Wednesday, February 11, 2026
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शादी रोकने की साजिश और डिजिटल उत्पीड़न: बुलंदशहर की युवती ने अलीगढ़ के युवक पर रिश्ता तोड़वाने का लगाया गंभीर आरोप

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बुलंदशहर/अलीगढ़ (विशेष संवाददाता)।
बुलंदशहर जिले के गांव हरटोली की रहने वाली एक युवती ने अलीगढ़ निवासी विनय प्रताप सिंह पर संगठित तरीके से मानसिक उत्पीड़न करने, शादी के रिश्ते तुड़वाने और लगातार फोन कर परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि दोनों की मुलाकात एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से हुई थी, लेकिन बाद में युवक ने शादी से इनकार कर दिया और अब उसकी जिंदगी में दखल देकर हर संभावित रिश्ता बिगाड़ रहा है।

पीड़िता के मुताबिक, कुछ महीनों पहले “जीवन साथी” मैट्रिमोनियल साइट के जरिए उसकी बातचीत विनय प्रताप सिंह से हुई थी। शुरुआती दौर में शादी की बात आगे बढ़ी, लेकिन बाद में युवक ने अचानक शादी से पीछे हटते हुए संपर्क तोड़ लिया। इसके बाद भी वह बार-बार अलग-अलग नंबरों से कॉल करता रहा और सोशल मीडिया पर नाम बदलकर “मुस्कान” के नाम से मैसेज भेजने लगा।

युवती का आरोप है कि जब भी उसके परिवार ने कहीं नया रिश्ता देखा, विनय ने किसी न किसी तरीके से उस परिवार तक पहुंचकर गलत बातें फैलाईं और रिश्ता “कैंसल” करवा दिया। पीड़िता का दावा है कि कई जगहों पर ऐसा हो चुका है, जिससे उसका विवाह बार-बार टूट गया और पूरा परिवार मानसिक दबाव में आ गया।

परिवार का कहना है कि समाज में उनकी छवि खराब हो रही है और बेटी का भविष्य खतरे में पड़ गया है। पीड़िता ने स्पष्ट कहा है कि यदि भविष्य में उसके विवाह से जुड़े किसी भी मामले में बाधा आती है, तो उसकी जिम्मेदारी आरोपी युवक की होगी।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि डिजिटल स्टॉकिंग और मानसिक उत्पीड़न का भी प्रतीत होता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर क्राइम, धमकी और मानहानि की धाराओं में कार्रवाई संभव है।

पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल की जाए और आरोपी युवक को कानूनी रूप से रोका जाए ताकि वह शांति से अपना जीवन जी सके।

रिश्तों की राजनीति में फंसी लव मैरिज—दहेज का आरोप, सार्वजनिक धमकी, पत्नी मायके में और मासूम बेटी का भविष्य दांव पर

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अलीगढ़। थाना कोल क्षेत्र के इस्लाम नगर मुल्लापारा भुजपुरा निवासी एहसान आज अपनी 5 महीने की मासूम बेटी आयशा को गोद में लेकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दो साल पहले प्रेम विवाह से शुरू हुई उनकी दांपत्य यात्रा अब आरोप-प्रत्यारोप, पारिवारिक दबाव, पुलिस केस और खुली धमकियों के बीच टूटने की कगार पर पहुंच गई है। पीड़ित पति का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने पैसों के लालच और पारिवारिक राजनीति के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया है।

एहसान के अनुसार, उनकी पत्नी अलीमा से प्रेम विवाह हुआ था। शादी से पहले दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई थी। उन्होंने खुले तौर पर यह बताया था कि वे पहले जुआ खेलते थे और सिगरेट पीते थे। यह बात पत्नी और उसके परिवार को पहले से पता थी और इसी समझ के साथ विवाह हुआ था। बावजूद इसके, शादी के कुछ ही दिनों बाद माहौल बदल गया।

पीड़ित का कहना है कि शादी से पहले ही ससुर सलमान ने कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद भी विवाह संपन्न हुआ, लेकिन रिश्ते सामान्य नहीं रह सके। 6 फरवरी को सास समीना, ससुर सलमान और साला नमन उनके घर पहुंचे और गली में ही सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज की। आरोप है कि ससुर ने खुलेआम धमकी दी कि “तुझे गोली से मरवा दूंगा।” इस घटना से पूरा परिवार दहशत में है।

