Tuesday, July 7, 2026
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भारत को मिली बड़ी सफलता: पोखरण में पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट का सफल परीक्षण, दहल जाएंगे दुश्मन

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रक्षा क्षेत्र में भारत को एक और बड़ी सफलता मिली है। पोखरण में पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट का सफल परीक्षण किया है। इस रॉकेट की ताकत इतनी खास है कि भारत के दुश्मन दहल जाएंगे।रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की तरफ देश ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। राजस्थान के पोखरण में सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित पिनाका एक्सटेंडेड रेंज (ER) रॉकेट्स के प्रोडक्शन बैच का सफल परीक्षण किया गया। यह पहली बार है जब निजी कंपनी ने 24 गाइडेड पिनाका रॉकेट्स के साथ सटीकता, मारक क्षमता और 50 किमी से अधिक रेंज (Extended Range) का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता (आत्मनिर्भर भारत) को बढ़ावा देता है।

गेम चेंजर साबित होगा पिनाका
दुनिया में जारी तनाव के माहौल के बीच भारत ने 90 KM स्ट्राइक पॉवर वाली 24 पिनाका ER रॉकेट का परीक्षण किया है। बता दें कि पहली बार पिनाका Extended Range रॉकेट के दो प्रोडक्शन बैचों का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया, जहां 24 रॉकेट्स को लॉन्च कर उनकी सटीकता और मारक क्षमता को परखा गया। दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में भारत का यह कदम एक बड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। पिनाका ER भविष्य के युद्धों में गेम चेंजर साबित होने जा रहा है।

24 Pinaka Enhanced रॉकेट दागे गए
पिनाका के धमाके की आवाज से दुश्मनों की नींद उड़ जाएगी। क्योंकि स्वदेशी रॉकेट सिस्टम की रेंज बढ़ गई है। रॉकेट सिस्टम का सोलर ग्रुप ने देश में पहली बार दो प्रोडक्शन बैच का सफल परीक्षण किया। यह टेस्टिंग इंडियन आर्म फोर्सेज के लिए काफी अहम है। पोखरण में टेस्टिंग के दौरान इस दौरान कुल 24 रॉकेट दागे गए, जिनमें उनकी सटीकता (accuracy), स्थिरता (consistency) और मारक क्षमता (lethality) को जांचा गया। कंपनी के मुताबिक, सभी रॉकेट ने फील्ड कंडीशन में शानदार प्रदर्शन किया।

पिनाका सिस्टम क्या है?
पिनाका एक मल्टिपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम है। ये एक लंबी दूरी तक मार करने वाला आर्टिलरी हथियार है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सेना के लिए विकसित किया है। यह सिस्टम तेज प्रतिक्रिया (rapid response) और सटीक हमले के लिए जाना जाता है, जिससे सेना की युद्ध क्षमता काफी बढ़ जाती है। पिनाका की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेजी और सटीक हमला करने की क्षमता है। कुछ हद तक यह क्रूज मिसाइल की तरह काम करता।

पिनाका की खासियत
पिनाका भारत का एक सफल स्वदेशी हथियार सिस्टम माना जाता है। भारतीय सेना का इसे मजबूत समर्थन मिला हुआ है। भविष्य में इसके और लंबी दूरी वाले वर्जन आने की तैयारी है। अभी तक भारत के पास पिनाका मार्क-1 और पिनाका मार्क-2 ऑपरेशनल हो चुके हैं। वहीं पिनाका मार्क-3 विकास के चरण में है। इसके आगे मार्क-4 और मार्क-5 की तैयारी भी है।

बर्तन मांजने वाली महिला बनी सोशल मीडिया स्टार: समस्तीपुर की ललिता देवी की संघर्षभरी कहानी ने जीता दिल

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समस्तीपुर (बिहार)
बिहार के समस्तीपुर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली ललिता देवी आज सोशल मीडिया पर तेजी से उभरता हुआ नाम बन चुकी हैं। कभी होटल और लोगों के घरों में बर्तन मांजकर अपने परिवार का गुजारा करने वाली ललिता आज फेसबुक पर करीब 15 लाख फॉलोअर्स के साथ एक लोकप्रिय क्रिएटर बन गई हैं।

