Sunday, July 12, 2026
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क्या गांधीजी की भी थी कोई लव स्टोरी, कौन थीं सरला चौधरानी, कैसे जिंदगी में आईं, फिर बन गईं संन्यासी

गांधीजी के जीवन में कई महिलाएं आईं. कस्तूरबा से उन्होंंने 12 साल की उम्र में शादी की. कुछ उनकी अनुगामी थीं. कुछ सहयोगी. कुछ को उन्होंने बेटी माना लेकिन एक और थी, जिसे गांधी जी अपना दिल दे बैठे थे. वो उनकी जिंदगी में आईं. फिर चली गईं. बाद में संन्यासी बन गईं. इस पर काफी कुछ लिखा भी जा चुका है.

ये भी कहा जाता है कि ये गांधी जी के लंबे राजनीतिक जीवन का फिसलन था, जिससे तमाम तरह की बातें फैलनी शुरू हो गईं थीं. घर टूटने की कगार पर आ गया. सम्मान दाव पर लगने की नौबत आ गई. आखिरकार गांधीजी ने अपने पैर वहां से वापस खींच लिए.

गांधी जी दक्षिण अफ्रीका में अपने आंदोलनों के कारण जानी पहचानी शख्सियत बन चुके थे. वर्ष 1901 में वो दक्षिण अफ्रीका से भारत, कांग्रेस के अधिवेशन में हिस्सा लेने आए. ये कह सकते हैं कि भारत में अपनी राजनीतिक ज़मीन को टटोलने के लिए आए. कांग्रेस के अधिवेशन में उन्होंने एक युवती को कांग्रेस को समर्पित एक गाना लिखकर गाते हुए सुना. तीखे नाक नक्शों वाली प्रखर मेधा की बंगाली सुंदरी. ऐसी महिला, जो अलग थी. गांधीजी के दिमाग पर ज़रूर ही वो युवती कहीं दर्ज़ हो गई.

जब सरला देवी से दोबारा मिले
गांधी जी दोबारा जब 1915 में भारत लौटे तो ये सोचकर लौटे कि अब वो स्थायी तौर पर अपने पराधीन देश को स्वाधीन बनाने की लड़ाई लड़ेंगे. अफ्रीका में किए गए प्रयोगों को भारत में आजमाएंगे. 1917 तक गांधी जी की पहचान देश में बन चुके थी. दो साल बाद उनके असहयोग आंदोलन को पूरे देश में अभूतपूर्व समर्थन मिला
इस बीच गांधीजी को देशयात्रा के दौरान उस बंगाली महिला से फिर मिलने का अवसर मिला. लेकिन अक्टूबर 1919 जब वो सरला देवी चौधरानी के लाहौर स्थित घर में रुके तो उनके प्यार में पड़ गए. सरला तब 47 साल की थीं और गांधी जी 50 के.

सरला देवी नोबेल पुरस्कार प्राप्त रविंद्र नाथ टैगोर की बड़ी बहन की बेटी थीं. लाहौर में जब गांधी जी उनके घर ठहरे तो उनके पति चौधरी रामभुज दत्त आज़ादी आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण जेल में थे.

गांधीजी की शादी टूटने की नौबत आ गई थी
‘कस्तूरबा ए सीक्रेट डायरी’ की लेखिका और देश के प्रसिद्ध उद्योगपति रहे रामकृष्ण डालमिया की बेटी नीलिमा डालमिया कहती हैं, ‘गांधीजी को वाकई सरला देवी से प्यार हो गया था. इस पर कस्तूरबा ने तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की थी. ऐसा लगने लगा था कि गांधी जी की शादी टूट न जाए. इससे उनके घर में भूचाल आ गया. बेटों ने ज़बरदस्त विरोध किया. कुल मिलाकर ये मामला बड़ा स्कैंडल बन गया. बस गांधीजी ने जल्दी ही खुद को इससे किनारे कर लिया.’

पोते ने पहली बार किताब में ज़िक्र किया
लाहौर में जिस दौरान गांधी जी सरला के घर में ठहरे, तब सार्वजनिक तौर पर भी लोगों ने उनकी करीबी का अहसास किया. गांधीजी ने अपने भाषण में उनका ज़िक्र किया. गांधीजी के पोते राजमोहन गांधी ने जब तक महात्मा गांधी की बॉयोग्राफी नहीं लिखी थी, तब तक ये प्रेम प्रसंग केवल सुनी सुनाई बातों और अटकलों के रूप में मौजूद था.

