह के पुत्र हैं, का पता पोस्ट ड्रमरी, पट्टी जगत, भोवरा, जिला मधुबनी, बिहार 847212 बताया गया है। वे पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं और अपने हुनर के जरिए लोगों का मनोरंजन करने का प्रयास कर रहे हैं।
श्याम सुंदर शाह का कहना है कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखा है। वे इंस्टाग्राम पर “श्याम सुंदर” नाम से आईडी चलाते हैं, जहां वे विभिन्न गानों पर डांस और एक्टिंग से जुड़े वीडियो बनाते हैं। कई बार वे अपनी आवाज में भी वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और लोगों तक अपनी कला पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उनका कंटेंट मुख्य रूप से मनोरंजन और डांस पर आधारित होता है, जिसे गांव और आसपास के लोग भी पसंद करते हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण श्याम सुंदर शाह को वीडियो बनाने के साथ-साथ रोजी-रोटी के लिए मेहनत भी करनी पड़ती है। वे गांव और आसपास के क्षेत्र में मॉमोज का ठेला लगाकर अपनी जीविका चलाते हैं। दिनभर मेहनत करने के बाद भी वे समय निकालकर वीडियो बनाते हैं, ताकि सोशल मीडिया के जरिए एक दिन बड़ी पहचान हासिल कर सकें।
श्याम सुंदर शाह की शादी करीब छह महीने पहले ही हुई है। शादी के बाद जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहा। उनका कहना है कि वे लगातार मेहनत कर रहे हैं, हालांकि कई तरह की परेशानियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी वे उम्मीद नहीं छोड़ रहे और चाहते हैं कि एक दिन उनका टैलेंट देशभर के लोगों तक पहुंचे।
गांव के लोगों का भी कहना है कि श्याम सुंदर शाह बेहद मेहनती और प्रतिभाशाली युवक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वह अपने हुनर को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि संघर्ष और मेहनत से भरी यह कहानी कब सफलता की नई इबारत लिखती है।
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फेसबुक पर दोस्ती, शादी का झांसा और तीन बार गर्भपात… महिला ने लगाया युवक पर दुष्कर्म व धमकी का आरोप

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सूरत (रूरल)। सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुआ प्रेम संबंध एक महिला के लिए दर्दनाक अनुभव बन गया। सूरत जिले के कडोदरा क्षेत्र में रहने वाली 32 वर्षीय महिला ने बिहार के एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, जबरन गर्भपात कराने और बाद में जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर महिला ने डीएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता रूबी खातून ने अपनी शिकायत में बताया कि वह कडोदरा स्थित गुरुकृपा रेजीडेंसी में अपने बेटे के साथ रहती है और नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण करती है। उसका बेटा फिलहाल छठी कक्षा में पढ़ता है। रूबी के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2006 में मोहम्मद अकबर से हुई थी, लेकिन आपसी विवाद के कारण वर्ष 2012 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद वह अपने मायके में रहने लगी और अपने बेटे की जिम्मेदारी खुद संभालने लगी।

पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2023 में फेसबुक के माध्यम से बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले इरफान नामक युवक से उसकी पहचान हुई। दोनों के बीच पहले चैटिंग और फिर फोन पर बातचीत शुरू हुई। महिला का कहना है कि आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर उससे शादी करने का वादा किया और मीठी-मीठी बातों से उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
महिला के अनुसार आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही उससे शादी करेगा और उसके साथ ही जीवन बिताएगा। इसी भरोसे में आकर उसने कडोदरा में अलग से एक कमरा किराए पर लिया, जहां आरोपी उसके साथ रहने लगा। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने शादी का वादा कर उसकी इच्छा के खिलाफ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और मोबाइल में फोटो व वीडियो भी रिकॉर्ड करता रहा।

रूबी खातून ने आरोप लगाया कि संबंधों के दौरान वह तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दवाइयां देकर तीनों बार उसका गर्भपात करा दिया। जब भी वह शादी की बात करती, आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देता।

