भारत और पाकिस्तान की टीम के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला गया, जिसको लेकर पूरा वर्ल्ड क्रिकेट काफी बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इस मैच को पहले से ही ये संभावना जताई जा रही थी कि टीम इंडिया मुकाबले को आसानी से अपने नाम कर लेगी, जिसमें ऐसा ही कुछ देखने को भी मिला। पाकिस्तानी टीम जो मैच से पहले अपने फर्जी बयानों के जरिए खुद को मजबूत बताने का प्रयास कर रही थी, उसको मुकाबले में हार मिलने के साथ उनकी टीम के हेड कोच माइक हेसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्लेयर्स की पोल पट्टी खोलकर रख दी। पाक टीम के हेड कोच ने इस बात को कबूल किया कि उनके खिलाड़ी इस अधिक दबाव वाले मैच में पूरी तरह से बिखर गए।
हमारे खिलाड़ी सुपरमैन की तरह खेलकर दिलाना चाहते थे जीत
पाकिस्तान को टीम इंडिया के खिलाफ मैच में 61 रनों से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए टीम के हेड कोच माइक हेसन ने कहा कि जब आपके ऊपर दबाव होता है, तब क्या आप अपनी बुनियादी तकनीक पर टिके रहते हैं या उससे भटक जाते हैं? आज दबाव ने हमें अपनी राह से भटका दिया। हमारे खिलाड़ी सुपरमैन की तरह खेलकर मैच को जल्दी खत्म कर उसे जीतना चाहते थे, जो संभव नहीं था। ड्रेसिंग रूम में फिलहाल बहुत निराशा है। पाकिस्तान के खिलाड़ी जानते हैं कि हमारे लिए इस मैच की अहमियत क्या थी। हमें अब इस हार से उबर कर आगे की तरफ देखना होगा क्योंकि टूर्नामेंट में हमेशा चीजें आपके पक्ष में नहीं होतीं।
टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला सही था हमारा
भारतीय टीम के खिलाफ इस मैच में पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था, जिसके बाद टीम इंडिया कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम की इस धीमी पिच पर 175 रनों का स्कोर बना दिया। माइक हेसन ने टॉस के फैसले का बचाव किया जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों टीमें पहले बॉलिंग करने वाली थीं क्योंकि पिच थोड़ी स्पंजी थी, जिसमें दूसरी पारी के मुकाबले पहली पारी में पिच से स्पिन गेंदबाजों को अधिक मदद मिलनी थी। इस वजह से टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लेना बिल्कुल भी गलत नहीं था। वहीं हेसन ने इस बात को भी माना कि भारतीय टीम ने इस पिच पर जो स्कोर बनाया था वह औसत से 30 से 25 रन ज्यादा था।