वह पहले शख्स थे, जिन्होंने अपनी किताब के माध्यम से इसे सबके सामने ला दिया. राजमोहन ने तब कहा, ” मुझे लगता है कि अगर ईमानदारी से गांधी जी की बॉयोग्राफी लिख रहा हूं तो उनका ये पहलू भी सामने आना चाहिए. बचपन में वो अपने अभिभावकों से लगातार ये बात सुनते थे कि किस तरह अधेड़ उम्र में भी गांधीजी फिसल गए थे.”

तुम मेरे अंदर हो
गांधी जी ने लाहौर से लौटकर सरला देवी को पत्र लिखा, “तुम मेरे अंदर पूरी शिद्दत से हो, तुमने अपने महान समर्पण के पुरस्कार के बारे में पूछा है, ये तो अपने आप खुद पुरस्कार है.” दक्षिण अफ्रीका के अपने एक मित्र को पत्र लिखा, “सरला का सानिध्य बहुत आत्मीय और अच्छा था, उसने मेरा बहुत ख्याल रखा.” इस प्यार में पड़ने के कुछ महीनों बाद वो सोचने लगे थे कि उनके रिश्ते आध्यात्मिक शादी की तरह हैं.

सरला और गांधी के पत्र
गांधीजी ने अपने एक अन्य पत्र में सरलादेवी को लिखा, वो अक्सर उनके सपने देखते हैं. उन्होंने सरलादेवी के पति को बधाई दी कि सरला महान शक्ति या देवी हैं. अगस्त 1920 में गांधीजी के सचिव महादेव देसाई ने रिकॉर्ड किया कि सरलादेवी के पांच-छह पत्र लगातार मिले. एक बार तो सरलादेवी ने गांधीजी को छह दिनों में 12 पत्र लिख डाले. उनके लेख गांधीजी ने यंगइंडिया में लगातार छापे. नवजीवन के पहले पेज पर उनकी कविताएं प्रकाशित कीं. वो उनकी कविताओं की तारीफ करते थे.

एक साल से ऊपर चला ये रिश्ता
1920 में जब घर में सरलादेवी को लेकर हालात दुरूह होने लगे तो उदास गांधीजी ने उनसे कहा कि उनके रिश्ते ख़त्म हो जाने चाहिए, क्योंकि मुश्किलें बढ़ रही हैं. दोनों ने अपनी आत्मकथाओं में अपनी निकटताओं का ज़िक्र नहीं किया. बस एक जगह सरला देवी ने ये ज़रूर लिखा, “जब वो राजनीतिक तौर पर मुश्किल में थी तो महात्मा गांधी ने मुझसे कहा, तुम्हारी हंसी राष्ट्रीय संपत्ति है, हमेशा हंसती रहो. ये रिश्ता अक्टूबर 1919 से दिसंबर 1920 तक चला.” कुछ समय पहले जानीमानी महिला साहित्यकार अलका सरावगी ने भी इस पर एक किताब “सरला देवी चौधरानी और गाँधी : बारह अध्याय” लिखी.

महिला साहित्यकार अलका सरावगी की किताब “सरला देवी चौधरानी और गाँधी : बारह अध्याय”
संबंध करीबी भरे थे
‘महात्मा गांधीः ब्रह्मचर्य के प्रयोग’ के लेखक और पत्रकार दयाशंकर शुक्ल सागर कहते हैं, ‘इसमें कोई शक नहीं कि दोनों के संबंध बहुत करीबी भरे थे. अपने मित्र केलनबैचर को लिखे पत्र में उन्होंने सरलादेवी और कस्तूरबा की तुलना कर डाली थी. इस पत्र से ही लगता है कि कस्तूरबा के मुकाबले जब उन्हें सरलादेवी का सानिध्य मिला और वो उनके करीब आए.”

सरला का मोहक व्यक्तित्व
सरलादेवी का व्यक्तित्व मोहक और भव्य था. उनके लंबे काले बाल लहराते होते थे. गले में मालाएं होती थीं और वो सिल्क की शानदार साड़ियां पहनती थीं. नाक नक्श तीखे थे. आंखों में गहराई दिखती थी. बंगाली साहित्य में सरलादेवी पर अलग से कई किताबें लिखी गई हैं वो समय से बहुत आगे और असाधारण महिला थीं.

उनके पिता कांग्रेस के शुरुआती असरदार नेताओं में थे. कांग्रेस के संस्थापक एओ ह्यूम से उनकी करीबी थी. पिता जानकीनाथ घोषाल मजिस्ट्रेट थे और लंबे समय तक लंदन में रहे. मां स्वर्णकुमारी बांग्ला साहित्य और राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय थीं.

