पूर्वी चम्पारण, बिहार।
पूर्वी चम्पारण जिले के दुमरिया घाट थाना क्षेत्र के हुसैनी गांव से दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और दूसरी शादी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता निसु देवी ने अपने पति, सास और परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज की मांग, मारपीट, घर से निकालने और अब पति द्वारा दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना दुमरिया घाट में लिखित शिकायत देकर न्याय और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता निसु देवी, पत्नी विटेश महतो, निवासी हुसैनी, थाना दुमरिया घाट, जिला पूर्वी चम्पारण का कहना है कि लगभग छह वर्ष पहले उनका विवाह हिंदू रीति-रिवाज से विटेश महतो के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में एक लाख रुपये और नई मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर उनके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई।

निसु देवी का कहना है कि सास सोनी देवी सहित ससुराल के अन्य लोग अक्सर उन्हें ताने देते थे और कहते थे कि जब तक मायके से एक लाख रुपये और मोटरसाइकिल नहीं आएगी, तब तक उन्हें घर में रहने नहीं दिया जाएगा। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।
पीड़िता का आरोप है कि उनके माता-पिता बेहद गरीब हैं और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे दहेज की मांग पूरी नहीं कर सके। इसी बात को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया और अंततः ससुराल से अलग कर दिया गया।
निसु देवी ने बताया कि जब उन्होंने अपने पति से फोन पर बात कर घर वापस रखने की गुहार लगाई तो पति ने भी कथित रूप से साफ कह दिया कि पहले दहेज लेकर आओ, तभी घर में रहने दिया जाएगा। इसके बाद पति ने उनसे संबंध लगभग खत्म कर दिए।
पीड़िता का आरोप है कि करीब दस से बारह दिन पहले उनके पति विटेश महतो ने दूसरी महिला से शादी कर ली। उनका कहना है कि सास सोनी देवी अपने बेटे को अपने साथ लेकर चली गईं और दूसरी शादी करा दी। इस घटना के बाद से वह पूरी तरह अकेली पड़ गई हैं।
निसु देवी ने बताया कि फिलहाल उनके ससुर कभी-कभी उनके खर्च के लिए कुछ आर्थिक सहायता देते हैं, लेकिन वह पर्याप्त नहीं होती। अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए वह सिलाई का काम कर किसी तरह जीवनयापन कर रही हैं।
पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और पति द्वारा कथित दूसरी शादी के मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
हालांकि, इस पूरे मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि यदि शिकायत प्राप्त हुई है तो आरोपों की जांच के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


