Monday, July 6, 2026
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मुंबई लाए गए सोमालिया के 35 समुद्री लुटेरे:नेवी ने पुलिस के हवाले किया; 6 दिन पहले नौसेना ने सरेंडर करवाया था

सोमालिया के 35 समुद्री लुटेरों को शनिवार सुबह INS कोलकाता से मुंबई लाया गया। भारतीय नौसेना ने इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया है। इन लुटेरों ने 16 मार्च को नेवी के सामने सरेंडर किया था।

दरअसल, 14 दिसंबर को भी समुद्री लुटेरों ने माल्टा के जहाज MV रुएन को हाईजैक कर लिया था। वो इस जहाज का इस्तेमाल समुद्र में डकैती करने के लिए कर रहे थे। 15 मार्च को भारतीय नौसेना ने चॉपर (हेलिकॉप्टर) जहाज को बचाने के लिए उसके करीब पहुंचा था। इसके फौरन बाद समुद्री लुटेरों ने चॉपर पर फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान नेवी ने लुटेरों से सरेंडर करने को कहा था।

17 लोगों का रेस्क्यू किया गया
भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में हाईजैक हुए जहाज MV रुएन को बचाने वाला ऑपरेशन भारत के समुद्री तट से 2800 किलोमीटर दूर चलाया था। इसे पूरा करने के लिए युद्धपोत INS सुभद्रा, ज्यादा ऊंचाई तक उड़ने वाले ड्रोन, P8I पैट्रोलिंग एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल हुआ। इस दौरान 17 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला गया था। अब हाईजैक हुआ जहाज MV रुएन पूरी तरह भारतीय नौसेना के कब्जे में है।

लुटेरों ने MV रुएन जहाज को बेस बना लिया था
कतर के मीडिया हाउस अलजजीरा के मुताबिक लूटेरे MV रुएन जहाज का इस्तेमाल अपने बेस की तरह करने लगे थे। 14 मार्च को समुद्री लुटेरों ने इससे एक बांग्लादेशी झंडे वाले जहाज मर्चेंट वेसल अब्दुल्लाह पर कब्जा करने की कोशिश की थी। 15-20 हथियारबंद लुटेरों ने जहाज पर हमला कर दिया था। ये मोजाम्बिक से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जा रहा था। हालांकि, भारतीय नौसेना ने इसे रेस्क्यू कर लिया था।

इस पर बांग्लादेश के 23 क्रू मेंबर्स सवार थे। हाइजैक की सूचना मिलते ही भारतीय नेवी ने क्रू मेंबर्स से संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद कोई जवाब न मिलने पर नौसेना ने अपने पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट को जहाज की निगरानी के लिए भेजा था। जहाज पर करीब 55 हजार टन कोयला मौजूद था।

कौन हैं सोमालिया के समुद्री लुटेरे
अमेरिकी मीडिया हाउस न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सोमालिया के कई समुद्री तटीय इलाकों में सरकार नहीं है। लोग जो चाहते हैं वो करते हैं। इससे समुद्री लुटेरों और स्मगलर्स को बढ़ावा मिलता है।

सोमालिया वो मुल्क है जिसके समुद्र में बड़ी तादाद में मछलियां मौजूद हैं। 1990 तक इसकी अर्थव्यवस्था मछलियों से ही चलती थी। तब यहां समुद्री लुटेरों का कोई डर नहीं था। अधिकतर लोग मछली का व्यापार करते थे। फिर यहां सिविल वॉर शुरू हो गई। सरकार और नौसेना नहीं रही। इसका फायदा विदेशी कंपनियों ने उठाया।

सोमालिया के लोग छोटी नावों में मछली पकड़ते थे। उनके सामने विदेशी कंपनियों के बड़े-बड़े ट्रॉलर आकर खड़े हो गए। लोगों का रोजगार छिनने लगा। इससे परेशान होकर 1990 के बाद इस देश के लोगों ने हथियार उठा लिए और समुद्री लुटेरे बन गए। समुद्री मालवाहक जहाजों का एक बड़ा जखीरा सोमालिया कोस्ट के पास से होकर गुजरता था।

मछुआरे से लुटेरे बने लोगों ने इन जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया। जहाज छोड़ने के बदले वो फिरौती लेने लगे। साल 2005 तक ये धंधा इतना बड़ा हो गया कि एक पाइरेट स्टॉक एक्सचेंज बना दिया गया। यानी लुटेरों के अभियान को फंड करने के लिए लोग उनमें इन्वेस्ट कर सकते थे। बदले में लोगों को लूटी हुई रकम का एक बड़ा हिस्सा मिलता।

भारतीय क्रू वाले जहाजों पर भी हमला कर चुके हैं समुद्री लुटेरे
लुटेरे अब तक 5 बार भारतीय क्रू मेंबर वाले जहाजों पर भी हमला कर चुके हैं। 4 जनवरी को भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों से एक जहाज को छुड़ाया था। लाइबेरिया के फ्लैग वाले इस जहाज का नाम लीला नोर्फोर्क था। भारतीय नौसेना ने बताया था कि जहाज ने ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) पोर्टल पर एक संदेश भेजा था। इसमें कहा गया था कि 5-6 सुमद्री लुटेरे हथियारों के साथ जहाज पर उतरे।

हाईजैक की सूचना मिलते ही एक मैरीटाइम पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट P8I को जहाज की तरफ रवाना किया गया। मर्चेंट वेसल की सुरक्षा के लिए INS चेन्नई को भी भेजा गया। नौसेना का ऑपरेशन 5 जनवरी को पूरा हुआ था। इस दौरान 15 भारतीयों समेत सभी 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया था।

सी एम विंडो पर की शिकायत के बावजूद भी गली के बीच खड़ा बिजली के खंभा नहीं हटा

हरियाणा: जिला रोहतक के अजायब गाँव के बिजली का खम्भा‌ हमारी गली के बीच में लगा हुआ है। हटाने के लिए परेशान लोग निगम में शियाकत देते हो उसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारीयो द्वारा खम्बे को हराया नहीं जाता रोहतक दे गाँव अजायब में जहाँ पर हम लोग रहते हैं। वहीं खम्मा लगा हुआ है। हमारी गली में खम्भा लगा हुआ है। इसके कारण इस तरफ ट्रैक्टर वह डम्फर नहीं आ सकता इसलिए शिकायत की है। कृपया करके हमारी इस एप्लीकेशन को स्वीकार किया जाए बिजली विभाग के अधिकारीयो द्वारा इस हरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है बिजली विभाग में दी गई शिकायत में बिजली अधिकारियों ने खम्भे हटाने में सहमती नहीं दिखाई।