प्रखर महिला
सरला देवी अपने मामा रविंद्रनाथ टैगोर के साथ कोलकाता के टैगोर हाउस में रहीं, लिहाज़ा उन पर अपने ननिहाल का प्रभाव ज्यादा था. इस परिवार ने आज़ादी से पहले देश को कई प्रखर दिमाग वाली हस्तियां दीं. ‘गांधीः वायस ऑफ न्यू एज रिवोल्यूशन’ में लेखक मार्टिन ग्रीन लिखते हैं, ‘वो पढ़ाई में तेज़ थीं. कई विदेशी भाषाओं की जानकार. वो संगीतज्ञ थीं और कवियित्री भी. वो बंगाल के सशस्त्र आज़ादी के आंदोलन में शामिल होने वाली पहली महिला थीं. वो पुरुषों के साथ सोसायटी की मीटिंग में हिस्सा लेती थीं. कुश्ती और बॉक्सिंग के मैच आयोजित कराती थीं.’

बाद में संन्यासिन बन गईं
विवेकानंद उन्हें पसंद करते थे. वो अक्सर सिस्टर निवेदिता से उनकी तारीफ करते थे. वो जब वर्ल्ड कांग्रेस में शिकागो गए तो सरला देवी को भी एक युवा लड़की के रूप में अपने साथ ले जाना चाहते थे ताकि दुनिया भारत के उभरते हुए युवाओं को देख सके. लेकिन तब उनके पिता ने इस यात्रा की अनुमति नहीं दी. ‘माई एक्सपेरिमेंट विद गांधी’ में लेखक प्रमोद कपूर ने सरला देवी के बाद के जीवन के बारे में लिखा, ‘1923 में उनके पति का देहांत हो गया. इसके बाद वो लाहौर से कोलकाता चली गईं. 1935 में वो संन्यासिन बनकर हिमालय की ओर चली गईं. 1945 में 73 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. बाद में सरला देवी के बेटे दीपक का विवाह मगनलाल गांधी की बेटी राधा (गांधीजी की पोती) के साथ हुआ.’

सरला ने महिलाओं के मताधिकार की लड़ाई भी लड़ी
द टेलीग्राफ में 28 जनवरी 2024 को प्रकाशित लेख म्यूज टू द महात्मा (Muse to the Mahatma) में प्रसून चौधरी ने लिखा, सरला देवी के लिए सक्रियता की शुरुआत काफ़ी पहले ही हो गई थी; वह अपने मूर्तिभंजक तरीकों के कारण टैगोर परिवार में थोड़ी अलग थीं. उन्होंने बंगाल में उग्र राष्ट्रवाद के लिए मंच तैयार किया और बाद में महिलाओं के मताधिकार के लिए लड़ाई लड़ी.

गांधीजी उनके व्यक्तित्व से चकित थे
गांधी के पोते राजमोहन गांधी ने अपनी जीवनी मोहनदास: ए ट्रू स्टोरी ऑफ़ ए मैन, हिज पीपल एंड एन एम्पायर में लिखा है , “गांधी स्पष्ट रूप से उनके व्यक्तित्व से चकित थे और ऐसा लग रहा था कि वे कल्पना कर रहे थे कि ईश्वर चाहता है कि वे भारत को एक नए स्वरूप में ढालें… उन्होंने उनके पति की इस प्रशंसा को दोहराया कि वह एक ‘ महान शक्ति’ या देवी थीं.”

इतिहासकारों, जीवनीकारों और पत्रकारों ने दोनों के बीच के रिश्ते को व्यवस्थित रूप से गलत तरीके से पेश किया है, इसे एक निंदनीय मोड़ दिया. खासकर गांधी द्वारा अपने मित्र हरमन कैलेनबैक को लिखे गए पत्र में “आध्यात्मिक विवाह” वाक्यांश के इस्तेमाल के आधार पर. गांधीवादी विद्वान मार्टिन ग्रीन के “मनोविश्लेषण” ने यहां तक ​​सुझाव दिया कि गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा को तलाक देने के लिए तैयार थे ताकि वह सरला देवी से शादी कर सकें.

बाद में राजमोहन गांधी ने द टेलीग्राफ से एक बातचीत में स्पष्ट किया कि उनके दादा ने वास्तव में सरला देवी के साथ “एक गैर-भौतिक साझेदारी की कल्पना की थी” ताकि “भारत के लिए उनके सपनों को शीघ्र पूरा किया जा सके.”

