Sunday, July 12, 2026
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पुणे में हेलिकॉप्टर क्रैश, 3 लोगों की मौत:इनमें 2 पायलट, 1 इंजीनियर; टेक ऑफ के बाद 1.5km दूर हादसा हुआ

महाराष्ट्र के पुणे जिले के बावधन ​​​​​​में बुधवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर में दो पायलट और एक इंजीनियर सवार थे। हादसे में तीनों की मौत हो गई। घटना बावधन में केके कंस्ट्रक्शन हिल के पास सुबह करीब 6:45 बजे हुई।

पुणे की पिंपरी चिंचवड़ पुलिस के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने ऑक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स के हेलीपैड से टेक ऑफ किया था। उड़ान भरने के करीब 10 मिनट बाद 1.5 किमी दूर जाकर हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसा पहाड़ी इलाके पर हुआ। वहां सुबह के समय घना कोहरा था।

क्रैश होने के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। हेलिकॉप्टर सरकारी था या प्राइवेट, यह अभी पता नहीं चला है। मृतकों की भी पहचान नहीं हो सकी है। घटना के तुरंत बाद रेसक्यू ऑपरेशन के लिए दो एम्बुलेंस और चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

40 दिनों के भीतर पुणे में हेलिकॉप्टर क्रैश की दूसरी घटना पुणे में 40 दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है। इससे पहले 24 अगस्त को पुणे के पौड इलाके में एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। यह हेलिकॉप्टर मुंबई से हैदराबाद जा रहा था। इसमें पायलट और तीन यात्री सवार थे। हादसे में पायलट जख्मी हुआ था। बाकी तीनों लोगों को ज्यादा चोट नहीं आई थीं।

पुणे रूरल पुलिस के सुपरिंटेंडेंट पंकज देशमुख ने बताया कि यह हेलिकॉप्टर मुंबई की ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉर्प कंपनी का था। यह AW 139 मॉडल का था। आशंका जताई गई कि हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी की वजह से क्रैश हुआ। हादसे के पीछे भारी बारिश को भी वजह माना गया।

मई में महाड में क्रैश हुआ था उद्धव गुट की नेता का हेलिकॉप्टर महाराष्ट्र के महाड में 3 मई को शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता सुषमा अंधारे का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। सुषमा अंधारे बारामती में महिला मेले में शामिल होने जा रही थीं। उनके हेलिकॉप्टर में चढ़ने से पहले ही हेलिकॉप्टर का बैलेंस बिगड़ गया और वो क्रैश हो गया। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने बताया था कि क्रैश की वजह साफ नहीं है। जांच की जा रही है।

एमपी में कांग्रेस को साथ लेकर चलेंगे सीएम मोहन यादव, उनके विधायकों के साथ मीटिंग कर मांगा पांच साल का प्लान

भोपाल: एमपी विकास के मुद्दे पर सीएम मोहन यादव सबको साथ लेकर चल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ उन्होंने सीएम हाउस में कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की है। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस विधायकों की बात सुनी है। मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि सकारात्मक विपक्ष प्रदेश के लिए भी बेहतर काम करेगा।
विधायकों से सरकार के कामों की चर्चा की

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में भी विधायकों से परस्पर चर्चा की है। खासकर के पहले हमने अपनी फसलों के सर्वे का फैसला किया। जिसके लिए हमने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि अगर फसल खराब हुई है तो उसका निराकरण करें।

बड़े निगमों में गौशाला बनाने के निर्देश

इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा कि गौशालाओं के लिए उनकी व्यवस्था अच्छी बनी रहे, उसका अनुदान बढ़ाने के लिए नगरीय क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर बड़ी-बड़ी नगर निगमों में गौशाला बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गौ धन को बढ़ावा देने के साथ ही दूध पर बोनस और दूध उत्पादन में भी मध्यप्रदेश देश का नंबर वन राज्य बने इसका फैसला किया है।
परिसीमन आयोग के बारे में दी जानकारी
सीएम मोहन यादव ने बताया कि हमने राज्य परिसीमन आयोग भी बनाया है। जिला संभाग, तहसीलों को अपनी सीमाएं बदलने के लिए सभी प्रकार के सुझाव भी लेंगे। विकास के मामलों में भी सरकार द्वारा किए गए कार्यो से उन्हें अवगत कराया गया है।
विधायक विजन डॉक्युमेंट बनाएं