पीड़िता के मुताबिक करीब छह महीने पहले उसकी मां आरोपी के गांव वैशाली (बिहार) गई थी और वहां उसके परिवार से मिलकर दोनों की शादी की बात की। लेकिन आरोपी के परिजनों ने साफ शब्दों में कहा कि उनका बेटा इस महिला से शादी नहीं करेगा और इस बात को लेकर महिला की मां का अपमान भी किया।

महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी का व्यवहार अचानक बदल गया। उसने साफ कह दिया कि वह शादी नहीं करेगा और केवल शारीरिक संबंध बनाने के लिए ही उसने यह संबंध बनाया था। विरोध करने पर आरोपी ने उसे गाली-गलौज कर मारपीट भी की।

पीड़िता के अनुसार 27 जनवरी 2026 को उसने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया था। उस समय आरोपी ने पुलिस के सामने शादी करने का आश्वासन दिया, जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन 5 फरवरी 2026 को जब वह नौकरी पर गई हुई थी, तब आरोपी घर से अपना सामान लेकर फरार हो गया।
घर लौटने पर जब उसने आरोपी को फोन किया तो उसने कहा कि वह अपने गांव जा रहा है और अब वह उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। आरोपी ने यह भी कहा कि उसकी पुलिस और अदालत तक पहचान है, इसके बाद उसने महिला का नंबर ब्लॉक कर दिया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के भाई मोहम्मद सदाम ने भी उसे फोन कर केस करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बागपत में युवक पर जानलेवा हमला, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं; आरोपियों की धमकियों से डरा सहमा पीड़ित परिवार

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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिनौली थाना क्षेत्र के सिरसली गांव में एक युवक पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने युवक को कब्रिस्तान के पास घेरकर लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस से करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सिरसली गांव निवासी राजेन्द्र पुत्र रामनिवास ने थाना बिनौली में दी गई शिकायत में बताया कि 5 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु होने के कारण लोगों की आवाजाही हो रही थी। इसी दौरान उनका छोटा भाई अरविन्द कुमार अपने घर वापस लौट रहा था। जब वह गांव के कब्रिस्तान के पास पहुंचा, तभी वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उसे घेर लिया।

पीड़ित पक्ष के अनुसार मंजू पत्नी बिक्रम, दीपक, अंकुश और गौरव पुत्र बीरसैन तथा मनीष, हिमांशु और प्रिंस पुत्र विक्रम ने मिलकर अरविन्द कुमार को पकड़ लिया और उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से बुरी तरह मारपीट की, जिससे अरविन्द कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया और वहीं गिर पड़ा। घटना की जानकारी किसी ग्रामीण ने राजेन्द्र को दी, जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और घायल अरविन्द को वहां से उठाकर घर लाए।

इसके बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से घायल युवक को अस्पताल ले जाकर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट में शामिल दीपक पुत्र बीरसैन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात सरकारी कर्मचारी है, जो घटना के बाद मौके से फरार हो गया।

राजेन्द्र का आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों की ओर से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। धमकी देते हुए कहा जा रहा है कि जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़ित परिवार का दावा है कि इन धमकियों की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है।

परिवार का कहना है कि वह लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस वजह से पूरा परिवार डर और दहशत के माहौल में जीवन गुजारने को मजबूर है और उन्हें किसी बड़ी घटना की आशंका सताने लगी है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। वहीं गांव के लोग भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।

 

सीतापुर में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों का हमला, असलहा और लाठी-डंडों से की मारपीट; पीड़ित परिवार ने जताई जान का खतरा