वह हमेशा गांधीजी की हर बात से सहमत नहीं होती थीं
इस रिश्ते का सबसे निष्पक्ष विश्लेषण नारीवादी इतिहासकार गेराल्डिन फोर्ब्स ने अपनी किताब लॉस्ट लेटर्स एंड फेमिनिस्ट हिस्ट्रीज़: द पॉलिटिकल फ्रेंडशिप ऑफ़ मोहनदास के. गांधी एंड सरला देवी चौधरानी में किया. उन्होंने गांधी के 79 पत्रों और सरला देवी के चार पत्रों के ज़रिए अपने तर्क पेश किए, जिन्हें सरला देवी के बेटे दीपक ने भी साझा किया.

फोर्ब्स कहते हैं, “सरला देवी वह आज्ञाकारी शिष्य नहीं थीं, जिसे गांधी चाहते थे. उन्हें लगता था कि उनमें भारत की महिला नेता बनने की क्षमता है, वह चाहते थे कि वह एक कार्यक्रम पूरा करें – जिसे उन्होंने खुद तय किया था – ताकि वह नेता बन सकें.” उन्होंने कई चीजें कीं, जो गांधी चाहते थे, जैसे खादी पहनना. हालांकि वह अक्सर गांधी के आदेशों की अवहेलना करती थीं. विभिन्न मुद्दों पर असहमत होती थीं.”

प्रसून चौधरी अपने लेख में कहते हैं कि दूसरे शब्दों में कहें तो गांधी सरला देवी को एक स्वतंत्र महिला के रूप में स्वीकार करने में विफल रहे। यही कारण था कि उनकी दोस्ती एक साल में ही खत्म हो गई. गांधी ने स्वीकार किया कि वह खुद “उस संगति के लायक नहीं थे”.

भोपाल में तेज धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी, जानें अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम

भोपाल. राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में अक्टूबर के पहले दिन तेज धूप और उमस ने लोगों को काफी परेशान किया. बारिश के बाद भोपाल की सड़कों पर धूल के गुबार देखे जा रहे हैं. भोपाल के मुख्य मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण भी लोगों को धूल-मिट्टी का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले, रविवार को शहर के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के बाद सोमवार सुबह भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट खोले गए थे.

यह उल्लेखनीय है कि इस मानसून सीजन में भोपाल में सामान्य से लगभग 38% अधिक बारिश दर्ज की गई है. हालांकि, अब धीरे-धीरे मानसून की विदाई शुरू हो रही है. मौसम वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार, प्रदेश में अभी कोई स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके चलते अगले 5 दिनों तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है. मंगलवार को प्रदेश में तेज धूप के कारण तापमान में भी वृद्धि देखी गई.

भोपाल में पारा 34 डिग्री के पार
मंगलवार को राजधानी भोपाल में तेज धूप के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा. यहां तापमान 34.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अतिरिक्त, ग्वालियर में 35.8 डिग्री, टीकमगढ़-नर्मदापुरम में 35 डिग्री, उज्जैन में 34.5 डिग्री, जबलपुर में 34.2 डिग्री और इंदौर में 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.

एक ही दिन में 101 लोगों के टेस्ट, क्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गए चिकनगुनिया-डेंगू के मामले?

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चिकनगुनिया और डेंगू का खतरा पैदा हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने 1 अक्टूबर को भोपाल में 101 लोगों के चिकनगुनिया टेस्ट किए. यह आंकड़ा एक ही दिन में करीब-करीब चार गुना है. सितंबर में यह आंकड़ा महज 28 था. इतने लोगों का एक दिन में टेस्ट होना यह दिखाता है कि चिकनगुनिया को लेकर मामला गंभीर रूप ले सकता है. हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी फिलहाल कुछ कह नहीं रहे. भोपाल में चिकनगुनिया के 1614 टेस्ट की पॉजिटिव दर 6.9 फीसदी है. इधर, 1 अक्टूबर को चिकनगुनिया के तीन नए मामले भी सामने आए.

गौरतलब है कि भोपाल के बाग मुगलिया, जेके रोड, सोनागिरी, साकेत नगर, कोलार, नरेला शंकरी, रत्नागिरी, भदभदा, बैरागढ़, करोंद, शहीद नगर, शाहपुरा, द्वारका नगर, हबीबगंज, पिपलिया पेंदें खां, एम्स हॉस्टल, बरखेड़ा, अवधपुरी, खजुरीकलां, झील नगर, इंदिरा नगर, एकता नगर, पंचशील नगर, सुरभि कलश, बीडीए कॉलोनी, दानिश नगर, अविनाश नगर इश्वर नगर और बाग सेवनिया इलाके चिकनगुनिया से ग्रसित हैं. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 1 अक्टूबर को भोपाल में डेंगू के 9 मामले सामने आए. इस तरह इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 131 हो गया है. पिछले 8 महीनों में भोपाल में डेंगू के 214 मामले जिला मलेरिया कार्यालय में दर्ज किए गए.