संदीप और जगबीर को वह रास्ता गेहूँ की फसल के लिए चाहिए अतः संदीप और जगबीर हरियाणा सरकार से मदद की गुहार लगाई।

खंबा हटवाने बारे मुख्यमंत्री के नाम लिखा शिकायत पत्र:

माननीय मुख्यमंत्री महोदय हरियाणा सरकार बाबद-सी एम विषय विण्डो (महम) खम्भा हटवाने हेतु श्रीमान सविनय निवेदन यह हैं। कि मैं संदीप पिता राजबीर गाँव अजायब का स्थाई निवासी हूँ, मेरी गली मैं खम्भा लगा हुआ है वह गलत जगह लगा हुआ है मैंने जे ई से अपिल की लेकिन जे ई ने डिपार्टमेंट का अस्टीमेट बनाने को कहा लेकिन इसको मैंने मना कर दिया क्योंकि यही खम्भा लाल डोरे के अंदर लगा हुआ है मैंने गाँव के सरपंच रणबीर और नंबरदार ने भी इस खम्बे को लाल डोरे के अंदर बताया यह लिखित रूप में दिया जिसमें हस्ताक्षर दोनों ने किया परंतु जे ई वह एस डी ओ ने इसे न कर दिया और इस खंबे को लाल डोरे के बाहर बताया और कई लोगों के साइन करवाकर जे ई और एसडीओ साहब को एप्लीकेशन जयवीर सन ऑफ बलवान द्वारा दी गई एप्लीकेशन से सहमत हैं और खम्बे को लाल डोरे के बाहर बता रहे हैं, जो कि गलत है जबकि खंबा लाल डोरे के अंदर है संदीप इस बात को लिखित रूप में दे रहा है संदीप और जगबीर को वह रास्ता गेहूँ की फसल के लिए चाहिए अतः संदीप और जगबीर हरियाणा सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं कृपया करके इस खंबे को किसी दूसरी जगह लगाया जाए जे ई विकास और एस डी ओ पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए प्रार्थी सन्दीप पिता राजबीर।

सीएम विंडो पर दी गई शिकायत पत्र:

 

शिकायत संख्या: सीएमओएफएफ / एन / 2024 / 024066 शिकायतकर्ता का नाम संदीप और जगबीर की शिकायत से सम्बंधित है 28-02-2024, कारण: शिकायत निवारण के लिए की गई आवश्यक कार्यवाही प्रशासनिक सचिव विद्युत विभाग की रिपोर्ट दिनांक 19-3-2024 के अनुसार प्रकरण का निस्तारण किया जाता है। बिजली विभाग शिकायत के लिए यूएचबीवीएनएल के उत्तर पर विचार करें।

स्थानीय निवासी संदीप पिता का नाम राजबीर आदि ने बताया कि इन खंभों की शिकायत-सी एम विंडो और बिजली विभाग में दी हुई है लेकिन कुछ नहीं हुआ। बिजली निगम के कार्यालय में जाते हैं तो अधिकारी अपनी सीट पर नहीं मिलते। यही नहीं फोन करने पर फोन नहीं उठाते। ई खबर मीडिया संवाददाता ने इस संदर्भ में बिजली निगम के एसडीओ से जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क किया तो काल रिसीव नहीं हुई।

 

 

 

 

 

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

शर्मिला (सीमा) ने सास व देवर पर लगाए गंभीर आरोप पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज, सरकार से लगाई मदद की गुहार!

महाराष्ट्र: जिला पुणे में पीड़िता शर्मिला (सीमा) साल्वे नवी सांगवी द्वारा सूचना दी गई कि मेरे सास व देवर मेरे बाल पकड़कर घसीट रहे है व मेरे साथ मारपीट गालीगलौच कर रहे है और उन्होंने मुझे जख़्मी भी कर दिया है। सीमा ने बताया की मेरे पति का दिमाग़ का ऑपरेशन 2010 में हुआ था और अब उनके मानसिक स्वास्थ्य खराब है पति सास और देवर की बातों में आकर मेरे साथ मारपीट करते है और मुझे घर से बाहर निकाल दिया। कुछ समय बाद सास और देवर मेरे घर आकर मेरे साथ मारपीट और गाली गलौज करते हैं तब जाकर सीमा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई परन्तु पुलिस कार्यवाही के नाम पर सिर्फ लीपा पोती में लगी हुई है। मेरा पति भी सास और देवर की बातों में आकर मेरे साथ बहुत दुर्व्यवहार करता है। मेरा बेटा 24 साल का है वह सास और देवर के पास ने उसका भी ब्रेनवाश कर दिया है सीमा ने बताया की वह मेरे बेटे के पैसे को भी फालतू में उड़ा रही है और कहते हैं कि अपनी माँ को घर से बाहर निकाल दे सास का नाम है सावित्री नामदेव साल्वे और देवर का नाम सुधीर नामदेव साल्वे है।

शर्मिला ने बताया कि सावित्री मुझे जान से मारने की दी जा रही है धमकी पुलिस नहीं कर रही है कोई कार्यवाही

क्या है पूरा मामला?

मै शर्मिला (सीमा) मनोज साल्वे और एक सनसनी बात को वायरल करनी है वह है मेरी सास, दो देवर, सास, नन्द, इन चारो की दो जगह जमीन थी। महाराष्ट्र, (पिंपळे जमीन गुख) लक्ष्मीनगर, गल्ली नं.5 मे।एक गट्टा और अपनी सास की गाव में 2 गट्टा जमीन थी और लालची लोगों ने मेरे पति को बेच मनोज साळवे को मरा हुआ दिखाकर, एक बिल्डर को बेच डाली तब मेरा पति मेरे पास था मुझे पता चला तब मैं सास को पूछने गई तो मुझे चुड़ैल बोली तु कौन होती है मुझको पुछने वाली तो ये चुडेल मैं सास को पुछने वाली, हमारी थी हमने बेच डाली एक माँ होकर अपने बेटे की जमीन कैसे बेच डाली यह और यह लालची औरत माँ के नाम पर कलंक है इस लालची औरत ने   इतना ही नहीं इसने देवर की दो-दो शादियाँ करवा दी वह भी मुझे बेहोश करके जब मैं होश में आई तो मैं अस्पताल में थी ऐसी क्या वजह है कि मैं लालची लोगों को हम दोनों छिपाकर यह सब करना पडा, इसके एक-एक कारनामें सामने आने लगे है यही कारण है मैंने फेसबुक, गुगल, ट्युब पर वायरल करी पहले वाली बात में पुलिस वाले ने इस आरोपी का केस हाथ में लिया है। मुझे जनता के हौसले की जरूरत है इन लोगों से मेरे जान को भी खतरा है,

