Saturday, July 4, 2026
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‘पैसे चाहिए तो बाप है’, सौतेले भाई प्रतीक पर बरसे आर्य बब्बर, पिता की बेइज्जती से दुखा दिल, खुलकर साधा निशाना

पिता राज बब्बर से प्रतीक की दूरियां किसी से छिपी नहीं है। इन दूरियों की चर्चा तब शुरू हुई, जब प्रतीक ने अपने पिता या उनके परिवार के बिना ही प्रिया बनर्जी से शादी रचा ली। जिसके बाद उनके सौतेले भाई आर्य बब्बर ने इस पर निराशा जाहिर की थी।प्रतीक स्मिता पाटिल का अपने पिता राज बब्बर के साथ रिश्ता लंबे समय से चर्चा में है। दोनों के बीच का तनाव अक्सर सुर्खियों में रहता है। पिछले दिनों दोनों के बीच का तनाव तब लाइमलाइट में आ गया, जब प्रतीक ने प्रिया बनर्जी से शादी की और अपने पिता या उनके पहले परिवार में से किसी को इनवाइट नहीं किया और तो और इसके बाद उन्होंने अपना सरनेम ‘बब्बर’ से ‘स्मिता पाटिल’ कर लिया। प्रतीक ने 2025 में अपनी मां स्मिता पाटिल के घर पर शादी की, जिसके बाद उनके सौतेले भाई आर्य बब्बर भी नाराजगी जाहिर करते दिखे थ और अब आर्य बब्बर ने प्रतीक पर पिता राज बब्बर का फायदा उठाने का आरोप लगाया है।

आर्य बब्बर का सौतेले भाई प्रतीक पर आरोप
आर्य बब्बर ने विक्की लालवानी से हाल ही में हुई बातचीत में अपने सौतेले भाई प्रतीक के व्यवहार को लेकर नाराजगी और दुख जाहिर किया। उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा, “हम कुछ रिश्तों को बहुत प्यार से संजो कर रखते हैं क्योंकि वे बहुत नाजुक होते हैं। यही वजह है कि हम इन रिश्तों की बहुत परवाह करते हैं, लेकिन हमें समझ नहीं आया कि अपनी पूर्व पत्नी से तलाक होते ही प्रतीक ने आखिर अचानक हमसे किसी भी तरह का कॉन्टेक्ट रखना बंद क्यों कर दिया। मैंने उसे कई बार मैसेज किया, कॉल किया, लेकिन उसकी ओर से कभी कोई जवाब नहीं मिला।”

पैसों की जरूरत होने पर याद आते हैं पिता
आर्य बब्बर आगे बताते हैं कि कैसे प्रतीक की कहानी में हमेशा पिता राज बब्बर, उनकी पहली पत्नी नादिरा बब्बर और उनके परिवार को खलनायक के रूप में दिखाने की कोशिश की गई है। इसके बाद भी जब प्रतीक, राज बब्बर का बेटा होने के फायदे उठाते हैं। उन्होंने कहा, “ये ऐसा है जैसे जब आपके पास काम नहीं होता, करियर अच्छा नहीं चल रहा होता है और खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है तब आपके लिए वही पिता बन जाते हैं। जब आप उसी घर में रहते हैं, जो आपकी मां स्मिता पाटिल के लिए आपके पिता ने खरीदा था, तब भी वो आपके पिता होते हैं। लेकिन, जब इज्जत की बात आती है तो वो पिता नहीं होते।”

प्रतीक की इस बात पर जताया अफसोस
आर्य आगे कहते हैं- ‘ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन स्मिता मां के लिए मेरे पिता ने अपने परिवार को छोड़ दिया, आज उन्हीं स्मिता मां का बेटा खुद को उनका बेटा मानने के लिए तैयार नहीं है। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है? एक बड़ा भाई होने के नाते, मैं हमेशा उसके लिए मौजूद हैं, लेकिन अगर मुझसे पूछा जाए कि क्या मैं फिर उसे उसी शिद्दत से प्यार दे सकता हूं, जैसा पहले करता था तो मेरा जवाब होगा नहीं।’

सूरत की साड़ी कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप, मेहनत मजदूरी करने वाले दंपति के लाखों के सपने टूटे

