Monday, July 13, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 308

दिल्ली कैपिटल्स ने किया बड़ा ऐलान, अब इस दिग्गज को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

0

IPL मेगा ऑक्शन से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने बड़ा ऐलान कर सभी को चौंका दिया है। उन्होंने दिग्गज क्रिकेट को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने एक्स पर ये बड़ा ऐलान किया।
IPL 2025 में कौन संभालेगा दिल्ली कैपिटल्स टीम की कमान? ये सवाल हर क्रिकेट फैन के जेहन में चल रहा है। ऐसी भी खबरें है कि अगले सीजन में दिल्ली की कप्तानी ऋषभ पंत से छीनकर किसी और खिलाड़ी को सौंपी जा सकती है। इस बीच IPL मेगा ऑक्शन से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने बड़ा ऐलान कर दिया है। दिल्ली ने अपने कोचिंग स्टाफ को लेकर बड़ी घोषणा की है। दिल्ली कैपिटल्स ने भारत के पूर्व क्रिकेटर को अपना हेड कोच नियुक्त किया है। साथ ही उन्होंने अपने क्रिकेट डॉयरेक्टर के नाम का भी खुलासा कर दिया है।
दिल्ली ने एक ऐसे पूर्व क्रिकेटर को अपना हेड कोच बनाया है जिसके पास सिर्फ 4 टेस्ट और 40 वनडे खेलने का अनुभव है। इस पूर्व क्रिकेटर का नाम है हेमंग बदानी। 47 साल के हेमंग 2001 से 2004 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 44 इंटरनेशनल मैच खेले। दिल्ली ने हेमंग बदानी को हेड कोच नियुक्त किया है जबकि वेणुगोपाल राव को अपना क्रिकेट डॉयरेक्टर बनाया है।

हेमंग बदानी को कोचिंग का अनुभव
हेमंग बदानी कई क्रिकेट लीग में कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं। 2021-23 के बीच उन्होंने IPL में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ फील्डिंग कोच और बैटिंग कोच के तौर पर काम किया। उन्होंने जाफना किंग्स फ्रैंचाइजी को लगातार दो लंका प्रीमियर लीग खिताब भी जिताए। बदानी ने SA20 के पहले संस्करण में खिताब जीतने वाली सनराइजर्स ईस्टर्न केप टीम के साथ बैटिंग कोच के तौर पर भी काम किया। बदानी दुबई कैपिटल्स टीम के भी हेड कोच थे, जो इस साल ILT20 फाइनल में पहुंची थी।
वेणुगोपाल राव, जिन्होंने भारत के लिए 16 वनडे मैच खेले हैं, डेक्कन चार्जर्स के साथ 2009 आईपीएल जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स (2011-13) के साथ आईपीएल के 3 सीजन खेले हैं। वह दुबई कैपिटल्स का भी हिस्सा रहे हैं। उन्होंने दुबई कैपिटल्स के उद्घाटन सत्र में मेंटर और अगले सत्र में क्रिकेट निदेशक के रूप में काम किया।

रेलवे ने रिजर्वेशन के नियम में किया बड़ा बदलाव, जानें पहले से बुक की गई टिकट का अब क्या होगा?

0

आमतौर पर किसी खास काम के लिए लंबी यात्रा करने वाले यात्री, यात्रा की तारीख से 4 महीने (120 दिन) पहले ही ट्रेन में अपनी सीट बुक कर लेते थे ताकि उन्हें कन्फर्म सीट मिल जाए और बाद की भीड़भाड़ से भी बच जाएं।
देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। भारतीय रेल ने ट्रेनों में की जाने वाली एडवांस बुकिंग की लिमिट में बड़ा बदलाव कर दिया है। रेलवे ने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को 120 दिनों से घटाकर 60 दिन करने का ऐलान किया है। यानी अब आप 120 दिन यानी 4 महीने पहले टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। रेल यात्री अब ज्यादा से ज्यादा 2 महीने पहले ही ट्रेन में अपनी सीट बुक कर पाएंगे।
1 नवंबर, 2024 से लागू होगा एडवांस रिजर्वेशन का नया नियम
भारतीय रेल में रोजाना करोड़ों लोग यात्रा करते हैं। देश में जनसाधारण एक्सप्रेस से लेकर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं। आमतौर पर किसी खास काम के लिए लंबी यात्रा करने वाले यात्री, यात्रा की तारीख से 4 महीने (120 दिन) पहले ही ट्रेन में अपनी सीट बुक कर लेते थे ताकि उन्हें कन्फर्म सीट मिल जाए और बाद की भीड़भाड़ से भी बच जाएं। लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। 1 नवंबर, 2024 से नया नियम लागू होने के बाद रेल यात्री अधिकतम 60 दिन पहले ही ट्रेन में सीट बुक कर पाएंगे।

