बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिनौली थाना क्षेत्र के सिरसली गांव में एक युवक पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने युवक को कब्रिस्तान के पास घेरकर लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस से करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिरसली गांव निवासी राजेन्द्र पुत्र रामनिवास ने थाना बिनौली में दी गई शिकायत में बताया कि 5 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु होने के कारण लोगों की आवाजाही हो रही थी। इसी दौरान उनका छोटा भाई अरविन्द कुमार अपने घर वापस लौट रहा था। जब वह गांव के कब्रिस्तान के पास पहुंचा, तभी वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उसे घेर लिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार मंजू पत्नी बिक्रम, दीपक, अंकुश और गौरव पुत्र बीरसैन तथा मनीष, हिमांशु और प्रिंस पुत्र विक्रम ने मिलकर अरविन्द कुमार को पकड़ लिया और उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से बुरी तरह मारपीट की, जिससे अरविन्द कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया और वहीं गिर पड़ा। घटना की जानकारी किसी ग्रामीण ने राजेन्द्र को दी, जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और घायल अरविन्द को वहां से उठाकर घर लाए।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से घायल युवक को अस्पताल ले जाकर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट में शामिल दीपक पुत्र बीरसैन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात सरकारी कर्मचारी है, जो घटना के बाद मौके से फरार हो गया।
राजेन्द्र का आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों की ओर से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। धमकी देते हुए कहा जा रहा है कि जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़ित परिवार का दावा है कि इन धमकियों की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है।
परिवार का कहना है कि वह लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस वजह से पूरा परिवार डर और दहशत के माहौल में जीवन गुजारने को मजबूर है और उन्हें किसी बड़ी घटना की आशंका सताने लगी है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। वहीं गांव के लोग भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।


