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दिल्ली में सरकारी नौकरी का झांसा देकर डेढ़ लाख की ठगी, रिश्तेदारी का फायदा उठाकर कई युवकों से फर्जीवाड़ा

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भागलपुर/दिल्ली | विशेष रिपोर्ट

दिल्ली में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले युवक रणबीर कुमार सहित कई युवकों से ठगी किए जाने का आरोप है। आरोपी ने खुद को दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ा बताकर न केवल पैसे ऐंठे, बल्कि पीड़ितों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर फाइनेंस और लोन तक करवा लिया।

पीड़ित रणबीर कुमार, पिता महेश चौधरी, ग्राम महाश्य, सोनवर्षा भाना, बिहपुर, जिला भागलपुर के निवासी हैं। रणबीर का आरोप है कि अविनाश कुमार, पिता स्वर्गीय तारकेसर चौधरी, निवासी यमन पो. मौजमाबाद, थाना भवानीपुर, जिला भागलपुर, लंबे समय से दिल्ली में रहकर खुद को दिल्ली जल बोर्ड में कार्यरत हैं । अविनाश रिश्ते में रणबीर की मौसी का दामाद है, इसी नजदीकी का फायदा उठाकर उसने भरोसा जीता।

आरोप के अनुसार मार्च 2023 में अविनाश ने रणबीर से फोन पर संपर्क किया और दिल्ली जल बोर्ड में मीटर रीडर की नौकरी लगवाने का दावा किया। 8 मार्च 2023 को रणबीर को दिल्ली बुलाकर कथित तौर पर अपने कार्यालय ले जाया गया। शुरुआत में पैसों की चर्चा नहीं की गई, लेकिन बाद में साफ कहा गया कि बिना पैसे के नौकरी संभव नहीं है। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से फोन के माध्यम से अविनाश और उसकी पत्नी सोनम कुमारी के नंबर पर करीब 1.50 लाख रुपये ले लिए गए।

रणबीर का कहना है कि उससे करीब आठ महीने तक काम भी करवाया गया और हर बार यही भरोसा दिया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने वाली है। बाद में जब वह गांव लौट आया तो फोन पर सिर्फ आश्वासन मिलता रहा, लेकिन आज तक न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए।

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब रणबीर को पता चला कि उसके सभी मूल दस्तावेज अविनाश के पास हैं और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसके नाम पर स्कूटी लोन ले लिया गया। जब वह दिल्ली में मौजूद नहीं था और किस्त समय पर नहीं भर सका, तो बैंक से लगातार फोन आने लगे। विरोध करने पर आरोपी द्वारा गलत व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप है।

14 सितंबर 2025 को जब रणबीर दोबारा दिल्ली पहुंचा तो पता चला कि अविनाश अब नरेला जोन में रहकर जल बोर्ड से जुड़ा होने का दावा कर रहा है। वहां कुछ अन्य युवकों से मुलाकात हुई, जिन्होंने बताया कि उनसे भी नौकरी के नाम पर पैसे लिए गए हैं, लेकिन उनके पास भी ठोस सबूत नहीं बचे हैं।

पीड़ितों का कहना है कि आरोपी अपने नाम से कोई सामान या दस्तावेज नहीं रखता, बल्कि गांव और रिश्तेदारी के लोगों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करता है।

रणबीर ने आरोप लगाया कि उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया, जिसमें ठगी से जुड़े कई अहम सबूत और कॉल डिटेल मौजूद थे।
इस मामले में यह भी सामने आया है कि रणबीर कुमार के अलावा विपिन, योगेश, सुनील, महेश, हेमंत और राहुल, जो दिल्ली में रहने वाले हैं, उनके साथ भी इसी तरह की ठगी की गई। सभी युवक 7 मार्च को होली से एक दिन पहले दिल्ली गए थे, जहां आरोपी ने नौकरी के नाम पर पैसे लेकर उन्हें ठग लिया।

पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ठगे गए पैसे की वापसी और फर्जी लोन से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है। यह मामला सरकारी नौकरी की चाह में भटक रहे युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी भी माना जा रहा है।

 

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