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सीतापुर। जनपद सीतापुर के एक गांव में पुरानी रंजिश के चलते दबंगों द्वारा घर पर हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई लोग एकजुट होकर उनके घर के बाहर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की। इतना ही नहीं, कुछ आरोपी हथियार लेकर भी आए थे और परिवार को जान से मारने की धमकी देते रहे। घटना के बाद से पीड़ित परिवार भय के माहौल में जी रहा है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, गांव में पहले से चली आ रही रंजिश के कारण 3 मार्च 2026 की शाम करीब 5:30 बजे आरोपी पक्ष के कई लोग एकजुट होकर उनके घर के बाहर पहुंचे। आरोप है कि लवकुश पुत्र जयया, अवधेश पुत्र चुन्नू, शिवकुमार पुत्र जवा, पुनीत पुत्र रामआसरे, वैद्य पुत्र रामआसरे, संदीप पुत्र रामआसरे, छोटक्के पुत्र सत्थबजे, अमित पुत्र गौकरन, सरकारने पुत्र तोते, रामआसरे पुत्र सुई सहित अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित परिवार का कहना है कि जब घर के लोग बीच-बचाव के लिए आगे आए तो आरोपियों ने उन्हें भी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ आरोपियों के हाथ में असलहा और धारदार हथियार भी थे। हमलावरों ने खुलेआम धमकी दी कि यदि दोबारा पुलिस या प्रशासन से शिकायत की गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

स्थिति बिगड़ती देख पीड़ित के पिता ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी धमकी देते हुए वहां से निकल गए। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और किसी भी अनहोनी की आशंका जता रहा है।

पीड़ित पक्ष ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परिवार ने सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी गुहार लगाई है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पुलिस का कहना है कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तमिलनाडु में मिला यूपी का लापता व्यक्ति, मानसिक स्थिति कमजोर; पत्नी और बेटों का नाम बताया, परिवार से संपर्क की अपील

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कृष्णागिरी। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से लापता एक व्यक्ति के तमिलनाडु में मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कमलेश खरवार नामक व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से अपने घर से लापता थे और अब उन्हें तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के सावन पाली इलाके में देखा गया है। स्थानीय युवक पिंटू ने मानवता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित अपने पास रखा है और मीडिया के माध्यम से उनके परिवार तक सूचना पहुंचाने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार कमलेश खरवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 16 फरवरी को अपने घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद रास्ता भटक गए और काफी दूर पहुंच गए। उनकी मानसिक स्थिति भी पूरी तरह सामान्य नहीं बताई जा रही है, जिसके कारण वह अपने घर का पूरा पता या अन्य स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ हैं।

तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के सावन पाली गांव निवासी पिंटू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि करीब दस दिन पहले उन्हें कमलेश खरवार गांव के पास भटकते हुए मिले थे। बातचीत के दौरान पता चला कि उनकी मानसिक स्थिति कुछ कमजोर है और उनके पास कोई मोबाइल फोन या संपर्क नंबर भी नहीं है जिससे उनके परिवार से तुरंत संपर्क किया जा सके। पिंटू के अनुसार कमलेश खरवार ने इतना बताया है कि उनकी पत्नी का नाम नीता है और उनके बेटों के नाम इंद्रजीत और सतीश हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांव के प्रधान का नाम मिलियास है, जो मुस्लिम समाज से हैं।

पिंटू ने बताया कि कमलेश खरवार अपने परिवार को याद कर काफी परेशान दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कमलेश के चार बेटे हैं, लेकिन वह सभी के नाम स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे हैं। पिंटू को आशंका थी कि यदि कमलेश किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग गए तो कोई उनका गलत फायदा उठा सकता है। इसी कारण उन्होंने इंसानियत के नाते उन्हें अपने पास सुरक्षित रखा हुआ है और उनकी देखभाल कर रहे हैं।

पिंटू का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि किसी तरह कमलेश खरवार को उनके परिवार से मिलाया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कमलेश खरवार या उनके परिवार के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत संपर्क करें ताकि उन्हें सुरक्षित उनके घर भेजा जा सके।

यदि किसी को कमलेश खरवार के बारे में जानकारी हो या उनके परिवार तक यह सूचना पहुंचा सके तो नीचे दिए गए मोबाइल नंबर पर तुरंत संपर्क करें। आपकी एक छोटी सी सूचना एक बिछड़े व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाने में मदद कर सकती है।

संपर्क नंबर: 6381436228

पत्नी और बच्चों को मायके ले जाकर 5 लाख की मांग, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

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बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों को जबरन मायके ले जाने तथा पांच लाख रुपये की मांग करने का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।