चारों का पुरा नाम इस प्रकार है,

1) सावित्ता नामदेव साळवे- (सास) , 2) सुधीर नामदेव साळवे- (देवर) , 3) गणेश नामदेव साळवे (देवर) , 4) दिपा बायु अडागळे (नणंद) ।

पुलिस नहीं कर रही है कोई मदद क्या कहा शर्मिला

क्या पुलिस भी बिकाऊ है?
पुलिस एफ आई आर नहीं कर रही

उक्त सूचना पर तत्काल आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु पुणे थाने से पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही:-पुलिस टीम द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तत्काल मौके पर पहुँचकर महिला की सास व देवर को काफी समझाने का प्रयास किया गया परन्तु सीमा के सास व देवर द्वारा पुलिस के सामने ही शर्मिला के साथ मारपीट व गालीगलौच करते हुये बाल पकड़ कर घसीटने लगे मौके पर मौजूद पुलिस द्वारा महिला का बचाव किया गया तो सास व देवर ने पुलिस के कार्यों में बाधा उत्पन्न कर पुलिस के साथ भी अभद्रता करने लगे जिस पर पुलिस द्वारा कार्यवाही तो दूर अभी तक फिर तक नहीं लिखी गई और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस टीम द्वारा पीड़िता शर्मिला साल्वे को मौके से रेस्क्यू कर शरीर पर आयी चोट से दर्द के कारण उपचार हेतु तत्काल सरकारी अस्पताल दाखिल किया गया। अस्पताल में पीडित सीमा साल्वे का मेडिकल परीक्षण भी किया गया। सीमा साल्वे ने बताया की पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही और पुलिस भी बिकाऊ हो गई है।

 

 

 

 

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

GT की स्ट्रेंथ & वीकनेस:गुजरात परफेक्ट टीम; कप्तान नया, पेस अटैक में खल सकती है शमी की कमी

डेब्यू सीजन में IPL टाइटल जीतने वाली गुजरात टाइटंस के पास एक मजबूत टीम है। हालांकि मोहम्मद शमी और हार्दिक पंड्या के चले जाने से टीम की तेज गेंदबाजी कमजोर नजर आ रही है।

शुरुआती 2 सीजन में हर बार फाइनल खेलने वाली गुजरात टीम इस बार मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहला मैच खेलेगी। शुभमन गिल पहली बार IPL में कप्तानी करेंगे। स्टोरी में हम गुजरात टाइटंस की स्ट्रेंथ और वीकनेस पर नजर डालेंगे।

इंजर्ड शमी और मिंज बाहर, वेड शुरुआती मैच नहीं खेलेंगे
गुजरात के पास मजबूत बैटिंग लाइन है। टॉप ऑर्डर में कप्तान शुभमन गिल के साथ साई सुदर्शन ओपनिंग करते दिख सकते हैं। साथ ही तीसरे नंबर की कमान अनुभवी बल्लेबाज केन विलियमसन संभल सकते हैं। मिडिल ऑर्डर में डेविड मिलर, अजमतुल्लाह ओमरजई, विजय शंकर जैसे बल्लेबाज हैं। ऑलराउंडर राशिद खान और राहुल तेवतिया फिनिशर की भूमिका निभाएंगे।

गेंदबाजी में राशिद खान और नूर अहमद जैसे क्वालिटी स्पिनर्स हैं, जबकि पेस अटैक की जिम्मेदारी अनुभवी उमेश यादव, मोहित शर्मा, जोशुआ लिटिल और कार्तिक त्यागी पर रहेगी। स्पेंसर जॉनसन भी लेफ्ट आर्म पेस में अच्छे ऑप्शन हैं।

पॉसिबल प्लेइंग-11
शुभमन गिल (कप्तान),
 ऋद्धिमान साहा, साई सुदर्शन, अजमतुल्लाह ओमरजई, डेविड मिलर, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, उमेश यादव, मोहित शर्मा, स्पेंसर जॉनसन और अभिनव मनोहर।

  • मजबूत टॉप ऑर्डर शुभमन गिल, साई सुदर्शन और केन विलियमसन के रूप में मजबूत टॉप ऑर्डर है। गिल पिछले सीजन के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 17 मैचों में 3 शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 890 रन बनाए थे। सुदर्शन ने भी तीन फिफ्टी सहित 362 रन बनाए थे। विलियमसन पिछले सीजन चोट के कारण नहीं खेल सके, लेकिन वह लीग के स्थापित बल्लेबाज हैं और हर परिस्थिति में खेल सकते हैं।
  • ओमरजई-शाहरुख के आने से फिनिश और मजबूत हुआ टीम के पास राशिद खान और राहुल तेवतिया जैसे काबिल फिनिशर थे। फ्रेंचाइजी ने अजमतुल्लाह ओमरजई और शाहरुख खान को अपने साथ जोड़कर फिनिशिंग डिपोर्टमेंट को और मजबूत किया है।
  • राशिद-नूर जैसे वर्ल्ड क्लास स्पिनर्स फ्रेंचाइजी के पास राशिद खान और नूर अहमद जैसे वर्ल्ड क्लास स्पिनर्स हैं। पेस और स्पिन बॉलिंग के लिए टीम के पास कई विकल्प मौजूद हैं। ऑस्ट्रेलिया के लेफ्ट आर्म पेसर स्पेंसर जॉनसन नई गेंद से कमाल कर सकते हैं।

वीकनेस

  • टीम का कप्तान नया गुजरात को पहले दो सीजन में सफलता दिलाने वाले कप्तान हार्दिक पंड्या मुंबई की कमान संभाल रहे हैं। ऐसे में टीम की कमान युवा शुभमन गिल को सौंपी गई, लेकिन साल 2018 में डेब्यू करने वाले गिल के पास इस लीग के एक भी मैच में कप्तानी करने का अनुभव नहीं है।
  • मोहम्मद शमी पूरे सीजन से बाहर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी टखने की चोट के कारण मौजूदा सीजन से बाहर हो गए हैं। ऐसे में नई गेंद से स्पेंसर जॉनसन के साथी की कमी खल सकती है।
  • वेड शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं विदेशी बैटर मैथ्यू वेड लीग के शुरुआती मैचों के लिए उपलब्ध नहीं हैं। जो बैटिंग को प्रभावित करेगा।

