Tuesday, July 7, 2026
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राज्यसभा चुनावों के बाद किसकी बढ़ी ताकत? जानें NDA और I.N.D.I.A. में कौन है आगे

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राज्यसभा चुनाव 2026 में NDA ने 37 में से 24 सीटें जीतकर बढ़त बना ली है। अब राज्यसभा में NDA के 141 सदस्य हो गए हैं, जबकि I.N.D.I.A. गठबंधन के कुल मिलाकर 74 सदस्य हैं। नतीजों से साफ है कि सदन में NDA और मजबूत हुआ है। देश के ऊपरी सदन राज्यसभा के लिए 16 मार्च को हुए चुनावों के नतीजे आ गए हैं। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन NDA ने कमाल का प्रदर्शन किया और कुल 37 सीटों में से 22 सीटें जीत लीं। इससे राज्यसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हो गई है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव हर 2 साल में होते हैं और सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है। ये चुनाव 10 राज्यों में हुए जिनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं।11 सीटों पर हुए चुनावों के क्या रहे नतीजे?
बता दें कि अप्रैल में खाली होने जा रही 37 सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं, बाकी की 11 सीटों पर उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ जिनमें बिहार की 5 सीटें, ओडिशा की 4 सीटें और हरियाणा की 2 सीटें शामिल थीं। इन सीटों पर वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चली, और शाम 5 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। बिहार में NDA ने सभी 5 सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया जबकि ओडिशा में 2 सीटों पर बीजेपी, एक सीट पर बीजेडी और एक सीट पर बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली। वहीं, हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को एक-एक सीट मिली।

26 निर्विरोध सीटों में किसको क्या मिला?
जिन 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए उनमें एनडीए को 13 सीटें मिलीं। इनमें बीजेपी ने अकेले 7 सीटें जीतीं। बाकी सीटें सहयोगी पार्टियों ने हासिल कीं जिनमें शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट), RPI (A), NCP, AIADMK, PMK और UPPL शामिल हैं। जिन 11 सीटों पर मुकाबला हुआ था उनमें एनडीए ने अकेले 11 सीटें जीती थीं। इस तरह देखा जाए तो 37 में से 24 सीटों पर एनडीए ने अपना कब्जा जमाया है जबकि दूसरे दल मिलकर 13 सीटें ही हासिल कर पाए।

किस राज्य में किसको कितनी सीटें मिलीं?
37 सीटों के फाइनल आंकड़े सामने आ गए हैं। आइए, आपको बताते हैं कि किस राज्य में किस पार्टी के हाथ कितनी सीटें आई हैं।

राज्य NDA I.N.D.I.A. अन्य
महाराष्ट्र BJP 3, NCP 1, शिवसेना 1, RPI-A 1 NCP-SP 1 0
तमिलनाडु AIADMK 1, PMK 1 DMK 2, कांग्रेस 1, DMDK 1 0
पश्चिम बंगाल BJP 1 TMC 4 0
बिहार BJP 2, JDU 2, RLM 1 0 0
ओडिशा BJP 2, 1 निर्दलीय 0 BJD 1
असम BJP 2, UPPL 1 0 0
तेलंगाना 0 कांग्रेस 2 0
छत्तीसगढ़ BJP 1 कांग्रेस 1 0
हरियाणा BJP 1 कांग्रेस 1 0
हिमाचल प्रदेश 0 कांग्रेस 1 0
राज्यसभा में और भी ताकतवर हुआ NDA
37 सीटों पर चुनावों के बाद राज्यसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हुई है। इस बार राज्यसभा की 37 सीटों पर हुए चुनावों में NDA को सीधा 7 सीटों का फायदा हुआ है। पहले इन सीटों में एनडीए के पास मात्र 15 सीटें थीं, जबकि I.N.D.I.A. गठबंधन के पास 22 सीटें थीं। अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है, NDA के पास अब 22 सीटें हो गई हैं और विपक्ष के पास सिर्फ 15 सीटें बच पाई हैं। कुल मिलाकर, इन चुनावों ने राज्यसभा में एनडीए की स्थिति को मजबूत किया है। वहीं, बिहार और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में क्रॉस-वोटिंग और अन्य कारकों से विपक्ष को नुकसान पहुंचा।

