Friday, March 27, 2026
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हाईवे बना, पानी गया: कन्नौज की संध्या एक साल से बूंद-बूंद को तरसी, शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

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कन्नौज। विकास की रफ्तार जहां एक ओर गांवों को शहरों से जोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी ग्रामीणों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के सराय दौलत गांव का सामने आया है, जहां संध्या नाम की महिला पिछले करीब एक वर्ष से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। हाईवे निर्माण के बाद गांव का भूगोल तो बदला, लेकिन पानी की उपलब्धता एक तरफ सिमटकर रह गई, जिससे दूसरी ओर रहने वाले परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है।

संध्या, जिनकी उम्र लगभग 35 वर्ष है और जो अपने पति मुकेश के साथ सराय दौलत में रहती हैं, बताती हैं कि पहले गांव में लगे सरकारी नल से पानी की समस्या नहीं थी। लेकिन हाईवे बनने के बाद नल खराब हो गए और उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। स्थिति यह है कि अब उन्हें दूर स्थित एकमात्र सरकारी नल से पानी भरने जाना पड़ता है। कई बार मजबूरी में आसपास के ट्यूबवेल से पानी लेना पड़ता है, वह भी तब जब कोई उपलब्ध हो।

गांव में एक सरकारी टोटी भी लगाई गई थी, जो लंबे समय से बंद पड़ी है। संध्या का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांव के प्रधान राजवीर से भी उन्होंने कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि हाईवे बनने के बाद गांव के एक हिस्से में पानी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि दूसरी तरफ रहने वाले लोग पूरी तरह उपेक्षित हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि विकास कार्यों में संतुलन और योजना की भारी कमी रही है। संध्या और उनके जैसे कई परिवार रोजमर्रा की जरूरत के लिए पानी जुटाने में ही अपनी ऊर्जा और समय खर्च कर रहे हैं।

यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ेगा। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है।

फर्जी पट्टे से जमीन कब्जाने का आरोप: 100 साल पुराने पुश्तैनी प्लॉट पर निर्माण को लेकर विवाद, पीड़ित ने एसपी और कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

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झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले के असनावर क्षेत्र में जमीन के एक पुराने प्लॉट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित चेतन प्रकाश यादव ने आरोप लगाया है कि उसके पुश्तैनी प्लॉट पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार चेतन प्रकाश यादव, पिता कस्तूर चंद यादव, निवासी असनावर तहसील असनावर, जिला झालावाड़ के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार के पास करीब 100 वर्षों से एक पुश्तैनी प्लॉट है, जो लंबे समय से उनके कब्जे में रहा है। पीड़ित के अनुसार वर्ष 1984 से यह जमीन उनके परिवार के अधिकार क्षेत्र में रही है। लेकिन बाद में इसी जमीन से संबंधित 24×30 फीट की एक रजिस्ट्री दिनांक 5 जनवरी 1991 को की गई, जिसे वे फर्जी बता रहे हैं।

चेतन प्रकाश का आरोप है कि सतीश कुमार गुप्ता, पिता प्रेम बिहारी गुप्ता, निवासी बस स्टैंड के पास गंगा टेंट हाउस के नजदीक, झालावाड़ ने इस जमीन पर फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। उनका कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत असनावर से प्राप्त जानकारी में यह सामने आया कि सतीश कुमार गुप्ता के नाम पर किसी प्रकार का वैध पट्टा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद आरोपी द्वारा उक्त भूखंड पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत असनावर के तत्कालीन सरपंच कृष्ण मोहन शर्मा द्वारा भी कथित रूप से इस मामले में गलत तरीके से पट्टा अलॉट किए जाने की भूमिका सामने आई है। जब पीड़ित ने असनावर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की, तो पुलिस ने आरोपी पक्ष को थाने में बुलाया जरूर, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

चेतन प्रकाश का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की, लेकिन हर बार पुलिस केवल उनके ही दस्तावेजों की जांच करती रही, जबकि आरोपियों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। इससे उन्हें लगातार न्याय मिलने में देरी हो रही है और वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।