ग्राम शाहपुर भसौड़ी निवासी सतबीर पुत्र राजेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2017 में अमरोहा जिले के ग्राम आजमपुर निवासी कुसुम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए, जिनमें आठ वर्ष की बेटी कृतिज्ञा और चार वर्ष का बेटा हितेश है। सतबीर का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को हमेशा खुश रखने की कोशिश की, लेकिन उसकी सास उषा लगातार उसकी पत्नी को उसके खिलाफ भड़काती रहती थी।

पीड़ित के अनुसार सास अक्सर उस पर दबाव बनाती थी कि वह अपने माता-पिता से अलग होकर किसी शहर में मकान लेकर रहे और अपनी जमीन बेचकर उसका पैसा पत्नी के नाम कर दे। सतबीर ने बताया कि वह अपनी पैतृक जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं था, इसी कारण ससुराल पक्ष नाराज रहने लगा। कई बार उसकी सास बिना बताए उसकी पत्नी को मायके ले जाती थी और काफी प्रयास के बाद ही वापस भेजती थी।

सतबीर ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को जब वह घर पर नहीं था, तब उसके ससुर पूरन सिंह और साला कामेंद्र उसके घर आए और उसकी पत्नी तथा दोनों बच्चों को अपने साथ ले गए। इसके बाद 28 दिसंबर 2025 की शाम करीब साढ़े सात बजे जब उसने अपनी सास से फोन पर बात की तो उसने गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये की मांग की और कहा कि पैसे दे दो और झगड़ा खत्म कर लो, वरना वह अपनी बेटी को दूसरी जगह शादी कर देगी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी घर से ढाई ग्राम के कुंडल, एक ताबीजिया नोज पिन, एक चांदी का पेंडल, एक सोने की चैन और करीब पांच हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। इसके अलावा वह मायके जाने के बाद कई रिश्तेदारों के यहां घूमती रही और पति को कोई सूचना नहीं देती थी।

सतबीर का कहना है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को वापस घर लाना चाहता है, लेकिन उसके पास पांच लाख रुपये देने की क्षमता नहीं है। उसने बताया कि 1 जनवरी 2026 को वह इस मामले की शिकायत लेकर थाना बान्दपुर पहुंचा, जहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी प्रभारी ने उसका प्रार्थना पत्र तो ले लिया, लेकिन आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि थाना चांदपुर पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं और उसकी पत्नी तथा बच्चों को उसके साथ भिजवाया जाए। साथ ही ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

गया के लखी बाग में परिवार संग धूमधाम से मनी होली, रंग-गुलाल के बीच दिखा प्यार और अपनापन

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गया। रंगों का पर्व होली पूरे देश में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में गया शहर के लखी बाग इलाके में भी होली का त्योहार पारिवारिक खुशियों और आपसी प्रेम के साथ मनाया गया। यहां राजीव त्रिपाठी और वंदना त्रिपाठी ने अपने परिवार के साथ होलिका दहन के बाद रंग-गुलाल खेलकर इस पर्व को यादगार बना दिया। परिवार के सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक तरीके से त्योहार का आनंद लिया।

होली के मौके पर परिवार के सदस्यों ने घर के आंगन में एकत्र होकर रंगों की खुशियां बांटीं। बच्चों के चेहरे पर गुलाल और रंगों की चमक साफ नजर आ रही थी, जबकि बड़े भी पूरे उत्साह के साथ इस पर्व में शामिल हुए। पारंपरिक परिधान में सजे परिवार के लोग एक साथ खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, जिससे त्योहार का उत्साह और भी बढ़ गया। बच्चों ने पिचकारी और रंगों के साथ खूब मस्ती की, वहीं बड़ों ने आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।

राजीव त्रिपाठी और वंदना त्रिपाठी ने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह परिवार और समाज को जोड़ने का अवसर भी होता है। इस दिन लोग अपने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं और भाईचारे का संदेश देते हैं। परिवार के साथ मनाई गई होली की ये यादगार तस्वीरें इस बात की गवाही देती हैं कि त्योहारों का असली आनंद अपनों के साथ मिलकर मनाने में ही है।