अब क्या है राज्यसभा की नई स्थिति?
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं जिनमें से 233 चुने हुए सांसद होते हैं जबकि 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं। राज्यसभा में बहुमत के लिए 123 सदस्य चाहिए होते हैं, और NDA के पहले ही इससे कहीं ज्यादा सदस्य थे। राज्यसभा चुनावों के बाद अब NDA के सदस्यों की संख्या 141 हो गई है जिसमें 106 अकेले बीजेपी के हैं। वहीं, I.N.D.I.A. गठबंधन के सदस्यों की संख्या 74 है जिनमें कांग्रेस के 28, तृणमूल के 13, डीएमके के 8 और समाजवादी पार्टी के 4 सदस्य शामिल हैं। वहीं, दोनों गठबंधनों से इतर बात की जाए तो AAP के 10, YSRCP के 7 और बीजेपी के 6 सदस्य शामिल हैं।

बात करने के बहाने बुलाया, फिर चाकू से गोदकर कर दी हत्या; 18 वर्षीय युवक की मौत से इलाके में सनसनी

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के शकूरपुर गांव में मंगलवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां 18 वर्षीय युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान साहिल सिद्दकी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी मोतीबुल ने साहिल को बातचीत करने के बहाने शकूरपुर इलाके में बुलाया था। जैसे ही साहिल वहां पहुंचा, आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए उस पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से साहिल गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।

घटना के बाद आसपास मौजूद राहगीरों ने तुरंत घायल साहिल को अचेत अवस्था में भगवान महावीर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में भी दहशत का माहौल बन गया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साहिल और आरोपी मोतीबुल के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उसे बातचीत के बहाने बुलाया और वारदात को अंजाम दे दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और इंस्पेक्टर अरुण कुमार की टीम ने आरोपी मोतीबुल को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच विवाद की असली वजह क्या थी। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के दयालपुर इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है,

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जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगाने, घर से लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात चोरी करवाने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामला बाबू नगर, गली नंबर 5, बी ब्लॉक का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले शिव सिंह पुत्र मिठ्ठू लाल ने थाना दयालपुर में दी गई शिकायत में बताया कि उनका वैवाहिक जीवन अपनी पत्नी काजल कुमारी और बच्चों के साथ सामान्य रूप से चल रहा था। उन्होंने अपने परिवार की हर जरूरत पूरी करने की कोशिश की और पति तथा पिता दोनों की जिम्मेदारियां निभाईं।

शिव सिंह के अनुसार, उनके ही गांव का रहने वाला अजय सिंह कठेरिया जून-जुलाई 2024 में उनसे संपर्क कर दिल्ली आया था। अजय ने उनसे कहा कि वह भी दिल्ली में रहकर रिक्शा चलाकर अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहता है। गांव का होने और इंसानियत के नाते शिव सिंह ने उसकी मदद करने का फैसला किया। उन्होंने उसे अपने किराए के कमरे के पास ही एक छोटा कमरा किराए पर दिलवा दिया और छोटा-मोटा काम भी दिलाने में मदद की।

लेकिन शिव सिंह का आरोप है कि उन्होंने जिस व्यक्ति पर भरोसा किया, उसी ने उनके भरोसे को तोड़ दिया। उनका कहना है कि वह सुबह काम पर निकल जाते थे और शाम को घर लौटते थे। इसी दौरान अजय सिंह कठेरिया ने उनकी गैरहाजिरी का फायदा उठाते हुए धीरे-धीरे उनकी पत्नी को अपने प्रभाव में लेना शुरू कर दिया और उनके वैवाहिक जीवन में दरार डालने लगा।

शिकायत के अनुसार, 15 दिसंबर 2024 को मकान मालकिन ने शिव सिंह को बताया कि उनकी पत्नी दोनों बच्चों को कमरे में बंद करके कहीं चली गई है। पहले तो उन्होंने सोचा कि वह बाजार में सामान लेने गई होगी, लेकिन देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो उनकी चिंता बढ़ गई। जब उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ पड़ा था।

जब उन्होंने अपने घर का सामान जांचा तो उनके होश उड़ गए। घर से लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये नकद गायब थे, जो उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिधुना शाखा से लोन लेकर रखे थे। इसके अलावा सोने और चांदी के कई जेवरात भी गायब थे। इनमें सोने की झुमकी, सोने की चेन, सोने की अंगूठी, सोने के कंगन, सोने की चूड़ियां, चांदी की पाजेब, चांदी की कमर पेटी और बच्चों के चांदी के खड़ुए शामिल थे।

