Monday, July 13, 2026
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राज कुंद्रा ने अश्लील वीडियो मामले पर 3 साल बाद तोड़ी चुप्पी

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राज कुंद्रा ने अश्लील वीडियो मामले पर पहली बार रिएक्ट किया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर 3 साल बाद चुप्पी तोड़ी है। पोर्नोग्राफी के आरोपों में घिरे राज ने कई खुलासे किए हैं और कहा कि उनको बदनाम किया जा रहा है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने पोर्नोग्राफी मामले पर 3 साल बाद खुलकर बात की है। उन्होंने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया है कि अश्लील वीडियो बनाने और उसके डिस्ट्रीब्यूशन में उनका किसी भी तरह से हाथ नहीं है। राज कुंद्रा ने उन पर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर अपने प्रोडक्शन हाउस में अश्लील कंटेंट बनाने के केस चल रहे हैं। इन सब के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरा नाम खराब करने के लिए यह सब किया जा रहा है। मैंने अब तक चुप रहना सही समझा था, लेकिन जब बात परिवार की आती है तो मुझे बोलना पड़ा। ​​मैं चुप रहता हूं तो लोगों को लगता है कि मैं कुछ छिपा रहा हूं और उन्हें सच्चाई का पता तक नहीं होता।’

राज कुंद्रा ने पोर्नोग्राफी मामले पर तोड़ी चुप्पी
एएनआई से बात करते हुए कुंद्रा ने कहा, ‘पिछले तीन सालों से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मैंने सोचा इसपर बात करने से कुछ नहीं होगा। मेरे लिए कभी-कभी चुप रहने का मतलब खुशी होती है, लेकिन अब बात परिवार तक आ गई है।’ पिछले महीने की शुरुआत में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में राज कुंद्रा और कई अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी अभियान के दौरान मुंबई और उत्तर प्रदेश में करीब 15 जगहों पर छापेमारी की गई। अब कुंद्रा ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया और कहा कि वह चाहते हैं कि यह मामला जल्दी सुलझ जाए। उन्होंने कहा, ‘चार्जशीट में शामिल 13 लोगों में से मैं अकेला हूं जो कह रहा हूं कि इस मामले को जल्द ही खत्म कर दिया जाना चाहिए। अगर कोई दोषी है तो उस पर आरोप लगाए जाने चाहिए, अगर वह दोषी नहीं है तो उसे बरी कर देना चाहिए। इसलिए अगर यह 1% भी सच होता तो मैं कानून से बरी होने की मांग नहीं करता।
जेल में बिताए 63 दिन
19 जुलाई, 2021 को कुंद्रा को अश्लील वीडियो बनाने और मोबाइल ऐप के जरिए उसे प्रमोट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दो महीने जेल में बिताने के बाद उन्हें सितंबर 2021 में जमानत मिल गई। हिरासत में बिताए गए समय का जिक्र करते हुए कुंद्रा ने कहा, ‘मुझे आर्थर रोड जेल में 63 दिनों तक रखा गया था। परिवार के बिना उन 63 दिनों को बिताना बहुत मुश्किल था। जैसा कि मैं कह रहा हूं, मैं अदालत में लड़ रहा हूं, मुझे पूरा भरोसा है कि मैं यह केस जीत जाऊंगा।’
पोर्नोग्राफी से मेरा कोई लेना-देना नहीं
राज कुंद्रा ने पोर्नोग्राफी मामले पर बात करते हुए ये भी कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस बात पर जोर देते हुए कि राज ने कहा कि टेक्नोलॉजी को लेकर में सपोर्ट करता था। उन्होंने कहा, ‘आज तक, मैं किसी भी पोर्नोग्राफी, किसी भी प्रोडक्शन या पोर्न से जुड़ी किसी भी चीज का हिस्सा नहीं हूं। जब यह आरोप सामने आया तो मुझे बहुत दुख हुआ।’ जांच एजेंसी के अनुसार, राज ने फरवरी 2019 में आर्म्स प्राइम मीडिया लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई और ‘हॉटशॉट्स’ नाम से एक ऐप बनाया। बाद में इस ऐप को उनके रिश्तेदार प्रदीप बख्शी की यूके स्थित कंपनी ‘केनरिन’ को बेच दिया गया। पुलिस ने कहा कि कुंद्रा के फोन में केनरिन के बारे में व्हाट्सएप चैट थी। इन बातचीत से यह भी पता चला कि उन्होंने एक व्यक्ति को 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर में 119 अश्लील फिल्में बेचने पर चर्चा की थी।