पीड़ित ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने 21 जून 2025 और फिर 10 सितंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी परिवाद प्रस्तुत किया था, लेकिन अभी तक न तो उचित जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को उन्होंने फिर से जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

उधर ग्राम पंचायत की ओर से भी एक नोटिस जारी कर संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य को तब तक रोकने के निर्देश दिए गए थे, जब तक पंचायत से इसकी स्वीकृति नहीं मिल जाती। इसके बावजूद निर्माण कार्य को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। अब पीड़ित को उम्मीद है कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।

आयुष्मान योजना का दर्द: 8 महीने से कार्ड के लिए भटक रहा घायल युवक, सिस्टम की लापरवाही उजागर

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अंबेडकर नगर। सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के लिए चलाई जा रही आयुष्मान भारत योजना जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी है, इसका एक चिंताजनक मामला जिले से सामने आया है। यहां 23 वर्षीय बृजेश कुमार, पिता आसाराम, पिछले 8 महीनों से आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

बताया जा रहा है कि बृजेश कुमार का सितंबर 2025 में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ था, जिसमें उन्हें गहरी चोटें आई थीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के कारण उनके इलाज में भारी दिक्कतें आ रही हैं। परिवार की उम्मीद आयुष्मान कार्ड पर टिकी थी, लेकिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बावजूद उनका कार्ड अब तक नहीं बन पाया है।

परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, जनसेवा केंद्रों पर आवेदन किया और सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए, लेकिन हर बार उन्हें किसी न किसी बहाने से टाल दिया जाता है। कभी सर्वर डाउन होने की बात कही जाती है, तो कभी दस्तावेज अधूरे बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इस लापरवाही के कारण घायल युवक का इलाज अधर में लटका हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सही समय पर जरूरतमंद तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।

इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते बृजेश को आयुष्मान कार्ड मिल जाता, तो उनका इलाज सुचारू रूप से हो सकता था। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और कब तक पीड़ित युवक को उसका हक मिल पाता है।

राजसमंद में प्रशासनिक उदासीनता का बड़ा मामला सामने आया है

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जहां ग्राम पंचायत पनोतिया में कथित अवैध पट्टों और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बावजूद महीनों बीत जाने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता मुन्नाशाह ने जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट को कई बार आवेदन देकर मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की, लेकिन अब तक न तो जांच रिपोर्ट सामने आई और न ही सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई गई।

बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन ने 6 नवंबर 2025 को संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मामले की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके अलावा 8 अगस्त 2025 को आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी देने के भी आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी मामराज मीणा द्वारा जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा भी जांच को आगे बढ़ाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना न केवल लापरवाही है बल्कि शासन व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़ा करता है। वहीं आरटीआई के तहत सूचना नहीं देना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने अब इस मामले को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए इसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कर एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं कराई गई तो साक्ष्य नष्ट होने की पूरी संभावना है।

उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए, सभी दस्तावेजों को सुरक्षित किया जाए और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। साथ ही सरकारी धन की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।

लगातार अनदेखी और कार्रवाई के अभाव से परेशान शिकायतकर्ता अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। यह मामला न केवल एक पंचायत तक सीमित है बल्कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक चुप्पी साधे रहता है या फिर कोई बड़ी कार्रवाई कर सच्चाई को सामने लाने का साहस दिखाता है।

नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह, पद और गोपनीयता की ली शपथ

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नेपाल को नया प्रधानमंत्री मिल गया है। बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। शाह इससे पहले काठमांडू के मेयर थे।