शिव सिंह ने बताया कि जब उन्होंने अपनी पत्नी को फोन किया तो उसका मोबाइल फोन घर पर ही मिला। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी उनकी पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद शाम करीब 5 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय केवल उनकी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली।

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपने स्तर पर जांच पड़ताल की तो उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी अजय सिंह कठेरिया के साथ चली गई है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस बारे में संबंधित लोगों से बात की तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। आरोप है कि अजय सिंह के रिश्तेदारों ने उन्हें फोन कर कहा कि उनकी पत्नी अब उनके साथ नहीं रहेगी और अगर उन्होंने इस मामले में कहीं शिकायत की तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

शिव सिंह का यह भी आरोप है कि अजय सिंह का जीजा शिवम ने उन्हें फोन कर कहा कि अगर वह चाहें तो उनकी पत्नी और अजय सिंह को एक घंटे के अंदर सामने ला सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी।

पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें अब यह भी डर है कि अगर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो वे लोग उन्हें और उनके बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या उनकी पत्नी को भड़काकर उनके खिलाफ कोई झूठा मामला दर्ज करवा सकते हैं। इसलिए उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।

शिव सिंह ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर अजय सिंह कठेरिया और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण, चोरी और धमकी देने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनकी पत्नी को बरामद कर उन्हें न्याय दिलाया जाए।

पीड़ित ने इस शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस आयुक्त दिल्ली, उत्तर-पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्त, दिल्ली महिला आयोग और उत्तर प्रदेश के औरेया जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है, ताकि मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके।

प्रतापगढ़ में दबंगों की दबंगई प्रधानमंत्री आवास के सामने फेंकी गंदगी, परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दबंगों की दबंगई के कारण एक गरीब परिवार का जीना मुश्किल हो गया है। मामला ग्राम सभा डिंगवस ठाकुर राम का पुरवा का है, जहां रहने वाले नर्बदेश्वर प्रसाद रामयश मिश्रा को वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी आवास मिला था। तब से वह अपने परिवार के साथ इस घर में शांतिपूर्वक रह रहे थे, लेकिन अब उनके ही पट्टीदार और कुछ रसूखदार लोगों की वजह से परिवार को गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित नर्बदेश्वर प्रसाद का आरोप है कि उनके पट्टीदार भोले गयाप्रसाद मिश्रा, शिवा गयाप्रसाद मिश्रा और उनके भाई की पत्नी प्रमिला राजेंद्र प्रसाद मिश्रा लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की मंशा से उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। आए दिन उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने और कानूनी कार्रवाई कराने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे पूरा परिवार डर और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है।

परिवार का आरोप है कि बीते कई दिनों से उन्हें तरह तरह से परेशान किया जा रहा है, लेकिन 15 मार्च 2026 को हुई घटना ने सभी सीमाएं पार कर दीं। आरोप है कि उस दिन विपक्षी पक्ष के लोगों ने प्रताड़ित करने के इरादे से नर्बदेश्वर प्रसाद के प्रधानमंत्री आवास के ठीक सामने भारी मात्रा में गोबर और अन्य गंदगी फेंक दी। इससे पूरे घर के सामने गंदगी फैल गई और परिवार का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया। यह हरकत न केवल स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन है बल्कि एक गरीब परिवार के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना भी मानी जा रही है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यह सब जमीन कब्जाने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। गंदगी फैलाना, झूठे केस में फंसाने की धमकी देना और लगातार मानसिक दबाव बनाना उसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है ताकि परिवार डरकर अपनी जमीन छोड़ दे।

इस पूरे मामले के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि सरकार गरीबों के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन यदि दबंगों का ऐसा ही रवैया रहा तो जरूरतमंद लोगों के लिए उन योजनाओं का लाभ उठाना भी मुश्किल हो जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।

नालंदा में पति की गुहार: ससुराल पक्ष पर मारपीट व धमकी का आरोप, पत्नी से मिलवाने की मांग