ललिता देवी की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। उनके पति सुनील कुमार सिंह पूरी तरह से विकलांग हैं और किसी भी तरह का काम करने में असमर्थ हैं। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी ललिता के कंधों पर आ गई। दो बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—की परवरिश के लिए वह दिनभर मेहनत करती रहीं।

मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। ललिता देवी को दिल की गंभीर बीमारी (हार्ट प्रॉब्लम) है, जिसके इलाज के लिए डॉक्टरों ने लगभग 7 लाख रुपये का खर्च बताया। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उनके लिए यह रकम जुटाना संभव नहीं था। इसी संघर्ष के बीच उन्होंने करीब एक साल पहले सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया।

शुरुआत में साधारण मोबाइल से बनाए गए उनके वीडियो धीरे-धीरे लोगों को पसंद आने लगे। उनके वीडियो में दिखने वाली सादगी, असली जिंदगी की झलक और मेहनत की कहानी ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया। आज उनके फेसबुक पर करीब डेढ़ मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि उनके यूट्यूब चैनल “Lali Devi” पर 22.6 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर जुड़ चुके हैं। वह अब तक 1600 से अधिक वीडियो अपलोड कर चुकी हैं।

ललिता देवी कहती हैं कि सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि उम्मीद की एक नई किरण है। वह चाहती हैं कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और उन्हें वह संघर्ष भरी जिंदगी न जीनी पड़े जो उन्होंने झेली है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ललिता देवी अब पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर हौसले मजबूत हों, तो गरीबी और कठिन परिस्थितियां भी इंसान का रास्ता नहीं रोक सकतीं।

 

ऑर्केस्ट्रा संचालक पर बंधक बनाकर रखने और वेतन हड़पने का आरोप, शादी के बाद पति को फंसाने की बात; पीड़िता ने प्रशासन से लगाई गुहार

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भागलपुर/चंपानगर। चंपानगर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला कलाकार ने अपने ऑर्केस्ट्रा संचालक पर बंधक बनाकर रखने, वेतन न देने और शादी के बाद उसके पति को झूठे मामले में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता आरती उर्फ पायल और उसके पिता बिरजू राय ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, वह पिछले चार वर्षों से ऑर्केस्ट्रा संचालक संतोष के साथ काम कर रही थी। इस दौरान उससे लगातार काम कराया गया, लेकिन उसका मेहनताना नहीं दिया गया। आरती उर्फ पायल का आरोप है कि उसे घर जाने की अनुमति तक नहीं दी जाती थी और उसे एक तरह से बंधक बनाकर रखा गया। इस वजह से वह लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रही और मानसिक रूप से परेशान होती रही।

आरती ने बताया कि हाल ही में उसने चंपानगर निवासी सूरज के साथ अपनी मर्जी से शादी की है, जिसे करीब 10 दिन हो चुके हैं। दोनों परिवार इस विवाह से सहमत हैं और वह अपने पति के साथ सामान्य जीवन जीना चाहती है। लेकिन आरोप है कि ऑर्केस्ट्रा संचालक संतोष इस शादी के खिलाफ है, क्योंकि उसे डर है कि आरती उसके काम से अलग हो जाएगी और उसका आर्थिक नुकसान होगा।

पीड़िता का कहना है कि इसी कारण संतोष ने साजिश के तहत उसके पति सूरज को झूठे मामले में फंसा दिया और जेल भिजवा दिया। साथ ही पुलिस को यह कहकर गुमराह किया गया कि आरती उसके स्टाफ की सदस्य है और सूरज उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से सूरज का परिवार भी गहरे तनाव में है।

आरती उर्फ पायल और उसके पिता बिरजू राय ने यह भी मांग की है कि पिछले चार महीनों का बकाया वेतन, जो अभी तक ऑर्केस्ट्रा संचालक के पास है, उन्हें वापस दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को जिस तरह बंधक बनाकर रखा गया, उसे सुरक्षित वापस घर भेजा जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पीड़िता ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए, ताकि उसे और उसके परिवार को न्याय मिल सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए दूसरों के जीवन और स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

