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25 करोड़ रू का बजट और 5 साल का महत्वाकांक्षी रोडमैप
कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए 25 करोड़ का एक बड़ा बजट आवंटित किया हैं, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार अपने आंतरिक स्रोतों से वहन करेगी.
सरकार ने इसके लिए 5 साल का एक रोडमैप तैयार किया है. इस तय लक्ष्य के तहत अगले पांच क्रमिक वित्तीय वर्षों में राज्य भर के कुल 1,000 कमरों को ‘होमस्टे प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत पंजीकृत (रजिस्टर्ड) किया जाएगा.
महिला और युवाओं को मिलेगा 1 लाख रू का अतिरिक्त बोनस
योजना में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और युवाओं को स्टार्टअप से जोड़ने के लिए खास प्रवधान किया गया है. इसके तहत यदि होमस्टे का संचालन किसी महिला, किसी स्वयं सहायता समूह या 18 से 25 साल के युवा/युवती उद्यमी के जरिए उन्हें सामान्य सब्सिडी के अलावा 25,000 रू प्रति कमरा की दर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इस विशेष श्रेणी के आवेदकों के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली कुल वित्तीय मदद बढ़कर 11 लाख रू हो जाएगी.
डिजिटल आवेदन और पीपीपी मॉडल को मंजूरी
इस योजना के तहत आवेदन करने वालों के लिए इसकी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल करने के साथ बेहद आसान बनाया गया है. इसके अलावा, योजना को अधिक प्रभावी, पेशेवर और वैश्विक स्तर का बनाने के लिए इसे पीपीपी मॉडल के तहत संचालित करने की मंजूरी दी गई है.
बिहार के पर्यटन पर क्या होगा असर?
इस योजना के लागू होने से बिहार आने वाले पर्यटकों को ‘घर जैसा’ एहसास होगा. इसके अलावा बोधगया, राजगीर, वैशाली, नालंदा और भागलपुर जैसे ऐतिहासिक पर्यटन केंद्रों पर आने वाले पर्यटकों को बिहार की समृद्ध संस्कृति, खान-पान और शानदार आतिथ्य को बेहद करीब से अनुभव करने का मौका मिलेगा.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
इस योजना से गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी. यह राज्य और उसके विभिन्न टूरिस्ट इलाकों में गेम-चेंजर साबित होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही लोग अपने बल पर आत्मनिर्भर बन सकेंगे