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 बिहार के नालंदा जिले में एक युवक ने अपनी पत्नी को मायके में रोककर रखने और ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट व दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह अपनी पत्नी और बच्चे को साथ रखना चाहता है, लेकिन ससुराल पक्ष ऐसा होने नहीं दे रहा। पीड़ित युवक के अनुसार उसका विवाह 12 मार्च को मनिता कुमारी के साथ हुआ था। शादी के बाद कुछ समय तक वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बीते लगभग पांच महीनों से उसकी पत्नी अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही है और वापस ससुराल आने से इनकार कर रही है। युवक का आरोप है कि जब भी वह पत्नी को घर लाने के लिए ससुराल जाता है, तो वहां उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है। उसने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता है और पत्नी को भी पैसे देता रहा है, इसके बावजूद ससुराल पक्ष उसकी इज्जत नहीं करता। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल वाले उसकी पत्नी की दूसरी शादी कराने की बात कर रहे हैं। ऐसे में युवक का कहना है कि यदि पत्नी उसके साथ नहीं रहना चाहती तो पहले उससे कानूनी तौर पर तलाक ले ले, ताकि दोनों अपनी-अपनी जिंदगी अलग-अलग आगे बढ़ा सकें। युवक का दावा है कि उसकी पत्नी की बहन विमल कुमारी पत्नी को उसके खिलाफ भड़का रही है और उसे घर नहीं आने दे रही। साथ ही उसने यह भी कहा कि उसकी पत्नी किसी अन्य युवक से बातचीत करती है, जिसके बारे में उसके पास मोबाइल नंबर भी मौजूद है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की अपील की है।

पैसे मांगने पर बिल्डर ने दी धमकी, ठेकेदार ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

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ठाणे। निर्माण कार्य का भुगतान मांगना एक ठेकेदार के लिए उस समय मुश्किल बन गया, जब बिल्डर ने कथित रूप से पैसे देने से साफ इनकार करते हुए उसे धमकी दे डाली। इस मामले में ठाणे शहर के डायघर पुलिस थाने में अदखलपात्र रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार ठेकेदार दिलीप रामभाऊ नवगीरे (56), जो नवी मुंबई के तळोजा फेज-1 क्षेत्र के निवासी हैं और पेशे से कॉन्ट्रैक्टर हैं, ने बिल्डर जीवन सिंह और नारायण वाडिया के खिलाफ शिकायत दी है।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार दिलीप नवगीरे ने शिळफाटा क्षेत्र में निर्माण कार्य करने का ठेका लिया था। दोनों पक्षों के बीच 19 मई 2025 को करीब तीन लाख रुपये में निर्माण कार्य का कोटेशन तय हुआ था। इस समझौते के तहत बाउंड्री बीम की खुदाई, पार्किंग की फुटिंग, कॉलम, मिट्टी भराई, पीसीसी और अन्य आरसीसी निर्माण से जुड़े कई काम शामिल थे। ठेकेदार का कहना है कि उसने तय समय में अधिकांश निर्माण कार्य पूरा कर दिया, लेकिन भुगतान की बारी आने पर बिल्डर और उसके सहयोगी ने पैसे देने से इनकार कर दिया।

शिकायत में बताया गया है कि 7 जून 2025 को दोपहर करीब तीन बजे ठेकेदार दिलीप नवगीरे शिळफाटा स्थित निर्माण स्थल पर अपने बकाया पैसे मांगने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान बिल्डर जीवन सिंह और नारायण वाडिया ने उन्हें कथित तौर पर अपमानित करते हुए कहा कि वे कोई भुगतान नहीं करेंगे और जो करना है कर लें। ठेकेदार का आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें धमकाया भी गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।

डायघर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 351(2) के तहत अदखलपात्र गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 1004/2025 दर्ज किया है। पुलिस उपनिरीक्षक नितीन सुरेश बेलगे द्वारा इस मामले की एंट्री जनरल डायरी में की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा सकती है।

इस घटना ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों के सामने आने वाली आर्थिक असुरक्षा और भुगतान विवादों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में भुगतान को लेकर विवाद अक्सर सामने आते हैं, लेकिन कई मामलों में ठेकेदारों को धमकियों का भी सामना करना पड़ता है।

 

हैदराबाद में पारिवारिक विवाद ने पकड़ा तूल: ससुर पत्नी-बच्चों को लेकर चले गए, पति ने पुलिस और कोर्ट में लगाई गुहार

