दिल्ली।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। गाली-गलौज का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि दबंग किस्म के व्यक्ति ने चाकू से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। इससे पीड़ित परिवार दहशत में है और हमलावर के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं।
पीड़ित मुन्तजिल अहमद पुत्र तंजील अहमद, निवासी बुलन्द मस्जिद, शास्त्री पार्क के अनुसार, 22 जनवरी 2026 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपने घर के सामने बच्चों के साथ आग ताप रहे थे। उसी दौरान मोहल्ले का ही अनीस नामक युवक ऊंची आवाज में अश्लील गालियां देने लगा। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि आसपास महिलाएं और बच्चे हैं, इसलिए इस तरह की भाषा का प्रयोग न किया जाए।
आरोप है कि इतनी सी बात पर अनीस बौखला गया और गालियां देता हुआ वहां से चला गया। महज दो-तीन मिनट बाद वह हाथ में चाकू लेकर वापस लौटा और जान से मारने की नीयत से मुन्तजिल के सीने पर पूरी ताकत से वार कर दिया। पीड़ित ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की, जिससे चाकू सीने की बजाय उनकी बाजू में गहराई तक धंस गया। इसके बाद भी हमलावर ने दो बार और चाकू से हमला किया।
शोर-शराबा सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए तो आरोपी मौके से फरार हो गया, जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी देता गया। घटना की सूचना किसी स्थानीय व्यक्ति ने 112 नंबर पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस घायल को जय प्रकाश अस्पताल, शास्त्री पार्क ले गई, जहां से हालत गंभीर होने पर जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित का एमएलसी नंबर भी दर्ज है, जो घटना की गंभीरता को साफ दर्शाता है।
पीड़ित का आरोप है कि उसने थाना शास्त्री पार्क के विवेचनाधिकारी को पूरी घटना की जानकारी दी, मेडिकल रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई, लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई हुई। इससे हमलावर और उसके सहयोगियों के हौसले और बढ़ गए हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और लगातार उसे व उसके परिवार को धमकियां मिल रही हैं।
पीड़ित परिवार को आशंका है कि यदि समय रहते पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो कोई बड़ी वारदात हो सकती है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, तत्काल एफआईआर दर्ज करने और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि इस तरह की घटनाएं यदि यूं ही दबती रहीं तो आम नागरिकों का कानून से भरोसा उठ जाएगा।