हरदोई जिले के शाहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम हुसेपुर में जमीन कब्जे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव निवासी विपिन कुमार पुत्र गुरु प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि पर दबंगों ने नाजायज कब्जा कर रखा है और उन्हें अपनी ही फसल काटने से रोका जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित ने राजस्व परिषद, लखनऊ के अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित विपिन कुमार के अनुसार ग्राम हुसेपुर स्थित खसरा संख्या 178 की भूमि उनके स्वामित्व एवं कब्जे में है। उक्त खेत में इस समय गन्ने की फसल खड़ी है, जिसकी कटाई का समय आ चुका है। लेकिन गांव के ही वेद प्रकाश पुत्र सोबरन तथा उसके परिवार के सदस्य सुमित, अंजू, गोलू, अनूप और सावित्री पर आरोप है कि उन्होंने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और गन्ने की फसल काटने नहीं दे रहे हैं।
विपिन कुमार का कहना है कि विपक्षी पक्ष दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और विपिन जी ने हमें बताया 6 लोग आए खेत पर और वहां बांका लेकर आए जिससे इन्होंने उनके परिवार को इतना मारा कि उनको अपाहिज कर दिया है विरोध करने पर धमकी देते हैं। फसल तैयार होने के बावजूद कटाई न हो पाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। गन्ना किसानों के लिए नकदी फसल माना जाता है और समय पर कटाई न होने से उत्पादन व भुगतान दोनों पर असर पड़ता है। ऐसे में विवाद ने किसान परिवार की चिंता बढ़ा दी है।
पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से मांग की है कि खसरा संख्या 178 स्थित ग्राम हुसेपुर, जनपद हरदोई की भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल कटवाने हेतु तत्काल आदेश पारित किया जाए, ताकि उन्हें उनके अधिकार से वंचित न किया जा सके।
ग्रामीणों के अनुसार जमीन को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में कहासुनी हो चुकी है, लेकिन अब मामला राजस्व परिषद तक पहुंच गया है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है।
अब देखना होगा कि राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित किसान को कब तक राहत मिल पाती है। फिलहाल गांव में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और किसान न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।


