जखनिया गाजीपुर। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। क्षेत्र की एक पीड़ित महिला ने स्थानीय थानाध्यक्ष के रवैये से परेशान होकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उसकी शिकायत पर थाना स्तर पर न तो कोई प्रभावी कार्रवाई की गई और न ही उसे न्याय दिलाने का प्रयास हुआ। उल्टा कार्रवाई के नाम पर उसका ही चालान कर दिया गया जबकि विपक्षी पक्ष खुलेआम जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर पहुंचने के बजाय विपक्षी पक्ष के घर में बैठी रही। इससे आहत होकर महिला ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में थानाध्यक्ष पर विपक्षियों से पैसे लेकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। उसने कहा कि इस पूरे मामले से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है और उसे अपनी जान का खतरा भी महसूस हो रहा है।
मामले की जड़ में धार्मिक आस्था से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। पीड़िता शशि पांडे का कहना है कि वह पिछले लगभग पैंतीस वर्षों से दुर्गा देवी की पूजा करती आ रही हैं। इस दौरान गांव के ही कुछ लोगों रुदल पांडे उनके पिता स्वर्गीय केशव पांडे राजेश पांडे उनकी पत्नी अंजू देवी गुड़िया देवी उनके पति मुकेश तिवारी मंगल पांडे और भानु देवी द्वारा लगातार विवाद खड़ा किया जा रहा है। आरोप है कि ये लोग हवन कुंड तक नहीं बनने दे रहे हैं और बार बार लाठी डंडे से हमला कर माहौल खराब कर रहे हैं।
पीड़िता ने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी विपक्षी पक्ष ने हद पार करते हुए कलश तक फेंक दिया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इस घटना की सूचना 25 मार्च को थाना प्रभारी को दी गई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर पीड़िता ने अब प्रशासन से सीधी गुहार लगाई है कि उसे न्याय दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल पुलिस की छवि को धूमिल करेगा बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करेगा। ऐसे में उच्च अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई अत्यंत आवश्यक हो गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और पीड़ित महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं।