इसलिए जरूरी है टेस्टिंग होना
इस बीमारी की पॉजिटिव दर 4 फीसदी हो गई है. इससे स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों का टेस्ट होना जरूरी है. टेस्ट होने से बीमारी का पता समय पर चल जाता है. बीमारी का पता समय से चलने पर उसका इलाज भी सही वक्त पर हो जाता है. चिकनगुनिया मच्छरों से काटने से फैलता है. इसके लक्ष्णों में बुखार, जोड़े दर्द करना शामिल हैं. ऐसे में अगर कोई इन लक्ष्णों से पीड़ित है तो उसका टेस्ट करना जरूरी होता है. यह भी जानना जरूरी होता है क्या पीड़ित ऐसी जगह गया था, जो चिकनगुनिया से ग्रसित हो.

‘ईरान ने आज रात बड़ी गलती की और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी’ : बेंजामिन नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि “ईरान ने आज रात बहुत बड़ी गलती की है और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. जिसने भी हम पर हमला किया है, हम उस पर वापस हमला करेंगे.

इजरायल के प्रधानमंत्री ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसने तेल अवीव पर हमला करके ‘बहुत बड़ी गलती’ की है और उन्होंने ईरान के मिसाइल हमले का जवाब देने की कसम खाई है. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान इजरायल पर हमले की कीमत चुकाएगा, जिसमें 200 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. इससे पूरे इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि “ईरान ने आज रात बहुत बड़ी गलती की है और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. जिसने भी हम पर हमला किया है, हम उसपर वापस हमला करेंगे.” नेतन्याहू ने इस हमले को नाकाम भी बताया और कहा कि ईरान को भी हमास और हिजबुल्लाह आतंकवादी समूहों जैसा ही भाग्य भोगना पड़ेगा.

इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजरायल पर हवाई हमला किया था, जिसमें हमले के दौरान कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक फिलिस्तीनी व्यक्ति की मौत हो गई थी और मध्य इजरायल में एक स्कूल और तेल अवीव में एक रेस्तरां को निशाना बनाया गया था.

ईरान का यह हमला मध्य पूर्व क्षेत्र में हिंसक आक्रामकता में हो रही बढ़ोतरी को दिखाता है, जो पिछले साल अक्टूबर में हमास द्वारा इजरायल पर हमला किए जाने के बाद से अस्थिर बना हुआ है.

ईरान द्वारा मिसाइलों से किया गया हमला, क्षेत्र में इजरायल के आक्रमण के जवाब में किया गया था, जिसमें लेबनान स्थित हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह, हमास नेता इस्माइल हनियेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के डिप्टी कमांडर अब्बास निलफोरुषन को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी गई थी.

बुरहानपुर में एक तरफ वृद्धों का हुआ सम्मान, दूसरी तरफ इस वजह से परेशान हुए बुजुर्ग

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जिला अस्पताल में एक तरफ वृद्धों का सम्मान हुआ, दूसरी तरफ लिफ्ट बंद होने से वृद्ध जन परेशान हुए. देश में आज हर जगह अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जा रहा है, जिसको लेकर वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान हो रहा है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के सरकारी अस्पताल में भी वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान का कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां पर डॉक्टर एक ओर वृद्धों का सम्मान कर रहे थे, लेकिन दूसरी ओर जिम्मेदारों ने लिफ्ट बंद कर दी, जिस कारण वृद्ध जनों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण वह परेशान हो रहे हैं. अब वृद्ध जनों ने जिम्मेदार अफसरों से यहां पर लगी हुई लिफ्टों को शुरू करने की मांग की है ताकि तीन मंजिला भवन चढ़ने में कोई परेशानी नहीं हो.

मरीजों की परेशानी
लोकल 18 की टीम ने जब ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की तो यहां पर जिला अस्पताल में उपचार कराने आई सायरा बानो ने लोकल 18 को बताया कि वह अपने पति का उपचार कराने आई हैं. पति की उम्र भी करीब 70 वर्ष है और वह भी बुजुर्ग हैं. उन्हें चढ़ने में परेशानी हो रही है, जी घबरा रहा है, हाथ-पैर दर्द कर रहे हैं और तीन मंजिला अस्पताल में उन्हें सीढ़ियों से जाना पड़ता है. जबकि यहां पर लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन वह लिफ्ट बंद है. जिस कारण उन्होंने जिम्मेदारों से लिफ्ट शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि उनके जैसे और कई बुजुर्ग लोग अस्पताल में उपचार कराने के लिए आते हैं और तीन मंजिल चढ़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

सीएम मोहन यादव से एक साथ क्यों मिले कांग्रेस के 35 विधायक, घर पर हुई अहम बैठक, आखिर माजरा क्या है?