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हो, या बीजेपी के सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं में विजन डाक्यूमेंट बनाएं। पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें हम समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेंगे।

विकास के मामले में बनाएंगे नंबर वन

उन्होंने कहा कि विकास के मामलों में मध्यप्रदेश देश का नंबर वन राज्य बने इस प्रयास में हम लगे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सारे जनप्रतिनिधि वो अपनी अपनी चिंता करके आ रहे हैं। हम सबने भी कोशिश की है कि मध्यप्रदेश को एक नए रूप में भी लाना है। जहां से हम चले थे, उससे और भी डबल स्थिति पाना है। मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में विकास की गति को इसी तरह जारी रखेंगे।

जिला अस्पताल देवास में वृद्धजनों के लिए 01 अक्टूबर को निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर होगा आयोजित

देवास मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोजनी जेम्स बेक ने बताया की जिला अस्पताल देवास में 01 अक्टूबर वृद्धजन दिवस पर वृद्धजनो के लिए निःशुल्क विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने वृद्धजनों से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक वृद्धजन शिविर में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें। शिविर में आने वाले वृद्धजनो, मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण के साथ विशेष सेवाऐं जैसे ईसीजी, बीपी जांच, शुगर जांच, ब्लड टेस्ट, नेत्र परीक्षण, मानसिक जांच, बधिरता, श्रवण जांच, नाक-कान- गला जांच, हड्डी रोग समस्या की जांच, स्त्री रोग की जांच, सर्जरी से संबंधित जांच, हार्ट की जांच, क्षय रोग की जांच, फीजियोथैरेपी सेवाएं, दंतरोग जांच, निःशुल्क दवा वितरण आदि सेवाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दी जायेगी।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने को तैयार, आसमान में दिखेगी ‘रिंग ऑफ फायर’, जानें क्यों होती है ये दुर्लभ खगोलीय घटना

साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण लगने में बस कुछ घंटे बाकी हैं। 2 अक्टूबर को लगने वाला यह साल का आखिरी सूर्यग्रहण भी होगा। इसके पहले 8 अप्रैल को सूर्यग्रहण लगा था, तब धरती पर पूरी तरह अंधेरा छा गया था। वह एक पूर्ण सूर्यग्रहण था, जबकि 2 अक्टूबर को वलयाकार होगा। इस दौरान आसमान में सूरज आग के छल्ले की तरह नजर आएगा। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। सूर्यग्रहण की टाइमिंग क्या होगी, कहां और कैसे नजर आएगा, ये सब हम बताएंगे, लेकिन उसके पहले जानते हैं कि सूर्यग्रहण आखिर क्या है और कैसे होता है?
सूर्यग्रहण क्या है?
सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो उस समय होती है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं। चंद्रमा के बीच में आ जाने से सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाता है, जिससे एक दुर्लभ नजारा होता है। सूर्य ग्रहण तीन तरह के होते हैं- पूर्ण सूर्यग्रहण, वलयाकार सूर्यग्रहण और आंशिक सूर्यग्रहण। इसके पीछे पृथ्वी और चंद्रमा की बदलती दूरी वजह बनती है।
पूर्ण सूर्यग्रहण क्या होता है?
वैसे तो सूर्य चंद्रमा से लगभग 400 गुना बड़ा है, लेकिन यह लगभग 400 गुना दूरी पर भी है। यही वजह है कि हमें आसमान में सूर्य और चंद्रमा लगभग एक ही आकार के दिखाई देते हैं। लेकिन पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी बदलती भी है, जिससे इसके आकार में अंतर होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के नजदीक होता है, उस दौरान वह बड़ा दिखाई देता है। इस समय सूर्यग्रहण लगने पर चंद्रमा सूर्य के कोरोना को पूरी तरह ढक लेता है और पृथ्वी पर दिन में कुछ समय के लिए अंधेरा हो जाता है।
क्यों होता है रिंग ऑफ फायर?
धरती के चारों को चंद्रमा की कक्षा अंडाकार है। इसका मतलब है कि पृथ्वी की परिक्रमा करते समय यह हमसे दूरी बदलता रहा है। वहीं, पृथ्वी भी अपनी कक्षा में घूमते हुए सूर्य से दूरी बदलती है। जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे सबसे दूर बिंदु पर होता है, तो यह सामान्य से छोटा दिखाई देता है। इस बिंदु पर या उसके पास होने पर यह सूर्य के ठीक सामने से गुजरता है तो यह सूर्य को पूरी तरह से ढकता नहीं दिखाई देता है। इसके चलते चंद्रमा के चारों ओर सूर्य की रोशनी का छल्ला दिखाई देता है। यह रिंग ऑफ फायर जैसा नजर आता है।
आंशिक सूर्यग्रहण
जब चंद्रमा और सूर्य पूरी तरह एक सीध में नहीं होते हैं और चंद्रमा का केवल एक हिस्सा सूर्य के सामने से गुजरता है। इस दौरान यह सूर्य के एक हिस्से को ही ढकता है। इस खगोलीय घटना को आंशिक सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है। वैसे यह जानना जरूरी है कि पृथ्वी भी सूर्य के चारों ओर थोड़ा अंडाकार कक्षा में चक्कर लगाती है। इसके चलते यह कभी सूर्य के करीब (जनवरी में) और कभी दूर (जुलाई में) होती है। पृथ्वी के करीब और दूर जाने से सूर्य का आकार भी बदलता है। यह भी इस बात में भूमिका निभा सकता है कि ग्रहण वलयाकार होगा या पूर्ण सूर्यग्रहण।
कब दिखेगा रिंग ऑफ फायर?
टाइम एंड डेट डॉट कॉम के अनुसार, वलयाकार ग्रहण को दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित प्रशांत महासागर, चिली और दक्षिणी अर्जेटीना के इलाके में देखा जा सकेगा भारतीय समयानुसार रात के 9:13 बजे शुरू होगा और 3 अक्टूबर को सुबह 3:17 बजे तक देखा जा सकेगा। इस तरह यह लगभग छह घंटे तक रहेगा।
भारत के खगोलप्रेमियों के लिए निराशा भरी खबर है। 2 अक्टूबर को लगने वाला सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, क्योंकि उस समय यहां रात हो रही होगी। हालांकि, पूरी तरह निराश होने की जरूरत नहीं है। विभिन्न खगोलीय एजेंसियां सूर्यग्रहण का लाइव टेलीकास्ट करेंगी, जहां इसे देखा जा सकता है।