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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की रहने वाली सुगना जी ने मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार के साथ साड़ी सिलाई और कढ़ाई का छोटा काम शुरू किया था। परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत के दम पर धीरे-धीरे कारोबार बढ़ेगा और घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन सूरत की एक साड़ी कंपनी पर गंभीर आरोप लगने के बाद अब यह परिवार परेशानियों में घिर गया है।

जानकारी के अनुसार सुगना जी ने गुजरात के सूरत स्थित कंपनी “अंबिका टेक्सटाइल हाउस” से बड़ी मात्रा में साड़ियों का ऑर्डर दिया था। बिल और दस्तावेजों के अनुसार 28 मार्च 2026 को ऑर्डर बुक किया गया था और 7 अप्रैल 2026 को करीब 41 हजार 485 रुपये का टैक्स इनवॉइस जारी किया गया। इसमें अलग-अलग डिजाइन की साड़ियों और ड्रेस मटेरियल का जिक्र किया गया है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कंपनी की ओर से पूरा माल समय पर नहीं पहुंचाया गया। कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा। सुगना जी का कहना है कि उन्होंने कंपनी पर भरोसा कर भुगतान किया था, लेकिन बदले में उन्हें अधूरा माल मिला और जो सामान आया उसमें भी कई दिक्कतें थीं।

परिवार के अनुसार जब उन्होंने कंपनी से अपने पैसे वापस मांगे तो पहले आधा पैसा लौटाने की बात कही गई। बाद में कुछ रकम दी गई लेकिन बाकी भुगतान रोक लिया गया। आरोप है कि अब कंपनी के लोग साफ कह रहे हैं कि “जो करना है कर लो, बाकी पैसे नहीं मिलेंगे।”

इस पूरे मामले ने गरीब मजदूर परिवार की कमर तोड़ दी है। सुगना जी और उनके पति दोनों मिलकर दिन-रात मेहनत करते थे। सिलाई और कढ़ाई के काम से जो कमाई होती थी उसी से परिवार चलता था। लेकिन अब पैसे फंस जाने के कारण उनका काम भी प्रभावित हो गया है। परिवार का कहना है कि उधार लेकर कारोबार शुरू किया था और अब कर्ज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है।

पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई हो ताकि मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों के साथ दोबारा इस तरह की धोखाधड़ी न हो सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे व्यापारियों और मजदूर परिवारों के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन कई बार आर्थिक कमजोरी और कानूनी जानकारी के अभाव में पीड़ित लोग न्याय नहीं पा पाते।

अब यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और परिवार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।

पंजाब किंग्स की किस्मत अब LSG के खिलाफ मैच पर टिकी, जानिए प्लेऑफ में पहुंचने का पूरा समीकरण

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पंजाब किंग्स के लिए IPL 2026 में प्लेऑफ की राह बेहद मुश्किल हो गई है। लगातार 6 हार के बाद टीम 13 पॉइंट के साथ पांचवें स्थान पर है। अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी।Punjab Kings Playoff Scenerio: IPL 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली पंजाब किंग्स की टीम अब प्लेऑफ की रेस में बुरी तरह फंस गई है। सीजन के शुरुआती सात मैचों में अजेय रहने वाली पंजाब किंग्स ने जैसे ही हार का सिलसिला शुरू किया, टीम संभल ही नहीं पाई। लगातार छह हार के बाद अब कप्तान श्रेयस अय्यर की टीम के सामने करो या मरो की स्थिति बन गई है। अब 23 मई को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में पंजाब किंग्स का मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। यह मैच PBKS के लिए प्लेऑफ से कम नहीं है, क्योंकि हारते ही टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। एक समय पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहने वाली पंजाब अब 13 पॉइंट और +0.227 नेट रन रेट के साथ पांचवें स्थान पर खिसक चुकी है। चौथे और आखिरी प्लेऑफ स्पॉट के लिए उसकी टक्कर राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स से है।कैसे प्लेऑफ में पहुंच सकती है पंजाब किंग्स?
अगर पंजाब किंग्स लखनऊ सुपर जायंट्स को हरा देती है, तो उसके 15 पॉइंट हो जाएंगे। लेकिन इसके बावजूद प्लेऑफ की जगह पक्की नहीं होगी। राजस्थान रॉयल्स अगर अपना मैच जीतती है, तो वह 16 पॉइंट के साथ पंजाब से आगे निकल जाएगी। कोलकाता नाइट राइडर्स भी 15 पॉइंट तक पहुंच सकती है। ऐसे में बेहतर नेट रन रेट वाली टीम प्लेऑफ में जाएगी। अगर पंजाब किंग्स आज का मैच हार जाती है, तो टीम 13 पॉइंट पर ही फिनिश करेगी और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो जाएगी। वहीं, अगर लखनऊ और पंजाब का मुकाबला बारिश या किसी अन्य कारण से रद्द हो जाता है, तो पंजाब के 14 पॉइंट हो जाएंगे। लेकिन तब भी खतरा बना रहेगा।