अब नया मोड़ यह है कि पिछले करीब पांच महीनों से अलीमा अपने मायके में ही रह रही हैं और पति एहसान से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि ससुराल पक्ष लगातार पत्नी पर दबाव बना रहा है कि वह एहसान को छोड़ दे, ताकि “परिवार की बदनामी” न हो। एहसान का आरोप है कि यह सब पहले से तय पारिवारिक राजनीति का हिस्सा है।

सूत्रों के अनुसार, शादी से पहले लड़की के पिता चाहते थे कि अलीमा की शादी बेटी के बेटे अनीश से हो, लेकिन सास समीना ने अपनी इच्छा से अलीमा की शादी एहसान से करवाई थी। अब वही परिवार शादी को लेकर विवाद खड़ा कर रहा है।

एहसान का दावा है कि ससुराल वालों ने उल्टा उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है, जबकि पीड़ित पक्ष की कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई बार थाने जाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और वे मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब पैसों और बदनामी के डर की राजनीति है।

सबसे बड़ा सवाल 5 महीने की मासूम आयशा का है, जो फिलहाल मां के साथ मायके में है। पिता को बेटी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा। एहसान का कहना है कि उनकी बेटी का भविष्य अधरे में लटक गया है।

अब एहसान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि
“अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ससुर सलमान और साला नामन की होगी।”

पीड़ित ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, परिवार को सुरक्षा और झूठे मामलों से राहत की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके और मासूम बच्ची का भविष्य सुरक्षित रहे।

 

कलश यात्रा के दौरान मची भगदड़ में एक महिला की मौत, कई घायल

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित कलश यात्रा कार्यक्रम के दौरान अचानक भगदड़ मच गई जिसमें एक महिला की मौत हो गई और कई महिलाएं घायल हैं। देखें भगदड़ का वीडियो…ग्वालियर: नवग्रह पीठ के कलश यात्रा कार्यक्रम के दौरान अचानक मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई है और कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। मृतक महिला का नाम रति साहू है जो हनुमान कॉलोनी की रहने वाली हैं। वहीं 11 नंबर वार्ड की रहने वाली कला बाथम सहित कई महिलाएं और बच्चे घायल हैं। जानकारी के मुताबिक पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नवग्रह मंदिर में आज प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का आयोजन करा रहे थे और इस कलश स्थापना समारोह में मची भगदड़ ने प्रशासन व्यवस्था की पोल खोल दी है। आज से 20 फरवरी तक नवग्रह पीठ पर होना है प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम, जिसके तहत आज पहला दिन था।जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के डबरा में आज काफी संख्या में कलश यात्रा का आयोजन किया गया था जिसके पहले ही दिन भगदड़ मचा है। घायलों से मिलने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंची हैं। कलेक्टर ने एक श्रद्धालु की मौत और एक बच्ची सहित सात श्रद्धालुओं के घायल होने की पुष्टि की है। महिलाओं में कलश यात्रा को लेकर सुबह से ही उत्साह देखा जा रहा था और काफी संख्या में महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया था। महिलाओं का अति उत्साह ही हादसे की वजह बताया जा रही है। हादसे में घायल बच्ची प्राची की मां आरती ने बताया, भीड़ का धक्का लगने से हम सब गिर गए थे, स्थानीय लोगों ने हमें बचाया।
मेरी बेटी इस घटना में घायल हुई है, उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। कई लोग घायल हैं और सभी अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के बाद चारों तरफ चीख पुकार मच गई।

दिन में अचानक क्यों लग रही गर्मी? फिर करवट लेगा मौसम, क्यों बदल बदल के दिखा रहा तेवर