भोपाल. मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर है. 1 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के करीब 35 विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के समग्र विकास के ध्येय के साथ आज मुख्यमंत्री कार्यालय पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के अन्य विधायकों से प्रदेश व क्षेत्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. वहीं, सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार कांग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है. हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि वह राज धर्म निभाएं. जिस तरीके से बीजेपी विधायकों को विकास के लिए राशि आवंटित कर रहे हैं उसी तरह कांग्रेस विधायकों को भी फंड दें.

सिंघार ने कहा कि हमें भी जनता ने ही चुना है. जनता हमें अपेक्षा करती है कि हम विकास करेंगे. लेकिन, जब हम विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे जाते हैं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता. आज प्रदेश में जहां-जहां बीजेपी विधायक हैं, वहां 15-15 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस विधायकों को फंड नहीं दिया जा रहा. इस मामले में दल से उठकर राजनीति होनी चाहिए. मुख्यमंत्री किसी दल के नहीं होते, वे सभी के होते हैं.

कांग्रेस विधायकों को भी मिले फंड- सिंघार
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने मजबूती से प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा. कांग्रेस ने उनसे कार्रवाई करने की भी मांग की. सरकार प्रदेश में बढ़ रहे महिला अपराधों पर कार्रवाई करे. किसानों को सोयाबीन की 6 हजार रुपये, धान की 3100 रुपये और गेहूं की 2700 रुपये कीमत दे. क्षतिग्रस्त प्रभावित सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों का सर्वे पर मुआवजा दिया जाए. हमने विधानसभा में जल जीवन योजना में घोटाले की बात उठाई थी. आज 3 महीने हो गए हैं. सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

सबका साथ-सबका विकास पर चल रही सरकार- बीजेपी
दूसरी ओर, बीजेपी ने कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर चल रही है. मोहन सरकार इसी मूलमंत्र पर काम कर रही है. हाल ही में कांग्रेस के विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह आश्वासन दिया कि विकासशील योजनाओं और सकारात्मक चर्चाओं को भाजपा सरकार हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखकर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था डबल होगी. सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हों या बीजेपी के, सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं का विजन डॉक्यूमेंट बनाएं. पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें सरकार समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेगी.

कमला हैरिस ने की इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा

डोनाल्ड ट्ंप और कमला हैरिस दोनों ने ही इजरायल पर ईरान के हमले को गलत बताया है. कमला हैरिस ने इजरायल के लिए अमेरिका की मदद के राष्ट्रपति बाइडेन के फैसले का भी समर्थन किया है.इजरायल पर ईरान के हमले से अमेरिका खफा है,

इसीलिए वह इजरायल की मदद कर रहा है. जो बाइडेन ही नहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी ईरान के मिसाइल अटैक (Trump Kamala Harris On Iran Attack) के खिलाफ हैं. उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान को मिडल ईस्ट में अस्थिर करने वाली और खतरनाक ताकत बताया. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के हमले की निंदा की साथ ही वह अमेरिकी नेतृत्व पर हमला करना भी नहीं भूले.

कमला हैरिस ने की ईरान हमले की निंदा
कमला हैरिस ने कहा, “आज, ईरान ने एक लापरवाह हमले में इज़रायल पर करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. मैं इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं.” उन्होंने अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश पर भी अपना पूर्ण समर्थन जताया.

हैरिस ने कहा, “मैं स्पष्ट हूं, ईरान मिडल ईस्ट में एक अस्थिर करने वाली खतरनाक ताकत है. इज़रायल पर आज का हमला इस तथ्य को और ज्यादा दिखाता है. मैं राष्ट्रपति बाइडेन और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ सिचुएशन रूम में थी. हम रियल टाइम हमले पर नजर बनाए हुए थे, हमने सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. मैं अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति बाडेन के आदेश का पूरी तरह से समर्थन में हूं, जैसा कि हमने अप्रैल में किया था. इजराइल, ईरान और ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है. इजराइल की सुरक्षा के लिए मैं अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताती हूं.”

कमला हैरिस ने कहा कि अमेरिका हमलों के असर का अब तक आकलन कर रहा है. शुरुआती नतीजों से पता चला है कि इजरायल ईरान को विफल करने में सफल रहा है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ईरानी क्षेत्र अमेरिकी कर्मियों और नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं है.

