गांव में पुश्तैनी मकान को लेकर चल रहे विवाद ने एक परिवार को खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर कर दिया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष द्वारा लगातार विवाद और दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते अब उनके रहने का सहारा भी टूट गया है।
मिली जानकारी के अनुसार रामेश सिंह और उनका परिवार वर्षों से अपने पुश्तैनी मकान में निवास कर रहा था। परिवार का कहना है कि मकान में सभी हिस्सेदारों का अलग-अलग हिस्सा है और सभी लोग लंबे समय से वहीं रह रहे थे। बीते 13 मई 2026 को मकान की दीवार अचानक गिर गई, जिससे घर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के ही लाखनलाल, उनके बेटे और रामकृपाल शेखर राजू परिवार के अन्य लोग लगातार विवाद कर रहे हैं और उन्हें वहां रहने नहीं देना चाहते। परिवार का कहना है कि मकान जर्जर होने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की सहायता या रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिल सकी है। अब परिवार खुले में रहने को मजबूर है।
राकेश सिंह ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को सुरक्षा व रहने की उचित व्यवस्था दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पूरा परिवार बड़ी परेशानी में आ जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार मामला पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे और कब्जे से जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाया जाए ताकि परिवार सुरक्षित रूप से अपने हिस्से में रह सके।