स्थानीय लोगों ने भी इस मौके पर एक-दूसरे को रंग लगाकर और मिठाइयां बांटकर होली का पर्व मनाया। पूरे इलाके में रंग-गुलाल और खुशियों का माहौल देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया और एक-दूसरे को सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं।

होली के इस खास अवसर पर लखी बाग में परिवार और समाज के बीच एकता, प्रेम और सौहार्द का संदेश देखने को मिला। रंगों के इस पर्व ने लोगों को एक साथ जोड़ने का काम किया और यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का सबसे खूबसूरत माध्यम भी हैं।

टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में टूट सकता है युजवेंद्र चहल का बड़ा रिकॉर्ड, दो खिलाड़ी रेस में शामिल

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T20 World Cup 2026 का फाइनल रविवार, 8 मार्च को भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। इस मुकाबले में अक्षर पटेल और कुलदीप यादव के पास बेहद ही खास रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। ये मुकाबला अहमदाबाद के ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च को होगा। इस मुकाबले में टीम इंडिया के उपकप्तान अक्षर पटेल के पास एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा। वह भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन सकते हैं। वहीं अगर कुलदीप यादव को इस मैच में खेलने का मौका मिलता है तो वो भी इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं। ये दोनों खिलाड़ी इस रेस में बने हुए हैं।
अक्षर पटेल तोड़ सकते हैं युजवेंद्र चहल का रिकॉर्ड
32 वर्षीय अक्षर पटेल भारत के लिए अब तक 93 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 87 पारियों में उन्होंने गेंदबाजी की और 94 विकेट हासिल किए हैं। अगर अक्षर पटेल टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन विकेट चटकाते हैं तो इस फॉर्मेट में वह भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन जाएंगे। बता दें कि फिलहाल ये रिकॉर्ड अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल के नाम दर्ज है। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 80 मैचों में 96 विकेट अपने नाम किए थे।

भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज
युजवेंद्र चहल – 80 मैच: 96 विकेट
कुलदीप यादव – 54 मैच: 95 विकेट
अक्षर पटेल – 93 मैच: 94 विकेट
रविचंद्रन अश्विन – 65 मैच: 72 विकेट
वरुण चक्रवर्ती – 44 मैचो: 72 विकेट
कुलदीप के पास भी रिकॉर्ड बनाने का मौका
कुलदीप यादव को इस वर्ल्ड कप में अभी तक सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला था। उसके बाद से वह टीम से बाहर चल रहे हैं। ऐसे में अगर कुलदीप को इस मैच में खेलने का मौका मिलता है तो वह दो विकेट लेकर भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन सकते हैं। कुलदीप अब तक 54 मैचों की 52 पारियों में 95 विकेट हासिल कर चुके हैं। वह दो विकेट लेते ही युजवेंद्र चहल से आगे निकल सकते हैं।
इस टी20 वर्ल्ड कप में अक्षर पटेल का प्रदर्शन कैसा रहा है?
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में अक्षर पटेल का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। उस मुकाबले में उन्होंने बल्ले से दो रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में तीन ओवर में 35 रन देकर दो बड़े विकेट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने फील्डिंग में तीन बेहतरीन कैच भी पकड़े। जिसकी वजह से टीम इंडिया मैच जीतने में कामयाब रही। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अक्षर पटेल को अब तक 6 मैचों में खेलने का मौका मिला है और वहां उन्होंने 8 विकेट अपने नाम किए हैं। अब देखना होगा कि फाइनल में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।

‘भारत को समुद्र से जुड़ी समझ मजबूत करनी होगी’, रायसीना डायलॉग में संजीव सान्याल ने बताया कारण

