बांग्लादेश के चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने वाली बीएनपी ने भारत के साथ संबंधों पर पहली प्रतिक्रिया दी है। बीएनपी मीडिया सेल के एक सदस्य ने भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने की बात कही है।ढाका: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीएनपी ने इस चुनाव में 213 सीटों पर विजय हासिल की है। इसके बाद बीएनपी का भारत के साथ भविष्य में संबंधों को लेकर पहला बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तारिक रहमान को जीत के लिए दिए गए बधाई संदेश के बाद दिया है। बीएनपी ने भारत के साथ संबंधों को सुधारने के संकेत दिए हैं।
भारत के साथ कैसा संबंध चाहती है बीएनपी?
बीएनपी मीडिया सेल के सदस्य सयरुल कबीर खान ने भारत के साथ संबंधों को सुधारने का संकेत दिया है। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा तारिक रहमान को दी गई बधाई के लिए शुक्रिया भी अदा किया है। कबीर ने कहा, हम भारत के प्रधानमंत्री तथा अन्य देशों के नेताओं और राजनयिकों से मिली बधाइयों का स्वागत करते हैं और उनका आभार व्यक्त करते हैं। हम उनके (पीएम मोदी के) समर्थन के लिए आभारी हैं और बांग्लादेश के हित में उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करना, हमारे बीएनपी चेयरमैन द्वारा निर्धारित दृष्टिकोण को लागू करने का लक्ष्य है। बता दें कि सयरुल कबीर खान बीएनपी मीडिया सेल के सदस्य हैं, जिन्होंने चुनाव परिणामों के बाद पार्टी की ओर से यह बयान दिया, जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से जीत मनाने, बलिदानों का सम्मान और तारिक रहमान के नेतृत्व में सुधारों पर जोर दिया गया है।
बीएनपी की जीत को बताया लोकतंत्र की जीत
सयरुल कबीर खान ने बीएनपी की जीत को लोकतंत्र की जीत बताया है। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है; यह बांग्लादेश की जीत है। लंबे समय से बीएनपी लोकतांत्रिक आंदोलन का हिस्सा रही है, जिसका नेतृत्व हमारे चेयरमैन तारिक रहमान ने किया। इस नेतृत्व ने हमें यह सफलता दिलाई है। इस लोकतांत्रिक विजय को और प्रभावी बनाने के लिए, हमारे चेयरमैन ने पहले ही निर्देश जारी कर दिया है। हमें अत्यधिक उत्सव या जश्न में शामिल नहीं होना चाहिए। इसके कई कारण हैं, सबसे महत्वपूर्ण कारण हमारी संघर्ष के दौरान दिए गए अपार बलिदान हैं। हमारे सैकड़ों-हजारों कार्यकर्ता शहीद हुए हैं, कई लापता हो गए हैं, और लाखों ने कष्ट सहे हैं।
खालिदा को बताया लोकतंत्र की मां
कबीर ने कहाकि हम जुलाई और अगस्त 2024 के जन-आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों को भी याद करते हैं। हम उनके प्रति सम्मान दिखाने के लिए बाध्य हैं और उनके बलिदानों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि हम ‘लोकतंत्र की मां’ बेगम खालिदा जिया को भी गहन श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनका हाल ही में निधन हो गया है। उनके सम्मान में और आज के हमारे कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, हम प्रार्थना का आह्वान कर रहे हैं। हम सभी धर्मों के लोगों से अनुरोध करते हैं कि देश भर में मस्जिदों और अन्य धार्मिक संस्थानों में इकट्ठा होकर इस विजय की सफलता और हमारे राष्ट्र के भविष्य के लिए प्रार्थना करें। हमारा लक्ष्य तारिक रहमान के नेतृत्व में एक समृद्ध ‘कल्याणकारी राज्य’ का निर्माण करना है। हम उनके 31-सूत्रीय राष्ट्रीय सुधार और विकास योजना के प्रति प्रतिबद्ध हैं।


