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हरदोई में जमीन और मकान बैनामे को लेकर धोखाधड़ी का आरोप, पीड़ित ने रजिस्ट्रार व पुलिस से लगाई गुहार

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हरदोई।
जनपद हरदोई में जमीन और मकान के बैनामे को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम सिहौना, थाना टड़ियावां निवासी अनुज कुमार पुत्र महेश चन्द्र ने अपने सगे भाई सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है।
अनुज कुमार का कहना है कि उनके माता-पिता के निधन के बाद रेलवेगंज, ज्योति नगर स्थित निजी मकान पर उनके भाई मनुज कुमार ने कथित रूप से फर्जी लिखापढ़ी कर कब्जा कर लिया। जब अनुज इसकी जानकारी लेने हरदोई आ रहे थे, तभी सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले हरदोई मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ में उनका इलाज चला, जिससे उनकी हालत और आर्थिक स्थिति दोनों कमजोर हो गई।
पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान उनकी कृषि योग्य भूमि, जिस पर बैंक लोन था, विपक्षी सुशीला गौड के नाम कथित रूप से बैनामा कर दी गई, जबकि वह पूरी तरह होश में नहीं थे। बाद में पता चला कि बैंक लोन चुकता कर दिया गया। जब अनुज ने लोन भुगतान की बात उठाई तो विपक्षियों ने कथित तौर पर मारपीट और आपराधिक धमकी दी।
अनुज ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई के पास उनके हस्ताक्षरयुक्त दो सादे स्टांप पेपर हैं, जिनका दुरुपयोग कर और बड़े घपले किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, उनका राशन कार्ड भी जानबूझकर नहीं बनने दिया गया।
पीड़ित ने रजिस्ट्रार कार्यालय, उपजिलाधिकारी सदर, थाना कोतवाली देहात और समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (जनसुनवाई) के माध्यम से मांग की है कि जब तक बैंक लोन चुकता कर दिया परन्तु उनका पैसा वापस नहीं किया जाता, तब तक संबंधित जमीन का दाखिल-खारिज रोका जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि राजस्व व पुलिस विभाग इस गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।

हरदोई में फर्जी तरीके से बैंक खाते पर चेक दर्शाने का आरोप, पीड़ित ने बताई नई साजिश
हरदोई
जमीन और मकान बैनामे के विवाद के बीच पीड़ित अनुज कुमार ने मामले में एक और गंभीर खुलासा किया है। अनुज का कहना है कि उनके बैंक खाते पर वास्तव में कोई भी चेक जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद विपक्षियों ने कागज़ों में खाते पर चेक लगा हुआ दिखाकर फर्जीवाड़ा किया।
पीड़ित के अनुसार, इस कथित फर्जी चेक का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया गया कि लेन-देन वैध तरीके से हुआ है, जबकि हकीकत में न तो उनकी सहमति थी और न ही उन्होंने किसी को चेक दिया था। अनुज का आरोप है कि यह सारा खेल जमीन के बैनामे और बैंक लोन से जुड़े रिकॉर्ड को प्रभावित करने के लिए किया गया।
अनुज कुमार ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि बैंक रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी चेक एंट्री की सत्यता सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में कार्रवाई की जाए।
पीड़ित ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अभी इलाजरत हैं और कमजोर हालत का फायदा उठाकर उनके साथ लगातार आर्थिक और कानूनी साजिश रची जा रही है। अब इस नए आरोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है, और निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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