चौथे स्पॉट के लिए कई टीमों के बीच टक्कर
राजस्थान और कोलकाता दोनों पंजाब से आगे निकल सकते हैं। दिल्ली कैपिटल्स भी 14 पॉइंट तक पहुंच सकती है। ऐसे में बेहतर नेट रन रेट वाली टीम प्लेऑफ में जगह बनाएगी। पंजाब किंग्स के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी खराब फॉर्म है। लगातार हार ने टीम का आत्मविश्वास हिला दिया है। हालांकि, शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन की वजह से टीम अभी भी प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रखे हुए है। अब देखना दिलचस्प होगा कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब वापसी कर पाती है या फिर एक और सीजन निराशा के साथ खत्म होगा।

‘अनगिनत अवसर कर रहे इंतजार’, 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर बोले PM मोदी

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पीएम मोदी ने 51000 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।पीएम मोदी ने 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 19वें रोजगार मेले में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 51 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज आप सभी देश की विकास यात्रा में अहम भागीदार बन रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में आप सभी नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। यहां तक पहुंचने के लिए आप सभी ने लंबी तैयारी और कड़ा परिश्रम जरूर किया होगा। इस उपलब्धि के लिए मैं आपको और आपके परिवार जनों को बधाई देता हूं।

भारत की युवा ताकत की दुनिया में चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं तो भारत की युवा ताकत की चर्चा करता हूं। मैं एक नए संकल्प की बात करता हूं। 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के तहत देश अलग-अलग सेक्टर में निवेश कर रहा है। इससे युवाओं के रोजगार के लिए लाखों अवसर बन रहे हैं। आने वाले समय में भारत की 10 बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट दुनिया में अपना परचम लहराएगी। इसमें बड़ी संख्या में भारत के नौजवानों का सामर्थ्य होगा। स्वाभाविक है कि इससे रोजगार मिलेगा। भारत आज शिप बिल्डिंग से लेकर शिप रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग का इको सिस्टम बना रहा है। भारत आज एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरर है। ऐसे अनेकों अभियानों पर भारत का पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर मिलकर बहुत बड़ा निवेश कर रहा है। ये निवेश देश के युवाओं को देश में ही जॉब दे रहा है और उनके सपने पूरे कर रहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस देश की प्राथमिकता
पीएम मोदी ने आगे कहा कि एक सरकारी कर्मचारी के नाते आपको भी ये ध्यान रखना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस देश की कितनी बड़ी प्राथमिकता है। भारत की ग्रोथ स्टोरी में इंफ्रास्ट्रक्टर की बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब दूर-दराज के इलाके विकास से जुड़ते हैं तभी प्रगति का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। पिछले 12 वर्षों में हर स्तर पर काम हुआ है। आज गांवों में भी बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों, छोटे व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खुले हैं। करोड़ों नए परिवारों को पक्का मकान मिला है। मेरा स्वच्छता का अभियान मैं कभी लोगों को भूलने नहीं देता हूं। हम शौचालय की भूमिका पर भी बल दे रहे हैं। करोड़ों घरों तक आज बिजली पहुंची है।

अनगिनत अवसर कर रहे हमारा इंतजार
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के युवा के पास जिस तरह के मौके हैं, ऐसा अवसर पहले नहीं मिला है। आज बहुत तेज गति से ये सब हो रहा है। आज विभिन्न क्षेत्रों में अनगिनत अवसर हमारा इंतजार कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नए अवसरों का लाभ उठा सकें। देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिले, इसके लिए स्किल डेवलपमेंट, फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम है। अहम बात ये है कि ये बदलाव सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। इस बदलाव में हमारी नारी शक्ति की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। आज बड़ी संख्या में विमेन लेड स्टार्ट अप शुरू हो रहे हैं। आज गांवों और छोटे शहरों में महिलाएं पहले से ज्यादा अपने दम पर अपना स्टार्ट अप शुरू कर रही हैं।

