रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से एक महिला की पारिवारिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता सुखवंती सोनवानी ने आरोप लगाया है कि पति की पहली पत्नी के बच्चों द्वारा वर्षों से उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। महिला का कहना है कि उसे लगातार यह कहकर अपमानित किया जाता है कि इस घर और पुश्तैनी संपत्ति में उसका कोई अधिकार नहीं है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं और घर से निकालने की कोशिश की जाती है। पीड़िता ने थाना प्रभारी से शिकायत कर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता सुखवंती सोनवानी के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2013 में देवकरण सोनवानी से हुई थी। देवकरण की पहली पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था, जिनसे चार बच्चे हैं। वर्तमान में सुखवंती और देवकरण के भी दो बच्चे हैं। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही सौतेले बेटे और अन्य परिजन उसे स्वीकार नहीं कर पाए और लगातार प्रताड़ित करते रहे।
शिकायत के अनुसार, 26 जून 2026 को शाम करीब आठ बजे जब सुखवंती अपने घर में खाना बना रही थी, तभी उसका सौतेला बेटा सुनील सोनवानी घर में घुस आया और कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। महिला का आरोप है कि उसके कपड़े खींचने की कोशिश की गई, उसके साथ अभद्र हरकत की गई और उसे अपमानित करते हुए चरित्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। विरोध करने पर आरोपी ने कथित रूप से डंडा और टंगिया लेकर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि सुनील सोनवानी के साथ सुखसुंदर सोनवानी, मुखचंद सोनवानी और अन्य परिजन भी आए दिन उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। उसे बार-बार कहा जाता है कि इस मकान और खेत में उसका कोई हिस्सा नहीं है तथा उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया जाएगा। महिला का कहना है कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे वह भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर है।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका सौतेला बेटा सुनील सोनवानी उपसरपंच है और अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर शिकायतों को दबवा देता है। पीड़िता का कहना है कि कई बार थाने में शिकायत करने के बावजूद प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उसे न्याय नहीं मिल पाया। उसने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष पुलिस पर प्रभाव डालकर कार्रवाई रुकवा देता है, जिसके कारण उसका परिवार लगातार असुरक्षा की स्थिति में जी रहा है।
सुखवंती सोनवानी का कहना है कि उसके आगे-पीछे कोई सहारा नहीं है और वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही है। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे और उसके बच्चों को सुरक्षा तथा न्याय मिल सके।
फिलहाल पुलिस ने महिला की शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


