मऊ। जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र के सेमरा सिकरीकोल गांव में आबादी की जमीन पर बनी दीवार को लेकर पारिवारिक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। पूर्व सैनिक उमेश प्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि उनके पट्टीदारों ने आपसी रंजिश के चलते उनकी बनाई हुई दीवार को गिरा दिया और विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट की। मामले में स्थानीय दरोगा पर भी आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ मंडल समेत जिले के उच्च अधिकारियों से की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मधुबन थाना क्षेत्र के सिकरीकोल सेमरा निवासी उमेश प्रताप यादव पुत्र दीपन यादव ने बताया कि उनके परिवार की आबादी की जमीन पर लगभग 18 फीट लंबी और चार फीट ऊंची ईंट की दीवार आपसी सहमति के आधार पर बनाई गई थी। यह दीवार उनके हिस्से की जमीन की सीमा को चिन्हित करने के लिए बनाई गई थी। आरोप है कि उनके पट्टीदार ढोलई यादव, शिवबालक यादव, निखिल यादव, अंसा यादव, रामरती यादव, रामचंद्र यादव, रीचा यादव और रागिनी यादव आए दिन दीवार गिराने और उत्तर दिशा की ओर रास्ता खोलने के लिए दबाव बना रहे थे।
पीड़ित के अनुसार 12 मार्च 2026 को दिन में करीब 11:30 बजे उक्त सभी लोग एकजुट होकर मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए दीवार को गिराने लगे। विरोध करने पर निखिल यादव ने उनके परिवार की महिला सदस्य देवन्ती देवी का हाथ मरोड़ दिया और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया, जिससे उन्हें अंदरूनी चोटें आईं। इसके बाद आरोपियों ने दीवार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और धमकी दी कि यदि थाने में शिकायत की गई तो जान से मार देंगे।
उमेश प्रताप यादव का आरोप है कि हल्का क्षेत्र के दरोगा ओ.पी. सिंह भी इस मामले में आरोपियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि दरोगा ने कथित रूप से दीवार गिरवाने में सहयोग किया और उल्टा उन्हें ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक मऊ, जिलाधिकारी मऊ, आईजी आजमगढ़ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनी रह सके।


