बिहार सरकार द्वारा सहरसा जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी महत्व का निर्णय लिया गया है। बिहार मंत्रिमंडल (Bihar Cabinet) द्वारा उद्योग विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इसके तहत सहरसा जिला अंतर्गत कहरा अंचल के बनगांव एवं देवनागोपाल मौजा में कुल 420.625 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी मिली है। सरकार ने इस काम के लिए 88,01,13,847 (अट्ठासी करोड़ एक लाख तेरह हजार आठ सौ सैंतालीस रुपये) की भारी-भरकम राशि के व्यय की स्वीकृति प्रदान की है।
बियाडा के माध्यम से होगा जमीनों का अधिग्रहण
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब यह भूमि अधिग्रहण बिहार आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण (BIADA) के माध्यम से किया जाएगा। बियाडा द्वारा जमीन अधिग्रहण किए जाने से सहरसा जिले में बड़े औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) के विकास का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो जाएगा। इस बड़े फैसले से न सिर्फ सहरसा बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए और बेहतर अवसर घर के पास ही उपलब्ध होंगे।
डीएम दीपेश कुमार के प्रयासों से मिली बड़ी कामयाबी
इस बड़ी परियोजना को धरातल पर उतारने में सहरसा के जिला पदाधिकारी (DM) दीपेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डीएम दीपेश कुमार द्वारा राज्य सरकार के समक्ष सहरसा में औद्योगिक निवेश की आवश्यकता, उपलब्ध भूमि संसाधनों तथा युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया था। उनके इसी दूरदर्शी प्रयास के फलस्वरूप राज्य सरकार की ओर से यह महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय संभव हो सका है।
कोसी क्षेत्र के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा फैसला
बिहार सरकार द्वारा स्वीकृत यह औद्योगिक परियोजना न केवल सहरसा, बल्कि सम्पूर्ण कोसी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होने वाली है। क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना होने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों की संख्या में नए रोजगार सृजित होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में व्यापार, परिवहन, सेवा क्षेत्र एवं छोटे सहायक उद्योगों को भी एक नई ऊर्जा और रफ्तार मिलेगी, जिससे पलायन की समस्या भी कम होगी।
जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री और बिहार सरकार का जताया आभार
इस ऐतिहासिक मंजूरी के बाद सहरसा जिला प्रशासन ने बिहार सरकार एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय सहरसा जिले को बिहार और देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इस खबर के आने के बाद से ही स्थानीय व्यवसायियों और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।


