रायपुर (छत्तीसगढ़)। राजधानी रायपुर के भनपुरी क्षेत्र से मजदूरों के शोषण और ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। झारखंड के रहने वाले मजदूरों ने आरोप लगाया है कि घर निर्माण के लिए बुलाए गए ठेकेदार ने उनसे काम तो करा लिया, लेकिन मेहनताना देने में आनाकानी कर रहा है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें कई दिनों से न तो भुगतान मिला है और न ही खाने-पीने तक के लिए पैसे दिए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार का नाम रविउल रहमान बताया जा रहा है, जो भिलाई-रायपुर क्षेत्र के एम एन संडक पारा का निवासी है। मजदूरों को रायपुर के भनपुरी स्थित विक्रम नगर (थाना खमतराई, पिन कोड 493221) में स्थानीय मकान निर्माण कार्य के लिए बुलाया गया था। मजदूरों का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भी उन्हें उनका पूरा भुगतान नहीं किया गया।
पीड़ित मजदूरों के अनुसार, कुल काम लगभग 3 लाख 10 हजार रुपये का हुआ, जिसमें से केवल 1 लाख 45 हजार रुपये ही दिए गए हैं, जबकि करीब 1 लाख 65 हजार रुपये अब भी बकाया है। मजदूरों का कहना है कि वे लगातार अपने पैसे की मांग कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार टालमटोल कर रहा है और कोई ठोस जवाब नहीं दे रहा।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने उन्हें खाने तक के पैसे नहीं दिए, जिससे उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गई है। बाहर राज्य से आए इन मजदूरों के सामने अब रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
पीड़ितों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और जल्द से जल्द बकाया राशि दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
इस मामले ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में लगे असंगठित मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।