आखिरी विकल्प में ही बुलडोजर ऐक्शन, अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं रुकेगी…सुप्रीम कोर्ट की दो टूक

नई दिल्ली: बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन नहीं रुकेगा। सड़क के बीच धार्मिक निर्माण गलत है। अवैध मंदिर, दरगाह को हटाना होगा। लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी कदम है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी शख्स आरोपी या दोषी है यह डेमोलेशन का आधार नहीं हो सकता है। देश भर के लिए इस मामले में गाइडलाइंस जारी होगा। कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुरक्षित रखा। फैसला सुनाए जाने तक बुलडोजर एक्शन पर रोक जारी रहेगी।
हम अवैध निर्माण हटाने के खिलाफ नहीं- सुप्रीम कोर्ट
डेमोलेशन मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सर्वोच्च कोर्ट ने इस दौरान कहा कि वह इस केस में दिशा-निर्देश जारी करेंगे। कोई भी शख्स आरोपी या दोषी है यह डेमोलेशन का आधार नहीं हो सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह अवैध निर्माण हटाने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन वह इसके लिए गाइडलाइंस जारी करेंगे। हमारा देश धर्म निरपेक्ष है और सभी नागरिकों की रक्षा के लिए निर्देश जारी होगा।
डेमोलिशन को लेकर गाइडलाइंस जारी करेंगे : SC
देश के कई राज्यों में चल रहे बुलडोजर एक्शन पर जमीयत उलेमा ए हिंद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, हम सभी नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी करेंगे। अवैध निर्माण हिंदू, मुस्लिम कोई भी कर सकता है। हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय के हों। सिर्फ सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को हटाने की ही छूट होगी।
17 सितंबर का अंतरिम आदेश जारी रहेगा- सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस गवई ने कहा कि अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक स्ट्रक्चर है चाहे मंदिर हो या दरगाह या फिर गुरुद्वारा, यह सभी के लिए बाधा नहीं बन सकी। सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है। अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है, तो बुलडोजर एक्शन हो सकता है। हालांकि, तोड़-फोड़ के लिए समय देना होगा। यही नहीं कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। 17 सितंबर का अंतरिम आदेश जारी रहेगा।

