मोतिहारी, पूर्वी चंपारण।
जिले के रहने वाले अनिल शर्मा इन दिनों अपने सात वर्षीय बेटे आकाश कुमार के इलाज को लेकर बेहद परेशान हैं। जन्म के समय से ही गंभीर रूप से विकलांग आकाश का शरीर किसी भी तरह की सक्रिय गतिविधि नहीं करता। परिवार के अनुसार, आकाश को बैठा दिया जाए तो वह उसी स्थिति में बैठा रहता है, खड़ा कर दिया जाए तो बिना किसी हरकत के खड़ा ही रह जाता है। न तो वह स्वयं खाना खा पाता है और न ही अपने मन से कोई भी सामान्य गतिविधि कर पाता है।
अनिल शर्मा बताते हैं कि बच्चे के लिए अब तक कई बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया गया, मगर डॉक्टरों का कहना है कि आकाश की स्थिति का कोई स्थायी इलाज संभव नहीं है। विशेषज्ञों ने परिवार को केवल नियमित फिजियोथेरपी और एक्सरसाइज कराने की सलाह दी है, ताकि उसकी शारीरिक स्थिति में कुछ सुधार संभव हो सके।
माता–पिता की अथक कोशिशों के बावजूद अब तक आकाश की हालत में कोई बड़ा सुधार नहीं हो पाया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए लगातार इलाज, फिजियोथेरपी और देखभाल का खर्च उठाना दिन–प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। मजबूरी में अब अनिल शर्मा मीडिया और समाज से मदद की गुहार लगा रहे हैं, ताकि उनके बेटे का इलाज बेहतर ढंग से जारी रह सके और वह सामान्य जिंदगी जीने की उम्मीद पा सके।
अनिल शर्मा का कहना है, “हमने हर संभव कोशिश की, लेकिन अब हम अकेले सक्षम नहीं हैं। अगर समाज और सरकार की मदद मिल जाए, तो शायद हमारा बच्चा भी बेहतर जीवन पा सके।”
बेटे की गंभीर स्थिति और परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए क्षेत्र के लोग भी प्रशासन और सामाजिक संगठनों से आगे आकर मदद करने की अपील कर रहे हैं।
यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को उजागर करता है, बल्कि उन सभी जरूरतमंद बच्चों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है जो उचित इलाज और संसाधनों के अभाव में संघर्ष कर रहे


