Wednesday, July 8, 2026
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जालौन जिले के कदौरा विकासखंड के ग्राम मबई ब्राह्मण में एक गरीब महिला का प्रधानमंत्री आवास योजना से नाम कटने का मामला सामने आया है।

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पीड़ित महिला उषा पत्नी अर्जुन सिंह ने खण्ड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उसका मकान कच्चा होने के बावजूद गलत सर्वे के कारण उसे योजना से वंचित कर दिया गया।

उषा ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उनके पास रहने के लिए केवल कच्चा मकान है। बरसात के मौसम में घर की हालत बेहद खराब हो जाती है और परिवार को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया था और प्रारंभिक सूची में उनका नाम भी शामिल कर लिया गया था।

पीड़ित महिला के अनुसार बाद में हुए सर्वे में यह कहकर उनका नाम सूची से हटा दिया गया कि उनके पास पक्का मकान है, जबकि हकीकत में उनका घर कच्चा है और रहने लायक भी नहीं है। महिला का कहना है कि गलत सर्वे के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उषा ने खण्ड विकास अधिकारी कदौरा से मांग की है कि उनके घर की मौके पर दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि वह पात्र पाई जाएं तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित पक्के मकान में रह सकें।

महिला ने कहा कि गरीब होने के कारण उनके पास पक्का मकान बनाने का कोई साधन नहीं है। ऐसे में सरकार की योजना ही उनके लिए एकमात्र सहारा है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और पात्र महिला को योजना का लाभ दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है। ग्रामीणों का भी कहना है कि यदि सही तरीके से जांच हो जाए तो कई जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

शादी का झांसा देकर ठगे 50 हजार: रिश्ता तय कराने वालों ने भी मोड़ा मुंह, पैसा मांगने पर धमकी – “जबरन शादी कराओगी तो बेटी को जला देंगे

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नवादा (बिहार)।
जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के नींडिह गांव में शादी का झांसा देकर 50 हजार रुपये ठगने और बाद में शादी से मुकरने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा तो आरोपी और उसके परिजनों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और बेटी को जला देने तक की धमकी दे डाली।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता शांति देवी ने बताया कि उनकी बेटी सरिता कुमारी की शादी के लिए करीब छह महीने पहले एक रिश्ता आया था। यह रिश्ता पवन कुमार और गिरनी पासवान के माध्यम से तय कराया गया था। लड़का अनूप कुमार बताया गया, जिसके पिता का नाम योगी पासवान है और वह समनेमा गांव का रहने वाला है।

पीड़िता के परिवार के मुताबिक रिश्ता तय होने के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और शादी की सहमति भी बन गई। इसी दौरान अनूप कुमार ने शादी की तैयारी और अन्य खर्चों का हवाला देकर 50 हजार रुपये ले लिए। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही शादी की तारीख तय कर दी जाएगी।

लेकिन समय बीतने के साथ ही स्थिति बदलने लगी। करीब छह महीने गुजर जाने के बाद भी शादी की कोई बात आगे नहीं बढ़ी। जब शांति देवी और उनके परिवार ने अनूप कुमार से शादी की तारीख पूछी तो उसने साफ तौर पर शादी करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने लिए गए 50 हजार रुपये वापस देने से भी मना कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे पैसे वापस मांगने के लिए तीन बार आरोपी के घर पहुंचे तो वहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि अनूप कुमार और उसके परिजनों ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए।

शांति देवी के अनुसार आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि अगर जबरन शादी कराने की कोशिश की गई तो उनकी बेटी को जला कर मार दिया जाएगा। इस धमकी के बाद परिवार बेहद डरा हुआ है और न्याय की गुहार लगा रहा है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस से भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनका पैसा वापस दिलाया जाएगा, लेकिन कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद अब तक न तो पैसा मिला और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई हुई।

शांति देवी ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनका 50 हजार रुपये वापस दिलाया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित रह सके।

सीतामढ़ी में भाई–भाई के बीच जमीन विवाद ने तूल पकड़ा, पीड़ित ने डीएम से लगाई गुहार

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सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा वार्ड नंबर 6 में पारिवारिक जमीन विवाद का मामला सामने आया है। पीड़ित रविंद्र प्रसाद सिंह ने जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी को आवेदन देकर अपने हिस्से की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने और बिजली के सर्विस पॉइंट का तार लगाने से रोकने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने और परिवार की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।

रविंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय तुलसी सिंह की जमीन का आपसी सहमति से वर्ष 2009 में उनके और बड़े भाई नथुनी सिंह के बीच बंटवारा हुआ था। बंटवारे में खेसरा संख्या 8657 की कुल 5 डिसमिल जमीन दोनों भाइयों को आधा-आधा मिली थी। पीड़ित का आरोप है कि उनके हिस्से की करीब 1.5 डिसमिल जमीन पर उनके बड़े भाई नथुनी सिंह ने अवैध कब्जा कर रखा है। जब भी वह इस जमीन को खाली करने की बात करते हैं तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है।

पीड़ित का कहना है कि पिछले दो वर्षों से इस विवाद को लेकर कई बार झगड़े हो चुके हैं। इस संबंध में उन्होंने रीगा थाना सहित जिले के कई अधिकारियों को आवेदन दिया, यहां तक कि बिहार के मुख्यमंत्री और डीजीपी को भी शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

रविंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार 8 मार्च 2024 को उन्हें सूचना मिली कि उनकी निजी जमीन पर बिजली का खंभा लगाया जा रहा है और उसी खंभे से लगभग 6 से 7 फीट ऊंचाई पर उनके जमीन के बीच से सर्विस पॉइंट का तार खींचा जा रहा है। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके बड़े भाई नथुनी सिंह, उनकी पत्नी निर्मला देवी, कुछ रिश्तेदार और बिजली विभाग के मिस्त्री अरुण कुमार मौके पर मौजूद थे। पीड़ित का आरोप है कि रोकने के बावजूद वे लोग मानने को तैयार नहीं हुए।

पीड़ित का कहना है कि बिजली मिस्त्री तार जोड़े बिना वहां से चले गए, लेकिन उसके बाद उनके भाई और उनके साथ आए लोगों ने मिलकर उन्हें जान से मारने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ते देख वह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले और करीब पांच किलोमीटर दूर सीतामढ़ी पहुंचकर अधिकारियों को मोबाइल के माध्यम से सूचना दी।

रविंद्र प्रसाद सिंह ने अपने आवेदन में कहा है कि वह इस विवाद के कारण मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुके हैं और उन्हें अपने तथा परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके हिस्से की जमीन से अवैध कब्जा हटाया जाए, बिजली का सर्विस तार उनकी जमीन से न गुजरने दिया जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

पीड़ित ने आवेदन के साथ जमीन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न करने की बात कही है। अब इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।

जमीन विवाद में दबंगों का कहर: दर्जनभर लोगों ने घर में घुसकर की मारपीट, पीड़ित परिवार ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

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भोजपुर (आरा)।
भोजपुर जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र के मटियारा गांव में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार पर दबंगों के हमले का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता श्रीकांति देवी ने पुलिस प्रशासन को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि गांव के ही कई लोगों ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता श्रीकांति देवी, पति योगेंद्र पासवान, ग्राम मटियारा, थाना कोईलवर की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे गांव के ही साधु पासवान, विक्रम पासवान, विजय शंकर पासवान, सत्रोहन पासवान, रवि पासवान, लक्ष्मण कुमार, जयशंकर पासवान, उम्मीद कुमार, सुमित कुमार, टेंपर कुमार सहित कई लोग उनके घर पर चढ़ आए। इनके साथ प्रियंका देवी, जयकांति देवी तथा अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। पीड़िता के अनुसार शत्रोहन पासवान की पत्नी भी वहां आई थीं, हालांकि उनका नाम उन्हें मालूम नहीं है।

पीड़िता का आरोप है कि सभी लोग एकजुट होकर उनके घर में जबरन घुस गए और भद्दी गालियां देते हुए मारपीट करने लगे। इस दौरान पूरे परिवार को डराया-धमकाया गया और जमीन छोड़ने का दबाव बनाया गया। पीड़िता के अनुसार इन लोगों का घर काफी दूरी पर है, लेकिन फिर भी वे बार-बार उनके घर पहुंचकर विवाद खड़ा करते हैं।

आवेदिका का कहना है कि आरोपियों की नजर उनकी जमीन पर है और वे जबरन जमीन बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पहले भी कई जमीनों के सौदे कर चुके हैं और अब उनकी जमीन पर कब्जा करने की साजिश कर रहे हैं। विरोध करने पर पूरे परिवार को धमकाया जाता है और मारपीट की जाती है।