पहले से बुक की गई टिकट का अब क्या होगा
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) संजय मनोचा ने बताया कि 1 नवंबर, 2024 से ट्रेनों में एडवांस रिजर्वेशन की मौजूदा लिमिट 120 दिनों से घटाकर 60 दिन (यात्रा की तारीख को छोड़कर) कर दी जाएगी और बुकिंग भी इस नए नियम के अनुसार ही की जाएगी। संजय मनोचा ने कहा, ”हालांकि, 120 दिनों के एआरपी (एडवांस रिजर्वेशन पीरियड) के तहत 31 अक्टूबर, 2024 तक की गई सभी बुकिंग बरकरार रहेंगी। लेकिन 60 दिनों के एआरपी से परे की गई बुकिंग को कैंसिल करने की अनुमति होगी। इसका मतलब ये भी हुआ आप 31 अक्टूबर, 2024 तक 4 महीने की एडवांस बुकिंग कर सकते हैं।

शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 471 अंक लुढ़का, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ स्वाहा

0

17 अक्टूबर को निफ्टी आईटी हरे रंग में कारोबार करने वाला एकमात्र सेक्टर था। इधर, सेक्टोरल इंडेक्स में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एम्फैसिस, टीसीएस और विप्रो ने प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की।
घरेलू शेयर बाजार निवेशकों को लगातार झटका दे रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 221.45 अंक की गिरावट के साथ 24,751.65 पर बंद हुआ, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स 494.75 अंक लुढ़ककर 81,006.61 के लेवल पर बंद हुआ। निफ्टी 50 में टेक महिंद्रा, इंफोसिस, पावर ग्रिड, एलएंडटी और एसबीआई टॉप गेनर रहे। इस बीच, बजाज ऑटो, श्रीराम फाइनेंस, एमएंडएम, नेस्ले इंडिया और हीरो मोटोकॉर्प 17 अक्टूबर को निफ्टी 50 में टॉप लूजर स्टॉक्स के तौर पर उभरे।
निवेशकों के डूबे ₹6 लाख करोड़ स्वाहा
बॉम्बे स्टॉक् एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के लगभग ₹463.3 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹457.3 लाख करोड़ हो गया। यानी इससे निवेशकों को एक दिन में लगभग ₹6 लाख करोड़ का नुकसान हो गया।

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
लाइवमिंट के मुताबिक, निफ्टी आईटी को छोड़कर, जिसमें 1.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, सभी क्षेत्रीय सूचकांक (सेक्टोरल इंडेक्स) गिरावट के साथ बंद हुए। इसमें निफ्टी रियल्टी (3.76 प्रतिशत नीचे), ऑटो (3.54 प्रतिशत नीचे), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.20 प्रतिशत नीचे) और मीडिया (2.18 प्रतिशत नीचे) भारी गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान दोपहर में 17 अक्टूबर को एसबीआई को छोड़कर बैंक निफ्टी का हर शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहा था। एचडीएफसी बैंक के साथ-साथ आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक में भी भारी गिरावट देखी गई।

बाबा सिद्दीकी की हत्या में कौन सी 3 पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया? मुंबई पुलिस ने दी अहम जानकारी

