वाराणसी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कछवा रोड क्षेत्र के खोच्या गांव निवासी एक ई-रिक्शा चालक ने अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित राकेश का आरोप है कि 21 जून को हुई इस घटना में उनके साथ मौजूद बच्चों और रिश्तेदारों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में दो लोगों को गंभीर चोटें आईं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।
पीड़ित राकेश के अनुसार उन्होंने हाल ही में नया ई-रिक्शा खरीदा था। घटना वाले दिन वह अपने दो बेटों और दो रिश्तेदारों के साथ किसी काम से निकले थे। रास्ते में उनके रिश्तेदार एक दुकान से सामान खरीदने के लिए रुके। सामान लेने के बाद सभी लोग कच्चे रास्ते से अपने घर की ओर लौट रहे थे।

राकेश का आरोप है कि रास्ते में स्थित शराब की दुकान के पास कुछ लोग बैठे हुए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। पीड़ित के मुताबिक पांच लोगों ने मिलकर उनके परिवार और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बच्चों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।
राकेश ने आरोप लगाया है कि हमलावरों में महाराजगंज निवासी सोहेल, उसके पिता नाते और राहुल समेत कुल पांच लोग शामिल थे। पीड़ित का कहना है कि सभी आरोपियों ने मिलकर हमला किया और उनके परिवार में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
घटना के बाद घायल परिजन और राकेश न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पहले घायलों का इलाज कराने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। पीड़ित का कहना है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनका परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
राकेश का कहना है कि वह एक गरीब ई-रिक्शा चालक हैं और उन्हें लग रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद बंधती।
अब पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
हालांकि, इस मामले में आरोपित पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। पुलिस की ओर से भी समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।