कुंद्रा ने अपने व्यवसाय संचालन के बारे में बताते हुए कहा, ‘जहां तक ​​ऐप चलाने की बात है, मेरे बेटे के नाम पर एक फेमस कंपनी थी और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देते थे। हमने अपने साले की कंपनी केनरिन के एक ऐप को लॉन्च किया था, जिसमें ये ए-रेटेड फिल्में थीं, लेकिन वे बिल्कुल भी अश्लील नहीं थीं।’ कुंद्रा ने उन पर लगे आरोपों को भी खारिज कर दिया।

रूस पर यूक्रेन को अमेरिकी हथियारों से हमले की अनुमति देकर बाइडेन ने किया “मूर्खतापूर्ण कार्य”, गुस्से में ट्रंप

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यूक्रेन को रूस के अंदरूनी हिस्सों में अमेरिकी हथियारों से हमले की अनुमति देकर राष्ट्रपति बाइडेन ने मूर्खतापूर्ण कार्य किया है। यह कहना है अमेरिका नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप का। उन्होंने कहा कि मुझसे इस बारे में पूछा तक नहीं गया।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को सत्ता संभालेंगे। इसके बाद रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ा मोड़ आने की संभावना है। वह रूस-यूक्रेन युद्ध मामले में राष्ट्रपति जो बाइडेन के फैसले को बदल सकते हैं। ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के उस हालिया फैसले को पलट सकते हैं, जिसके तहत यूक्रेन की सेना को रूस के अंदरूनी क्षेत्र में हमला करने के लिए अमेरिका के हथियारों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
ट्रंप ने पिछले महीने बाइडेन द्वारा लिए गए निर्णय को ‘‘मूर्खतापूर्ण’’ बताया। उन्होंने इस बात पर भी असंतोष जाहिर किया कि बाइडेन ने यह निर्णय लेने से पहले आगामी प्रशासन से सलाह नहीं ली। यूक्रेन लंबे समय से अपनी सीमा से सैकड़ों मील दूर रूसी ठिकानों पर हमला करने के वास्ते अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति चाहता था। हालांकि, प्रतिबंधों में ढील के साथ, बाइडेन ने रूस के अंदरूनी क्षेत्र में हमले के लिए यूक्रेन को अमेरिका द्वारा मुहैया कराई गई ‘आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम’ का उपयोग करने की अनुमति दे दी।

ट्रंप ने बाइडेन के फैसले को बताया मूर्खतापूर्ण
ट्रंप ने अपने मार-ए-लागो रिजॉर्ट में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इसकी अनुमति दी जानी चाहिए थी, खास तौर पर उस वक्त जब मेरा प्रशासन काम संभालने वाला है। इस बारे में मैं क्या सोचता हूं, यह जाने बिना उन्होंने ऐसा किया। मैं उन्हें ऐसा करने के लिए नहीं कहता। मुझे लगता है कि यह एक बड़ी गलती थी।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह बाइडेन प्रशासन के फैसले को वापस लेने पर विचार करेंगे, ट्रंप ने कहा, ‘‘हो सकता है। मुझे लगता है कि ऐसा करना बहुत मूर्खतापूर्ण बात थी।’’ ‘

ट्रंप बदल सकते हैं फैसला
व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) ने ट्रंप की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि यह निर्णय पिछले महीने के चुनाव से पहले, महीनों के विचार-विमर्श के बाद लिया गया। ‘व्हाइट हाउस’ के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किर्बी ने मौजूदा प्रशासन के आगामी प्रशासन के साथ समन्वय को लेकर कहा, ‘‘मैं आपको केवल इतना स्पष्ट तौर पर कह सकता हूं चुनाव के बाद से हमने उनसे विभिन्न स्तरों पर जो बातचीत की है, उसमें हमने उन्हें इसके पीछे के तर्क, इसके मकसद, हम ऐसा क्यों कर रहे हैं, इस बारे में स्पष्ट रूप से बताया है।

जल्द सभी थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों की लिस्ट दें’, हाईकोर्ट ने एमपी सरकार को दिए आदेश

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मध्य प्रदेश की हाईकोर्ट ने मोहन यादव सरकार को एक आदेशजारी किया है कि वे जल्द सभी थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों की लिस्ट दें।
मध्य प्रदेश की सरकार को जल्द ही राज्य के सभी थानों में बने मंदिर या फिर अन्य धार्मिक स्थलों की लिस्ट हाइकोर्ट के आगे पेश करना होगा। मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश शासन को आदेश दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।
शासन से पूछा सवाल?
बेंच ने मामले में कहा कि जल्द से जल्द राज्य सरकार पूरे प्रदेश के थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों की पूरी सूची पेश करे। हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि प्रदेश के किस थाने में कब मंदिर बनाए गए और मंदिर बनाने के लिए आखिर किसने आदेश दिए थे? इसके जवाब के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 7 दिन की आखिरी मोहलत दी है। इससे पहले 19 नवंबर और इसके पहले 4 नवंबर को भी हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था।

