मऊ (उत्तर प्रदेश)। जिले के गोकुलपुरा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही अब बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गांव के मुख्य आम रास्ते पर लगाए गए हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है। यही रास्ता गांव के लोगों, बच्चों और मवेशियों के आने-जाने का एकमात्र साधन है, लेकिन खुले में लगा यह ट्रांसफॉर्मर अब खतरे की घंटी बन चुका है।
गांव निवासी के अनुसार, जब इस ट्रांसफॉर्मर को लगाया जा रहा था, तभी उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि गांव में पर्याप्त खाली जगह होने के बावजूद भी इसे जानबूझकर आम रास्ते पर स्थापित कर दिया गया। अब हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चे उसी रास्ते पर खेलते हैं और मवेशी भी वहीं से गुजरते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत ग्राम सरपंच से लेकर बिजली विभाग तक कई बार की जा चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। “आज कर देंगे, कल कर देंगे” कहकर मामला टाल दिया जाता है, लेकिन ट्रांसफॉर्मर को शिफ्ट करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो जाती है क्योंकि ट्रांसफॉर्मर के आसपास कोई बाउंड्री या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। निकासा रोड पर खुले में लगा यह हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर बच्चों और जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिरकार किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार क्यों किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्तमान में विदेश (अबू धाबी, दुबई) में काम करते हैं, लेकिन उनका परिवार गांव में ही रहता है। परिवार के छोटे-छोटे बच्चे रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ट्रांसफॉर्मर को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और उचित बाउंड्री बनाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।


