कैमूर। बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। भौरई गांव निवासी प्रेम बिन्द ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2016 के दौरान एक गंभीर घटना में उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई थी, लेकिन अब उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
प्रेम बिन्द, जो जासलोचन बिन्द के पुत्र हैं और चैनपुर प्रखंड के भौरई गांव के निवासी हैं, का कहना है कि वर्ष 2016 में लॉकडाउन के दौरान वह एक कंपनी में कार्यरत थे। इसी दौरान परिसर में एक संदिग्ध बम रखा हुआ मिला। आरोप है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने साहस दिखाते हुए बम को वहां से हटाया, जिससे एक बड़े हादसे को टाल दिया गया और कई लोगों की जान बच गई।
पीड़ित के अनुसार, घटना के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। उनका आरोप है कि विश्व तिवारी नामक व्यक्ति उन्हें रमाकांत थाना क्षेत्र में ले गए, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। प्रेम बिन्द का कहना है कि उस समय उन्होंने किसी प्रकार की चर्चा किए बिना चुपचाप बम को हटाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
प्रेम बिन्द का यह भी कहना है कि उनके भाई विनोद के पास इस पूरी घटना से जुड़े दस्तावेज, लिखित विवरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे, लेकिन समय के साथ उनके भाई का निधन हो गया। इसके बाद से उनके पास उपलब्ध कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रभावित हो गईं।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि विश्व नंद तिवारी, जो पशु विभाग में कार्यरत बताए जा रहे हैं, लगातार उनका पीछा कर रहे हैं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से दबाव और भय के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
प्रेम बिंन्द जी ने बोला कि विश्वनंद तिवारी और थाना प्रभारी नीतू मैडम इन्होंने कंप्लेंट नहीं ली
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि पीड़ित के पास उपलब्ध अन्य साक्ष्य और दस्तावेज सामने आते हैं, तो यह मामला और भी महत्वपूर्ण रूप ले सकता है।
फिलहाल, संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।