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मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों से बदला बदला सा दिख रहा है। दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन इसे हल्के में लेने की भूल ना करें। एक बाद मौसम फिर पलटी मारेगा और सर्द हवाएं परेशान कर सकती हैं। जानिए क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सोमवार को तापमान में थोड़ी वृद्धि हुई जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। फरवरी के सामान्य महीनों की तुलना में मौसम अधिक गर्म लग रहा है और दिन में धूप गर्मी का एहसास करा रही है। बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने बताया, अचानक आया यह बदलाव हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा है, जिसने अस्थायी रूप से ठंडी उत्तरी हवाओं के प्रवाह को कम कर दिया है, जो आमतौर पर सर्दियों में तापमान को कम रखती हैं।
मौसम की जानकारी रखने वाले देवेंद्र त्रिपाठी ने इंडिया टीवी को बताया, दिन का तापमान अभी बढ़ेगा लेकिन शाम में बादल भी छाए रह सकते हैं। तापमान बढ़ने का समय तो अब नजदीक आता जा रहा है, लेकिन शाम में ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे ठंड का एहसास होता रहेगा। पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण एक बार फिर से मौसम पलटी मारेगा और ठंड का एहसास होगा। एक दो दिन में मौसम बदलेगा लेकिन फिर फरवरी के अंत तक गर्मी बढ़ने लगेगी।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ, क्यों बदला है मौसम

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसम प्रणाली है जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से हिमालय की ओर बढ़ती है और अक्सर उत्तरी पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी लाती है। जब ऐसी प्रणाली हिमालय तक पहुंचती है, तो यह ठंडी, शुष्क हवाओं के प्रवाह को बाधित कर सकती है जो आमतौर पर उत्तरी पाकिस्तान और हिमालय क्षेत्र से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ओर बहती हैं।

“ये ठंडी हवाएं आमतौर पर पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान से होकर गुजरती हैं, जिससे सर्दियों में ठंडक बनी रहती है। हालांकि, मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ ने एक अस्थायी अवरोध का काम किया है, जिससे ये ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसी की वजह से उत्तरी हवाओं का प्रभाव कमजोर हो गया है, जिससे दिल्ली में तापमान में मामूली वृद्धि हुई है।
उत्तर भारत में वापस आएगी ठंड
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी लाने के बाद पूर्व की ओर बढ़ेगा, ठंडी उत्तरी हवाओं का प्रवाह फिर से शुरू हो जाएगा। इन हवाओं के देर रात उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से दिल्ली और पंजाब में, वापस आने की उम्मीद है। 11 फरवरी तक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों को एक बार फिर ठंडक महसूस होने की संभावना है, भले ही आसमान अधिकतर साफ रहे।

ठंड के अंतिम चरण में तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव आना आम बात है, जब उत्तरी भारत से गुजरने वाली मौसम प्रणालियां शीत ऋतु की वापसी से पहले ठंडी हवा के प्रवाह को कुछ समय के लिए बाधित कर सकती हैं। फिलहाल, दिल्ली और उत्तर भारत के शहरों में अचानक आई गर्मी यह दर्शाती है कि क्षेत्रीय हवा के पैटर्न और पर्वतीय मौसम प्रणालियां उत्तरी मैदानी इलाकों के तापमान को कितनी तेजी से प्रभावित कर सकती हैं।
क्यों अचानक आ गई है गर्मी

शुष्क उत्तरी हवाओं ने निचले वायुमंडल से धूल, प्रदूषण के कण, कोहरा और धुंध को साफ कर दिया था, जिससे आकाश लगभग साफ था और केवल हल्के-फुल्के बादल ही दिखाई दे रहे थे।

जब आसमान साफ ​​होता है, तो सूर्य की रोशनी सीधे जमीन तक पहुंचती है और सतह को अधिक कुशलता से गर्म करती है, जिससे दिन के तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि धीरे-धीरे बढ़ते वैश्विक तापमान इस गर्मी के प्रभाव को और बढ़ा सकते हैं। हालांकि, यह गर्म मौसम अल्पकालिक रहने की उम्मीद है।