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छपरा जिले के मकई थाना क्षेत्र के रहने वाले 51 वर्षीय कृष्ण कुमार इन दिनों हैदराबाद में काम करते हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। कृष्ण कुमार की शादी करीब 16 साल पहले सुगान्त्ति देवी से हुई थी। इस दंपती के दो बच्चे हैं—13 साल की एक बेटी और 11 साल का एक बेटा। सुगान्त्ति देवी का मायका छपरा जिले के शोभे परसा गांव में है। बताया जाता है कि सुगान्त्ति देवी के भाइयों का नाम कुंदन कुमार और चंदन कुमार है। पिछले कई वर्षों से पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है।

कृष्ण कुमार का आरोप है कि पिछले करीब सात वर्षों से उनके और उनकी पत्नी के बीच लगातार झगड़े हो रहे थे। उनका कहना है कि वे अपने गांव में रहने वाले माता-पिता की मदद के लिए पैसे भेजते थे, लेकिन इस बात को लेकर सुगान्त्ति देवी अक्सर नाराज रहती थीं और उन्हें पैसे भेजने से रोकती थीं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई और घर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

कृष्ण कुमार का कहना है कि पारिवारिक विवाद की एक बड़ी वजह सुगान्त्ति देवी के भाइयों कुंदन कुमार और चंदन कुमार से जुड़ा आर्थिक मामला भी है। उनका आरोप है कि दोनों भाइयों ने उनसे पैसे लिए थे, लेकिन बाद में उसी पैसे को लेकर घर में विवाद शुरू हो गया। कृष्ण कुमार के मुताबिक इन पैसों के कारण पति-पत्नी के बीच काफी बहस और झगड़े हुए, जिससे परिवार में तनाव और बढ़ गया।

लगातार बढ़ते विवाद के कारण पिछले 15 दिनों से कृष्ण कुमार अपने घर से अलग अपनी दुकान पर ही रह रहे थे। उन्होंने हैदराबाद में एक छोटी सी दुकान खोल रखी है और वहीं से अपना गुजारा करते हैं। इसी दौरान 15 मार्च को उनके ससुर मोहन शर्मा हैदराबाद पहुंचे। हैदराबाद आने के बाद वे सीधे कृष्ण कुमार की दुकान पर गए और उनसे बातचीत की।

कृष्ण कुमार के अनुसार उस समय उनके चाचा भी दुकान पर मौजूद थे और सभी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। कृष्ण कुमार ने अपने ससुर से कहा कि यदि वे उनकी पत्नी सुगान्त्ति देवी और दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाना चाहते हैं तो लिखित में यह दे दें कि आगे चलकर उनके पालन-पोषण और पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च वे ही उठाएंगे, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। कृष्ण कुमार का कहना है कि वे खुद अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने और उनका खर्च उठाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

कृष्ण कुमार का आरोप है कि उनके ससुर मोहन शर्मा ने किसी भी प्रकार का लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद 16 मार्च की सुबह करीब छह बजे मोहन शर्मा उनकी पत्नी सुगान्त्ति देवी और दोनों बच्चों को अपने साथ लेकर छपरा जिले के शोभे परसा स्थित मायके के लिए रवाना हो गए। कृष्ण कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई और घर की चाबी पड़ोस में देकर वे लोग वहां से चले गए।

कृष्ण कुमार का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पहले भी दो बार पुलिस की मदद लेने की कोशिश की थी। पहली बार उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि दूसरी बार उनकी पत्नी थाने गई थीं और बाद में मामला कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस सुनवाई नहीं हो सकी है। कृष्ण कुमार का आरोप है कि पुलिस से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल पाई।

पत्नी और बच्चों के अचानक मायके चले जाने के बाद कृष्ण कुमार काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि इस पूरे मामले का कानूनी और सामाजिक स्तर पर समाधान निकले, ताकि बच्चों के भविष्य पर किसी प्रकार का असर न पड़े। फिलहाल इस पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।

चार बच्चों की मां का सोशल मीडिया पर कमाल: गांव की महिला बना रही डांस वीडियो, चाहती हैं जौनपुर से लेकर पूरे देश में हो पहचान

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जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रामपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली संतोष गौतम इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। चार बच्चों की मां संतोष पिछले करीब एक साल से अलग-अलग गानों पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका हौसला और आत्मविश्वास लोगों का ध्यान खींच रहा है।