शराब नीति केस में केजरीवाल कोर्ट में पेश:ED ने दिल्ली सीएम को इस मामले का मास्टरमाइंड बताया, 10 दिन की रिमांड मांगी

ED ने शराब नीति केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार दोपहर 2 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। उनकी रिमांड पर सुनवाई शुरू हो गई है। जांच एजेंसी ने 10 दिन की रिमांड मांगी है। साथ सीएम को इस मामले का मास्टरमाइंड बताया।

केजरीवाल को 21 मार्च को CM हाउस से गिरफ्तार किया गया था। उनकी रात ED की लॉकअप में कटी। इस बीच दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के CM बने रहेंगे। जेल से सरकार चलाएंगे।

इससे पहले केजरीवाल अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुबह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच के सामने कुछ ही देर बाद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जी वापस लेने की गुजारिश की।

केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा- ट्रायल कोर्ट में रिमांड की कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के साथ टकरा रही है इसलिए उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। ट्रायल कोर्ट में हम पहले रिमांड प्रोसीडिंग पर लड़ेंगे और फिर एक और याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट आएंगे।

केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में AAP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के ITO में प्रदर्शन किया। दिल्ली सरकार के दो मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान केजरीवाल के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी CM केजरीवाल के घर उनके परिवार से मिलने जा सकते हैं।

ED ने कहा- केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाले के किंगपिन

ED ने अदालत को बताया कि केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाले के किंगपिन (सरगना) हैं। ED ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली शराब नीति को बनाने में सीधे तौर पर शामिल थे। केजरीवाल ने रिश्वत लेने के लिए कुछ खासों लोगों का फेवर किया। इससे हुई इनकम का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा चुनावों में किया था।

ED ने कोर्ट में 28 पेजों की दलीलें पेश की

ED ने कोर्ट में 28 पेजों की दलीलें पेश की हैं। ED के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि आरोपी (केजरीवाल) को गुरुवार रात 9 बजे गिरफ्तार किया गया। उन्हें 24 घंटों के भीतर कोर्ट के सामने पेश किया गया। हमने सभी प्रावधानों का पालन किया है। उनके परिवार को भी इसके बारे जानकारी दी गई। ED ने कोर्ट को केजरीवाल की गिरफ्तारी और घर पर छापेमारी की फाइल भी दिखाई।

कोर्ट रूम लाइव: जज कावेरी बावेजा कर रही हैं सुनवाई
  • दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दोपहर 2.20 बजे सुनवाई शुरू हुई। ED ने केजरीवाल की 10 दिन की हिरासत मांगी।
  • इससे पहले ASG को कोर्ट रूम में लाने के लिए कोर्ट से पुलिस अधिकारी गए। ज्यादा भीड़ होने की वजह से वे कोर्ट रूम में अंदर नहीं जा पा रहे थे।
  • ED की तरफ से ASG SV राजू दलील रख रहे हैं। ED के वकील ने कहा कि पुलिस ASG को भी नहीं आने दे रहे हैं वह कोर्ट के बाहर हैं।
  • इस दौरान केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंधवी इंंतजार किया गया, वह कोर्ट रूम से बाहर गए थे।
  • ASG राजू ने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया, हम केजरीवाल की 10 दिन हिरासत की मांग कर रहे हैं।

मीडिया में इश्तिहार लगवाकर दुल्हन खोज रहा युवक:बोला- जाति, धर्म की कोई शर्त नहीं; जीवन संगिनी को हमेशा खुश रखूंगा

दिल्ली: कोलकाता के नदिया जिला में एक युवक मीडिया ने खबर लगवाकर दुल्हन ढूँढ रहा है। उसने अख़बार में अपने फोटो के साथ पूरा बायोडाटा लगा रखा है। शहरभर में जहाँ भी खबर का असर पहुँचता है, लोग दिलचस्पी के साथ खबर में लगे बायोडाटा को पढ़ने लगते हैं।

युवक रामदूलाल ने बताया कि उसकी उम्र 37 साल हो चुकी है। अब तक शादी नहीं हो पाई है। कोई रिश्ता भी नहीं आ रहा है। ऐसे में दुल्हन ढूँढने के लिए ये तरीका अपनाया है। उसने खबर के माध्यम से लिखा है कि किसी भी जाति, धर्म की युवती उसके पास विवाह का प्रस्ताव लेकर आ सकती है। उसके परिवार के लोग भी रिश्ता लेकर आ सकते हैं।

युवक ने बताया, ‘इस पहल में मेरे माता-पिता की भी सहमति है। वे पूजा-पाठ में व्यस्त रहते हैं, इसलिए उनके पास लड़की खोजने का समय नहीं है।’

रामदूलाल रविदास ने बताया कि वह दिल्ली में काम करके परिवार का भरण पोषण करता है। उसने कहा, ‘जो भी युवती मेरी जीवन संगिनी बनेगी, उसे हमेशा खुश रखूंगा।’

पिता मजदूरी करते है, भाई की शादी हो चुकी

रामदूलाल रविदास ने कहा, ‘मेरे पिता मोली में मजदूरी करते थे। वे रिटायर्ड हो चुके हैं। एक बड़ा भाई है, जिसकी शादी हो चुकी है। वह पत्नी-बच्चों के साथ अलग रहता है। मैं भी अलग रहता हूँ। खाने-पीने की बहुत परेशानी होती है इसलिए चाहता हूँ कि जल्दी से शादी हो जाए।’

रामदूलाल रविदास ने बताया कि उसके लिए कभी कोई रिश्ता नहीं आया। माता-पिता ने शुरुआत में कुछ प्रयास किए लेकिन कहीं से भी रिस्पॉन्स नहीं मिला।

ऑनलाइन साईट पर मांगे थे रुपए, पता किया तो लड़की ही नहीं थी

रामदूलाल रविदास ने बताया, ‘ करीब डेढ़ साल पहले मैंने फेसबुक पर मिले एक वैवाहिक बेवसाइट के फोन नंबर पर भी संपर्क किया था। कहा गया कि 6000 रुपए फीस लगेगी। गाजियाबाद की ही युवती से रिश्ता कर दिया जाएगा। जब युवती के बारे में जानकारी चाहिए तो बेवसाइट वालों ने बताया कि वह गाजियाबाद क्षेत्र में रहती है।