डाली गई थी एक याचिका
याचिकाकर्ता ओपी यादव ने जबलपुर शहर के सिविल लाइन, लार्डगंज, मदनमहल और विजय नगर थाने में बने मंदिरों की फोटो भी याचिका में लगाई। उन्होंने बताया था कि पुलिस अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। एक महीने पहले याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ की डिवीजन बेंच ने प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा था।

लगाई गई थी रोक
नोटिस गृह विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग को भी दिए गए। एक महीने पूर्व भी इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने थानों में बन रहे मंदिरों पर रोक लगाई थी। मामले पर सरकार ने प्रारंभिक आपत्तियां भी बताई थीं जिसे हाईकोर्ट ने मानने से इंकार कर दिया है। अब सरकार जल्द ही इस पर रिपोर्ट सौंप सकती है या फिर कोर्ट से समय की मांग कर सकती है।

ट्रेन में सिर्फ टिकट नहीं एक और चीज लेकर चलना जरूरी, भूल गए तो बीच रास्‍ते ट्रेन से उधार देगा टीटी!

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ट्रेन का सफर तो आप भी करते होंगे. यात्रा की प्‍लानिंग के साथ ही आपके जेहन में टिकट का जुगाड़ करने की कोशिश चलने लगती है. भारतीय रेलवे ने अब टिकट बुक कराना भी काफी आसान कर दिया है. आप घर बैठे ही अपना टिकट बुक करा सकते हैं और निर्धारित तिथि पर यात्रा का आनंद ले सकते हैं. यहां तो ठीक है, लेकिन क्‍या आपको पता है कि ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट के अलावा भी एक और चीज है जो काफी जरूरी है.

अगर आपने विंडो से टिकट कराया है तब तो कोई दिक्‍कत नहीं, लेकिन आजकल ज्‍यादातर लोग ऑनलाइन टिकट ही बुक कराते हैं. ऐसे में आपके पास अगर ई-टिकट है तो ट्रेन में सफर करने के लिए जरूरी है कि आपके पास आईडी भी होनी चाहिए. अगर आप बिना वैलिड आईडी प्रूफ के ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो टीटी न सिर्फ आपके ऊपर जुर्माना लगा सकता है, बल्कि बीच रास्‍ते ही ट्रेन से उतार भी सकता है. लिहाजा यह समझना जरूरी है कि ई-टिकट के साथ आईडी नहीं होने पर आपको क्‍या-क्‍या समस्‍या हो सकती है.
बिना टिकट माने जाएंगे आप
भारतीय रेलवे के कानून के मुताबिक, अगर आपने ऑनलाइन टिकट बुक कराया है और साथ में ओरिजनल आईडी प्रूफ लेकर नहीं आए हैं तो बिना टिकट माने जाएंगे और इसी हिसाब से आपके साथ सुलूक भी किया जाएगा. रेलवे ऐसे यात्रियों पर जुर्माना लगाने के साथ उन्‍हें ट्रेन से उतारने का भी अधिकार रखता है. भले ही आपके पास कंफर्म टिकट है, लेकिन बिना आईडी प्रूफ के आपका यह टिकट पूरी तरह बेकार माना जाएगा.
कितना लगेगा जुर्माना
अगर आपके पास आईडी कार्ड नहीं है तो टीटी आपको बिना टिकट यात्री मानेगा और आप जिस क्‍लास में यात्रा कर रहे हैं, उसी हिसाब से आपसे जुर्माना भी वसूला जाएगा. सबसे पहले तो टीटी आपसे यात्रा के टिकट का पैसा लेगा, जो जहां से आपका टिकट बना है और जहां तक जाना है, उसके बीच की दूरी का पूरा किराया होगा. इसके अलावा एसी बोगी में सफर कर रहे तो 440 रुपये और स्‍लीपर में कर रहे हैं तो 220 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा.
सीट भी नहीं मिलेगी
अगर आप सोच रहे कि इतना पैसा देने के बाद आप आराम से सोते हुए सफर करेंगे तो गलत हैं, क्‍योंकि जैसे ही टीटी आपका ई-टिकट कैंसिल करेगा, वैसे ही आपकी सीट भी चली जाएगी. अब आप दोबारा टिकट और जुर्माने का पैसा भरकर भी अपनी सीट हासिल नहीं कर सकेंगे. अगर टीटी आपसे सहमत नहीं हुआ तो ट्रेन से उतार भी सकता है. ऐसे में आप पैसे खर्च करके यात्रा पूरी नहीं कर सकेंगे. वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए भी अपनी उम्र को साबित करने वाला आईडी प्रूफ लेकर चलना जरूरी है, वरना उनका ई-टिकट भी अवैध माना जाएगा.

