Tuesday, June 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeNationalसुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे 5 नए जज, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी,...

सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे 5 नए जज, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, अभी भी एक पद खाली

सुप्रीम कोर्ट में कुल 38 जज हो सकते हैं, लेकिन पांच नए जज की नियुक्ति के बाद भी कुल 37 जज ही होंगे। एक पद खाली रहेगा, जिसे भविष्य में भरा जाएगा। सरकार ने पिछले महीने कानून में बदलाव कर सुप्रीम कोर्ट में अधिकतम जज की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है।सुप्रीम कोर्ट को पांच नए जज मिल चुके हैं। जल्द ही ये सभी जज अपना पद ग्रहण करेंगे। सोमवार को पांच नए जज की नियुक्ति की गई। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट में जज की संख्या बढ़कर 37 हो गई। हालांकि, अभी भी सुप्रीम कोर्ट में एक जज की जगह खाली है, क्योंकि नए कानून के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में अधिकतम 38 जज हो सकते हैं। केंद्रीय विधि मंत्रालय के न्याय विभाग ने सोमवार सुबह अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर पांच नए जज की नियुक्ति के बारे में बताया।

उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। इनके शपथ लेने और पदभार ग्रहण करने के बाद उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या औपचारिक रूप से 37 हो जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर दी जानकारी
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर लिखा कि भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत चार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है।

कॉलेजियम ने 27 मई को की थी सिफारिश
सरकार ने पिछले महीने एक कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया था, जिसके तहत भारत के प्रधान न्यायाधीश सहित शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई। न्यायालय में पहले से ही दो पद खाली थे। स्वीकृत संख्या बढ़ाए जाने के बाद शीर्ष अदालत में कुल छह पद खाली हो गए थे। उच्चतम न्यायालय में सोमवार को पांच नियुक्तियों के बाद एक पद खाली रहेगा। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने 27 मई को इन पांच नामों की सिफारिश की थी और चार दिन के भीतर नियुक्तियां कर दी गईं।

लंबित मामले कम होने की उम्मीद
इस विस्तार का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को कम करना और अधिक नियमित संविधान पीठों के गठन को सक्षम बनाना है। उम्मीद है कि ये नई नियुक्तियां न्यायालय की क्षमता को मजबूत करेंगी और न्यायिक नियुक्तियों में वरिष्ठता, योग्यता, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और लैंगिक विविधता के पहलुओं को भी दर्शाएंगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments