Home National सीमापुरी में विवाहिता का सनसनीखेज आरोप, पति-ससुराल पक्ष पर सामूहिक साजिश, दुष्कर्म...

सीमापुरी में विवाहिता का सनसनीखेज आरोप, पति-ससुराल पक्ष पर सामूहिक साजिश, दुष्कर्म और छठी मंजिल से धक्का देने का दावा; पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

0

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सीमापुरी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने महिला सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरानी सीमापुरी निवासी समरीन ने अपने पति, ससुराल पक्ष और कुछ अन्य लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी वर्ष 2020 में मुस्लिम रीति-रिवाज से शाहनवाज के साथ हुई थी। विवाह के कुछ वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन संतान न होने के बाद उसके साथ कथित रूप से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू हो गई।

पीड़िता का आरोप है कि उसके पति शाहनवाज, सास नसीमा, ननद रोशन, नंदोई मोनिस मलिक तथा उनके सहयोगियों अब्दुल समद और अरमान मलिक ने मिलकर उसके विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा। शिकायत में दावा किया गया है कि अप्रैल 2026 के दौरान उसे कई दिनों तक गलत तरीके से बंधक बनाकर रखा गया तथा उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

समरीन ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह शिकायत लेकर सीमापुरी थाने पहुंची तो पुलिस ने तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। उसका दावा है कि शिकायत के बावजूद उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया और बाद में उसे माफी मांगकर ससुराल लौटने के लिए राजी किया गया।

पीड़िता के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 की शाम जब वह अपने ससुराल पहुंची तो वहां मौजूद पति शाहनवाज, सास नसीमा, ननद रोशन, नंदोई मोनिस मलिक तथा अन्य लोगों ने कथित रूप से जान से मारने की नीयत से उसे छठी मंजिल से नीचे धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद आसपास के लोगों ने उसे जीटीबी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार हुआ और उसके ऑपरेशन भी किए गए। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी न तो अस्पताल पहुंचे और न ही उसकी कोई सहायता की।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल में पुलिस द्वारा उसके बयान पूरी तरह दर्ज नहीं किए गए और उसकी शिकायत के अनुरूप गंभीर धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया गया। उसका कहना है कि पुलिस ने केवल सीमित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले को कमजोर करने का प्रयास किया, जबकि उसने दुष्कर्म, आपराधिक षड्यंत्र, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगाए थे। उसने संबंधित पुलिसकर्मी पर भी अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

समरीन ने उच्च पुलिस अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, उसके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष पड़ताल की जाए, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सभी आरोपियों तथा कथित रूप से लापरवाही बरतने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उसने अपनी जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version