दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद संवेदनशील और चर्चित मामला सामने आया है, जहां 24 दिन तक लापता रही एक युवती अचानक कॉलेज में परीक्षा देने पहुंची तो परिवार को उसका पता चला। अब युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि गांव का ही एक युवक उसे अपने साथ लेकर गया था, लेकिन वापस आने के बाद वह शादी करने से इनकार कर रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर भटक रहा है।
जानकारी के अनुसार, थाना पटेरा क्षेत्र के ग्राम सतारिया निवासी गणेश पटेल ने अपनी 21 वर्षीय बेटी रोशनी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार के मुताबिक, रोशनी 1 अप्रैल को घर से यह कहकर निकली थी कि वह दमोह में अपनी बहन के यहां रुककर कॉलेज का पेपर देने जाएगी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पीड़ित पिता गणेश पटेल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दमोह थाना क्षेत्र के बड़गुआ गांव निवासी छत्रपाल पटेल अपने साथ लेकर गया था। उन्होंने बताया कि करीब 7-8 महीने पहले दोनों बच्चों ने परिवार से शादी कराने की बात कही थी। इसके बाद परिवार छत्रपाल के घर रिश्ता लेकर भी गया, लेकिन वहां दहेज की मांग रखी गई।
गणेश पटेल का आरोप है कि छत्रपाल के परिवार वालों ने साफ कहा था कि “अगर दहेज देने की औकात नहीं है तो रिश्ता लेकर यहां क्यों आए हो।” गरीब परिवार होने के कारण वे दहेज की मांग पूरी नहीं कर सके। पिता ने बताया कि उनके तीन बच्चों में से दो की शादी पहले ही हो चुकी है और वे अपनी बेटी रोशनी की शादी भी अपनी क्षमता अनुसार करना चाहते थे।
परिवार का कहना है कि रिश्ता टूटने के कुछ समय बाद ही छत्रपाल उनकी बेटी को कॉलेज से अपने साथ लेकर चला गया। 24 दिन तक परिवार बेटी की तलाश में भटकता रहा। बाद में जब रोशनी परीक्षा देने कॉलेज पहुंची, तब जाकर उसका पता चला। फिलहाल युवती अपने पिता के पास है।
अब सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर खड़ा हो गया है कि छत्रपाल शादी करने से इनकार कर रहा है। पीड़ित पिता का कहना है कि “जब वह मेरी बेटी को अपने साथ लेकर गया था, तब उसे समाज में बदनामी का सामना करना पड़ा। अब 24 दिन बाद बेटी घर लौटी है तो उसकी शादी कहीं और होना बेहद मुश्किल हो जाएगा। अगर छत्रपाल उसे लेकर गया था तो अब उसे ही शादी करनी चाहिए।”
परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाने से लेकर अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही। गरीब पिता का कहना है कि वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है और अब केवल अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है।
गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे प्रेम संबंध, दहेज और सामाजिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