Nepal Youngest PM Balen Shah: बालेन शाह ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इसके साथ ही वो इस हिमालयी देश में शीर्ष कार्यकारी पद संभालने वाले सबसे कम उम्र के निर्वाचित नेता बन गए हैं। इससे पहले राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक सूचना के अनुसार, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76 (1) के तहत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के संसदीय दल के नेता बालेन को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। 35 वर्षीय रैपर से राजनेता बने बालेन मधेश क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री भी बन गए हैं।
बालेन की पार्टी को चुनाव में मिली प्रचंड जीत
नेपाल ने पिछले साल हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए आम चुनाव हुए थे। इस चुनाव में उनकी पार्टी RSP ने प्रचंड जीत हासिल की है। RSP, जिसने बालेन को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था, ने प्रतिनिधि सभा (HoR) की कुल 275 सीटों में से 182 सीटें जीतकर भारी सफलता हासिल की है। ​​प्रतिनिधि सभा (HoR) के 275 सदस्यों में से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान द्वारा और 110 सदस्य आनुपातिक मतदान प्रणाली द्वारा चुने जाते हैं।

बालेन ने पूर्व पीएम को दी शिकस्त
काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराया है। इस बीच माना जा रहा है है कि बालेन छोटा मंत्रिमंडल गठित करेंगे, जिसमें मंत्रियों की संख्या 15 से 18 के बीच हो सकती है।

बालेन शाह के बारे में जानें
बालेन शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 में नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुआ था। बालेन ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है लेकिन रैप में गहरी दिलचस्पी होने के चलते वह रैपर बन गए। उन्होंने अपने गानों के जरिए समाज में अलग पहचान बनाई। बालेन शाह ने सक्रिय राजनीति में अपनी शुरुआत साल 2022 में काठमांडू के मेयर पद का चुनाव लड़ने से की थी। वो किसी सियासी पार्टी से नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे थे। बालेन शाह को मेयर पद के लिए हुए चुनाव में बंपर जीत मिली थी।

कई बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी देने की तैयारी में भारत, S-400 और अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स पर खास नजर

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भारत में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में बड़े रक्षा सौदों पर फैसला संभव है। S-400, BrahMos, अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और ट्रांसपोर्ट विमानों के सौदों को लेकर इस बैठक में फैसला हो सकता है।नई दिल्ली: देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए आज एक अहम बैठक होने जा रही है। रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी कि DAC शुक्रवार को कई बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी देने की तैयारी में है। इसमें S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने का प्रस्ताव पास किया जा सकता है। इसके अलावा, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की 5 और यूनिट्स खरीदने की योजना को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।
ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों की खरीद का प्रस्ताव
बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए स्वदेशी रिमोटली पाइलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स) की लगभग 4 स्क्वाड्रन्स खरीदने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ये ड्रोन लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। सूत्रों ने बताया कि भारतीय थलसेना ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बड़ी संख्या में खरीद का प्रस्ताव लेकर आई है। ये मिसाइल 800 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इस प्रस्ताव पर भी आज मंजूरी मिल सकती है। बता दें कि DAC रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च संस्था है, जो सशस्त्र बलों के लिए नए हथियार और उपकरण खरीदने के फैसले करती है।

S-400 की डिलीवरी का देश को इंतजार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव भी शामिल होंगे। S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम के मामले में, भारत पहले से ही 5 सिस्टम्स की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना की टीम रूस में चौथी स्क्वाड्रन लेने गई हुई है। चौथा सिस्टम अप्रैल-मई में आने की उम्मीद है, जबकि पांचवां सिस्टम नवंबर-दिसंबर तक पहुंच सकता है। अब 5 अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने का प्रस्ताव भी DAC के सामने है।

प्रोजेक्ट कुशा की 5 स्क्वाड्रन्स खरीदने की मंजूरी
इसके अलावा, एयरफोर्स को स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली प्रोजेक्ट कुशा की 5 स्क्वाड्रन्स खरीदने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। यह परियोजना DRDO के नेतृत्व में चल रही है। मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के तहत एयरफोर्स 60 विमान खरीदना चाहती है। इस टेंडर में ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर, अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रूसी कंपनी इल्यूशिन मुख्य दावेदार बताए जा रहे हैं। बैठक में भारतीय थलसेना के 300 स्वदेशी धनुष होवित्जर तोपखाने खरीदने के प्रस्ताव पर भी चर्चा और मंजूरी होने की संभावना है।

सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है,

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जहां पारिवारिक विवाद अब आपराधिक धमकियों और फर्जी दस्तावेजों तक पहुंच गया है। ग्राम मैनाई निवासी अमोल सिंह ने अपने ही बड़े भाई लक्ष्मन सिंह और गांव की ही उमारानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना रहली में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

आवेदक अमोल सिंह के अनुसार वह एक किसान हैं और उन्होंने वर्ष 2003 में अपनी निजी आय से एचएमटी 4922 ट्रैक्टर खरीदा था, जिसका पंजीयन उनके नाम पर आरटीओ कार्यालय में दर्ज है। उनका कहना है कि बड़े भाई होने के नाते लक्ष्मन सिंह लंबे समय से उक्त ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरणों का उपयोग करते रहे, जिसे उन्होंने पारिवारिक समझदारी के तहत कभी रोका नहीं।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब अमोल सिंह को जानकारी मिली कि उनके ट्रैक्टर का नामांतरण फर्जी तरीके से कराया जा रहा है। इस संबंध में जब उन्होंने थाना में शिकायत की, तो आरोप है कि लक्ष्मन सिंह ने न केवल उनके साथ बल्कि उनके पुत्र पूरन के साथ भी गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही उमारानी के माध्यम से झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।

आवेदक का यह भी आरोप है
कि लक्ष्मन सिंह का आपराधिक स्वभाव है और वह पहले से ही परिवार से रंजिश रखते हैं, जिसके चलते लगातार मानसिक दबाव और भय का माहौल बना हुआ है। बावजूद इसके, पीड़ित परिवार का कहना है कि थाना स्तर पर उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है
अमोल सिंह का कहना है की जय मुंशी जी 3 महीने से टाल रहे हैं और सामने वाले पार्टी से पैसे लेकर इस केस को रफा दफा करते ही जा रहे हैं

गांव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर पारिवारिक विवाद इस हद तक कैसे पहुंच गया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

विराट कोहली के पास स्पेशल क्लब में शामिल होने का मौका, सिर्फ दो खिलाड़ी कर पाए हैं गजब कारनामा

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Virat Kohli Sixes Record: IPL 2026 के सीजन में विराट कोहली के पास एक खास रिकॉर्ड लिस्ट में खुद का नाम दर्ज करवाने का मौका होगा। विराट कोहली इस लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली आईपीएल में अभी तक कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। लेकिन अभी भी वह जब मैदान पर उतरते हैं तब उनके निशाने पर कोई न कोई रिकॉर्ड जरूर होता है। आईपीएल 2026 का पहला मैच RCB और SRH के बीच खेला जाएगा। इस मैच में विराट कोहली एक बार फिर RCB के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। इस सीजन विराट कोहली के पास कई रिकॉर्ड को अपने नाम करने का मौका होगा। इस सीजन उनके पास छक्कों के मामले में भी एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने का मौका होगा।

आईपीएल में 300 छक्के पूरे कर सकते हैं विराट कोहली
विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में अभी तक 291 छक्के लगा चुके हैं। इस सीजन वह 9 सिक्स लगाते ही आईपीएल में 300 छक्के पूरे कर लेंगे और इस उपलब्धि को हासिल करने वाले तीसरे खिलाड़ी बन जाएंगे। आईपीएल के इतिहास में अभी तक सिर्फ दो ही खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने 300 या उससे अधिक छक्के लगाए हैं। क्रिस गेल के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने अभी तक 357 छक्के लगाए हैं। वहीं रोहित शर्मा इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 302 सिक्स लगाए हैं। विराट का नाम इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है।