पहले भी शादी के लिए आवेदन किया था ऑनलाइन साइट पर आवेदन कर 5 सौ रूपये दिए थे परंतु आज तक उनका कोई कॉल नहीं आया। ऑनलाइन साइट पर भी धोखाधड़ी हो रही है इसलिए मैंने ए खबर मीडिया का नंबर गूगल से सर्च किया और अपनी खबर लगवाई मीडिया के माध्यम से शायद मुझे कोई अच्छी लड़की मिल जाए।

मेरा पूरा परिचय: रामदुलाई रबीदास पिता: मौली रबीदास जन्मतिथि: 11 / 02 / 1970 लिंग पुरुष उम्र 37 पता: सरकारपारा रोड, नबद्वीप, वार्ड 16, नबद्वीप, नादिया, नबद्वीप। पश्चिम बंगाल, 741302 मोबाइल नंबर 8348721085 है।

गाजियाबाद की रहने वाली अंजलि जिनकी माँ का नाम सुशीला है उनसे शादी की बात चल रही है शायद उनसे बात करके कुछ पता चले। मैंने जब गाजियाबाद में जाकर पता किया तो उस नाम की कोई युवती नहीं मिली। इसके बाद मैंने सोचा कि अब खुद अपने स्तर पर युवती की तलाश करूंगा।

 

 

 

 

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

महाराष्ट्र के जिला बल्लारपुर में ईसाई परिवारों पर क्यों हो रहे हैं हमले, सरोज पॉल ने सुनाई आप बीती!

महाराष्ट्र: वल्लारपुर जिला सरोज पॉल कम्पेली, उम्र 48, व्यवसाय प्राइवेट टीचर (वैभव छाणियोंद वल्लारपुर) , जाति खिचन, रु। सुभाष वार्ड, कोलियरी गेट नं। 1. वल्लारपुर जिला। चंद्रपुर की रहने वाली महिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है इसमें उसने बताया कि हम क्रिश्चियन धर्म के हैं और जो जहाँ ज्यादातर लोग मुस्लिम और हिन्दू धर्म से रहते हैं जिस वजह से मुस्लिम धर्म के लोग ज्यादा है वह हमें बहुत ज्यादा परेशान करते हैं मेरा और मेरे बच्चों का घर से निकलना भी दुबार हो गया है मैं अपनी मम्मी के घर पर रहती हूँ। पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही गुंडे किस्म के लोग हमें दिन-रात परेशान करते हैं पूरा मोहल्ला मिलकर हमें घर से बाहर निकलना चाहता है लगभग 100-150 गुंडे किस्म के लोग हमारे घर पर हमला कर देते हैं और हमें और हमारे बच्चों को जान से मारने की धमकियाँ देते दूसरे धर्म के इन लोगों ने हमें 2 साल से परेशान किया जा रहा है। मेरे और मेरे परिवार की इन लोगों द्वारा रेकी की जा रही मेरे बच्चों का वीडियो बनाकर उनकी फोटो पर गंदे-गंदे गाने लगाकर उन्हें परेशान करते हैं। मेरी बेटियों का घर से निकल भी दुबर हो गया है। आरोपियों के नाम अली यार मोहम्मद है और फिरोज सिद्दीकी, मिजानुर नायक और मुमताज सिद्दीकी हर चार लोग परेशान करते हैं जान से मारने की सुपारी मोहम्मद अली पाशा को दी हुई है अगर हमें भविष्य में कुछ होता है तो इसके जिम्मेवार यह सभी लोग होंगे। कुछ किन्नर लोग भी रहते हैं उनका फोटो दिखाकर जादू टोना करते हैं और वॉइस लेकर वायरस फैलाते हैं कॉविड वायरस की तरह

पुलिस नहीं कर रही है कोई कार्यवाही कई बार रिपोर्ट लिखवा चुकी हूँ परंतु रसूखदार लोग होने की वजह से हर बार पुलिस मामले को रखा दबा कर देती है।

क्या लिखा है पुलिस रिपोर्ट में:

मैं उपस्थित पुलिस थाने में मौखिक रिपोर्ट करता हूँ कि मैं उपर्युक्त पते पर अपने परिवार के साथ रहता हूँ तथा उपरोक्तानुसार प्राइवेट नौकरी करता हूँ। मेरे घर के पीछे रेहाना मित्रनूर लईक अपने परिवार के साथ रहती है। साथ ही हमारे फ्रंट मैन मानकी बार मोहम्मद भी अपने परिवार के साथ रहते हैं। साल 2015 में रेहाना काफी समय के लिए हमारे पीछे रहने आई थी, तब से वह हमसे कहती थी कि घर छोड़ कर यहाँ से चले जाओ. आज 15 / 04 / 2022 को लगभग 01 / 15 अपराह्न। इसी बीच मैं घर से भाग गया फिरोज सिद्दीकी अपने आँगन में आया। तभी हमारे घर के सामने रहने वाले ननकी मोहम्मद और नरगिस परेशान करते है अपने आंगन में पानी लगा रहे थे और वह भी मेरे आंगन में पानी लगाने लगे। तो मैंने भी अपने दरवाजे से पानी फेंकना शुरू कर दिया। उस समय मेरी बेटी सोनी दरवाजे पर खड़ी थी और मुझे देखकर रेहाना मोबाइल फोन में सीडीओ चलाने लगी, जब मैंने उससे कहा कि तुम हमारा वीडियो क्यों बना रहे हो, तो वह मुझसे कहने लगी, देख-देख कैसे ग्रुप बना रहे हो। फिर मैं बाहर आ गया। जब मैं उससे पूछ रहा था कि तुम वीडियो क्यों बना रही हो तो रेहाना मेरे ऊपर आ गई और मुझे हाथों से मारने लगी। तो जब मेरी बेटी सोनी उसे बचाने आई तो उसने उसे भी पीटना शुरू कर दिया। उस वक्त मैंने उनका विरोध किया। तभी रेहाना ने मेरे दाहिने हाथ पर काट लिया। रेहाना को देखकर घर के सामने से ननकी भी मुझे मारने आ गई, रेहाना ने मेरे बाल पकड़ लिए और मुझे धक्का देने लगी। तो मेरा शरीर दीवार से टकरा गया और जब वे मेरी बेटी को छुड़ा रहे थे तो उन्होंने उसे भी लात घूसों से पीटा और उसके कपड़े खींचने लगे। परिणामस्वरूप, मेरी बेटी के कपड़े फट गए और उसका बायाँ हाथ पर खरोंच आई। इसके बाद रेहाना और ननकी ने मुझे और मेरी बेटी को गाली देना शुरू कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। थाना पुलिस रेहाना और मानकी के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की रिपोर्ट क्यों दे रही है?

