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पुराने समझौते के बाद विवाहिता के रहस्यमय ढंग से लापता होने से मामला गहराया, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

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विशेष संवाददाता की रिपोर्ट

गौतम बुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एक विवाहिता के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और शीघ्र बरामदगी की मांग की है। मामले में वर्ष 2024 का एक समझौतानामा भी चर्चा में आया है, जिसमें पति-पत्नी के बीच पूर्व में हुए विवाद को गांव समाज के मौजिज व्यक्तियों की मौजूदगी में सुलझाए जाने का उल्लेख है।

पीड़ित अजीत ने बताया कि उनकी बहन शशि रावल की शादी वर्ष 2007 में सुंदर रावल उर्फ मोगली से हुई थी। दंपति के दो बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र लगभग 16 वर्ष और दूसरा करीब 7 वर्ष का है। अजीत का आरोप है कि शादी के बाद से उनकी बहन को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि सुंदर रावल उर्फ मोगली नशा करता है, गांजा पीता है तथा नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों का घर पर आना-जाना रहता था। जब शशि इसका विरोध करती थीं तो उनके साथ मारपीट की जाती थी।

अजीत के अनुसार उनका घर बहन के घर के पास ही है और जब भी विवाद की जानकारी मिलती थी तो परिवार समझाने पहुंच जाता था। उनका कहना है कि उनकी बहन कभी भी बिना बताए घर छोड़कर नहीं गई और न ही रिश्तेदारों से संपर्क तोड़ा। इसलिए अचानक उसका लापता होना किसी गंभीर साजिश की ओर इशारा करता है।

अजीत ने बताया कि 11 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे उन्होंने अपनी बहन से बात करने के लिए फोन किया, लेकिन सुंदर रावल उर्फ मोगली ने यह कहकर बात नहीं कराई कि वह बात नहीं करना चाहती। दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि शशि का कोई पता नहीं चल रहा है। जब बड़े बेटे से पूछताछ की गई तो उसने कथित रूप से बताया कि उसके पिता उसे बिरयानी लेने भेजकर घर से बाहर कर दिए थे। इसी दौरान उसकी मां रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई।

पीड़ित का आरोप है कि जब वह बहन की तलाश में उसके घर पहुंचे तो सुंदर रावल उर्फ मोगली की बहन मनसा के पति योगेश, जो दादरी के पास दादूपुर गांव के निवासी बताए जाते हैं, वहां मौजूद मिले। अजीत का कहना है कि योगेश ने उन्हें बताया कि सुंदर रावल उर्फ मोगली गाड़ी की चाबी लेकर कहीं गया है। अजीत ने संदेह व्यक्त किया है कि इस पूरे मामले में सुंदर रावल उर्फ मोगली के साथ उसकी बहन मनसा और बहनोई योगेश की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

इसी बीच वर्ष 2024 का एक समझौतानामा भी सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार, 8 जुलाई 2024 को सुंदर रावल उर्फ मोगली और शशि रावल के बीच आपसी विवाद को लेकर गांव समाज के मौजिज व्यक्तियों की मौजूदगी में समझौता कराया गया था। समझौते में उल्लेख है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी मनमुटाव के कारण शशि रावल अपने मायके में निवास कर रही थीं, लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने साथ रहकर पति-पत्नी के रूप में सुखपूर्वक गृहस्थ जीवन व्यतीत करने पर सहमति जताई थी।

समझौते में यह भी उल्लेख है कि दोनों पक्ष और उनके परिवारजन एक-दूसरे के विरुद्ध गलत टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे, किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं करेंगे तथा प्रथम पक्ष द्वारा द्वितीय पक्ष के साथ शराब पीकर गाली-गलौज या मारपीट नहीं की जाएगी। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि यदि द्वितीय पक्ष के साथ मारपीट के दौरान कोई घटना घटित होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रथम पक्ष की होगी। यह समझौतानामा उत्तर प्रदेश के ई-स्टाम्प पर निष्पादित और नोटरीकृत बताया गया है।

अजीत ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन की हत्या कर शव को कहीं ठिकाने लगा दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बच्चों को डराया-धमकाया जा रहा है ताकि वे घटना के संबंध में किसी को कुछ न बता सकें। परिवार का कहना है कि जब तक शशि का पता नहीं चलता, तब तक हर पहलू की गहन जांच की जानी चाहिए।

परिजनों ने पुलिस से महिला का जल्द पता लगाने, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों से पूछताछ सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक महिला का कोई पता नहीं चल सका था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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