नीदरलैंड की पारी का आगाज, नामीबिया को पहले विकेट की तलाश

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T20 वर्ल्ड कप का 10वां मुकाबला दिल्ली में खेला जा रहा है, जिसमें नीदरलैंड और नामीबिया आमने-सामने हैं। नीदरलैंड को जीत के लिए 157 रनों का टारगेट मिला है। T20 वर्ल्ड कप 2026 के 10वें मैच में ग्रुप-ए की टीम नामीबिया और नीदरलैंड का आमना-सामना हो रहा है। दिल्ली में खेले जा रहे इस मुकाबले में नीदरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। नीदरलैंड की टीम ने नामीबिया की टीम को 156/8 रन के स्कोर पर रोक दिया। लॉफ्टी-ईटन ने नामीबिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 38 गेंदों पर 1 चौके और 2 छक्कों की मदद से 42 रनों की पारी खेली। नीदरलैंड की ओर से गेंदबाज डि लीडा और वैन बीक ने 2-2 विकेट झटके।लोरेन स्टीनकैंप और जान फ्राइलिंक नामीबिया की पारी का आगाज करने उतरे। हालांकि, तीसरे ही ओवर में लोरेन स्टीनकैंप पवेलियन लौट गए। आर्यन दत्त ने नीदरलैंड को पहली सफलता दिलाई। लोरेन ने सिर्फ 6 रन बनाए। 10वें ओवर में टीम को 60 रन के स्कोर पर दूसरा झटका लगा। 13वें ओवर में कप्तान गेरहार्ड इरास्मस 18 रन पर आउट हो गए। इसके बाद लॉफ्टी-ईटन पवेलियन लौट गए। ईटन अपने अर्धशतक से 8 रन दूर रह गए। इसके बाद भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। अंत में नामीबिया की टीम 8 विकेट खोकर 156 रन स्कोरबोर्ड पर लगाने में सफल रही।

नीदरलैंड ने अपने लाइनअप में दो बदलाव किए। पॉल वैन मीकेरेन और काइल क्लेन की जगह टिम वैन डेर गुग्टेन और फ्रेड क्लासेन को शामिल किया। वहीं, नामीबिया ने विलेम मायबर्ग को डेब्यू कैप सौंपी है। नीदरलैंड का इस T20 वर्ल्ड कप में यह दूसरा मुकाबला है। पहले मैच में नीदरलैंड ने पाकिस्तान को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई थी। वहीं, नामीबिया आज अपने वर्ल्ड कप अभियान का आगाज कर रही है।

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
नीदरलैंड (प्लेइंग XI): माइकल लेविट, मैक्स ओ’डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (विकेट कीपर), जैक लायन कैशेट, लोगन वैन बीक, आर्यन दत्त, रूलोफ वैन डेर मेर्वे, टिम वैन डेर गुगटेन, फ्रेड क्लासेन।

नामीबिया (प्लेइंग XI): लोरेन स्टीनकैंप, जान फ्राइलिंक, जान निकोल लॉफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, जेन ग्रीन (विकेट कीपर), डायलन लीचर, रूबेन ट्रम्पेलमैन, विलेम मायबर्ग, बर्नार्ड शोल्ट्ज, मैक्स हेइंगो।
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, 1 रन, आउटस्विंगर, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर डीप पॉइंट दिशा की तरफ 1 रन के लिये कट शॉट खेला.
1.5
1
रुबेन ट्रम्पेलमैन से माइकल लेविट, 1 रन, फास्ट बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने फ्रंटफुट पर डीप कवर दिशा की तरफ 1 रन के लिये शॉट खेला. मिस फील्डिंग के कारण रन गंवाने पडे.
1.4
1
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, 1 रन, फास्ट बॉल, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर पॉइंट दिशा की तरफ 1 रन के लिये पुश शॉट खेला.
1.3
0
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, कोई रन नही, डोट बॉल! इनस्विंगर, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर खेला, लेकिन बल्ले से बॉल का संपर्क नहीं बना
1.2
4
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, चार रन, शानदार चोका!! आउटस्विंगर, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने फ्रंटफुट पर डीप कवर दिशा की तरफ ड्राइव खेला
1.1
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रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, कोई रन नही, डोट बॉल! इनस्विंगर, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर डिफेंसिव शॉट खेला.
1.1
1wd
रुबेन ट्रम्पेलमैन से मैक्स ओ’डोड, 1 वाइड, वाइड बॉल!! इनस्विंगर, गुड लेन्थ, लेग स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर खेला, बॉल दूर थी अंपायर ने वाइड दिया.
End of over 1(8 runs)
माइकल लेविट 7 (4)
मैक्स ओ’डोड 1 (2)
नीदरलैंड 8/0
Bernard Scholtz 1-0-8-0
0.6
6
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, छह रन, शानदार छका!! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने फ्रंटफुट पर डीप कवर दिशा की तरफ इंसाइड आउट शॉट खेला
0.5
0
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, कोई रन नही, डोट बॉल! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने क्रीज़ लाइन पर शॉर्ट कवर दिशा की तरफ पुश खेला.
0.4
1
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से मैक्स ओ’डोड, 1 रन, ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने बैकफुट पर शॉर्ट मिड विकेट दिशा की तरफ 1 रन के लिये पुश शॉट खेला.
0.3
0
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से मैक्स ओ’डोड, कोई रन नही, डोट बॉल! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, मैक्स ओ’डोड ने क्रीज़ लाइन पर मिड ऑन दिशा की तरफ
0.2
1
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, 1 रन, ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, स्टंप, माइकल लेविट ने बैकफुट पर शॉर्ट फाइन लेग दिशा की तरफ 1 रन के लिये एज्ड शॉट खेला.
0.1
0
बर्नार्ड शोल्ट्ज़ से माइकल लेविट, कोई रन नही, डोट बॉल! ऑफ ब्रेक बॉल, गुड लेन्थ, ओफ स्टंप, माइकल लेविट ने बैकफुट पर खेला, लेकिन बल्ले से बॉल का संपर्क नहीं बना