थाने पर शांति समिति की मीटिंग सपन्न ।

देवास पीपलरावां। नवरात्र व दशहरा को लेकर टीआई कमलसिंह गेहलोत ने शांति समिति की बैठक ली। टीआई ने घट स्थापना वाले स्थानों, विसर्जन जुलूस, गरबा, कन्या भोज,रावण दहन, पथ संचलन सहित अन्य कार्यक्रमों की जानकारी ली। साथ ही पंडालों में सीसी टीवी कैमरे लगाने , डीजे प्रतिबंधित होने व शांति से त्यौहार मनाने के निर्देश दिए। आनंद पाटीदार,पीरूलाल आदिवासी, शरद भावसार, मधुसूदन नवगोत्री, अजय मंडलोई, विकास यादव के साथ विहिप के अशोक राठौर, महेंद्र जोशी, राहुल कुशवाह व दाऊद खां पठान, छगन गुप्ता, भेरूलाल राठौर, रशीद मंसूरी, नौशाद मंसूरी, कपिल व्यास , भारत सिंह सिसोदिया, वकील खा मंसूरी आदि मौजूद थे।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

आतंकवाद की बात और नेतन्याहू से बातचीत… क्या पीएम मोदी ने कह दी अपने मन की बात?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर बात की और इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के लिए हमारी दुनिया में कोई जगह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव को रोकना और सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। सोमवार को हुई इस बातचीत में पीएम मोदी ने किसी विशेष घटना का जिक्र तो नहीं किया लेकिन यह बात ऐसे वक्त में हुई है जब हमास के बाद अब लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल हमले कर रहा है।
पीएम मोदी का निशाना किसकी ओर
पिछले सप्ताह लेबनान में किए गए इजराइली हमलों में हिज्बुल्लाह के सात कमांडर मारे गए, जिनमें हसन नसरल्ला भी शामिल था। पीएम मोदी ने किसी घटना या किसी संगठन का जिक्र नहीं किया और उनका जोर आतंकवाद शब्द पर रहा। पीएम मोदी अक्सर भारत और दुनिया के दूसरे मंचों से आतंकवाद को लेकर अपनी बात कई बार कह चुके हैं। इतना ही नहीं मोदी आतंकवाद को लेकर दोहरा रवैया रखने वाले देशों पर भी निशाना साधते रहे हैं।

भारत पहले भी कह चुका है यह बात
भारत की ओर से लगातार यह कहा जाता है कि इसके लिए कोई अलग पैमाना नहीं हो सकता है। यही वजह है कि भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भी क्लियर कर चुका है कि तब तक कोई बातचीत नहीं होगी जब तक आतंकवाद बंद नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान और चीन को परोक्ष रूप से निशाने पर लेते हुए कह चुके हैं कि कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं जबकि कुछ अन्य देश आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को रोकने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ऐसा करते हैं।

आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति क्यों
उन्होंने आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति पैदा करने की कोशिश करने वाले संगठन, देश और व्यक्तियों को अलग-थलग किए जाने की बात पर बार-बार जोर देते हैं। इतना ही नहीं भारत का यह मानना है कि आतंकवादी संगठनों को कई स्रोतों से पैसा मिलता है। एक स्रोत किसी देश से मिलने वाली मदद है। कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं। कुछ ऐसे भी देश हैं जो इन आतंकवादी संगठनों को राजनीतिक, वैचारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं।
मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम के बारे में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की। आतंकवाद के लिए हमारी दुनिया में कोई जगह नहीं है। क्षेत्रीय तनाव को रोकना और सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान पर कटाक्ष
अभी हाल ही में बदहाली से गुजर रहे पाकिस्तान पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एकदम सटीक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यदि भारत से अच्छे संबंध रखता तो जितना वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मांग रहा है उससे ज्यादा तो भारत उसे दे देता। पाकिस्तान आतंकवाद को पालने-पोसने में पैसा बहा रहा है और भारत विकास कार्यों पर खर्च कर रहा है।

कहीं आपका घी मिलावटी तो नहीं:एक्सपर्ट से जानें कैसे करें शुद्ध घी की जांच, खरीदते हुए बरतें ये 8 सावधानियां

आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डू विवाद से कौन वाकिफ नहीं है। मंदिर के तिरुपति लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल किए जाने वाले घी के सैंपल टेस्ट में फॉरेन फैट (जानवरों की चर्बी) होने का पता चला, जिसमें लार्ड (सुअर की चर्बी), टैलो (बीफ) और मछली का तेल, साथ ही नारियल, अलसी, रेपसीड और कॉटन सीड शामिल हैं। ये जानकारी प्रसाद के स्वाद में बदलाव की शिकायतों के बाद सामने आई, जिससे घी की शुद्धता को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

हर किसी के मन में घी की शुद्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं हम भी तो मिलावटी घी का सेवन नहीं कर रहे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम आपको घर बैठे शुद्ध घी की पहचान करने के तरीकों के बारे में बताएंगे। साथ ही जानेंगे-

घर पर शुद्ध घी कैसे बना सकते हैं?
घी आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है?
घी में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं?
सवाल- घर पर मिलावटी घी की पहचान कैसे करें? जवाब- घी की क्वालिटी के बारे में चिंताएं बढ़ने के साथ यह जानना जरूरी है कि घर पर घी की शुद्धता कैसे परखी जाए। यहां हम आपको कुछ साधारण तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आप ये जांच सकते हैं कि आपका घी असली है या नकली।

सुगंध से टेस्ट करें शुद्ध घी में एक अलग, अखरोट जैसी सुगंध होती है, जो गर्म करने पर और भी बढ़ जाती है। आर्टिफिशियल या मिलावटी घी में अक्सर यह सुगंध नहीं होती, जो उसके मिलावटी होने का संकेत है।

कलर के जरिए टेस्ट असली गाय का घी हल्का सुनहरा व पीला होता है। इसमें आर्टिफिशियल कलर नहीं होना चाहिए। अगर घी असामान्य रूप से चमकीला दिखाई देता है या उसमें नेचुरल कलर नहीं है तो यह अशुद्ध हो सकता है।

घी की बनावट को ध्यान से देखें शुद्ध घी चिकना और मलाईदार होता है। रेफ्रिजरेट करने पर यह थोड़ा जम जाता है, लेकिन गर्म करने पर आसानी से पिघल जाता है। चिपचिपा घी मिलावट का संकेत देता है।

गर्म करके क्लैरिटी चेक करें क्लैरिटी की जांच करने के लिए एक पैन में थोड़ा सा घी गरम करें। शुद्ध घी साफ और तलछट से मुक्त रहता है। अगर कुछ गंदगी नीचे जम जाती है तो घी में मिलावट होने की संभावना है।

जलाकर टेस्ट करें एक चम्मच घी को गर्म तवे पर डालें। शुद्ध घी बिना किसी अवशेष के जल्दी पिघलकर धुएं में उड़ जाता है। अशुद्ध घी बदबू छोड़ सकता है या नीचे गंदगी छोड़ सकता है।

रेफ्रिजरेशन टेस्ट शुद्ध घी रेफ्रिजरेट करने पर जम जाता है, लेकिन नॉर्मल तापमान में रखने पर पिघल जाता है। अगर यह रेफ्रिजरेट करने पर भी तरल रहता है तो यह घी नकली और मिलावटी है।

पानी से चेक करें इसके लिए सबसे पहले एक गिलास पानी लें। फिर थोड़ा सा घी उसमें डाल दें। अगर घी पानी में तैरने लगे तो वह शुद्ध है और अगर घी पानी के अंदर डूब जाए तो यह मिलावटी है।

इसके अलावा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने भी घी की शुद्धता को परखने के दो उपाय बताए हैं। नीचे ग्राफिक में इस बारे में समझिए।
सवाल- भारत में घी और मक्खन की खपत कितनी है? जवाब- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में घी और मक्खन की प्रति व्यक्ति खपत 2007 में 2.7 किग्रा प्रति वर्ष (7.4 ग्राम प्रति व्यक्ति/प्रति दिन) थी, जो वर्ष 2020 में बढ़कर 4.48 किग्रा प्रति वर्ष (12.3 ग्राम प्रति व्यक्ति/प्रति दिन) हो गई।

