Wednesday, May 27, 2026
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भागलपुर में अतिक्रमण विवाद से परेशान परिवार ने लगाई न्याय की गुहार, प्रशासनिक आदेश के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के शाहकुंड अंचल क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक परिवार पिछले कई वर्षों से जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटवाने के लिए प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। पीड़ित परिवार का कहना है कि सिविल कोर्ट से डिग्री मिलने, लगान रसीद कटने और सरकारी अमीन द्वारा नापी किए जाने के बावजूद विपक्षी पक्ष अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं है और प्रशासन भी कार्रवाई करने में उदासीन बना हुआ है।

शिकायतकर्ता प्रकाश प्रसाद सिंह पिता बटेश्वर मंडल निवासी ग्राम बांधव, पोस्ट रतनगंज, थाना सजौर, अंचल शाहकुंड, जिला भागलपुर ने थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी और जिलाधिकारी को दिए आवेदन में बताया कि उनकी जमीन हल्का हाजीपुर, मौजा सजौर, जमाबंदी संख्या 2302, खाता संख्या 326, खेसरा संख्या 1718 में स्थित है, जिसका रकबा एक डिसमिल है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें सिविल कोर्ट से डिग्री प्राप्त है तथा वे नियमित रूप से मालगुजारी भी जमा करते आ रहे हैं।

पीड़ित परिवार के अनुसार अंचल अमीन द्वारा 16 दिसंबर 2024 को डीआर नंबर 83 के तहत जमीन की नापी भी की गई थी। अमीन नगमा खातून ने जांच में एक डिसमिल जमीन प्रकाश प्रसाद सिंह की बताई, लेकिन विपक्षी छतीश प्रसाद सिंह पिता राम प्रसाद सिंह अमीन रिपोर्ट को मानने से इंकार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अनुमंडल अधिकारी द्वारा पत्रांक 4313 के तहत कार्रवाई का आदेश जारी होने के बाद भी अंचल स्तर पर अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

प्रकाश प्रसाद सिंह का आरोप है कि उन्होंने कई बार अंचलाधिकारी, थाना, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। परिवार का कहना है कि लगातार न्याय नहीं मिलने से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और अब प्रशासन से अंतिम उम्मीद लगाए बैठे हैं।

मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि पूर्व में चले सिविल वाद संख्या 38/01 को वादी पक्ष द्वारा वापस लेने की अनुमति न्यायालय से प्राप्त हो चुकी है। अदालत के आदेश में स्पष्ट किया गया कि वादी ने अपना दावा वापस ले लिया है। इसके बावजूद जमीन विवाद और अतिक्रमण की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि अनुमंडल अधिकारी के आदेश का पालन कराते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए और उन्हें उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए ताकि लंबे समय से चल रही परेशानी का समाधान हो सके।

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