ईरान हमले से भड़का डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा
अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा की. उन्होंने ट्रुथ सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि अगर वह व्हाइट हाउस में होते तो हमास 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर ही नहीं पाता.
साथ ही वह अमरिकी नेतृत्व पर हमला करना नहीं भूले. उन्होंने कहा कि “दुनिया में आग लगी हुई है” और अमेरिकी नेतृत्व गैरमौजूद है. ट्रंप का कहना है कि मडिल ईस्ट में युद्ध के कोई हालात नहीं थे.

ट्रंप ने कहा, “आज दुनिया को देखो – अभी मिडल ईस्ट में उड़ने वाली मिसाइलों को देखो, रूस/यूक्रेन के साथ क्या हो रहा है, देखो, मुद्रास्फीति दुनिया को नष्ट कर रही है, अगर मैं राष्ट्रपति होता तो इनमें से कुछ भी नहीं होता!”

रात को उड़ेंगे भोपाल से, सुबह पहुंच जाएंगे पुणे, जानें कब शुरू हो रही नई फ्लाइट, आपको देना होगा इतना किराया

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए अच्छी खबर है. 1 अक्टूबर यानी आज से भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट 24 घंटे सातों दिन शुरू हो गया है. एयरपोर्ट के विंटर शेड्यूल के मद्देनजर इसका संचालन पूरी तरह बदल गया है. एयरपोर्ट का विंटर शेड्यूल 27 अक्टूबर से लागू होगा. खास बात यह है कि इस शेड्यूल के पहले ही दिन भोपाल से पुणे के बीच नाइट फ्लाइट शुरू होगी. यह फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस शुरू करने जा रही है. इंडिगो ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी हैं. इंडिगो इस फ्लाइट को करीब तीन साल बाद दोबारा संचालित कर रही है. बताया जाता है कि कंपनी पहले इस फ्लाइट को एक अक्टूबर संचालित करने वाली थी. लेकिन, फिर इसके शेड्यूल में बदलाव कर दिया.

गौरतलब है कि, भोपाल से पुणे नाइट फ्लाइट शुरू करने की बड़ी वजह भी है. जानकार बताते हैं कि पुणे एयरपोर्ट पर दिन के वक्त लगातार उड़ाने संचालित होती हैं. यह एयरपोर्ट दिन में काफी व्यस्त रहता है. इसलिए इस फ्लाइट को रात में शुरू किया जा रहा है. इंडिगो की फ्लाइट से पहले एयर इंडिया ने भी दिल्ली-भोपाल-पुणे फ्लाइट शुरू की थी. लेकिन, इसके संचालन में तकनीकी खामियां थीं. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, पुणे के लिए उड़ान भरने से पहले एयर इंडिया को बार-बार एयरपोर्ट प्रबंधन से नया शेड्यूल लेना पड़ता था. इस वजह से फिर यह फ्लाइट सफल नहीं हो सकी. दरअसल, पुणे एयरपोर्ट सेना संभालती है. इस वजह से पुणे एयरपोर्ट का शेड्यूल बदलना पड़ता था. लेकिन, अब यहां नया टर्मिनल बन गया है. इसके बनने से अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

यह है नई फ्लाइट का शेड्यूल
इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E-258 पुणे से रात 12:55 बजे उड़ान भरेगी और 2:35 बजे भोपाल लैंड करेगी. इसका किराया 4314 रुपये है. यह फ्लाइट एक घंटा 40 मिनट लेगी. इसी तरह फ्लाइट 6E-257 भोपाल से तड़के 3:05 बजे उड़ान भरेगी और सुबह 4:50 बजे पुणे लैंड करेगी. इसका किराया 4694 रुपये है. यह फ्लाइट एक घंटा 45 मिनट का समय लेगी. बताया जाता है कि बुकिंग के बढ़ने से इसका किराया भी बढ़ सकता है.

12 दिन बाद वापस हड़ताल पर, कहा- सुरक्षा पर ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव

कोलकाता के आरजी कर कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टर बुधवार को फिर से मार्च निकालेंगे। ये मार्च कोलकाता में कॉलेज स्क्वायर से धर्मतला तक निकाला जाएगा।

जूनियर डॉक्टरों ने 1 अक्टूबर को फिर से हड़ताल शुरु कर दी है। राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरी तरह काम बंद कर दिया है। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें पूरी तरह सुरक्षा दी जाए।

इससे पहले जूनियर डॉक्टर 10 अगस्त से लेकर 42 दिन तक विरोध प्रदर्शन करते रहे। 21 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी पर वापस आए थे।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों की सुरक्षा में कोताही पर ममता सरकार की खिंचाई की और आदेश दिया कि सभी अस्पतालों में 15 दिन में सीसीटीवी लगाए जाएं।

