आगरा | जगदीशपुरा
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने ही ससुराल पक्ष पर लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि उसे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका सता रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के किशोरपुरा आगरा का है। पीड़िता नेहा राठौर, पत्नी भारत, ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2022 में हुई थी। पति भारत ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और अधिकतर समय काम पर बाहर रहते हैं। नेहा का आरोप है कि जब पति घर पर नहीं होते, तब उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे निशाना बनाते हैं।
नेहा के अनुसार, उसके ताऊ केशव देव और ताऊ का बेटा प्रशांत उसके ससुर खूबचंद को आए दिन शराब पिलाकर ओर सास मंजू को शिखा कर घर में हंगामा करवाते हैं। शराब के नशे में गाली-गलौज, मारपीट और अपमान आम बात हो गई है। नेहा का कहना है कि उसके ससुर खूबचंद खुलेआम कहते हैं कि “तुझे जान से मरवा देंगे, तेरा कहीं पता भी नहीं चलेगा, हमारी पहुंच बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों तक है।”
पीड़िता का आरोप है कि पति भारत के ताऊ केशव देव और अन्य परिजन, भारत के पिता खूबचंद को शराब पिलाकर उकसाते हैं और कहते हैं कि “तू अपनी बहु को फ्री में लेकर आया है, उसके मायके से पैसे मंगवा।” यही नहीं, नेहा का कहना है कि जब वह अकेली होती है तो आरोपित उसके कमरे में घुसकर धमकाते हैं और कहते हैं कि “अगर इस घर से नहीं गई तो रोज ऐसा ही व्यवहार करेंगे।” उसे कई बार यह भी कहा गया कि “तुझे जिंदा जला देंगे और घर में रहने नहीं देंगे।”
नेहा ने यह भी आरोप लगाया है कि 25 दिसंबर 2025 को ताऊ ससुर ने उसकी पत्नी को जहर पिला कर जान से मारने की कोशिश भी की थी, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है। लगातार प्रताड़ना, बदनामी और सामाजिक अपमान के कारण नेहा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है।
पीड़िता ने बताया कि उसने थाना जगदीशपुरा में शिकायत कराने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। अंततः मजबूर होकर उसने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
नेहा ने मांग की है कि थाना प्रभारी जगदीशपुरा को तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि उसकी जान और सम्मान की रक्षा हो सके।
यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जब एक पीड़िता बार-बार गुहार लगाने के बावजूद न्याय नहीं पा रही, तो उसे सुरक्षा कैसे मिलेगी। अब सबकी नजरें प्रशासन और शासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
