Wednesday, March 18, 2026
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ऑर्केस्ट्रा संचालक पर बंधक बनाकर रखने और वेतन हड़पने का आरोप, शादी के बाद पति को फंसाने की बात; पीड़िता ने प्रशासन से लगाई गुहार

भागलपुर/चंपानगर। चंपानगर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला कलाकार ने अपने ऑर्केस्ट्रा संचालक पर बंधक बनाकर रखने, वेतन न देने और शादी के बाद उसके पति को झूठे मामले में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता आरती उर्फ पायल और उसके पिता बिरजू राय ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, वह पिछले चार वर्षों से ऑर्केस्ट्रा संचालक संतोष के साथ काम कर रही थी। इस दौरान उससे लगातार काम कराया गया, लेकिन उसका मेहनताना नहीं दिया गया। आरती उर्फ पायल का आरोप है कि उसे घर जाने की अनुमति तक नहीं दी जाती थी और उसे एक तरह से बंधक बनाकर रखा गया। इस वजह से वह लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रही और मानसिक रूप से परेशान होती रही।

आरती ने बताया कि हाल ही में उसने चंपानगर निवासी सूरज के साथ अपनी मर्जी से शादी की है, जिसे करीब 10 दिन हो चुके हैं। दोनों परिवार इस विवाह से सहमत हैं और वह अपने पति के साथ सामान्य जीवन जीना चाहती है। लेकिन आरोप है कि ऑर्केस्ट्रा संचालक संतोष इस शादी के खिलाफ है, क्योंकि उसे डर है कि आरती उसके काम से अलग हो जाएगी और उसका आर्थिक नुकसान होगा।

पीड़िता का कहना है कि इसी कारण संतोष ने साजिश के तहत उसके पति सूरज को झूठे मामले में फंसा दिया और जेल भिजवा दिया। साथ ही पुलिस को यह कहकर गुमराह किया गया कि आरती उसके स्टाफ की सदस्य है और सूरज उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से सूरज का परिवार भी गहरे तनाव में है।

आरती उर्फ पायल और उसके पिता बिरजू राय ने यह भी मांग की है कि पिछले चार महीनों का बकाया वेतन, जो अभी तक ऑर्केस्ट्रा संचालक के पास है, उन्हें वापस दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को जिस तरह बंधक बनाकर रखा गया, उसे सुरक्षित वापस घर भेजा जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पीड़िता ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए, ताकि उसे और उसके परिवार को न्याय मिल सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए दूसरों के जीवन और स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

 

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