0

मुंबई में एनसीपी अजित पवार गुट के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में मुंबई पुलिस ने अहम जानकारी दी है। मुंबई पुलिस ने बताया कि एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में तीन पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया था, उनमें से एक ऑस्ट्रेलिया की ग्लॉक पिस्तौल, एक तुर्की पिस्तौल और एक देसी पिस्तौल थी। पुलिस ने तीनों हथियार बरामद कर लिए हैं। बता दें कि 12 अक्टूबर को निर्मल नगर में जीशान सिद्दीकी के ऑफिस के बाहर बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बाबा सिद्दीकी मामले में शूटर्स 28 दिन में 5 बार बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर रेकी करने गए थे। बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर के बाहर आस-पास वे घंटों रुकते थे और उनकी हर मूवमेंट को ट्रैक करते थे। रेकी के बाद दशहरे का दिन हत्याकांड के लिए चुना गया था। हत्याकांड में शामिल आरोपी जीशान अख्तर वारदात के वक्त मुंबई से बाहर था। जीशान मुंबई के बाहर से पूरे ऑपरेशन को कॉर्डिनेट कर रहा था। शूटरों को शुभम का भाई प्रवीण पुणे से मुंबई छोड़ने आया था। शूटरों को पैसे शुभम ने ही दिए थे।

ये है लॉरेंस बिश्नोई गैंग में भर्ती का तरीका
दरअसल लॉरेंस जब भी कोर्ट या जेल जाता है तो उसके गुर्गे(जो जेल के बाहर हैं) लॉरेंस की वीडियो बनाते हैं। इन वीडियोज में लॉरेंस कभी मूंछों को ताव देता है तो कभी कैमरे को देखकर मुस्कुराता है। सोशल मीडिया से ही लॉरेंस गैंग इतना बड़ा बना है।

ऐसे में कम उम्र के लड़के जो घर से गरीब है, वह इन वीडियोज से प्रभावित होते हैं और लॉरेंस की तरह बड़ा डॉन बनना चाहते हैं। वो सोशल मीडिया के जरिए लॉरेंस के गुर्गों के संपर्क में आते हैं। जिनसे लॉरेंस किसी को भी गोली मरवा देता है।

मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी केस में कम उम्र के थे शूटर
यहां गौर करने वाली बात ये है कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी केस में फायरिंग करने वाले शूटर कम उम्र के थे।

हालांकि कई बार लॉरेंस और उसके भाई अनमोल का नाम लेकर लोकल क्रिमिनल भी धमकी भरे वीडियो बनाते हैं और नाम लॉरेंस और उसके भाई अनमोल का लेते हैं।

हरियाणा में जीत से उत्साहित बीजेपी, सैनी के शपथ ग्रहण के बाद NDA के मुख्यमंत्रियों की बैठक

0

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की जीत से काफी उत्साहित है। नायब सिंह सैनी सीएम पद की दूसरी बार शपथ लेनेवाले हैं। वहीं शपथ ग्रहण के ठीक बाद एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चंडीगढ़ में बीजेपी की ओर से आयोजित एक सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में विकास के मुद्दों, संविधान के ‘अमृत महोत्सव’ और आपातकाल के संदर्भ में लोकतंत्र की ‘हत्या की कोशिश’ के 50 साल पूरे होने पर चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय विकास के मुद्दे शामिल होंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसे हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा की उल्लेखनीय जीत के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर सत्तारूढ़ गठबंधन के नए हमले के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा ने एक बयान में कहा, “इस कार्यक्रम का एक व्यवस्थित एजेंडा होगा जिसमें राष्ट्रीय विकास के मुद्दे शामिल होंगे। इसमें संविधान का अमृत महोत्सव मनाने और लोकतंत्र की हत्या के प्रयास की 50वीं वर्षगांठ जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।”

बीजेपी के 13 सीएम और 16 डिप्टी सीएम शामिल होंगे
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी चर्चा का नेतृत्व करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नए कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद सम्मेलन शुरू हो जाएगा। बयान में कहा गया कि भाजपा के 13 मुख्यमंत्री और 16 उपमुख्यमंत्री हैं जबकि महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, सिक्किम, नगालैंड और मेघालय के मुख्यमंत्री सहयोगी दलों से हैं।