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संजीव सान्याल ने रायसीना डायलॉग में कहा कि भारत को इंडो-पैसिफिक में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए समुद्री चेतना बढ़ानी होगी। उन्होंने बताया कि भारत का समुद्री क्षेत्र जमीन से लगभग 70% बड़ा है और प्राचीन समुद्री परंपराओं व तकनीक को फिर से अपनाने की जरूरत है।नई दिल्ली: रायसीना डायलॉग 2026 में भारत की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती भूमिका और ‘समुद्री चेतना’ या समुद्र से जुड़ी समझ को मजबूत करने की जरूरत पर गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल और पॉलिसी एक्सपर्ट गौतम चिकरमाने ने इस सत्र में भारत की नौसैनिक रणनीति, तकनीकी क्षमताओं और क्षेत्र में बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर बात की। दोनों के बीच चर्चा से साफ हुआ कि वैश्विक व्यापार मार्गों, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय भू-राजनीति के समुद्र की ओर बढ़ते रुझान के बीच भारत के लिए समुद्री शक्ति कितनी महत्वपूर्ण हो गई है।
‘प्राचीन समुद्री परंपराओं से फिर जुड़ना चाहिए’
संजीव सान्याल ने रायसीना डायलॉग में कहा कि भारत को मजबूत ‘समुद्री चेतना’ (maritime consciousness) विकसित करनी होगी। उन्होंने बताया कि लंबी तटररेखा और समृद्ध समुद्री इतिहास के बावजूद भारत का ध्यान हमेशा जमीन पर आधारित कहानियों पर ज्यादा रहा है। भारतीय इतिहास और रणनीतिक सोच में ज्यादातर जमीन पर होने वाले संघर्षों और साम्राज्यों की बात होती है, जबकि समुद्री गतिविधियों को कम महत्व मिला। सान्याल ने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी प्राचीन समुद्री परंपराओं से फिर जुड़ना चाहिए और उन्हें आधुनिक तकनीक व रणनीति के साथ जोड़कर इंडो-पैसिफिक में अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए।

भारत के समुद्री क्षेत्र पर सान्याल ने कही अहम बात
सान्याल ने एक महत्वपूर्ण बात बताई जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, और वह है कि भारत का समुद्री क्षेत्र कितना बड़ा है। उन्होंने कहा,’भारत के पास इतिहास और बहुत लंबी तटररेखा होने के बावजूद हाल तक समुद्री चेतना नहीं थी। हमारे इतिहास की किताबों में ब्रिटिश आने तक ज्यादातर जमीन से जुड़ी बातें ही हैं। अगर भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) को देखें, जो समुद्री क्षेत्र है, तो वास्तव में भारत का आकार उसके जमीन के क्षेत्रफल से 70 प्रतिशत बड़ा हो जाता है। यानी भारत का समुद्री क्षेत्र उसके लैंड एरिया से 70 प्रतिशत बड़ा है।’

‘INSV कौंडिन्य ने बताई प्रचीन भारत की क्षमता’
सान्याल ने भारत की ऐतिहासिक समुद्री क्षमताओं को दिखाने वाले एक रोचक प्रोजेक्ट का जिक्र किया। उन्होंने INSV कौंडिन्य नामक जहाज के बारे में बताया, जो चौथी शताब्दी ईस्वी की तकनीक से बनाया गया है। यह जहाज लकड़ी के तख्तों को रस्सी से सिलकर बनाया गया है, ठीक वैसे ही जैसे 1600 साल पहले इस्तेमाल होता था। इस जहाज की क्षमता जांचने के लिए गुजरात से ओमान तक सफर किया गया, जो लगभग 17 दिनों में पूरा हुआ। इस यात्रा से साबित हुआ कि प्राचीन भारतीय जहाज निर्माण तकनीक लंबी समुद्री यात्राओं के लिए सक्षम थी।

सान्याल ने कहा, ‘INSV कौंडिन्य असल में चौथी शताब्दी ईस्वी के सिद्धांतों पर बना जहाज है, यानी 1600 साल पुरानी तकनीक। इसे तख्तों को रस्सी से सिलकर बनाया गया है और सिर्फ उस समय उपलब्ध तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। आप बैकग्राउंड में इसकी कुछ तस्वीरें देख सकते हैं। हमने जहाज बनाने में कुछ साल लगाए और फिर दिसंबर-जनवरी में गुजरात से ओमान तक 17 दिनों में सफर पूरा किया, ताकि दिखाया जा सके कि ऐसे जहाज इन यात्राओं के लिए सक्षम थे।’