यह मेरी ब्रेक रिपोर्ट है। लैपटॉप ने मेरे निर्देशों के अनुसार टाइप किया और मुझे पढ़ने की अनुमति दी।

सरोज पॉल कम्पेली ने लगाई सरकार से मदद की गुहार!

सरोज पॉल कम्पेली ने बताया की दूसरे धर्म के लोग मुझे और मेरे बच्चों को बहुत ज्यादा परेशान करते हैं उनकी वजह से हमारा बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है पुलिस भी कोई कार्यवाही नहीं कर रही है पुलिस में कई बार एप्लीकेशन देख रिपोर्ट दर्ज करवाई जा चुकी है परन्तु हमारी कोई नहीं सुन रहा है मैं महाराष्ट्र सरकार से मेरे और मेरे परिवार के रक्षा के लिए उचित कदम उठाए अन्यथा मुझे और मेरे परिवार को कल को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी हम क्रिश्चियन धर्म से हैं इसलिए अन्य धर्म के लोग हमें बहुत ज्यादा परेशान करते हैं जान से मारने की धमकियाँ देते हैं और हमें कहते हैं कि हम यहाँ से छोड़कर कहीं और चले जाएँ सरकार हमारी मदद करें।

ऋतुराज गायकवाड बने CSK के कप्तान:एमएस धोनी ने कमान छोड़ी; RCB से कल पहला मैच खेलेगी टीम

चेन्नई सुपर किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL-2024) की शुरुआत से एक दिन पहले कप्तान बदलने की घोषणा की है। टीम को 5 बार चैंपियन बना चुके महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है।

उनकी जगह 27 साल के युवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड टीम की कमान संभालेंगे। वे फ्रेंचाइजी के चौथे कप्तान बने हैं। इससे पहले, एमएस धोनी, सुरेश रैना और रवींद्र जडेजा टीम की कमान संभाल चुके हैं।

CSK ने बयान जारी कर कहा- ‘एमएस धोनी ने IPL 2024 की शुरुआत से पहले चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड को सौंप दी है। गायकवाड 2019 से चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं और उन्होंने इस दौरान IPL में 52 मैच खेले हैं। टीम आगामी सीजन का इंतजार कर रही है।’ इस सीजन का ओपनिंग मैच चेन्नई और बेंगलुरु के बीच एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुक्रवार को खेला जाएगा।

CSK 16 में से 14 सीजन खेली, धोनी सभी में कप्तान
टीम IPL के 16 में से 14 सीजन का हिस्सा रही। इन सभी सीजन में धोनी कप्तान रहे। 2016 और 2017 में बैन झेलने के बाद धोनी ने दोबारा बागडोर संभाली और 2018 और 2021 के खिताब दिलाए। 2022 में रवींद्र जडेजा को कप्तान बनाया गया था, लेकिन जडेजा ने बीच सीजन में कप्तानी छोड़ दी और धोनी को फिर कमान संभालनी पड़ी। इसके बाद 2023 सीजन में धोनी ने चेन्नई को अपनी लीडरशिप में 5वीं बार चैंपियन बनाया। रैना भी कुछ मैचों में टीम को लीड कर चुके हैं।

गायकवाड को क्यों बनाया गया कप्तान?
गायकवाड को क्रिकेटिंग सर्किल में काफी पहले से लीडरशिप ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा था। जब उन्होंने चेन्नई के लिए पहला सीजन खेला था तब से ही कुछ एक्सपर्ट उन्हें भविष्य का कप्तान बता रहे थे। वे धोनी की पसंद भी बताए जा रहे हैं। गायकवाड अभी 27 साल के ही हैं और लंबे समय तक टीम के लिए खेल सकते हैं।

इसके अलावा बल्लेबाजी में वे काफी कंसिसटेंट रहते हैं। 2022 सीजन को छोड़कर हर साल उन्होंने CSK के लिए 40 से ऊपर की औसत से रन बनाए हैं। वे घरेलू क्रिकेट में महाराष्ट्र की कप्तानी भी करते रहे हैं।

भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं गायकवाड, एशियाड का गोल्ड दिलाया
युवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम को लीड कर चुके हैं। वे 2022 में चीन में खेले गए एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष टीम के कप्तान बनाए गए थे। उन गेम्स में गायकवाड ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया था।

2019 सीजन से CSK के लिए खेल रहे गायकवाड
महाराष्ट्र की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले गायकवाड 2019 सीजन से चेन्नई सुपर किंग्स टीम का हिस्सा हैं। अब तक चार सीजन में उन्होंने 52 मैच खेले हैं और 39.07 की औसत और 135.52 के स्ट्राइक रेट से 1797 रन बना चुके हैं।

SBI ने इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी डिटेल EC को सौंपी:SC को बताया- हर बॉन्ड का सीरियल नंबर भी दिया; डेडलाइन से डेढ़ घंटे पहले जानकारी दी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि उसने चुनाव आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सारी जानकारी सौंप दी है। SBI ने कहा कि नई जानकारी में बॉन्ड्स के सीरियल नंबर भी शामिल हैं। पिछली बार इनकी जानकारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने SBI के चेयरमैन को फटकार लगाई थी।

18 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने SBI को आदेश दिया था कि 21 मार्च की शाम 5 बजे तक हर बॉन्ड का अल्फान्यूमेरिक नंबर और सीरियल नंबर, खरीद की तारीख और राशि सहित सभी जानकारियां दें। बैंक ने दोपहर 3.30 बजे ही कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर दिया।

SBI के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने एफिडेविट में यह भी लिखा कि बैंक अकाउंट नंबर और KYC के अलावा कोई भी डिटेल नहीं रोकी गई है। सुरक्षा कारणों के चलते चंदा देने वालों और राजनीतिक दलों के KYC नंबर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

पिछली सुनवाई में कहा था- SBI का रवैया सही नहीं
CJI चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि SBI जानकारियों का खुलासा करते वक्त सिलेक्टिव नहीं हो सकता। इसके लिए आप हमारे आदेश का इंतजार न करें। SBI चाहती है हम ही उसे बताएं किसका खुलासा करना है, तब वे बताएंगे। ये रवैया सही नहीं है।