Jodha Akbar: 10 सालों में पूरी तरह बदल गए TV के अकबर, एक झलक में पहचान पाना मुश्किल, लंबी दाढ़ी, 8 पैक एब्स में लगते हैं किलर

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odha Akbar: साल 2013 में एक शानदार टीवी शो आया था, जिसका नाम ‘जोधा अकबर’ है। ये शो 2015 तक चला और इसका लीड एक्टर हार्टथ्रोब बन गया। अब कई सालों से ये एक्टिंग की दुनिया से गायब है और इसका लुक भी पूरी तरह बदल गया है।फिल्म ‘जोधा अकबर’ में मुगल बादशाह अकबर का किरदार निभाकर ऋतिक रोशन ने जिस तरह दर्शकों का दिल जीता था, वह आज भी याद किया जाता है। यह किरदार उनके करियर के सबसे बेहतरीन और यादगार रोल्स में गिना जाता है। लेकिन जब बात छोटे पर्दे की आती है तो अकबर के किरदार में रजत टोकस ने ऐसी छाप छोड़ी कि कई दर्शकों के लिए वह किरदार उनसे ही जुड़ गया। टीवी सीरियल ‘जोधा अकबर’ में रजत टोकस ने जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर को जिस गहराई और मजबूती के साथ निभाया, उसने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। उनकी अदायगी इतनी प्रभावशाली थी कि आज भी दर्शक उस अकबर को भूल नहीं पाए हैं।इन टीवी शोज से मिली पहचान
रजत टोकस लंबे समय तक छोटे पर्दे के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय अभिनेताओं में शुमार रहे हैं। जब भी किसी ऐतिहासिक टीवी शो का जिक्र होता है तो सबसे पहले रजत टोकस का नाम दिमाग में आना स्वाभाविक है। उन्होंने ‘धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान’, ‘जोधा अकबर’ और ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ जैसे ऐतिहासिक धारावाहिकों में दमदार भूमिकाएं निभाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई। इन किरदारों के जरिए उन्होंने न सिर्फ इतिहास को पर्दे पर जीवंत किया, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बना ली।जोधा संग खूब जमी थी जोड़ी
साल 2013 से 2015 के बीच टेलीकास्ट हुए लोकप्रिय सीरियल ‘जोधा अकबर’ में रजत टोकस के साथ अभिनेत्री परिधि शर्मा ने जोधा बाई का किरदार निभाया था। इस शो ने दोनों कलाकारों के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। रजत और परिधि की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह शो लंबे समय तक टीआरपी चार्ट्स पर छाया रहा। रजत टोकस ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में की थी। साल 2005 में उन्होंने ‘साईं बाबा’ सीरियल से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद साल 2006 में ‘धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान’ में पृथ्वीराज के किरदार ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया।