 

बिहार से दिल्ली लौटने के बाद लापता हुए विष्णु कांत यादव, नोएडा ऑफिस विवाद का भी आया एंगल

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नई दिल्ली। बिहार से दिल्ली लौट रहे एक व्यक्ति के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। 44 वर्षीय विष्णु कांत यादव 13 मार्च को बिहार से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार में इस घटना के बाद हड़कंप मचा हुआ है और सभी गहरे सदमे में हैं।

परिवार के अनुसार विष्णु कांत यादव मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में नई दिल्ली के इंद्रपुरी इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी रीना देवी ने बताया कि विष्णु कांत किसी जरूरी काम से बिहार गए थे और 13 मार्च की सुबह करीब 8 बजे उन्होंने दिल्ली आने के लिए ट्रेन पकड़ी थी। ट्रेन अगले दिन सुबह लगभग 5:10 बजे दिल्ली पहुंची, लेकिन इसके बाद से वह न तो घर पहुंचे और न ही किसी से संपर्क कर पाए।

रीना देवी के मुताबिक उनकी शादी को करीब 45 वर्ष हो चुके हैं और उनके चार बच्चे हैं, जो सभी दिल्ली में ही रहते हैं। परिवार ने बताया कि विष्णु कांत पहले नोएडा के सेक्टर-15 स्थित एक ऑफिस में काम करते थे। वहीं पर उनका अपने सीनियर, आलोक सर, से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद वह नौकरी छोड़ना चाहते थे और नोएडा या गुरुग्राम में किसी दूसरी जगह काम करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने यह बात घर पर भी साझा की थी।

परिवार का कहना है कि विष्णु कांत की मानसिक स्थिति सामान्य थी और उनका किसी से कोई बड़ा झगड़ा या विवाद नहीं था, सिवाय ऑफिस में हुए उस मामले के। ऐसे में उनका अचानक लापता हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। परिजन अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह वास्तव में बिहार से ट्रेन में सवार हुए थे या नहीं, क्योंकि इस संबंध में भी अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

परिवार और रिश्तेदार लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। जान-पहचान के सभी लोगों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। परिवार ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को विष्णु कांत यादव के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या उनके परिवार को सूचित करें।

इंदौर में गर्भवती महिला पर हमला: FIR न होने से पीड़ित परिवार दहशत में, दबंगों पर गंभीर आरोप

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इंदौर जिले के महू क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भूमि विवाद और छेड़छाड़ के विरोध के बाद एक परिवार पर लगातार हमले किए जाने के आरोप लगे हैं। पीड़िता विनीता यादव (32) ने आरोप लगाया है कि 21 जनवरी को उनके घर पर 8-10 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें उनकी भाभी पूजा यादव, जो सात माह की गर्भवती हैं, गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पीड़िता के अनुसार, कुछ दिन पहले 17 जनवरी को उनके घर के पीछे रह रही लीला बाई के पोते सुनील (27) ने उनकी 8 वर्षीय बेटी के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की थी। इस घटना की शिकायत पुलिस में की गई, लेकिन समझौते के दबाव में मामला वहीं खत्म कर दिया गया। विनीता का कहना है कि इसी बात की रंजिश रखते हुए आरोपियों ने 21 जनवरी को हमला किया।

पीड़िता ने बताया कि हमले के दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि पत्थरबाजी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, तो आरोप है कि पुलिस ने केवल एक महिला का नाम दर्ज किया और बाकी आरोपियों को नजरअंदाज कर दिया, जबकि उनके पास घटना के फोटो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं।

मामला यहीं नहीं रुका। विनीता यादव का आरोप है कि 4 फरवरी को फिर से 20-30 लोगों की भीड़ उनके घर पहुंची, दरवाजे और गेट तोड़ दिए और घर में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़ित परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों के सामाजिक दबाव का हवाला दे रही है। परिवार ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

फिलहाल यह मामला पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद FIR दर्ज न होना और आरोपियों का खुलेआम घूमना क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

 

