बहराइच (उत्तरप्रदेश)।
उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले के छोटे से गांव ठेकेदार पुरोहा ज़ालिम नगर पुल का 19 वर्षीय रहीस आज सोशल मीडिया पर संघर्ष और हौसले की अनोखी मिसाल बनकर उभर रहा है। सीमित साधनों और कठिन हालातों के बावजूद वह अपने सपनों को मोबाइल कैमरे से पंख दे रहा है।
घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पिता फयाज मेहनत-मजदूरी से परिवार का सहारा बने हुए थे, लेकिन हाल ही में उनका एक्सीडेंट हो गया और पैर में फ्रैक्चर आ गया। मां सकीला भी घर चलाने के लिए संघर्ष करती हैं। तीन भाई-एक बहन में सबसे छोटा रहीस आज परिवार के भविष्य की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने की कोशिश कर रहा है।
रहीस कहता है –
“मम्मी-पापा दोनों मेहनत करते हैं… अब उनकी तबीयत खराब है। मैं चाहता हूं कि वीडियो बनाकर उनका सहारा बन सकूं।”
न कैमरा, न स्टूडियो… लेकिन हौसला सुपरस्टार जैसा
रहीस के पास न महंगे गैजेट हैं, न कोई टीम। सिर्फ मोबाइल से ही वह वीडियो शूट करता है, एडिट करता है और कभी छत पर, तो कभी खेतों के किनारे बैठकर स्क्रिप्ट लिखता है। उसके कंटेंट में गांव की सादगी, मां-बाप की मेहनत और एक बेटे का संघर्ष साफ झलकता है।
इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वह छोटे-छोटे वीडियो डालकर अपने हौसलों की कहानी लोगों तक पहुंचा रहा है। उसे भरोसा है कि एक दिन उसकी मेहनत रंग लाएगी और सोशल मीडिया की पहचान उसके परिवार की ज़िंदगी बदल देगी।
“उम्र छोटी, इरादे बड़े” – रहीस की प्रेरक मिसाल
रहीस का सपना सिर्फ वायरल होना नहीं है। वह चाहता है कि अपने गांव और जिले का नाम रोशन कर सके।
“मैं चाहता हूं कि सोशल मीडिया से कुछ अर्निंग हो, ताकि मम्मी-पापा का सहारा बन सकूं।”
मदद की गुहार
मीडिया से बातचीत में रहीस ने बताया –
“पापा का एक्सीडेंट हो गया था। पैर में फ्रैक्चर होने से वह काम नहीं कर पा रहे। दवाई और इलाज में खर्चा बहुत ज्यादा है। हम आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। प्रशासन और समाज से हमारी मदद की अपील है।”
समाज से अपील
रहीस जैसे बच्चों को न सिर्फ सराहना बल्कि अवसर भी मिलना चाहिए। उसकी मेहनत यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब संसाधनों की कमी के बाद भी कोई हार नहीं मानता, तो हमें उसकी मदद क्यों नहीं करनी चाहिए।
रहीस की इंस्टाग्राम ID: @rahees_comedy
आपसे अपील: उसके वीडियो देखें, शेयर करें और कमेंट करें, क्योंकि आपका एक क्लिक उसके लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।
ई-खबर की ओर से रहीस को सलाम!