पीड़िता ने बताया कि यह विवाद पहले भी हो चुका है। वर्ष 2018 में भी इसी जमीन को लेकर गंभीर झगड़ा हुआ था, जिसमें साधु पासवान ने उनके पति योगेंद्र पासवान पर चाकू से हमला कर दिया था। उस घटना में उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए थे और मामला दर्ज हुआ था, जो अभी भी लंबित बताया जा रहा है। इसके बाद वर्ष 2022 में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।

पीड़िता के अनुसार हाल की घटना के बाद उन्होंने कोईलवर थाना में लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिनसे पूरा परिवार भयभीत है।

श्रीकांति देवी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।

दिल्ली के अशोक विहार से 19 वर्षीय विवाहिता रहस्यमय तरीके से लापता, पति ने थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी

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नई दिल्ली। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के अशोक विहार इलाके से एक 19 वर्षीय विवाहिता के अचानक लापता हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना 28 फरवरी 2026 की सुबह की बताई जा रही है। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं मिलने पर पति ने पुलिस थाना अशोक विहार में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई है।

मिली जानकारी के अनुसार अशोक विहार थाना क्षेत्र के उद्यम सिंह पार्क स्थित मकान नंबर ए-74 में रहने वाले विकास कुमार पुत्र सिकंदर पंडित ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी खुशबू कुमारी उम्र करीब 19 वर्ष 28 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार वालों ने आसपास के इलाके और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चल सका।

पति विकास कुमार ने बताया कि खुशबू कुमारी की मानसिक स्थिति सामान्य है और घर से जाते समय उसने सूट सलवार पहन रखा था तथा पैरों में चप्पल थी। महिला की लंबाई लगभग 5 फुट, शरीर मध्यम, चेहरा गोल और रंग सांवला बताया गया है।

मामले को लेकर अशोक विहार थाना पुलिस ने 1 मार्च 2026 को जनरल डायरी में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच हेड कांस्टेबल अनिल को सौंप दी गई है, जो आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर महिला की तलाश कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को खुशबू कुमारी के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो वह तुरंत अशोक विहार थाना पुलिस से संपर्क कर सकता है, ताकि महिला को सुरक्षित बरामद किया जा सके।

इधर घटना के बाद इलाके के लोगों में भी चर्चा का माहौल है और परिजन महिला की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

जिस किसी व्यक्ति को खुशबू जी की बारे में जानकारी मिले तो इस नंबर पर संपर्क करें/+919310645372/8700364666

असम के सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली थाना क्षेत्र के बरसोला बरभोग्या गांव पिन कोड 784117 से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

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यहां रहने वाले रोहित सुतार ने अपने ही रिश्तेदारों पर जमीन के कागजात चोरी कर जमीन हड़पने और घर से सामान चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

रोहित सुतार का कहना है कि उनकी मां के हिस्से की जमीन उनके मामा के परिवार से जुड़ी हुई थी। आरोप है कि उनकी मां की बहन महिमा ने उनके मामा की जमीन के कागजात चोरी कर लिए और उस जमीन का आधा हिस्सा दूसरे लोगों को बेच दिया। वहीं जमीन का एक हिस्सा दल बहादुर भंडारी ने अपने सात बेटा बेटियों के बीच पैसे के रूप में बांट दिया। इसके अलावा आधी जमीन अपने तीन बेटों के नाम भी कर दी गई।

रोहित सुतार के मुताबिक जिस आधी जमीन पर उनकी मां और मामा का हक था उसी जमीन पर यह पूरा विवाद खड़ा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने पूरी जिंदगी डर और तनाव में गुजारी क्योंकि आरोपित पक्ष की ओर से लगातार दबाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी।

रोहित ने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी मां घर छोड़कर बैगुन धाम चली गईं और तब से वह उनके साथ नहीं हैं। इसी दौरान आरोप है कि महिमा उनके घर के अंदर घुस गई और पीतल के थाल, बर्तन और घोटी जैसे सामान चोरी कर ले गई। रोहित का कहना है कि उन्होंने यह घटना अपनी आंखों से देखी है।

रोहित सुतार का यह भी कहना है कि उनकी मां की बहन के बेटा बेटियां भी महिमा के घर नहीं आते हैं क्योंकि वे भी उसकी हरकतों को अच्छी तरह जानते हैं।

