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कटिहार में 22 वर्षीय महिला तीन बच्चों के साथ बेसहारा, पति ने दूसरी शादी की, प्रेमी ने भी छोड़ा, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद

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कटिहार (बिहार)।
जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय महिला सोनी आज अपने तीन छोटे बच्चों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। सोनी का कहना है कि न तो उसका पति उसे अपनाने को तैयार है और न ही वह व्यक्ति, जिसने जीवन भर साथ निभाने का वादा किया था।

सोनी, जो कटिहार जिले की रहने वाली है, की शादी करीब 10 साल पहले अरविंद ऋषि से हुई थी। कम उम्र में शादी के बाद सोनी तीन बच्चों की मां बनी। शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब तीन साल पहले उसकी जान-पहचान राजकुमार नामक युवक से हुई। यह जान-पहचान धीरे-धीरे गहरी होती चली गई।

सोनी का आरोप है कि जब इस संबंध की जानकारी उसके पति अरविंद को हुई, तो उसने सोनी को छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली। पति द्वारा छोड़े जाने के बाद सोनी पूरी तरह टूट गई और उसे सहारे की तलाश थी। इसी दौरान राजकुमार ने उससे शादी का वादा किया और यहां तक कहा कि वह उसके बच्चों को भी अपने साथ रखेगा।

महिला का कहना है कि राजकुमार के आश्वासन पर उसने भविष्य की उम्मीद बांधी, लेकिन अब वही राजकुमार पीछे हट गया है। न तो वह शादी करने को तैयार है और न ही बच्चों की जिम्मेदारी उठाने को। राजकुमार उसे छोड़कर चला गया है और संपर्क भी तोड़ लिया है।

अब स्थिति यह है कि सोनी का पति अरविंद दूसरी शादी कर चुका है और उसे अपनाने से साफ इनकार कर रहा है, जबकि राजकुमार ने भी सभी वादे तोड़ दिए हैं। तीन बच्चों की मां सोनी के सामने न रहने की जगह है, न कोई सहारा और न ही कोई स्थायी आय का स्रोत।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब सोनी ने पुलिस से मदद मांगी तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता का कहना है कि वह थाने के चक्कर काट-काटकर थक चुकी है, लेकिन कोई उसकी सुनवाई नहीं कर रहा।

सोनी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे और उसके बच्चों को न्याय दिलाया जाए। उसका कहना है कि वह कहीं की नहीं रही है और अब समझ नहीं पा रही कि बच्चों को लेकर कहां जाए। महिला ने मांग की है कि या तो उसे उसका हक दिलाया जाए या फिर उसके बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

यह मामला न सिर्फ महिला सुरक्षा, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पीड़ित महिला की पुकार कब तक सुनता है।

 

 

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