एनडीए मुख्यमंत्रियों का पहला सम्मेलन
पिछले कई वर्षों में इस तरह का एनडीए मुख्यमंत्रियों का यह पहला सम्मेलन होगा। महाराष्ट्र और झारखंड में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हरियाणा में मिली जीत से भाजपा उत्साहित है। वह अपने सहयोगियों को साथ लेकर विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। दोनों राज्यों में राजग का मुकाबला ‘इंडिया’ गठबंधन से है।

हर महीने देनी होगी तिरंगे को सलामी’, देश विरोधी नारे लगाने वाले आरोपी को हाईकोर्ट ने दी अनोखी शर्त पर जमानत

मध्य प्रदेश के हाई कोर्ट ने एक आरोपी को अनोखी शर्त पर जमानत दी है। हाईकोर्ट ने आरोपी से कहा है कि उस हर माह देश का गुणगान करना होगा। बता दें कि आरोपी ने देश विरोधी नारे लगाए थे और इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट की सुनवाई शुरू हो गई, जिसमें वह जमानत की अर्जी देता रहा, लेकिन उसे अब जबलपुर हाईकोर्ट ने शर्त के साथ जमानत दी है।
सामने रखी ये है ये शर्त
जबलपुर हाई कोर्ट ने आरोपी को शर्त के साथ जमानत देते हुए कहा कि उसे हर महीने दो बार तिरंगे को 21 बार सलामी देकर ‘भारत माता की जय’ कहना होगा। मामले की सुनवाई जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल ने किया। जस्टिस पालीवाल ने अपने आदेश में कहा कि मंडीदीप (रायसेन) निवासी फैजल खान को भोपाल के मिसरोद थाने के सामने लगे तिरंगे के प्रति यह शर्त पूरी करनी होगी। फैजान को केस खत्म होने तक हर महीने के पहले और चौथे मंगलवार को सुबह 10 से 12 बजे के बीच यह प्रक्रिया करनी होगी।

चलाता है पंचर की दुकान
राजधानी भोपाल के पास मिसरोद में पंचर की दुकान चलाने वाले फैजल नाम के शख्स ने पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते हुए भारत मुर्दाबाद कहा था। 17 मई 2024 को इस वीडियो के वायरल होने के बाद बजरंग दल ने इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और इस युवक की गिरफ्तारी की मांग की जिसके बाद में मिसरोद पुलिस ने धारा 153 (बी) के तहत मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया था।

वीडियो हुआ था वायरल
गौरतलब है कि मामला 17 मई 2024 का है, जब फैजल का ‘पाकिस्तान जिंदाबाद,भारत मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने फैजल को भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी के तहत गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ 12 अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कहा कि फैजान की हरकत राष्ट्रीय एकता व सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाली है, इसलिए उसे जमानत न मिले। बचाव पक्ष ने दलील दी कि फैजान को झूठा फंसाया गया है। वह इसी देश का नागरिक है। हाई कोर्ट ने सभी तर्कों पर विचार करते हुए शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है।

किसके हाथ लगेगी रायपुर दक्षिण की सीट? किसने किया जीत बड़ी जीत का दावा, 13 नवंबर को है मतदान

0

रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. मंगलवार को चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड के अलावा विभिन्न राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया. आयोग ने छत्तीसगढ़ के रिक्त रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी.
रायपुर दक्षिण सीट उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेगी भाजपा’
छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को जारी एक बयान में दावा किया कि बीजेपी रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेगी. उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की तैयारी पूरी है, हम बेहतर तरीके से चुनाव लड़ेंगे और दक्षिण विधानसभा सीट पर बड़ी जीत दर्ज करेंगे.

‘कांग्रेस जहां-जहां चुनाव हारती है, वहां ईवीएम गलत होता है’
विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री जायसवाल ने कहा, कांग्रेस जहां-जहां चुनाव हारती है, वहां ईवीएम गलत होता है, जहां वह चुनाव जीतती है, वहां ठीक होता है. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि, कांग्रेस को आरोप लगाने की बजाय अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत है.

बृजमोहन अग्रवाल के MP चुने जाने के बाद खाली हुई सीट
गौरतलब है बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट भाजपा किसी कीमत में गंवाना नहीं चाहेगी. रायपुर विधानसभा सीट से भाजपा से कई संभावित उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि भाजपा जल्द ही उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है.
48 विधानसभा सीटों और 2 लोकसभा सीट पर होगा उपचुनाव
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया. आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों और दो लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की है. इसमें महाराष्ट्र की नांदेड़ और केरल की वायनाड लोकसभा सीट शामिल है.