ननद के घर रह रहा था युवक, संदिग्ध हालात में मौत; बहन बोली- सच्चाई जानती है अंजलि, जल्द हो तलाश और पूछताछ

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कल्याणपुरी और जहांगीरपुरी इलाके से जुड़े एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। जसविंदर सिंह की मौत को लेकर उसकी बहन काजल ने गंभीर आरोप लगाते हुए पत्नी अंजलि और उसके परिवार पर कई सवाल खड़े किए हैं। काजल का कहना है कि उसका भाई पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ नहीं बल्कि अपनी ननद संगीता के घर रह रहा था, जहां से यह पूरा मामला शुरू हुआ।

पीड़िता के अनुसार, जसविंदर सिंह अपनी पत्नी अंजलि के साथ जहांगीरपुरी स्थित ए-ब्लॉक, डीडीए फ्लैट (सी-16) में रह रहा था, जो कि उसकी ननद संगीता का घर बताया जा रहा है। काजल का आरोप है कि अंजलि को उनके परिवार के साथ रहना पसंद नहीं था, जिसके चलते वह अपने पति को लेकर अलग रह रही थी। इस दौरान पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होते रहे, जिनकी जानकारी अंजलि के मायके पक्ष को भी थी।

काजल का दावा है कि उसके भाई ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, लेकिन इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह अंजलि और उसके परिवार को अच्छी तरह पता है। उसने कहा कि अंजलि, उसकी बहन मनीषा और उनके परिवार के अन्य सदस्य इस पूरे घटनाक्रम से वाकिफ हैं, लेकिन अब सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

घटना के बाद काजल ने यह भी आरोप लगाया कि उसे ही उल्टा परेशान किया जा रहा है और मामले को दबाने के लिए उस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उसने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अंजलि को जल्द से जल्द खोजा जाए और उससे सख्ती से पूछताछ की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर जसविंदर सिंह ने फांसी क्यों लगाई।

मामले ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज पारिवारिक विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है। फिलहाल पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। पीड़ित परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है और चाहता है कि समय रहते सच्चाई सामने आए, ताकि मृतक को इंसाफ मिल सके।

चीन जा रहे रूसी तेल टैंकर ने समंदर में लिया U-Turn, भारत की तरफ किया रुख

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भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। इस बीच चीन जा रहे एक रूसी तेल टैंकर ने U-Turn लेकर अब भारत की तरफ रुख कर लिया है।रूसी तेल से भरा एक टैंकर जो चीन जा रहा था दक्षिण चीन सागर से वापस मुड़ गया है और अब भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसा इस वजह से हुआ है क्योंकि नई दिल्ली ने मॉस्को से आयात बढ़ाना शुरू कर दिया है। जहाज-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ‘एक्वा टाइटन’ 21 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंचने वाला है। इसमें तेल भरा है, जिसे इसने जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से लोड किया था। इस अफ्रामैक्स जहाज ने शुरू में चीन के रिझाओ बंदरगाह को अपना गंतव्य बताया था, लेकिन मार्च के मध्य में दक्षिण-पूर्वी एशियाई जल क्षेत्र में इसने अपना रास्ता बदल लिया।

भारत ने भारी मात्रा में खरीदा तेल
देखने वाली बात यह यह तब हुआ है जब अमेरिका ने भारत से रूसी तेल की खरीद बढ़ाने की बात कही है। अमेरिका के बदले रुख के देखते हुए बाद के हफ्तों में भारतीय रिफाइनरों ने भारी मात्रा में 30 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदा है। इस कदम का मकसद देश को ईरान युद्ध के कारण मध्य-पूर्व से तेल की आपूर्ति में आई कमी से निपटने में मदद करना है।

चीन बना था सबसे बड़ा खरीदार
कई देशों को भी रूस से तेल की खरीद फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इससे चीन से तेल के और अधिक भारत की ओर मुड़ने का रास्ता खुल गया है। हाल के महीनों में, जब भारत ने रूस से तेल की खरीद कम कर दी थी, तब चीन ही मॉस्को के लिए तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा था। जापान और दक्षिण कोरिया सहित अन्य खरीदारों के वापस आने से तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है।

