लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आर्थिक शोषण, कथित सूदखोरी और प्रशासनिक उदासीनता का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वर्षों से कुछ लोगों द्वारा अत्यधिक ब्याज वसूला जा रहा है, लाखों रुपये लौटाने के बावजूद मूल धन कम नहीं हो रहा है और लगातार धमकियां देकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि परिवार ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में खुद को आत्महत्या के लिए मजबूर बताया है। इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और सूदखोरी के कथित नेटवर्क पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
लखनऊ के एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड निवासी रावेन्द्र कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि पिछले कई वर्षों से वह कथित सूदखोरों के आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार हैं। उनका कहना है कि व्यवसाय और पारिवारिक जरूरतों के चलते उन्होंने अलग-अलग लोगों से धन उधार लिया था, लेकिन समय के साथ ब्याज की रकम इतनी बढ़ती गई कि लाखों रुपये चुकाने के बावजूद कर्ज खत्म नहीं हुआ।
पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2021 में उन्होंने सत्यम शुक्ला नामक व्यक्ति से पांच लाख रुपये उधार लिए थे। उनका दावा है कि अब तक करीब तीस लाख रुपये से अधिक चुका चुके हैं, लेकिन फिर भी कर्ज समाप्त नहीं हुआ। इसी तरह अन्य लोगों से लिए गए ऋण पर भी भारी ब्याज वसूले जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि लगातार ब्याज चुकाने के बावजूद मूल रकम जस की तस बनी हुई है, जिससे परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है।
रावेन्द्र कुमार का आरोप है कि कथित सूदखोरों ने दबाव बनाकर उनसे खाली चेक भी ले लिए थे। बाद में उन्हीं चेकों के आधार पर बड़े-बड़े मामलों में कानूनी दबाव बनाया गया। पीड़ित का कहना है कि उनके खिलाफ लाखों रुपये के चेक बाउंस के मामले खड़े किए गए, जबकि उनके पूरे परिवार की कुल संपत्ति भी उन रकमों के बराबर नहीं है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने न्याय पाने के लिए हर संभव प्रयास किया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, जनता दरबार, पुलिस आयुक्त कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय, उप मुख्यमंत्री कार्यालय, मानवाधिकार आयोग और न्यायालय तक गुहार लगाई गई। शिकायत में दावा किया गया है कि अब तक 13 से अधिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर उन्हें संतोषजनक राहत नहीं मिली। इससे परिवार का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 28 मई 2026 को कथित रूप से एक व्यक्ति अपने साथियों के साथ उनकी दुकान पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने तत्काल पुलिस सहायता नंबर 112 पर कॉल किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वहां से चले गए। घटना के बाद से पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।
रावेन्द्र कुमार ने बताया कि उनके परिवार में कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें वृद्ध माता-पिता भी शामिल हैं। परिवार किराये के मकान में रहता है और किराये की दुकान से ही किसी तरह गुजर-बसर हो रही है। आर्थिक तंगी इस हद तक पहुंच चुकी है कि कई बार परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। उनका कहना है कि न तो किसी सरकारी योजना का लाभ मिला और न ही शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई हुई।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में पीड़ित ने इसे अपनी “अंतिम शिकायत” बताते हुए कहा है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा परिवार कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो सकता है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने, कथित सूदखोरी की जांच, धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल कथित सूदखोरी के गंभीर नेटवर्क की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्याय की तलाश में भटक रहे एक परिवार की पीड़ा किस हद तक पहुंच चुकी है। अब सभी की निगाहें शासन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।#LucknowNews #SoodkhoriCase #BreakingNewsHindi #UPNews #JusticeForFamily #EconomicExploitation #CrimeNewsUP #LoanHarassment #CMYogi #ThreatCase #HumanRightsIssue #GroundReport #HindiNewsToday #FamilyInCrisis #LatestHindiNews #InvestigationDemand #PublicGrievance #UttarPradeshNews #EKhabarNews #ViralNewsHindi