कैपिटल ऑफ माइंस बनेगा MP, खनिज ब्लॉक नीलामी में देश में नंबर वन हैं हम : CM

भोपाल में आयोजित होने वाली माइनिंग कॉन्क्लेव में खनन उद्योग में निवेश और विकास की हैं असीमित संभावनाओं पर चर्चा होगी. मध्यप्रदेश कई मामलों में खनिज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है आइए जानते हैं एमपी की समृद्ध खनिज संपदा के बारे में.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित इंटरनेशनल कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में 17 और 18 अक्टूबर को माइनिंग कॉन्क्लेव (MP Mining Conclave) होने जा रही है. यह कॉन्क्लेव इंडस्ट्रियलिस्ट और शिक्षाविदों के दृष्टिकोण पर केन्द्रित होगी. इसमें तकनीकी सत्र भी होंगे, जिसमें डिजिटलाइजेशन और खनन प्रौद्योगिकी में प्रगति, विशेष रूप से ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पर चर्चा होगी. प्रतिभागियों को खनन स्टार्ट-अप्स द्वारा तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का मौका भी मिलेगा. कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में कोयला और ऊर्जा, चूना पत्थर और सीमेंट, महत्वपूर्ण खनिजों के अवसर और ऊर्जा तथा हाइड्रो-कार्बन शामिल हैं. कॉन्क्लेव के दूसरे दिन 18 अक्टूबर को खनिज आधारित उद्योगों कोयला, ऊर्जा और हाइड्रो-कॉर्बन पर केन्द्रित राउण्ड टेबल बैठक होगी.
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में देश का एकमात्र हीरे का भंडार है. हीरा खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है. मलाज़खंड कॉपर खदान भारत की सबसे बड़ी तांबा खदान है. यहां से प्रतिदिन 5 से 10 हजार टन तांबा निकाला जाता है. भारत के कुल तांबा भंडार का 70 प्रतिशत तांबा मध्यप्रदेश में है. इसी प्रकार राज्य में स्थित सासन कोयला खदान भी अपने विशाल खनन उपकरणों के लिये प्रसिद्ध है. मध्यप्रदेश में चूना पत्थर का 9 प्रतिशत भंडार होने के बावजूद चूना पत्थर उत्पादन में देश में 15 प्रतिशत का योगदान देता है.
मध्यप्रदेश का खनिज संसाधन विभाग (एमआरडी) खनिज ब्लॉक नीलामी में देश में अग्रणी रहा है. मध्यप्रदेश द्वारा 78 खनिज ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये. प्रदेश को फरवरी 2022-23 में खनिज ब्लॉक नीलामी में देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है. यह महत्वपूर्ण आयोजन राज्य में खनन, तेल, गैस और खनिज आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा, जो विकास की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं.
सीएम मोहन ने कहा कि मध्यप्रदेश, खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह देश का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है साथ ही मैंगनीज और तांबा अयस्क के उत्पादन में भी अग्रणी है, जो विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा राज्य रॉक-फॉस्फेट उत्पादन में दूसरे, सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक चूना पत्थर उत्पादन में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है. कोल-गैस के उत्पादन में भी राज्य दूसरे स्थान पर है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्थिरता की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

सीएम मोहन यादव ने किया संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ, बोले- इसे पूरा देश फॉलो करेगा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन के नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ किया है। मोहन यादव ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है। जीरो बैलेंस खाता, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ई-रजिस्ट्री जैसे नवाचार ने सभी का जीवन सरल और सुगम बनाया है।
पूरा देश फॉलो करेगा- मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में नवीन तकनीक पर आधारित “संपदा-2.0” का नवाचार ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन में डिजिटल क्रांति का माइलस्टोन बनेगा। इस नवाचार को पूरा देश फॉलो करेगा। पहले प्रदेश में दस्तावेज पंजीयन और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आना पड़ता था लेकिन पोर्टल और ऐप के माध्यम से सभी लोग घर से ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