‘नागरिक देवो भव:’ हमारा मंत्र
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकारी नौकरी लोगों के जीवन को आसान बनाने का माध्यम होती है। आप जिस भी विभाग में काम करेंगे वहां आपके व्यवहार, संवेदनशीलता और काम करने के तरीके का बहुत महत्व होगा। ये जिम्मेदारी आपकी है कि आप अपने काम से, अपने आचरण से, अपनी वाणी से, अपने व्यवहार से भरोसे को और मजबूती देंगे। हर युवा अपने काम को जिम्मेदारी से देखें। मेरे लिए आप बहुत कुछ हैं। आज सरकार के बाहु, सरकार के सामर्थ्य आप ही हैं। आज भारत के लोगों की आकांक्षाएं बहुत बढ़ रही हैं। मैं इसे विकास का पॉजिटिव साइन भी मानता हूं। मेरा आपसे आग्रह है कि कर्मयोगी प्लेटफार्म का लाभ उठाएं। भारत का युवा दुनिया के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। यही ऊर्जा पब्लिक क्षेत्र में भी दिखाई देनी चाहिए। हमारे यहां कहा जाता है कि जनसेवा ही प्रभुसेवा। मुझे विश्वास है कि नियुक्ति पत्र पाने वाले युवा साथी इसमें अपना योगदान देंगे। हमारा मंत्र है नागरिक देवो भव:, नागरिक का कल्याण ही हमारा कर्तव्य है।

शिवहर में महिला ने ससुराल पक्ष पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, बच्चों को लेकर मायके में शरण लेने को हुई मजबूर

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शिवहर। बिहार के शिवहर जिले से घरेलू प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। तरियानी थाना क्षेत्र के बेलहियों गांव की रहने वाली एक महिला ने अपने ही ससुराल पक्ष के कई लोगों पर गाली-गलौज, बदनाम करने, धमकी देने और गलत नीयत से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने ग्राम पंचायत की सरपंच से कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता किरण देवी पत्नी संजय साह, वार्ड नंबर 09, ग्राम बेलहियों थाना तरियानी जिला शिवहर की निवासी हैं। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि उनके पति डिमापुर में काम करते हैं और वह अपने दो बच्चों के साथ गांव में रहती हैं। पति के बाहर रहने का फायदा उठाकर ससुराल पक्ष के लोग लगातार उन्हें परेशान करते हैं।

महिला का आरोप है कि उनके देवर सर्वेश साह, देवरानी रूबी देवी, सास शांति देवी, सर्वेश शाह केदार साहब मंजू देवी जितेंद्रर सहित कई लोग 17 जुलाई 2025 को उनके दरवाजे पर पहुंचे और उन्हें गंदी-गंदी गालियां देने लगे। आरोप है कि सभी लोगों ने उन्हें चरित्रहीन बताते हुए गांव छोड़ने की धमकी दी।

पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने कहा कि अगर वह गांव छोड़कर नहीं गईं तो ओझा-भगता के जरिए उन्हें पागल करवा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, महिला का दावा है कि उन्हें गलत काम करने का झूठा आरोप लगाकर बदनाम किया जा रहा है और बार-बार धमकियां दी जा रही हैं।

महिला ने बताया कि जब भी वह विरोध करती हैं तो मारपीट की धमकी दी जाती है। लगातार हो रही प्रताड़ना का असर उनके बच्चों पर भी पड़ा है। डर और तनाव के कारण बच्चों ने स्कूल जाना तक छोड़ दिया, जिसके बाद वह उन्हें अपने मायके में मां के पास छोड़ने को मजबूर हो गईं।

पीड़िता ने यह भी बताया कि जब उनके पति डिमापुर से घर लौटे और उन्होंने आरोपियों से इस व्यवहार का कारण पूछा तो उनके साथ भी गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि पूरा परिवार भय के साये में जी रहा है और कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।

किरण देवी ने ग्राम पंचायत की सरपंच से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पंचायत और प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है।

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की उम्मीद में प्रशासन और पंचायत की ओर देख रहा है।

पति की मौत के 11 महीने बाद विधवा को संपत्ति से बेदखल करने की साजिश! 70 लाख की जमीन हड़पने का आरोप, ससुराल पक्ष तीन दिनों से फरार

