प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में बिहार के बेगूसराय, मधेपुरा, समस्तीपुर, दरभंगा, आलमनगर तथा असम के कामाख्या मंदिर क्षेत्र तक कई नाम और स्थानों का उल्लेख सामने आया है। शिकायत में मिना पूर, रामप्रवेश मुखिया, मनीष, राजेश, नीतू, किशोर, कल्पना, रेखा, जोनू, बबीता और अजय भारत सहित कई व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा लंबे समय से उन्हें पहचान और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कथित तौर पर कई जगहों पर उनके बारे में सूचनाएं फैलाई जा रही हैं और अलग अलग जिलों में कुछ प्रभावशाली लोगों तक खबर पहुंचाई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि गांव के प्रधान, पुजारी और स्थानीय स्तर के कुछ जिम्मेदार लोगों को इस पूरे मामले की जानकारी है।
मामले में मुंबई के हाजी अली क्षेत्र और असम के कामाख्या मंदिर का भी जिक्र किया गया है, जिससे इस शिकायत ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है बल्कि कई राज्यों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। दिल्ली, उड़ीसा और बिहार के विभिन्न हिस्सों का उल्लेख होने से प्रशासनिक एजेंसियों के लिए जांच का दायरा बढ़ सकता है।
शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि संबंधित लोग कभी भी कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। इसी वजह से स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों तक यह सूचना पहुंचने की बात भी कही है और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।