केन्द्र ने मध्य प्रदेश को दो कार्य दिए- मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 2 नए महत्वपूर्ण कार्य सौंपे हैं। इसमें 120 शहरों के जीआईएस कार्य को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आईटी विभाग द्वारा पूरा किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने जा रहे हैं। इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बहुत उन्नति कर रहा है। आईटी में नवाचार के साथ मध्यप्रदेश सरकार पेपरलेस सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाएगी।

संपदा-2.0 की खूबियां
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने “संपदा-2.0” की खूबियां बताते हुए कहा कि “संपदा-2.0” उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है। इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और युनीक आईडी आधार से भी इंटीग्रेटेड किया गया है। जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर ऐप में लोकेशन के माध्यम से मालूम हो सकेगी। सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग होगी, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग भी होगी। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ही दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण हो सकेगा। दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप और ईमेल से आवेदक को प्राप्त होगी।

मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश लगातार नवाचार कर रहा है। इस दिशा में प्रदेश में संपदा-2.0 की नई व्यवस्था प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुरूप ईज ऑफ लिविंग को दृष्टिगत रखते हुए लागू की जा रही है। इससे पंजीयन की व्यवस्था सुगम, सरल ओर करप्शन-फ्री बनेगी। नागरिकों को ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की नवीन प्रणाली का लाभ मिलेगा। लोग घर बैठे अपनी प्रापर्टी को बेच भी सकेंगे और रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस प्रणाली से प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रियाँ करवाई जा सकेंगी। इससे आम व्यक्ति का समय भी बचेगा और अनावश्यक रूप से लगने वाले आरोपों से मुक्ति भी मिलेगी।

ई-पंजीयन कराने वालों से संवाद
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ई-पंजीयन एवं ई-स्टांपिंग के नवीन साफ्टवेयर “संपदा-2.0” का शुभारंभ कर इसका लाभ लेने वाले नागरिकों से वर्चुअल संवाद भी किया। हांगकांग से सुरेन्द्र सिंह चक्रावत ने मुख्यमंत्री को बताया कि “संपदा-2.0” के माध्यम से उन्होंने हांगकांग से ही रतलाम में “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन करवाया है। इसी प्रकार जबलपुर में जन्मी 78 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. शक्ति मलिक जो वर्तमान में दिल्ली में निवासरत है, उन्होंने भी “संपदा-2.0” के माध्यम “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन ऑनलाइन करवाया। मुख्यमंत्री से संवाद में डॉ मलिक ने बताया कि मध्य प्रदेश में की गई इस नई व्यवस्था से वे बेहद प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि जो काम मुझे रतलाम जाकर करना पड़ता, वह दिल्ली में बैठे-बैठे हो गया।

जो स्पेन में नहीं हुआ, वह एमपी में हुआ-मरियानो मटियास
मुख्यमंत्री मोहन यादव से वर्चुअल संवाद में स्पेन के मरियानो मटियास ने बताया कि आज तक स्पेन में भी ई-रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद के साथ कहा कि जो काम स्पेन में नहीं हुआ, वह मध्यप्रदेश ने उनके नेतृत्व में टीम ने करके दिखा दिया है। बता दें कि कि मध्यप्रदेश मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वर्क कॉट्रेक्ट का ऑनलाईन पंजीयन “संपदा-2.0” से कॉर्पोरेशन के पदाधिकारियों और दिल्ली में मौजूद स्पेन से आये मरियोनो मटियास अलवरेज अर्स की कंपनी Ayesa Ingeniera Y Arquitecura S.A.U. और पुष्पेन्द्र गुप्ता (Ayesa India Pvt Ltd) द्वारा किया गया।

रजिस्ट्री पंजीयन की डिजिटल प्रक्रिया में एमपी अग्रणी- उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि देश में रजिस्ट्री पंजीयन की डिजिटल प्रक्रिया में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशन में “संपदा-2.0” का सरलीकरण एवं सुधार तेज गति से हुआ है। प्रदेश की जनता के लिये दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीयन के पारदर्शी प्रणाली लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 4 जिलों में सफलतापूर्वक संचालन के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया पूर्णत: पेपरलेस होने से गलतियों की गुंजाईश नहीं रहेगी। मोबाईल ऐप से किसी भी लोकेशन की गाईड लाइन दर तत्काल प्राप्त होगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीम को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पंजीयन विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में “संपदा-2.0” पोर्टल और ऐप पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