इससे पहले बेंच ने 11 मार्च के फैसले में SBI को बॉन्ड की पूरी डिटेल देने का निर्देश दिया था। हालांकि, SBI ने सिर्फ बॉन्ड खरीदने और कैश कराने वालों की जानकारी दी। इस बात का खुलासा नहीं किया गया था कि किस डोनर ने किस राजनीतिक पार्टी को कितना चंदा दिया। इसके बाद कोर्ट ने 16 मार्च को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को नोटिस देकर 18 मार्च तक जवाब मांगा था।

2023 में फैसला सुरक्षित था… फिर भी 8,350 करोड़ रु. के बॉन्ड छापे
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 2 नवंबर को इलेक्टोरल बॉन्ड की वैधानिकता पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, फिर भी 2024 के दौरान 8,350 बॉन्ड छापे गए थे। इसमें हर बॉन्ड एक करोड़ रु. का था। पूर्व नौसेना अधिकारी और ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट लोकेश बत्रा की RTI क्वेरी के जवाब में SBI ने यह जानकारी दी।

इससे पहले बत्रा की एक अन्य RTI क्वेरी में सामने आया था कि इलेक्टोरल बॉन्ड की छपाई और इनकी व्यवस्था का खर्च करदाताओं को उठाना पड़ा था। बॉन्ड जारी करने वाले SBI ने 2018 से 2023 तक सरकार से छपाई और व्यवस्था के खर्च के नाम पर 13.50 करोड़ रुपए वसूले थे। 2024 में छापे गए 8,350 बॉन्ड के खर्च के बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है।

CJI और एडवोकेट के बीच हुई थी बहस
18 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में उन याचिकाओं पर सुनवाई हुई, जिनमें तर्क दिया गया कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कोर्ट के फैसले के बाद अधूरा डेटा दिया। इस दौरान एडवोकेट मैथ्यूज नेदुमपरा और CJI डीवाई चंद्रचूड़ के तीखी बहस देखने को मिली।

सुनवाई के दौरान नेदुमपरा ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड मामला बिल्कुल भी न्यायसंगत मुद्दा नहीं था। यह एक नीतिगत मामला था और इसमें अदालतों का दखल नहीं था। इसीलिए लोगों को लगता है कि यह फैसला उनकी पीठ पीछे दिया गया।

जब नेदुमपरा बोल रहे थे तो CJI ने उनसे रुककर सुनने के लिए कहा, लेकिन नेदुमपरा ने कहा कि मैं इस देश का नागरिक हूं। इस पर CJI ने कहा, “एक सेकेंड, मुझ पर चिल्लाओ मत। नेदुमपरा ने जवाब दिया, “नहीं, नहीं, मैं बहुत नरम हूं।”

इस पर CJI ने कहा, “यह हाइड पार्क कॉर्नर की बैठक नहीं है, आप अदालत में हैं। आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, आवेदन दायर करें। आपको CJI के रूप में मेरा निर्णय मिल गया है, हम आपकी बात नहीं सुन रहे हैं। यदि आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं तो इसे ईमेल पर ट्रांसफर करें। इस अदालत में यही नियम है।

कांग्रेस बोली- इलेक्टोरल बॉन्ड PM की हफ्ता वसूली योजना
कांग्रेस ने सोमवार (18 मार्च) को मोदी सरकार पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इसे पीएम हफ्ता वसूली योजना नाम दिया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए दान देने वालों में 21 फर्म ऐसी हैं, जिन्होंने CBI, ED या इनकम टैक्स की जांच का सामना किया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हर दिन चुनावी बॉन्ड घोटाले का सच सामने आ रहा है। इलेक्टोरल बॉन्ड स्कैम कितना बड़ा है यह लगातार स्पष्ट होता जा रहा है। आज हम इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले में भ्रष्टाचार के चार तरीकों में से दूसरे, प्रधानमंत्री हफ्ता वसूली योजना पर फोकस कर रहे हैं-

  • 10 नवंबर 2022 को ED ने दिल्ली सरकार की शराब नीति में गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी को गिरफ्तार किया। पांच दिन बाद 15 नवंबर को अरबिंदो फार्मा ने इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में 5 करोड़ रुपए दान किए।
  • नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने अक्टूबर 2018 में इनकम टैक्स के छापे के 6 महीने बाद अप्रैल 2019 में 30 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे।
  • 7 दिसंबर 2023 के रामगढ़ में रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड की 3 यूनिट पर आयकर विभाग ने छापा मारा। 11 जनवरी 2024 को कंपनी ने 1 करोड़ रुपए के 50 इलेक्टोरल बांड खरीदे। इससे पहले फर्म ने केवल अप्रैल 2021 में दान दिया था।
  • हैदराबाद की शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड पर 20 दिसंबर 2023 को इनकम टैक्स का छापा पड़ा। 11 जनवरी 2024 को कंपनी ने 40 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बांड खरीदे।
  • नवंबर 2023 में आयकर अधिकारियों ने कथित नकद लेनदेन के लिए रेड्डीज लैब्स के एक कर्मचारी के यहां छापा मारा। छापे के ठीक बाद कंपनी ने 31 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे। इसके बाद इस कंपनी ने नवंबर 2023 में 21 करोड़ रुपए के और जनवरी 2024 में 10 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे, जो कुल मिलाकर 84 करोड़ रुपए होते हैं।

अज्ञात व्यक्ति द्वारा जिले में जगह जगह चिपकाया गया प्रधानमंत्री के नाम से शिकायती पत्र

मध्य प्रदेश: शहडोल जिला चिकित्सालय परिसर वह शहर में जगह-जगह किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक शिकायती पत्र चिपकाया गया। पत्र में जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं जब जिस प्राईवेट हॉस्पिटल की शिकायत लिखी गई थी उन्हे इसकी सूचना मिलते ही उनके ही कर्मचारी द्वारा कुछ ही देर में इस पत्र को पूरे जिला अस्पताल परिसर से निकलते हुए देखा गया। तथा निजी अस्पताल वाले अपनी गलती को छुपाते नजर आए वह सबूत मिटाते नजर आए।

पत्र में कहा गया है कि उक्त निजी अस्पताल में डायलिसिस के दौरान कई मरीजों की जान चली गई है। डायलिसिस करने वाला व्यक्ति, गणेश कुशवाहा, न तो योग्य है और न ही उसके पास कोई अनुभव या डिग्री आदि है। नियमों को ताक पर रख कर हो रहा काम अस्पताल में काम मरीजों की जान राम भरोसे हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि उक्त निजी अस्पताल में एक महिला की डिलेवरी के दौरान यून्टर फट गया था, जिसके कारण उसकी जान चली गई। दो साल पहले भी इसी अस्पताल में एक महिला की डिलेवरी के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी। तथा इस अस्पताल के डॉक्टर वह मेनेजमेंट ने केस रफा दफा कर दिया था।

पत्र में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि सीएमओ एमएस सागर भ्रष्ट अधिकारी हैं और उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना कर उनका भी पालन नहीं किया।

अज्ञात ने लगाई प्रधानमंत्री से मदद की गुहार!

पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि वे उक्त निजी अस्पताल और जिला स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जांच करवाएँ और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें।

पुलिस ने युवती की आत्महत्या का मामला दर्ज कियाः

अमलाई थाना क्षेत्र में एक युवती ने 2 सितंबर 2022 को थाने के सामने खुद को आग लगा ली थी। युवती ने एक पटवारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की शी।

शहडोल संभाग में आमजनता न्याय के लिए दर-दर भटकते!

पत्र में यह भी कहा गया है कि शहडोल संभाग के अधिकारी अफसरों के यहाँ आमजनता के साथ न्याय नहीं होता है। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी आमजनता की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

क्या लिखा है शिकायत पत्र में?
मोदी सरकार की गारंटी?
मोदी जी बोलते है कि मेरी गारंटी पर गारंटी है, माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी कोई गारंटी नहीं है भ्रष्ट अधिकारी लोगों की गारंटी नहीं है कि वे ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभा रहे है या नहीं निभा रहे हैं। उच्च न्यायालय हाई कोर्ट ने आदेशित किया दिनांक 23.02.2022 डब्लू.एन.ओ. 1138 / स्वास्थ्य चिकित्सालय सी.एम.ओ. एम.एस. सागर पूर्व में शहडोल म।प्र। में उस भ्रष्ट अधिकारी की पोस्टिंग रही, आदेशित किया एक प्राइवेट हास्पिटल जांच करने की, उस हास्पिटल में हमेशा मौतें होती हैं, कई मरीजो की जान चली गई, वह हास्पिटल जिला मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय के बगल से शहडोल म।प्र। में है, उस हास्पिटल में डाक्टर लोग बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करते हैं, उस प्राइवेट हास्पिटल का प्रबंधक द्विवेदी है और डॉक्टरों के ऊपर न कोई जांच होती है और न कोई कार्यवाही करते है ऐसे भ्रष्ट अधिकारी सी.एम.ओ. एम.एस. सागर जैसे लोग स्वास्थ्य चिकित्सालय में रहेगें तो प्राइवेट हास्पिटलें बिना पंजीकरण के, बिना डिग्री वाले डॉक्टर धड़ल्ले से हास्पिटलें चल रही है, एक गोरखपुर उ।प्र। की प्राइवेट हास्पिटल है जिसका नाम ईसू है उसमें एक मुर्दे का इलाज चल रहा था उस हास्पिटल में, वहाँ का प्रशासन डी.एम और पुलिस प्रशासन ने दबिश किया 20.02.2024 को वहाँ का प्रशासन मुआयना और जांच करने पहुँचे उस हास्पिटल में कोई डॉक्टर नहीं रहा। फिर आईसीयू रूम में गये एक पेसेन्ट एडमिट रहा वेन्टीलेटर में, डी.एम. ने अटेण्डम से पूछा कि यह कौन पेसेन्ट है अटेण्डम के मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी और वह कुछ बता नहीं पा रहा था। फिर उस पेसेन्ट का एक परिजन रहा, उसका नाम रामेश्वर रहा, उसने डी.एम. को बताया कि ये हमारे पिताजी है ये घर में स्लिप हो गये और गिर पड़े और सिर में चोट लग गई तो मैंने इनको एडमिट करवाया तीन दिन हो गये डाक्टर लोग कुछ सही नहीं बता रहे हैं। फिर डी.एम. ने उस पेसेन्ट को हिलाया डुलाया तो कुछ मूमेंट नहीं हो रहा था न तो उसकी सांसे चल रही थी और न ही धड़कन चल रही थी फिर उस पेसेन्ट को सरकारी हास्पिटल भेजा गया वहाँ के डॉक्टर लोग चेक किये फिर बोले कि इस पेसेन्ट की मृत्यु हो गई है फिर पोस्टमार्डम हुआ रिपोर्ट आई कि इस पेसेन्ट की 48 घंटे पहले मौत हो चुकी है फिर वहाँ का डी.एम. प्रशासन उस प्राइवेट हास्पिटल ईसू को उसके मालिक समेत 8 लोगों को गिरतार किया, किसी के पास कोई डिग्री नहीं रही और कोई डॉक्टर भी नहीं रहा और उस हास्पिटल को भी शील कर दिये एक तरफ गोरखपुर यू.पी. का डी.एम. उस हास्पिटल के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया। एक हमारा शहडोल का स्वास्थ्य चिकित्सालय भ्रष्ट डॉक्टर अधिकारी हाईकोर्ट के आदेश के बाद सी.एम.ओ. एस.एस. सागर टीम गठित किया जांच करने के लिये उस टीम में डॉक्टर ए0के0लाल, डॉक्टर वाई0के0 पासवान, डॉक्टर हीरालाल शुक्ला उस हास्पिटल में डॉक्टरो की टीम जांच करने गई। उस हास्पिटल का प्रबंधक द्विवेदी स्वास्थ्य चिकित्सालय की टीम को देखा सब लोगों को नाश्ता करवाया और ठंडा पिलाया टीम का जो कप्तान रहा एम.एस. सागर भ्रष्ट अधिकारी उसके लिये भी नाश्ते का पार्सल पैकेट और एक ठंडी बोतल कोक की दे दिया डॉक्टर ए0के0लाल को, यहाँ के स्वास्थ्य चिकित्सालय इस प्रकार की जांच करते है। यह मोदी सरकार की गारंटी है।

यह घटना शहडोल में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा करती है। प्रधानमंत्री से अज्ञात व्यक्ति द्वारा पत्र के जरिए आग्रह किया गया की वे इस मामले में त्वरित कार्यवाही करेंगे और दोषियों को सजा कड़ी से कड़ी दिलाएंगे।

 

 

 

ई-खबर मीडिया ब्यूरो, देव शर्मा की रिपोर्ट