रोहित ने एक और महत्वपूर्ण बात का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 20 साल पहले उनकी शादी से दो दिन पहले उनकी मां ने बड़ी बहन के बेटे को जमीन के खजाना रसीद दिखाकर पढ़ने को कहा था। उस समय उसने खड़गा बहादुर के नाम का जिक्र किया था। रोहित के अनुसार जब उन्हें यह बात याद आई तो उन्होंने उस व्यक्ति को फोन कर इस बारे में पूछा और उस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने बताया कि उनकी मां की बहन का बेटा भी इस मामले में गवाह है।

रोहित सुतार ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी मां की जमीन वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से जांच की जाए तो जमीन के कागजात की चोरी और अवैध तरीके से जमीन बेचने की सच्चाई सामने आ सकती है।

स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

छेड़खानी का विरोध पड़ा भारी, बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या; आरोपी खुलेआम घूम रहे, पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा

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भास्कर न्यूज | रजौन (बांका)
भवानीपुर-कठौन पंचायत के नवादा गोपालपुर गांव में छेड़खानी का विरोध करना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। दबंगों द्वारा ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से किए गए हमले में बुजुर्ग धनंजय पंडित की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं।

पीड़िता नूतन देवी, पत्नी वीरेंद्र पंडित, ने बताया कि 23 जनवरी की रात वह शौच के लिए बहियार गई थीं। लौटने पर देखा कि गांव का ही करण पासवान उनके घर में घुसा हुआ था। आरोप है कि उसने जबरदस्ती पकड़कर कमरे के अंदर खींचने की कोशिश की और शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर पास में चल रहे सरस्वती पूजा के कीर्तन में शामिल परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़कर बाहर निकाला। इस दौरान हल्की झड़प भी हुई, जिसके बाद आरोपी के स्वजन उसे अपने साथ ले गए।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसके बाद उल्टा उन्हें ही फंसाने की साजिश रची गई। आरोपी पक्ष द्वारा एससी/एसटी थाना में आवेदन दिया गया। 27 जनवरी को पुलिस गांव पहुंची और जांच के बाद लौट गई। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस के जाते ही आरोपी पक्ष के करीब 20 लोग लाठी-डंडों से लैस होकर गांव पहुंचे और अचानक ईंट-पत्थर चलाने लगे। हल्ला सुनकर धनंजय पंडित, अभिकांत पंडित, विपुल पंडित और सुधाकर पंडित बचाव में पहुंचे तो उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया।

हमले में चारों गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे। घायलों को पहले रजौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान बुधवार रात बुजुर्ग धनंजय पंडित की मौत हो गई। सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं।

गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। पीड़िता ने 20 लोगों के खिलाफ हत्या, मारपीट और छेड़खानी के प्रयास का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है। थाना अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपी खुलेआम गांव और आसपास घूम रहे हैं और परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें इंसाफ मिलना मुश्किल हो जाएगा।

अब पीड़ित परिवार मीडिया और प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए, दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। परिवार का कहना है कि मीडिया के माध्यम से ही शायद उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंच सके और उन्हें इंसाफ मिल सके।

बिहार के मोतिहारी में बंधक बनाई गई असम की महिला, पति की शिकायत पर मचा हड़कंप

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असम के बरपेटा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला के बिहार में बंधक बनाए जाने की बात सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़ित पति ने बरपेटा सदर थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी पत्नी को सकुशल बरामद करने की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार बरपेटा जिले के हाबी बाधाकुची गांव निवासी अब्जाल अली ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह अपने परिवार के साथ करीब दो साल पहले काम करने के लिए कानपुर गया था। उसकी पत्नी मनवारा बेगम, जिसकी उम्र करीब 34 वर्ष बताई जा रही है, लगभग पांच महीने पहले रात करीब आठ बजे उस समय घर से अचानक गायब हो गई जब वह घर पर मौजूद नहीं था।

पति के अनुसार मनवारा बेगम घर से जाते समय अपने छोटे बच्चों को छोड़कर कुछ नकदी और गहने भी साथ ले गई थी। घटना के बाद परिवार के लोगों ने आसपास के कई इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

मामले में नया मोड़ तब आया जब करीब 16 दिन पहले मनवारा बेगम ने एक मोबाइल नंबर से अपने पति को फोन किया। फोन पर उसने बताया कि उसे बिहार के मोतिहारी में रहने वाले सनुखा नाम के एक व्यक्ति ने अपने पास रोककर रखा है और वह वहां से निकल नहीं पा रही है।

पत्नी की इस जानकारी के बाद अब्जाल अली ने तुरंत बरपेटा सदर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी और पुलिस से अपनी पत्नी को जल्द से जल्द बरामद कराने की मांग की है।

