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गोसाईगंज में बेखौफ चोरों का आतंक: दो सगे भाइयों के घरों से नकदी व जेवरात चोरी, संदिग्धों के नाम देने के बावजूद पुलिस पर जांच न करने का आरोप

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लखनऊ (गोसाईगंज)।

राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में चोरी की एक सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही रात में दो सगे भाइयों के घरों को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने नकदी और कीमती जेवरात पर हाथ साफ कर दिया, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो चोरी का खुलासा हो सका है और न ही कोई बरामदगी हुई है।

पीड़ित लल्लूराम पुत्र स्वर्गीय मिश्रीलाल, निवासी ग्राम गौरियाकला, कोतवाली गोसाईगंज, जनपद लखनऊ ने बताया कि उनका मकान उनके भाई विनोद कुमार कश्यप के मकान से सटा हुआ है। दिनांक 8 जनवरी 2026 की रात, अज्ञात चोरों ने दोनों मकानों के ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दिया और आराम से फरार हो गए।
पीड़ितों के अनुसार चोर सोने-चांदी के जेवरात, कीमती बर्तन, कपड़े और करीब 20 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। सुबह जब परिवार के लोग जागे तो टूटे ताले और बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए। वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई पूंजी एक ही रात में गायब हो चुकी थी।

इस मामले में पीड़ित विनोद कुमार कश्यप ने मीडिया से बातचीत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि चोरी के समय वे रोज़गार के सिलसिले में मुंबई में मौजूद थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद जब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी पुलिस को बताए, जिनसे उनका पुराना विवाद चल रहा था।

विनोद कुमार का आरोप है कि उन्होंने जिन लोगों पर शक जताया, वे सभी उनके घर के ठीक सामने रहते हैं और गांव के ही निवासी हैं। संदिग्धों के नाम अशर्फीलाल, रामदीन बाबा, अयोध्या प्रसाद, लखन लाल, वीरेंद्र और रजनीश बताए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि इन लोगों से पहले भी विवाद हो चुका है और उसी रंजिश के चलते चोरी की घटना को अंजाम दिया गया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुलिस ने न तो इन नामजद संदिग्धों से पूछताछ की और न ही कोई ठोस जांच-पड़ताल की। विनोद कुमार का दावा है कि गांव के लोगों से उन्हें जानकारी मिली है कि आरोपी खुलेआम कहते फिरते हैं कि “जो हम कहें वही करना पड़ेगा, हम वकील हैं, छुड़वाने का काम हमारा है”, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लगातार थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। चोरी की बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है और लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से चोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

हताश पीड़ित परिवार ने अब मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, नामजद संदिग्धों से तत्काल पूछताछ हो, अज्ञात चोरों को गिरफ्तार किया जाए और चोरी गया सामान जल्द से जल्द बरामद कर पीड़ितों को दिलाया जाए। परिवार का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।

 

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