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पति की मौत के बाद एक विधवा महिला को उसके ही ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर घर और जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। पीड़िता सीताबाई ने आरोप लगाया है कि उसके पति स्वर्गीय मनोज ठाकुर के निधन के बाद से ही ससुराल पक्ष की नीयत बदल गई और अब उसे तथा उसके मासूम बेटे देवांश को पैतृक संपत्ति से वंचित किया जा रहा है।

पीड़िता के अनुसार उसका निवास 468/2005 दीक्षितपुरा, राम मंदिर के बाजू में, वार्ड 25 महात्मा गांधी वार्ड, जबलपुर में है। पति की मौत के बाद वह अपने बेटे के साथ उसी घर में रह रही थी, लेकिन तभी जेठ प्रहलाद, जेठानी कल्पना, शीला देवी, नंद दिव्या और दिव्या के पति बलराम ने कथित तौर पर जमीन बेचने की साजिश रच डाली। सीताबाई का आरोप है कि बिना किसी जानकारी के परिवार वालों ने करोड़ों की पैतृक जमीन का सौदा कर दिया और जब उसने विरोध किया तो उसे जबरन घर से उठाकर ले जाया गया।

महिला का कहना है कि आरोपियों ने दबाव बनाते हुए कहा कि “साइन कर दो नहीं तो जमीन भी चली जाएगी और तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा।” इसके बाद कथित तौर पर जबरदस्ती दस्तखत करवा लिए गए। पीड़िता का दावा है कि करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति में से उसे केवल 11 से 12 लाख रुपए थमा दिए गए और बाकी हिस्से से साफ इनकार कर दिया गया।

सीताबाई ने यह भी आरोप लगाया कि अब जब वह अपने बेटे देवांश के भविष्य के लिए अपना वैधानिक हिस्सा मांग रही है तो उसे धमकाया जा रहा है। महिला का कहना है कि उसने कोतवाली थाने में कई बार शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “ससुराल वालों ने पुलिस में पैसे दे दिए हैं, इसलिए हमारी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही।”

मामले में नया मोड़ तब आया जब आसपास के लोगों के हवाले से बताया गया कि आरोपित ससुराल पक्ष पिछले तीन दिनों से फरार चल रहा है। इससे पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं सीताबाई लगातार प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही है और कह रही है कि उसे और उसके बेटे को उनका कानूनी हक दिलाया जाए।

अब यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक विधवा और उसके मासूम बेटे को न्याय कब मिलेगा।

कासगंज में महिलाओं को निर्वस्त्र कर पीटने का सनसनीखेज आरोप, दबंगों पर जानलेवा हमले और पुलिस निष्क्रियता का आरोप

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कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। पटियाली थाना क्षेत्र के कनेशर नगला डलू गांव में एक परिवार ने गांव के दबंगों पर घर में घुसकर महिलाओं के कपड़े उतारने, बेरहमी से मारपीट करने और जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कासगंज से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित अवनीश कश्यप पुत्र पोपन ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके घर के सामने उनकी खुद की जमीन पर भैंस बंधती है। इसी बात को लेकर गांव के कुछ दबंगों ने पुरानी रंजिश के चलते 16 मई 2026 की सुबह करीब 8 बजे हमला बोल दिया।

आरोप है कि निर्भय पुत्र अखिलेश, राजकुमार पुत्र भूरे, करू पुत्र बलवीर समेत अन्य लोगों ने घर में घुसकर अवनीश की मां श्रीमती हरप्यारी, तीन बहनों और भाभी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित का दावा है कि हमलावरों ने उनकी मां के कपड़े तक उतार दिए और उन्हें घर से घसीटते हुए पूरे परिवार को बुरी तरह पीटा।

पीड़ित परिवार के अनुसार महिलाओं को गंभीर चोटें आईं, जबकि फावड़ा लेकर अवनीश के भाई पर जानलेवा हमला किया गया। किसी तरह उसने अपनी जान बचाई। विरोध करने पर अवनीश के साथ भी जमकर मारपीट की गई। पीड़ित का कहना है कि घटना का वीडियो भी उनके पास मौजूद है।

अवनीश कश्यप ने आरोप लगाया कि गांव में उनका परिवार अकेला रहता है और आरोपी आए दिन उनके परिवार को निशाना बनाते रहते हैं। घटना के बाद दरियावगंज चौकी में शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि परिवार की महिलाओं और अन्य घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जाए तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं ताकि परिवार को न्याय मिल सके।