बीजेपी विधायक के कहने पर SHO ने दर्ज नहीं की FIR तो दे दिया इस्तीफा, बोले- ‘ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी’, बाद में पलटे

सागर:मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी से भाजपा विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने अपनी विधानसभा के एक थाने से नाराज होकर पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही है। यही नहीं बीजेपी विधायक ने पुलिस थाने में धरना दिया। इस दौरान थाने में उनके समर्थकों की भीड़ भी जुट गई। बीजेपी विधायक घटनाक्रम के कुछ घंटे के अंदर ही इपने बयान से पटल गए और कहा कि आक्रोश में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। अब इस्तीफा जैसी कोई बात नहीं है।
थाना प्रभारी ने बात नहीं मानी तो धरने पर बैठे विधायक

जानकारी के अनुसार, देवरी विधानसभा से भाजपा विधायक बृज बिहारी पटेरिया गुरुवार शाम एक पीड़ित पक्ष की शिकायत पर केसली थाने पहुंचे और एक डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। विधायक के कहने पर जब थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो वह नाराज होकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया है। विधायक का इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीड़ित परिवार से डॉक्टर ने मांगा रिश्वत

विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने बताया कि रोहित यादव के पिता की सांप काटने से मौत हो गई थी। पीड़ित परिजन रिपोर्ट लिखाने आए थे। मृतक का पोस्टमार्टम भी हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के लिए डॉक्टर ने रिश्वत की मांग की। आरोप है कि डॉक्टर ने पीड़ित को कहा कि अगर पैसे नहीं दोगे तो हम सांप काटने से हुई मौत नहीं लिखेंगे।
विधायक के कहने पर भी दर्ज नहीं की एफआईआर

विधायक ने कहा कि पीड़ित गरीब आदमी है। उसके पास नहीं पैसे थे। डॉक्टर ने जो रिपोर्ट बनाई उसमें सर्वदंश नहीं लिखा। हमने टीआई को भी फोन किया। एसपी साहब से भी बात हुई। सब लोगों को बताया कि यह गंभीर मामला है। आपको रिपोर्ट लिखने में क्या दिक्कत है। रिपोर्ट लिखिए जांच कीजिए। एफआईआर सही तो करवाई कीजिए। सही नहीं है तो करवाई मत कीजिए। इस बात को लेकर थोड़ी तनातनी हो गई। अब वह रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं है। वे लोग सर्कुलर दिखा रहे हैं। कह रहे हैं कि यह सेंट्रल गवर्नमेंट का सर्कुलर है। यह स्टेट गवर्नमेंट का सर्कुलर है।

विधायक ने दिया इस्तीफा, बोले- ऐसी विधायकी अब मुझे नहीं करना
पटेरिया ने कहा कि मैंने थाना प्रभारी को कहा कि जब निर्वाचित विधायक के खिलाफ एफआईआर हो सकती है तो डॉक्टर के खिलाफ क्यों नहीं हो सकती। ऐसा निर्वाचित विधायक होने का कोई मतलब नहीं है। यदि विधायक को खुद आना पड़े थाने में पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट लिखने के लिए और रिपोर्ट ना लिखी जाए इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है। वह भी तब जब सत्ता पक्ष के विधायक थाने में खुद हों। इसलिए इस्तीफा दे दिया। ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी है।

इस्तीफा देने की बात से पलटे बीजेपी विधायक

वहीं, इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद ही ब्रज बिहारी पटेरिया अपनी बात से पलट गए। उन्होंने कहा कि हमने गुस्से में आकर इस्तीफा दिया था। अब इस्तीफा देने जैसी कोई बात नहीं है। संगठन और सरकार मेरे साथ है। मैं स्पीकर और मुख्यमंत्री के आदेश का मैं पालन करूँगा।