पीड़ित पति का कहना है कि उसकी पत्नी को जबरन रोके जाने की आशंका है और उसकी सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। उसने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।

वहीं पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के मोबाइल नंबर और बताए गए स्थान के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर महिला को कब तक बरामद किया जा सकेगा और इस पूरे मामले की सच्चाई क्या सामने आती है।

शीर्षक: मामूली कहासुनी के बाद मां का घर छोड़ना, 12 महीने की मासूम अनम पिता के भरोसे

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अजमेर। नाहरगढ़ अलीपुर इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पारिवारिक जिम्मेदारी और ममता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 21 वर्षीय मुस्कान बानो अपने पति अमीन अली और 12 महीने की बेटी अनम को छोड़कर मायके चली गई। बताया जा रहा है कि 2 मार्च की शाम करीब 5 बजे पति-पत्नी के बीच मामूली कहासुनी हुई थी, जिसके बाद नाराज होकर मुस्कान बानो घर छोड़कर चली गईं।
जानकारी के अनुसार अमीन अली मजदूरी कर बेलदारी का काम करते हैं और मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

करीब ढाई साल पहले दोनों की शादी हुई थी और उनके घर 12 महीने पहले बेटी अनम का जन्म हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अमीन अली को रोज काम पर जाना पड़ता है। ऐसे में छोटी बच्ची की देखभाल करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
परिवार के लोगों का कहना है कि मुस्कान बानो अक्सर मोहल्ले में घूमने निकल जाती थीं और पति की बात भी कम ही मानती थीं। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद मुस्कान बानो नाराज होकर मायके चली गईं। बताया जा रहा है कि वह बच्ची को साथ लेकर नहीं गईं, जिससे अब मासूम अनम पूरी तरह पिता के भरोसे है।

अमीन अली का कहना है कि वह दिन-रात मेहनत करके परिवार को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन पत्नी के इस तरह घर छोड़कर चले जाने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरी के साथ-साथ छोटी बच्ची की देखभाल करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनकी पत्नी जल्द घर लौटकर अपने परिवार और बच्ची की जिम्मेदारी समझेंगी।

इस घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक मां अपनी मासूम बच्ची को इस तरह छोड़कर कैसे जा सकती है। वहीं कई लोग इसे पारिवारिक विवाद बताते हुए दोनों को समझौता कर परिवार को फिर से संभालने की सलाह दे रहे हैं।

फिलहाल पिता अमीन अली अपनी मासूम बेटी अनम की परवरिश करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि परिवार फिर से एक हो सके।

दिल्ली में मजदूर के मेहनताना हड़पने का आरोप, पैसे मांगने पर दी जा रही धमकी

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दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाके में एक मजदूर ने अपने मालिक पर मेहनत की कमाई नहीं देने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले में गेवपुरपुरी थाना में शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलफिकार आलम, निवासी तुगलकाबाद एक्सटेंशन गली नंबर 22, मकान नंबर 1671, पिछले कई महीनों से इलाके में स्थित एक सिलाई कंपनी में काम कर रहे थे। जुलफिकार आलम का कहना है कि उन्होंने 12 दिसंबर 2025 से श्याम अरबर नाम के व्यक्ति की कंपनी में सिलाई का काम शुरू किया था। कंपनी तुगलकाबाद एक्सटेंशन की गली नंबर 22 में स्थित है।

पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने लगातार मेहनत से काम किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक उनकी मेहनत का पूरा पैसा नहीं दिया गया। जुलफिकार आलम के मुताबिक कई बार पैसे मांगने पर उन्हें केवल लगभग 1100 रुपये खर्च के नाम पर दिए गए, जबकि इसके बाद उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया गया।

जुलफिकार आलम का यह भी आरोप है कि जब वह अपने मेहनताने की मांग करने के लिए कंपनी मालिक के पास जाते हैं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि मालिक उन्हें गाली देता है और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी भी देता है।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि वह एक मजदूर हैं और मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में उनका मेहनताना नहीं मिलना उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनके मेहनत के पैसे दिलाए जाएं और आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

जुलफिकार आलम ने बताया कि वह तुगलकाबाद एक्सटेंशन गली नंबर 22 में रहते हैं और जरूरत पड़ने पर उनसे उनके मोबाइल नंबर 8743941225 पर संपर्क किया जा सकता है।

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है और स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूरों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।