9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर से रेप मर्डर के विरोध में हड़ताल कर रहे थे।

जूनियर डॉक्टर बोले- ममता ने मीटिंग में किए वादों पर काम नहीं किया
विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर में से एक अनिकेत महतो ने हड़ताल का ऐलान करते हुए कहा- सुरक्षा की हमारी मांगों को पूरा करने के लिए ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव नहीं लग रहा है। आज 52वां दिन है। हम पर अभी भी हमले हो रहे हैं। CM ममता के वादों को पूरा करने का कोई प्रयास होता नहीं दिख रहा है। हमारे पास आज से पूरी तरह काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। जब तक हम राज्य सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं देखते, तब तक काम बंद रहेगा।

क्यों शुरू की दोबारा हड़ताल
दरअसल, कोलकाता के सागोर दत्ता हॉस्पिटल में 27 सितंबर को एक मरीज की मौत के बाद 3 डॉक्टरों और 3 नर्सों से पिटाई का मामला सामने आया था। इसी घटना से जूनियर डॉक्टर्स नाराज हैं। डॉक्टर्स ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया। इस मामले में 4 प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है। डॉक्टर्स की मांग है कि उन्हें अस्पतालों में सुरक्षा मुहैया कराई जाई, ताकि वे बिना डर के ड्यूटी कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट में कहा था- सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाएं जारी
सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर की सुनवाई में बंगाल सरकार ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर्स इन पेशेंट डिपार्टमेंट और आउट पेशेंट डिपार्टमेंट में काम नहीं कर रहे हैं। इसके जवाब में डॉक्टर्स के वकील ने कहा कि सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं में डॉक्टर काम कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। इस दिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नेशनल टास्क फोर्स की जांच पर रिपोर्ट पेश करनी होगी।

ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन टकराव चला था
डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें।

डॉक्टरों की मांग पर बंगाल सरकार ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटा दिया था। उनकी जगह मनोज वर्मा ने पद संभाला। स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए।

19 सितंबर को डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया था। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांग पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर को हटाया गया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है। हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने और अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की हमारी मांग अभी भी जारी है।

एमपी में अब कहीं नहीं होगी तेज बारिश, पचमढ़ी में इतना हुआ न्यूनतम तापमान, कैसा है आज का मौसम?

भोपाल. मध्य प्रदेश का मौसम पूरा पलट गया है. अब प्रदेश में किसी भी तरह का मानसून सिस्टम एक्टिव नहीं है. इस वजह से कहीं भी मध्यम या भारी बारिश के आसार नहीं हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और हल्की बौछारों के आसार नजर आ रहे हैं. प्रदेश के सभी जिलों में आसमान अब पूरी तरह साफ है. यहां बादल छंट गए हैं. इस वजह से कड़ी धूप निकलने लगी है. मौसम विभाग का कहना है कि अब प्रदेश में तापमान बढ़ेगा. लोगों को गर्मी और उमस फिर परेशान करेगी. विभाग का कहना है कि एक ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश से गुजरती नजर आ रही है. लेकिन, इससे मानसूनी गतिविधि पर कोई असर नहीं होगा.

मौसम विभाग का कहना है कि एक ट्रफ लाइन कोंकण में बनती नजर आ रही है. यह यहां से होते हुए मध्य प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रही है. हवाओं में हल्की नमी है. वे पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बह रही हैं. इन सबकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में हल्के-हल्के बादल भी देखे जा सकते हैं. मौसम विभाग का कहना है कि दो दिनों के बाद मौसम फिर बदल सकता है. क्योंकि, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत की तरफ आ सकता है.

खंडवा में मौसम बदलते ही चढ़ा पारा
खंडवा में मौसम में आए बदलाव के बीच तापमान में बढ़ोतरी हुई है. 1 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32.5 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि, बारिश नहीं हुई. आसमान साफ होते ही तेज धूप खिली और तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई. मौसम विभाग ने 2 अक्टूबर को बादल छाए रहने की संभावना जताई है. हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. जिले में औसत बारिश 808 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले अब तक 914 मिमी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विशेषज्ञ कहते हैं कि अब मानसून की विदाई हो रही है.

पचमढ़ी, जिला नर्मदापुरम 20.2 डिग्री
खरगोन 21.0 डिग्री
धार 21.1 डिग्री
अमरकंटक, जिला अनूपपुर 21.4 डिग्री
इंदौर 21.9 डिग्री