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भिण्ड में विवाहिता को जहर खिलाकर मारने की कोशिश, ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप

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पीड़िता ग्वालियर रेफर, आरोपी बोले– “हम पुलिस में रहते हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता”**

भिण्ड।
जिले के देहात थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। महावीर नगर स्कूल के पीछे रहने वाली एक विवाहिता को उसके ही ससुराल पक्ष के लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर जबरदस्ती जहर खिला दिया। हालत गंभीर होने पर पीड़िता को ग्वालियर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

पीड़िता की पहचान सुरभी पति नन्दकिशोर उर्फ नन्दू के रूप में हुई है। आरोप है कि नीलू, नीतू, नन्दू और उनकी जिठानी ने मिलकर सुरभी को एक कमरे में बंद कर लिया, बच्चों को बाहर निकलने से रोकने के लिए किवाड़ बंद कर दिए और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उसे जहर खिला दिया गया।

घटना की जानकारी तब सामने आई जब पीड़िता के बेटे ने घबराकर ननिहाल फोन किया। सूचना मिलते ही परिजन कुठोंद जिला जालौन उत्तर प्रदेश से भिण्ड पहुंचे। इसी दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद घायल अवस्था में सुरभी को पहले भिण्ड और फिर ग्वालियर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सुरभी के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

पीड़िता की मां सुनीता पत्नी अनिल कुमार ने थाना प्रभारी देहात भिण्ड को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जब परिजनों ने फोन कर संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपियों ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि वे पुलिस में रहते हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

इस घटना के बाद से पीड़िता का पूरा परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनके नाती ने फोन नहीं किया होता तो सुरभी की जान जा सकती थी। पीड़िता की मां ने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आवेदन के आधार पर उचित धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं।

यह मामला न केवल घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले को समय रहते गंभीरता से लिया जाए जिसमें शक्ति सशक्त कार्यवाही की जाए अगर मामले में समय रहते कोई कार्यवाही नहीं की गई तो हमारी जान भी जा सकती हैं

 

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