भारत की ओर बढ़े और भी टैंकर
वॉर्टेक्सा लिमिटेड के अनुसार, रूसी तेल ले जा रहे कम से कम 7 टैंकरों ने अपनी यात्रा के बीच में ही अपना गंतव्य चीन से बदलकर भारत कर लिया है। अब भारत के सभी प्रमुख रिफाइनर रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए बाजार में सक्रिय हो गए हैं। इसके अलावा, जहाज-ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि ‘स्वेजमैक्स ज़ूज़ू एन.’ ने भारत के सिक्का बंदरगाह को अपना अगला गंतव्य बताया है, और इसके 25 मार्च को वहां पहुंचने का अनुमान है। Kpler के अनुसार, इस टैंकर में कजाख CPC ब्लेंड कच्चा तेल भरा है। यह जहाज रूस के काला सागर स्थित नोवोरोस्सिय्स्क बंदरगाह से रवाना होकर रिझाओ के जलक्षेत्र तक पहुंचा था, लेकिन मार्च की शुरुआत में ही यह वापस मुड़ गया और भारत की ओर बढ़ चला।

जालोर में जालोरबेटी का मामला: पिता की गुहार के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, अनहोनी की आशंका से सहमा परिवार

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जालोर जिले के आहोर क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक पिता अपनी लापता बेटी को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आहोर तहसील के ग्राम मडला निवासी पुखराज सुथार ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पुत्री निकिता कुमारी 13 मार्च 2026 को अचानक लापता हो गई। उस दिन दोपहर के समय परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे, तभी निकिता यह कहकर घर के लिए निकली कि वह घर जा रही है। लेकिन जब शाम को परिवार घर पहुंचा तो वह वहां नहीं मिली।

परिजनों ने तुरंत आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 14 मार्च को पुलिस थाना आहोर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

पीड़ित पिता का कहना है कि दीपाराम देवासी नामक व्यक्ति पर उन्हें गहरा संदेह है, जो पहले भी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जा चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन हर बार मामले को नजरअंदाज कर दिया गया।

सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित ने पुलिस पर ही लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब भी वे थाने में अपनी फरियाद लेकर जाते हैं, उन्हें डांट-डपट कर भगा दिया जाता है और कोई सुनवाई नहीं होती।

इस पूरे घटनाक्रम से परिवार गहरे सदमे में है और बेटी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। पिता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी घटना घट सकती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता स्थिति को और भयावह बना रही है।

पुखराज सुथार ने अब पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द दस्तयाब किया जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के भीतर भी उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

यह मामला एक बार फिर कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, जहां एक लाचार पिता अपनी बेटी की तलाश में न्याय की आस लगाए बैठा है, लेकिन उसे अब तक सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है।

जिस किसी व्यक्ति को उनके बारे में जानकारी यह सूचना मिले तो इस नंबर पर संपर्क करें/9782127950

सागर जिले में फर्जी नामांतरण का मामला, भाई पर ही लगा ट्रैक्टर हड़पने का आरोप

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सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने ही भाई पर ट्रैक्टर का फर्जी नामांतरण कर हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस थाना रहली में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मैनाई गांव निवासी अमोल लोधी ने बताया कि उसका और उसके भाइयों के बीच वर्ष 2003 में पारिवारिक बंटवारा हो चुका था। इसके बाद उसने स्वयं अपने नाम पर आईसीआईसीआई बैंक सागर से ट्रैक्टर क्रमांक MP 15 L 2565 फाइनेंस करवाया था और उसकी सभी किस्तों का भुगतान भी उसने ही किया था। इस आधार पर वह ट्रैक्टर का वैध स्वामी है।

पीड़ित का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले उसके भाई लक्ष्मन लोधी ने धोखे से ट्रैक्टर अपने कब्जे में ले लिया और दावा करने लगा कि यह उसका ट्रैक्टर है। जब अमोल ने इस बात की जांच की तो उसे पता चला कि ट्रैक्टर का नामांतरण परिवहन कार्यालय में फर्जी तरीके से लक्ष्मन के नाम पर करा दिया गया है।