संतोष गौतम का कहना है कि वह अपने मोबाइल फोन से ही अकेले वीडियो बनाती हैं। उनके पास कोई बड़ी टीम या तकनीकी साधन नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार नए-नए गानों पर वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर उन्होंने अपने चैनल और अकाउंट बनाए हुए हैं, जहां वह नियमित रूप से सक्रिय रहती हैं।

संतोष बताती हैं कि उनके पति बाहर रहकर मजदूरी करते हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभालते हैं। हालांकि पति उनके वीडियो देखकर खुश होते हैं और उनका पूरा समर्थन भी करते हैं। संतोष का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह अपने शौक को भी आगे बढ़ाना चाहती हैं और चाहती हैं कि उनके वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।

उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि उनके वीडियो सिर्फ रामपुर या जौनपुर तक ही सीमित न रहें, बल्कि पूरे देश में लोग उन्हें देखें और पसंद करें। वह चाहती हैं कि उनके वीडियो बड़े कलाकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तक भी पहुंचें, ताकि उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

संतोष का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाला एक लाइक, एक सब्सक्राइब और एक फॉलो भी उनके लिए बहुत मायने रखता है। इससे उन्हें और बेहतर वीडियो बनाने की प्रेरणा मिलती है। उनका मानना है कि अगर लोगों का प्यार और समर्थन मिला तो वह अपने बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित कर पाएंगी और अपनी पहचान भी बना सकेंगी।

‘अब ICC ट्रॉफी चोरी करके लाओगे क्या’- पाकिस्तानी क्रिकेटर कामरान अकमल ने PCB पर साधा निशाना

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बांग्लादेश के हाथों वनडे सीरीज में मिली हार के बाद पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर काफी गुस्से में नजर आ रहे हैं। इस बीच कामरान अकमल ने कहा कि अगर आप जीतोगे नहीं तो क्या आईसीसी ट्रॉफी चोरी करके लानी है?पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पाकिस्तान की सीनियर मेंस टीम को हाल ही बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। तीन मैचों की वनडे सीरीज में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 2-1 से हराया है। इस हार के बाद पाकिस्तान में इस वक्त बवाल मचा हुआ है। कई पूर्व क्रिकेटर्स इस वक्त बांग्लादेश से हारने के लिए पाक टीम की जमकर आलोचना कर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने जमकर पाकिस्तान टीम और अपने क्रिकेट बोर्ड की आलोचना की है।
कामरान अकमल ने जमकर की पाकिस्तान टीम की आलोचना
अकमल ने कहा कि पाकिस्तान में क्रिकेट का लेवल तो ऐसा हो गया है कि नीदरलैंड की टीम भी सोच रही होगी कि इनके साथ उनकी सीरीज हो जाए ताकि उन्हें टेस्ट नेशन का दर्जा मिल जाए। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप जीतोगे नहीं तो क्या आईसीसी ट्रॉफी चोरी करके लानी है? दिलचस्प बात ये है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर ‘ट्रॉफी चोरी’ के आरोप लगते हैं। दरअसल उन्होंने पिछले साल एशिया कप की विजेता भारतीय टीम को अब तक ट्रॉफी नहीं सौंपी है। इसके बाद से ही लोग उन्हें ट्रॉफी चोर कहकर ट्रोल करते हैं।

कामरान अकमल ने नीदरलैंड्स का क्यों किया जिक्र?
कामरान अकमल ने एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान के क्रिकेट का लेवल सोच लीजिए कि क्या हो गया हमारा? मुझे तो लग रहा है कि नीदरलैंड ये सोच रही होगी कि यार हमारा पाकिस्तान के साथ 3 मैच की सीरीज हो जाए, हम जीते तो टेस्ट नेशन बन जाएं। ये हाल कर दिया। ये हाल कर दिया आप लोगों ने क्रिकेट का। किसी को कोई फिक्र ही नहीं है कि आप मैच हारे हैं।