6 सालों से नहीं आए पर्दे पर नजर
इसी शो के बाद रजत को ऐतिहासिक भूमिकाओं के लिए खास तौर पर पहचाना जाने लगा। उन्होंने लगातार ऐसे ही किरदार निभाए और टीवी इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बना ली। हालांकि जब उनका करियर अपने चरम पर था, तभी वह धीरे-धीरे छोटे पर्दे से दूर होते चले गए। साल 2017 में ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ के बाद उन्हें आखिरी बार लोकप्रिय सीरियल ‘नागिन 3’ में विक्रांत के किरदार में देखा गया था। 2019 के बाद से रजत टोकस ने टीवी से दूरी बना ली, जिससे उनके फैंस आज भी निराश हैं और उन्हें दोबारा स्क्रीन पर देखने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।कैसी है पर्सनल लाइफ?
अगर उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो रजत टोकस ने साल 2015 में अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड श्रृष्टि नय्यर से शादी की थी। उनकी पत्नी श्रृष्टि ग्लैमर इंडस्ट्री से दूर हैं और एक निजी जीवन जीना पसंद करती हैं। भले ही रजत टोकस आज एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय न हों, लेकिन वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। सोशल मीडिया के जरिए वह अपने फैंस से जुड़े रहते हैं और अपनी जिंदगी से जुड़ी छोटी-बड़ी झलकियां साझा करते रहते हैं। उनके चाहने वाले आज भी उम्मीद करते हैं कि रजत टोकस जल्द ही किसी दमदार किरदार के साथ छोटे पर्दे पर वापसी करेंगे।

रजत टोकस का ट्रांसफॉर्मेंशन
रजत टोकस टीवी के पर्दे पर क्लीन शेव लुक में नजर आते थे। उनकी क्यूटनेस और मासूमियत पर लड़कियां फिदा थीं, लेकिन अब उनका लुक पूरी तरह बदल गया है। उनका ट्रांसफॉर्मेशन चौंकाने वाला है। रजत टोकस अब शॉर्ट हेयल और लंबी बियर्ड में किलर लगते हैं। उन्होंने फिटनेस पर भी खास ध्यान दिया है और वो जिम फ्रीक हैं। उन्होंने जिम में खूब पसीना बहाकर 8 पैक एब्स भी बना ली हैं। उनका नया लुक भी लोगों को काफी पसंद आ रहा है, जिसकी झलक उनके सोशल मीडिया हैंडल पर देखने को मिल रही है।

अमेरिका से तनाव के बीच ईरानी राजदूत ने चाबहार पोर्ट को बताया भारत-ईरान साझेदारी का प्रतीक, जानें और क्या कहा

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भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत के संबंधों को मजबूत बताया है। उन्होंने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।नई दिल्ली: अमेरिका से जारी तनाव के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह साझा विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में ईरानी दूतावास की ओर से आयोजित ईरानी राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक स्वागत समारोह में बोलते हुए, राजदूत फथाली ने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध हजारों साल के साझा इतिहास और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समृद्ध विरासत द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए बेहद मूल्यवान संपत्ति है।
मजबूत हैं भारत-ईरान संबंध
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने @Iran_in_India द्वारा आयोजित ईरानी राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ईरान की सरकार और लोगों को हार्दिक बधाई दी और द्विपक्षीय संबंधों के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता को दोहराया।”

अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच
भारत ने 2003 में चाबहार बंदरगाह को विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। चाबहार को विकसित करने का मकसद पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे के तहत सड़क और रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से भारतीय सामानों को लैंडलॉक अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना है। ईरान के संदिग्ध परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह परियोजना प्रभावित भी हुई है।

भारत-ईरान के बीच हुआ समझौता
बंदरगाह पर भारत की भूमिका को चालू करने के लिए, इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) और ईरान के पोर्ट एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के बीच एक दीर्घकालिक समझौता किया गया था। यह समझौता चाबहार बंदरगाह में शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल पर भारत की भूमिका को कवर करने वाले 2016 के शुरुआती समझौते की जगह लेता है, जिसे सालाना बढ़ाया गया था।

चाबहार से मिली बड़ी मदद
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल के वर्षों में चाबहार का इस्तेमाल अहम शिपमेंट के लिए किया गया है, जिसमें 2023 में अफगानिस्तान को 20,000 टन गेहूं की मदद भेजना शामिल है। 2021 में इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईरान को पर्यावरण के अनुकूल कीटनाशक भेजने के लिए भी किया गया था। यह बंदरगाह भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी की अहम कड़ी है।

ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से मचा सियासी घमासान, पीएम स्टार्मर बोले- ‘नहीं दूंगा इस्तीफा’

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। एपस्टीन फाइल्स से हुए खुलासों की वजह से उनकी सरकार के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है।लंदन: एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से ब्रिटेन में सियासी घमासान मच गया है। इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि वो अपनी जॉब करते रहेंगे। अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन और अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच संबंधों से जुड़े नए खुलासों ने स्टार्मर सरकार को गंभीर संकट में डाल दिया है।

स्टार्मर पर बढ़ा दबाव
एपस्टीन से जुड़ी अमेरिकी न्याय विभाग की हालिया फाइलों के जारी होने के बाद मेंडेलसन के जेफरी एपस्टीन के साथ गहरे संबंधों की जानकारी सामने आई, जिसके कारण स्टार्मर पर भारी दबाव पड़ रहा है। इस बीच खास ध्यान देने वाली बात यह है कि स्टार्मर ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और उनके नाम पर किसी यौन दुराचार का आरोप नहीं लगा है।

मेंडेलसन को अमेरिका में नियुक्त किया था राजदूत
मामला 2024 में स्टार्मर के फैसले से शुरू हुआ, जब उन्होंने मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था, जबकि मेंडेलसन के एपस्टीन से पुराने संबंध सार्वजनिक थे। पिछले सितंबर में ईमेल्स के बारे में जानकारी सामने आने के बाद स्टार्मर ने मेंडेलसन को पद से हटा दिया था। अब नए दस्तावेजों से पता चला कि मेंडेलसन ने 2008-2010 के आसपास एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी (जैसे बाजार-संबंधी डेटा, यूके अर्थव्यवस्था की स्थिति और बैंकिंग नीतियां) साझा की थी।

पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से मांगी माफी
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल ही में पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी थी और कहा था कि उन्हें मेंडेलसन के झूठ पर विश्वास करने का अफसोस है। उन्होंने मेंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज जारी करने का वादा किया है, जो दिखाएंगे कि मेंडेलसन ने वेटिंग प्रक्रिया में अपने संबंधों के बारे में गुमराह किया था। संकट के बीच स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दे दिया था। मैकस्वीनी ने ही मेंडेलसन की नियुक्ति की सिफारिश की थी।

स्टार्मर के मिला वरिष्ठ नेताओं का साथ
एपस्टीन फाइल्स के लेकर ब्रिटेन में मचे सियासी बवाल के बीच पीएम कीर स्टार्मर ने भी साफ कर दिया है कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने लेबर सांसदों की बैठक में कहा, “मैंने अब तक जितनी भी लड़ाइयां लड़ी हैं, सब जीती हैं। मैं अपने देश के प्रति जनादेश और जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा।” इस दौरान वरिष्ठ मंत्रियों ने स्टार्मर का समर्थन किया। उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने एक्स पर लिखा कि ब्रिटेन को बदलने के मिशन से विचलित नहीं होना चाहिए और वो प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं। विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि इस वैश्विक समय में स्टार्मर के नेतृत्व की जरूरत है। पूर्व उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने कहा कि स्टार्मर को उनका पूरा समर्थन है।

बिना चुनाव के भी ब्रिटेन में बदल सकता है पीएम
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, ब्रिटेन के संसदीय सिस्टम में प्रधानमंत्री बिना चुनाव के भी बदले जा सकते हैं, जैसा कि कंजर्वेटिव्स ने 2019-2024 में 3 बार किया था। हालात को देखते हुए कुछ लेबर सांसदों ने चेतावनी दी है कि नेतृत्व बदलाव से अराजकता बढ़ सकती है, जैसा टोरीज के साथ हुआ था।

कन्नौज में सड़क किनारे जमीन पर कब्जे की साजिश

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जिला कन्नौज थाना छिमरामऊ चौकी प्रेमपुर