अमोल ने बताया कि उसने कभी भी ट्रैक्टर का विक्रय नहीं किया और न ही किसी प्रकार का हस्तांतरण किया है। इसके बावजूद उसके नाम की संपत्ति को गलत तरीके से अपने भाई के नाम पर दर्ज करा लिया गया। इस मामले में उसने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़ित ने अब पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि फर्जी नामांतरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, इस पूरे मामले ने क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और दस्तावेजी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

‘राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता…’, राज्यसभा में सांसदों के विदाई भाषण में बोले PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा है कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता है। बता दें कि पीएम राज्यसभा में सांसदों के विदाई भाषण में सदन को संबोधित कर रहे थे।संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में 37 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें से कई सांसद दोबारा से अपना कार्यकाल शुरू करेंगे तो वहीं, कई नए सदस्य भी संसद का हिस्सा बनेंगे। हाल ही में राज्यसभा की 37 सीटों पर नए सदस्यों का चुनाव भी संपन्न हुआ है। इसी क्रम में बुधवार को राज्यसभा में जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनके लिए विदाई भाषण का आयोजन किया गया। इस भाषण में पीएम मोदी ने भी भाग लिया और सदन को संबोधित किया है। पीएम मोदी ने कहा है कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता है।

‘सदन अपने आप में बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी’
पीएम मोदी ने कहा कि “सदन में हमारी शिक्षा होती है और दीक्षा भी। सदन अपने आप में बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी है। सदन में हर सांसद का योगदान होता है। यहां नए सांसदों को वरिष्ठ सांसदों से सीखना चाहिए। जो सांसद रिटायर हो रहे हैं उनका सदन में बहुत बड़ा योगदान है। राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता है।” पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की और सांसद शरद पवार की भी तारीफ की।

‘सदन में हर कोई महत्वपूर्ण योगदान देता है’
पीएम मोदी ने रिटायर हो रहे सांसदों को विदाई देते हुए कहा- “सदन में कई मुद्दों पर चर्चा होती है और हर कोई बहुत महत्वपूर्ण योगदान देता है। रास्ते में कुछ खट्टे-मीठे अनुभव भी होते हैं। हालांकि, जब ऐसा अवसर आता है, तो यह स्वाभाविक है कि हम पार्टी लाइनों से ऊपर उठें और सभी के बीच एक सामान्य भावना उभरे कि हमारे सहयोगी अब कुछ अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए आगे बढ़ रहे हैं। कई सांसद यहां से अनुभव प्राप्त कर के जा रहे हैं और समाज और सार्वजनिक जीवन में सार्थक योगदान देना जारी रखेंगे।”

‘इतना लंबा कार्यकाल कोई छोटी बात नहीं’
राज्यसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- “सभी सम्मानित सदस्य जो इस सदन से विदाई ले रहे हैं, उनमें से कुछ ऐसे समय में जा रहे हैं जब सदन का सत्र नहीं चल रहा है, जबकि कुछ को सत्र के दौरान ही विदाई मिल रही है। लेकिन इन सभी सदस्यों ने बहुत मूल्यवान योगदान दिया है। मैं एचडी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार जैसे सम्मानित नेताओं का उल्लेख करना चाहूंगा। ये वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने अपने जीवन का आधे से अधिक समय संसदीय कामकाज में बिताया है। सदन के प्रति समर्पण के साथ, यथासंभव योगदान और समाज द्वारा दी गई जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहें। यह कुछ ऐसा है जिसे हम सभी को इन वरिष्ठ नेताओं से सीखना चाहिए, मैं उनके योगदान की तहे दिल से सराहना करता हूं, क्योंकि इतना लंबा कार्यकाल कोई छोटी बात नहीं है, यह बेहद महत्वपूर्ण है।”

‘राजनीति में लोग रिटायर नहीं होते’
पीएम मोदी के बाद कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर नहीं होते हैं। नेता न टायर्ड होते हैं और न ही रिटायर्ड। मुझे राजनीति में 54 साल हो गए हैं। मुझे आज भी सीखने की जरूरत होती है।