ग्रामीणों के मुताबिक घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और गंभीर हो सकता है।

फिलहाल पूरा मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है और पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।

लद्दाख में हादसे का शिकार हुआ भारतीय सेना का चीता लाइट हेलीकॉप्टर, 2 पायलट और डिवीजन कमांडर मेजर जनरल घायल

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भारतीय सेना का एक चीता लाइट हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह घटना बीते 20 मई को लद्दाख सेक्टर में हुई। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट और डिवीजन कमांडर मेजर जनरल सचिन मेहता जख्मी हो गए।भारतीय सेना का एक चीता लाइट हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह घटना बीते 20 मई को लद्दाख सेक्टर में हुई। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट और डिवीजन कमांडर मेजर जनरल सचिन मेहता जख्मी हो गए, लेकिन अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच समिति गठित
सेना के अधिकारियों के मुताबिक, चीता लाइट हेलीकॉप्टर के दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच समिति गठित की गई है। हादसे की वजहों का पता लगाया जा रहा है। गनीमत रही कि इन हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

महर्षि कश्यप जयंती पर जुटेगा पूरा समाज, गढ़ी टिकौला में होगा भव्य भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम

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सोनीपत जिले के गांव गढ़ी टिकौला में 24 मई 2026 को महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है। महर्षि कश्यप सेवा समिति गढ़ी टिकौला द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत रविवार सुबह 9 बजे हवन पूजन के साथ होगी। इसके बाद सुबह 10 बजे से रागिनी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंग देंगे। वहीं दोपहर 12:30 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए प्रसाद वितरण किया जाएगा।

कार्यक्रम में राई विधानसभा की विधायक श्रीमती कृष्णा गहलावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन स्थल गांव गढ़ी टिकौला स्थित शिव मंदिर के पास रखा गया है, जहां दूर-दूर से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

 

समिति के पदाधिकारियों अमित कश्यप, धीरज कश्यप और संदीप कश्यप ने समाज के सभी लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास भी है।

गांव में कार्यक्रम को लेकर विशेष सजावट की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महर्षि कश्यप जयंती हर वर्ष उत्साह के साथ मनाई जाती है, लेकिन इस बार आयोजन को और अधिक भव्य रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी समिति द्वारा विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

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गरीबी के बीच सपनों की उड़ान, तीन बच्चों की मां गीता देवी बना रहीं भोजपुरी और हिंदी कॉमेडी वीडियो, सोशल मीडिया पर पहचान बनाने की कोशिश

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बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली गीता देवी आज सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हुनर और मेहनत के दम पर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। गांव की साधारण गृहिणी होते हुए भी गीता देवी लगातार भोजपुरी, हिंदी कॉमेडी और डांस वीडियो बनाकर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।

महसों थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी गीता देवी बेहद साधारण और गरीब परिवार से आती हैं। परिवार में पति ओमप्रकाश के साथ उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद गीता देवी ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया और करीब तीन-चार महीने पहले मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया।

परिवार के मुताबिक गीता देवी अपने घर और बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समय निकालकर भोजपुरी और हिंदी गानों पर डांस, कॉमेडी और मनोरंजन से जुड़े वीडियो तैयार करती हैं। खास बात यह है कि उनके पति भी उन्हें पूरा सहयोग देते हैं और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

गीता देवी अपने साधारण मोबाइल फोन से ही वीडियो शूट करती हैं। ना कोई बड़ा कैमरा, ना महंगा सेटअप और ना ही कोई टीम, फिर भी उनका आत्मविश्वास लोगों को प्रभावित कर रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके वीडियो में मेहनत और जुनून साफ दिखाई देता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनकी आईडी “driving lover 605” के नाम से बताई जा रही है, जबकि यूट्यूब पर वह “juhi kumari 08” नाम से वीडियो अपलोड करती हैं। परिवार की इच्छा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग उनके वीडियो देखें, पसंद करें और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें ताकि उनका हौसला और मजबूत हो सके।

गीता देवी का कहना है कि वह चाहती हैं कि लोग उनके टैलेंट को पहचानें और उन्हें मोटिवेशन मिलता रहे। गांव की इस महिला की मेहनत अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग भी उनके जज्बे की तारीफ कर रहे हैं।