लिस्ट में धोनी और डिविलियर्स का नाम मौजूद
आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में चौथे नंबर पर एमएस धोनी का नाम है। धोनी ने इस टूर्नामेंट के इतिहास में 264 सिक्स लगाए हैं। वहीं पांचवें नंबर पर RCB के पूर्व बल्लेबाज एबी डिविलियर्स का नाम दर्ज है। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 251 सिक्स लगाए थे। अब इस आईपीएल सीजन में विराट 300 सिक्स का आंकड़ा पार कर पाते हैं या नहीं ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज
प्लेयर सिक्स
क्रिस गेल 357
रोहित शर्मा 302
विराट कोहली 291
एमएस धोनी 264
एबी डिविलियर्स 251
IPL 2025 में विराट कोहली का प्रदर्शन रहा था शानदार
विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। पिछले आईपीएल सीजन में भी विराट कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा था। आईपीएल 2025 में विराट कोहली ने कुल 15 मैच खेले थे, वहां उन्होंने 54.75 के औसत से 657 रन बनाए थे। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 73 रन का था। पिछले आईपीएल सीजन में विराट कोहली ने 15 में से 8 पारियों में अर्धशतक लगाया था। वह अब इस सीजन में इसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेंगे।

भारत के इस पड़ोसी देश में कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग; इतनी रही तीव्रता

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नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र के आस-पास बताया गया है।नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित सुदूरपश्चिम प्रांत में गुरुवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप के झटके सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र के आस-पास बताया गया है। भूकंप के झटके पास के बैतड़ी और बझांग जिलों में भी महसूस किए गए।
नुकसान की खबर नहीं
स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण फिलहाल किसी भी इमारत के गिरने या किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है।

बता दें कि नेपाल दुनिया के सबसे सक्रिय ‘टेक्टॉनिक’ जोन में स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नेपाल भूकंपीय क्षेत्र चार और पांच के अंतर्गत आता है। यही वजह है कि यह हिमालयी राष्ट्र दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों की सूची में 11वें स्थान पर है।

एक हफ्ते में दूसरी बार आया भूकंप
इससे पहले, नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में सोमवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप सोमवार दोपहर बाद 1 बजकर 14 मिनट पर आया। इसका केंद्र बाझंग जिले के रायल क्षेत्र के पास जमीन के भीतर स्थित था। भूकंप के झटके इतने प्रभावी थे कि बाझंग के पड़ोसी जिलों बाजुरा और बैतड़ी में भी लोग दहशत में आ गए और खुले मैदानों की ओर भागने लगे।

नेपाल का सुदूरपश्चिम प्रांत पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। इससे पहले, 17 मार्च को भी इसी प्रांत के दार्चुला जिले (सीतौला क्षेत्र) में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था।

रजत शर्मा ने तिरुपति बालाजी के दर्शन किए, साथ में रितु धवन भी रहीं मौजूद

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन किए, उनके साथ मैनेजिंग डायरेक्टर रितु धवन भी मौजूद रहीं। तिरुमला पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है, और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने गुरुवार सुबह तिरुपति बालाजी के दर्शन किए। उनके साथ इंडिया टीवी की मैनेजिंग डायरेक्टर रितु धवन भी मौजूद थीं। रजत शर्मा सुबह-सुबह ही आंध्र प्रदेश पहुंचकर तिरुमला की पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर गए। वहां उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर श्रद्धापूर्वक भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए। दर्शन के दौरान रजत शर्मा और रितु धवन दोनों ही भक्ति भाव से भरे नजर आए।
भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को समर्पित है तिरुपति मंदिर
बता दें कि तिरुपति मंदिर भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमाला पहाड़ियों पर बना है। यह पवित्र धाम भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को समर्पित है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। सात पहाड़ियों से घिरा होने के कारण इसे ‘सप्तगिरि’ या ‘सात पहाड़ियों का मंदिर’ भी कहा जाता है। तिरुपति शहर इसके नीचे स्थित है, जबकि मुख्य मंदिर तिरुमाला पर्वत पर है। यहां पहुंचने के लिए सड़क और पैदल दोनों मार्ग उपलब्ध हैं, जिनसे श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ दर्शन के लिए आते हैं।तिरुपति मंदिर की महिमा है अद्भुत
तिरुपति मंदिर की महिमा अद्भुत मानी जाती है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना माना जाता है और इसकी ऐतिहासिक व धार्मिक महत्ता बहुत गहरी है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले मंदिरों में गिना जाता है। यहां की पूजा-पद्धति, प्रसाद (लड्डू) और व्यवस्थाएं भी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।