फर्जी दस्तावेजों के सहारे दबंगों की कोशिश, 65 वर्षीय बुजुर्ग परेशान
जमीन विवाद का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां निवासी अनिल ने आरोप लगाया है कि उनके पिता मलखान सिंह (उम्र 65 वर्ष) की सड़क किनारे स्थित करीब 40 डिसमिल जमीन पर कुछ दबंग और दहशत फैलाने वाले लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार के अनुसार मुकेश, आदेश, मुनेश, तुलाराम सहित करीब 15 लोगों का एक समूह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपनी बताने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि दबाव और धमकी के जरिए बुजुर्ग मलखान सिंह को डराया जा रहा है, ताकि वे जमीन छोड़ने को मजबूर हो जाएं। यह जमीन मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण काफी कीमती बताई जा रही है।
अनिल का कहना है कि जमीन उनके पिता के नाम विधिवत दर्ज है, इसके बावजूद आरोपी पक्ष झूठे कागजातों के आधार पर कब्जे की साजिश रच रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जमीन की सुरक्षा की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला किसी बड़ी घटना में बदल सकता है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

 

आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीती थीं? तब देश में कितने वोटर्स थे

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10 फरवरी 1952 को आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव का परिणाम सामने आया था। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने कितनी सीटें जीती थीं और तब देश में कितने वोटर्स थे।भारत इस दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश में हर 5 साल में आम चुनाव का आयोजन कराया जाता है जिसकी मदद से जनता अप्रत्यक्ष तौर पर अपने देश के प्रधानमंत्री का चुनाव करती है। इसके अलावा भारत में राज्य विधानसभा और पंचायत स्तर के भी चुनाव का आयोजन होता है। ऐसे में 10 फरवरी की तारीख चुनाव को लेकर काफी खास है। आपको बता दें कि इसी तारीख को आजाद भारत के पहले लोकसभा के चुनाव परिणाम सामने आए थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पंडित जवाहर जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जीत हासिल की थी। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को कितनी सीटें हासिल हुई थी।

कब हुए थे चुनाव?
1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद साल 1949 में भारत में चुनाव आयोग का गठन किया गया था। इसके बाद 1950 में सुकुमार सेन देश के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बने। इसके करीब 1 महीने बाद भारत की संसद ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम को पारित किया था। इसी में संसद और राज्य विधानसभा के चुनाव आयोजित करवाने के तरीकों पर बात की गई थी। इसके बाद भारत में 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच लोकसभा चुनाव का आयोजन कराया गया। भारत के ज्यादातर हिस्सों में चुनाव 1952 में हुए लेकिन बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश में 1951 में वोटिंग करा ली गई। सिर्फ जम्मू और कश्मीर में चुनाव नहीं करा गए थे। जानकारी के मुताबिक, पहली लोकसभा के लिए चुनाव 68 चरणों में आयोजित किए गए थे।

1952 में देश में कितने वोटर्स थे?
1951 में हुआ पहली जनगणना के मुताबिक, भारत की आबादी 361,088,090 थी। तब इनमें से कुल 173,212,343 रजिस्टर्ड वोटर थे। इस दौरान 21 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिक वोटिंग के लिए पात्र थे। पहला लोकसभा चुनाव देश के लिए एक बड़ी चुनौती था। ऐसे में इस चुनाव में वोटर लिस्ट को टाइप करने और इकट्ठा करने के लिए 16,500 क्लर्कों को 6 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था। चुनाव के लिए कुल 196,084 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।

क्या रहा था चुनाव का परिणाम?
आजाद भारत में पहला लोकसभा चुनाव कुल 489 सीटों के लिए कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 1,949 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। जब 10 फरवरी को चुनाव के परिणम सामने आने शुरू हुए तो नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की 489 में से 249 सीट पर विजय हासिल कर बहुमत प्राप्त कर लिया। जब चुनाव के आखिरी परिणाम सामने आए तो कांग्रेस ने 45% वोट हासिल किए और 364 सीटों पर जीत हासिल की। सोशलिस्ट पार्टी को 11% वोट के साथ 12 सीटें मिलीं। वहीं, किसान मजदूर प्रजा पार्टी को 5.79 प्रतिशत वोट और 9 सीटें मिलीं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 3.29 फीसदी वोट और 16 सीटों पर जीत मिली। बाकी की सीटों पर अन्य दलों ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस की जीत के साथ ही जवाहरलाल नेहरू ने पीएम पद की शपथ ली थी।