कामरान अकमल ने PCB पर भी साधा निशाना
बांग्लादेश के खिलाफ तीसरा वनडे हारने के बाद पाकिस्तान को लेकर अकमल ने कहा कि आप क्या एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं? आज इतनी अच्छी कंडिशन थी। ड्राई है, पिच भी अच्छी है। आपने क्यों नहीं पहले बल्लेबाजी की कि बोर्ड पर रन लगाए। अभी तो वो 290 किए जहां वो 350 कर रहे थे। वो तो लिटन दास ने धीमा खेल दिया। आप इन टीमों से जीतेंगे नहीं तो क्या आईसीसी ट्रॉफी आपको चोरी करके लानी है? खेलकर लानी है।

दहेज की मांग पूरी न होने पर गर्भवती महिला को घर से निकाला, जबरन गर्भपात और गाली-गलौज का आरोप; पुलिस जांच पर उठे सवाल

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आगरा। शहर के थाना रकाबगंज क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और गर्भवती महिला के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता मुस्कान ने अपने पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों पर दहेज में पांच लाख रुपये और कार की मांग को लेकर लगातार शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उसकी बात ठीक से दर्ज नहीं की और मामले को कमजोर किया जा रहा है।

पीड़िता मुस्कान ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी 3 दिसंबर 2024 को तुषार पुत्र संजू सोनकर निवासी चीलगढ़ चौराहा, थाना रकाबगंज, आगरा के साथ हुई थी। शादी के समय उसके परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया था। विवाह के शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब दो महीने बाद ही ससुराल पक्ष ने पांच लाख रुपये नकद और एक कार की मांग शुरू कर दी।

मुस्कान के अनुसार, पति तुषार, सास अनीता, ससुर संजू सोनकर, ताई सास गुडिया उर्फ ज्योति के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य भी उसे प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता का आरोप है कि ससुर संजू सोनकर, देवर देव सोनकर और लड्डू सोनकर तथा ननद प्राची और सेजल भी उसे गाली-गलौज करते थे और अपमानित करते हुए कहते थे कि वह “नंगे खानदान” की है। सास और बड़ी सास भी लगातार उसे ताने देती थीं और दहेज की मांग पूरी न होने पर घर में न रखने की धमकी देती थीं।

पीड़िता का कहना है कि जब उसने बताया कि उसकी विधवा मां इतनी बड़ी रकम और कार देने में सक्षम नहीं है, तो ससुराल वालों का व्यवहार और अधिक कठोर हो गया। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे जबरन दवा खिलाकर 17 जून 2025 को उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद उसका इलाज शहर के नवलकिशोर अस्पताल और एसआर अस्पताल में कराया गया, लेकिन बाद में मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया।

घर से निकाले जाने के बाद मुस्कान करीब दो महीने तक किराए के मकान में रहने को मजबूर रही। बाद में समाज के लोगों के हस्तक्षेप से समझौता हुआ और ससुराल पक्ष उसे वापस घर ले गया। कुछ समय बाद वह फिर से गर्भवती हुई। पीड़िता का आरोप है कि इस बार भी ससुराल पक्ष ने उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और कहा कि जब तक दहेज की मांग पूरी नहीं होगी, वह बच्चे को जन्म नहीं दे सकती।

मुस्कान ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 की रात करीब 12 बजे उसके साथ फिर मारपीट की गई और उसे केवल पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि इस दौरान उसे गंदी-गंदी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। वर्तमान में पीड़िता लगभग चार माह की गर्भवती है और अपने मायके में रह रही है।

पीड़िता का कहना है कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है और केवल अपना नाम लिखना जानती है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी बात सही तरीके से दर्ज नहीं की और अपनी मर्जी से किसी अन्य व्यक्ति से तहरीर लिखवाकर उससे हस्ताक्षर करा लिए।

मुस्कान ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने पुलिस में लगभग डेढ़ लाख रुपये देकर मामले को प्रभावित करने की कोशिश की है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं हो रही है और केस को कमजोर किया जा रहा है।

पीड़िता के अनुसार, जब वह अस्पताल से गर्भपात से जुड़े दस्तावेज लेने पहुंची तो अस्पताल प्रशासन ने कागज देने से मना कर दिया और कहा कि ऐसे दस्तावेज केवल पुलिस को ही दिए जाते हैं।

मुस्कान ने पुलिस कमिश्नरेट सहित कई स्थानों पर शिकायत दर्ज कराकर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। उसने प्रशासन से अपील की है कि उसे न्याय दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

यह मामला एक बार फिर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।