सवाल- घी में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं? जवाब- घी में मुख्य रूप से 99.5% फैट और 0.5% से कम मॉइस्चर होता है। इसके अलावा घी में विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E, विटामिन K और फॉस्फोलिपिड होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम और ओमेगा 3 जैसे खनिज भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कुल मिलाकर ये आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इसका उपयोग पूजा-पाठ में भी किया जाता है।
सवाल- घी और बटर में क्या अंतर है? जवाब- घी और बटर एक जैसे होते हैं, लेकिन उन्हें बनाने के तरीके में अंतर होता है। दोनों को बनाने की प्रक्रिया भी एक जैसी ही होती है, लेकिन घी को बटर से थोड़ा अधिक पकाते हैं, जिससे ये अधि​क स्वादिष्ट और पौष्टिक हो जाता है। साथ ही इसका रंग भी गहरा हो जाता है।

सवाल- क्या घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है? जवाब- घी विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट का एक रिच सोर्स है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि फैट का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, लेकिन स्टडीज से पता चलता है कि घी जैसे फैटी फूड खाने से शरीर को कुछ आवश्यक विटामिन और खनिज मिलते हैं। घी के साथ हेल्दी फूड्स और सब्जियां पकाने से अधिक पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक भी साबित हाे सकता है। नीचे ग्राफिक में देखिए घी आपके स्वास्थ्य के लिए कैसे लाभदायक है।
घर पर घी बनाने का आसान तरीका मार्केट में मिलावटी घी के आने के बाद से ज्यादातर लोग इसे खरीदने में डर रहे हैं। अगर आप घी खाने के शौकीन हैं तो यहां हम आपको घर में घी बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं। नीचे ग्राफिक के जरिए आप पूरी प्रक्रिया के बारे में समझ सकते हैं।

सवाल- घी का सेवन कितनी मात्रा में करें? जवाब- आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति रोजाना एक या दो चम्मच घी का सेवन कर सकता है। 2 साल से ऊपर का बच्चा भी एक या दो चम्मच घी डेली खा सकता है। ध्यान रहे कि बिना मेहनत किए ज्यादा घी पचाना आसान नहीं होता है। इसलिए घी खाने वाले व्यक्ति मेहनत करने पर भी ध्यान दें।

गोविंदा के पैर में गोली लगी:खुद से मिस फायरिंग हुई, हॉस्पिटल से ऑडियो मैसेज में एक्टर बोले- गोली निकाल दी गई

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा (60) पैर में गोली लगने से घायल हो गए हैं। उन्हें खुद की पिस्टल से चली गोली लगी। घटना मंगलवार सुबह करीब 4.45 बजे की है। ऑपरेशन कर उनके पैर से गोली निकाल ली गई है। एक्टर फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

गोविंदा खतरे से बाहर
जानकारी के मुताबिक, गोली लगने से उनके पैर से काफी खून बह गया था। इलाज के लिए अंधेरी के क्रिटी केयर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। हॉस्पिटल से जुड़े सुत्रों के अनुसार, शुरुआती इलाज के बाद अब गोविंदा खतरे से बाहर हैं। उनकी पत्नी सुनीता फिलहाल अस्पताल में उनके साथ मौजूद हैं।

एक प्रोग्राम में शामिल होने कोलकाता रवाना होने वाले थे
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने बताया है कि वे एक प्रोग्राम के लिए कोलकाता जा रहे थे। 6 बजे की फ्लाइट थी। अलमारी में पिस्टल रखते हुए मिस फायरिंग हो गई और उनके घुटने के नीचे गोली लग गई। उन्हें तुरंत अंधेरी के अस्पताल ले जाया गया। गोली निकाल ली गई है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। घबराने की कोई बात नहीं है।
कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, राजा बाबू, छोटे सरकार, हद कर दी आपने जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे गोविंदा बीते 5 सालों से फिल्मों से दूर हैं। उनकी आखिरी रिलीज फिल्म 2019 की रंगीला राजा है।
गोविंदा 28 मार्च को शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए थे। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। पार्टी जॉइन करने के बाद गोविंदा ने कहा था- मैं 2004 से 2009 तक राजनीति में था। ये संयोग है कि 14 साल बाद मैं फिर से राजनीति में आया हूं। मुझ पर जो विश्वास किया गया है, मैं उसे पूरी तरह से निभाऊंगा।

गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई नॉर्थ से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने भाजपा के राम नाइक को 48,271 वोटों से हराया था। एक्टर 2004 से 2009 तक सांसद रहे थे।
अपनी फिल्मों से अक्सर सबको हंसाने वाले गोविंदा ने रियल लाइफ में बेहद ट्रैजिक समय भी देखा है।साल 2014 में दिए एक इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था कि उन्होंने अपने परिवार में 11 मेंबर्स की डेथ देखी है। गोविंदा के अनुसार वो दौर उनकी लाइफ का सबसे चैलेंजिंग और इमोशनली तोड़ देने वाला समय था।
गोविंदा का फिल्मी करियर इस समय ढलान पर है। उनकी पिछली फिल्म ‘रंगीला राजा’ 2019 में आई थी जो कि फ्लॉप रही। इसके बाद गोविंदा के पास कोई फिल्म नहीं है। कभी पहली फिल्म हिट होने के बाद गोविंदा ने एक साथ 49 फिल्में साइन कर ली थीं।

दुनिया का ये शहर तोतों से लड़ रहा ‘जंग’, पास की पहाड़ी से आए हजारों पक्षी, बार-बार अंधेरे में डूब रहा इलाका

ब्यूनस एयर्स: अर्जेंटीना के पूर्वी अटलांटिक तट के पास बसा हिलारियो एस्कासुबी शहर बीते कुछ समय से एक अलग तरह की परेशानी का सामना कर रहा है। ये परेशानी शहर में बड़ी तादाद में तोतों के आने की वजह से हुई है। हजारों की तादाद में तोते जंगल से शहर में आ गए है, जो गंदगी फैलाकर, आवाज करके और तार काटकर आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना रहे हैं। शहर के पास के वनों की अंधाधुंध कटाई के चलते हरे, पीले और रंग के ये पक्षी हजारों की तादाद में शहर में आए हैं।
तोतों का झुंड बिजली के तारों को काट देते हैं, जिससे बिजली गुल हो जाती है तो कभी फोन और इंटरनेट के तारों को अलग कर देते हैं। इससे रोज शहर में कोई ना कोई परेशानी खड़ी होती रहती है। स्थानीय पत्रकार रामोन अल्वारेज का कहना है कि तोते किसी ना किसी तरह से दैनिक जीवन में कई तरह की परेशानियां खड़ी कर रहे हैं।
तोतों को भगाने की कोशिश नाकाम
रामोन के मुताबिक, तोतों को डराने और भगाने का लिए स्थानीय निवासियों ने कई तरह के तरीके अपनाएं हैं। तोतों को डराने वाली आवाज और लेजर लाइट का इस्तेमाल कर इन्हें भगाने की कोशिश की गई लेकिन ये सभी तरकीबें फेल साबित हुई हैं। लोगों की रोजाना की जिंदगी में तोतों की वजह से परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं।
जीवविज्ञानियों के अनुसार, आसपास की पहाड़ियों में दूर तक वन फैले हुए थें। इन वनों में ये पक्षी बहुत बड़ी तादाद में वर्षों से रहते आए हैं। हालिया वर्षों में वनों की कटाई ने इन रंग बिरंगे पक्षियों को बेघर कर दिया है। अर्जेंटीना में वन गायब हो रहे हैं तो ये भोजन-पानी और आश्रय की तलाश में करीबी शहरों में पहुंच रहे हैं।
वनों को बचाने से दूर होगी परेशानी
जीवविज्ञानी डायना लेरा कहती हैं कि पिछले कुछ वर्षों में तोतों का शहर की तरफ आना बहुत तेज हुआ है। खासतौर से सर्दियों के दौरान ये शरण की तलाश में शहर में आते हैं। स्थानीय लोगों के लिए तोतों का ये झुंड परेशानी का सबब भी बनते हैं लेकिन हमें ये समझने की जरूरत है भगाने से ये नहीं जाएंगे क्योंकि इनके घर तोड़ दिए गए हैं।
लैरा कहती हैं कि हमें अपने प्राकृतिक वातावरण को बहाल करने की शुरुआत करने की जरूरत है। हमें उन रणनीतियों के बारे में सोचना होगा, जिसने किसी विकास के नाम पर पशु पक्षियों के घर ना छीने जाएं। इससे ही इस तरह की समस्याओं का स्थायी हल निकल सकेगा।