गाबा टेस्ट रद्द हुआ तो भारतीय टीम कैसे पहुंचेगी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में, ऐसा है पूरा समाीकरण

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भारतीय टीम के लिए यह टेस्ट मैच जीतना काफी अहम है. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल (WTC Final) की रेस में पहुंचने के लिए भारत को तीसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल करना बेहद ही अहम है.
गाबा टेस्ट मैच (WTC final 2025, India vs Australia) में बारिश ने खलल डालकर भारतीय टीम को टेंशन में पहुंचा दिया है. दरअसल, भारतीय टीम के लिए यह टेस्ट मैच जीतना काफी अहम है. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल (WTC Final) की रेस में पहुंचने के लिए भारत को तीसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल करना बेहद ही अहम है. लेकिन बारिश के कारण खेल नहीं हो हो सका और मैच रद्द होता है तो फिर भारतीय टीम के लिए खतरे की घंटी बज जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि दूसरी टीमें अच्छा परफॉर्मेंस करके फाइनल की रेस में आगे निकल जाएगी.
तीसरा टेस्ट मैच ड्रा हुआ तो क्या होगा
अब यदि तीसरा टेस्ट मैच ड्रा हुआ तो भारतीय टीम को अपने बचे बाकी दोनों टेस्ट मैचों में जीत हासिल करनी होगी. ऐसे में भारत सीरीज 3-2 से जीतने में सफल हो जाएगा. इस स्थिति में फिर ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को ऑस्ट्रेलियाई टीम को कम से कम एक टेस्ट मैच में हराना होगा.
गाबा टेस्ट बारिश की वजह से रद्द हुआ तो भारतीय टीम WTC final में में कैसे पहुंचेगी, ऐसा है पूरा समीकरण
# अगर भारतीय़ टीम मेलबर्न और सिडनी टेस्ट में जीतता है, तो भारतीय टीम को दूसरी टीमों के परिमामों के बिना ही भारतीय टीम WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएगी.

# अगर भारत 2-1 से सीरीज जीतता है, तो श्रीलंका को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वाइटवॉश से बचना होगा.

# अगर भारत 2-2 से सीरीज ड्रा करता है, तो श्रीलंका को सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को किसी भी अंतर से हराना होगा.

# अगर भारत 1-1 से सीरीज ड्रा करता है, तो श्रीलंका को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज को ड्रा करना होगा या हराना होगा.

# अगर भारत किसी भी अंतर से सीरीज हार जाता है, तो वह रेस से बाहर हो जाएगा.

गाबा टेस्ट मैच में भारतीय टीम का हालत खराब
भारतीय टीम की हालत गाबा टेस्ट मैच में खराब है. भारतीय टीम की बल्लेबाजी एक बार फिर फ्लॉप हो गई है. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 445 रन का स्कोर बनाया है. जिसके तहत ये खबर लिखे जाने तक भारत के 4 विकेट 48 रन पर गिर गए हैं.

सत्यता की जांच हो.., नेहरू की चिट्ठियों को लेकर संसद में हंगामा; बीजेपी ने जांच की मांग की

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प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) सोसाइटी के सदस्य रिज़वान कादरी ने राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने जवाहरलाल नेहरू से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के ’51 डिब्बे’ लौटाने की अपील की है.
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) सोसाइटी के सदस्य रिज़वान कादरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के ’51 डिब्बे’ लौटाने की अपील की है. बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे को सोमवार को संसद में उठाया गया. रिज़वान कादरी ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि ये दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा है कि 2008 में यूपीए सरकार के दौरान, नेहरू के निजी पत्रों को 51 डिब्बों में भरकर सोनिया गांधी के पास भेजा गया था। ये पत्र नेहरू द्वारा एडविना माउंटबेटन, अल्बर्ट आइंस्टीन, जयप्रकाश नारायण, पद्मजा नायडू, विजया लक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ अली, बाबू जगजीवन राम और गोविंद बल्लभ पंत जैसे प्रमुख व्यक्तियों को लिखे गए थे.

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने क्या कहा?
भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने सोमवार को लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि संस्कृति मंत्रालय इस मुद्दे की जांच कर देश के प्रथम प्रधानमंत्री के पत्रों को वापस लाए. उन्होंने कहा कि ये सभी दस्तावेज हमारे राष्ट्र को समर्पित हैं. पात्रा ने कहा कि मेरी मांग है कि संस्कृति मंत्रालय इस बात की सत्यता की जांच करें.
यह सार्वजनिक प्रॉपर्टी है, छुपाने की क्या जरूरत है- रवि किशन
एनडीटीवी से बात करते हुए बीजेपी के एक अन्य सांसद रवि किशन ने कहा कि देश की जनता को जानने का पूरा अधिकार है कि वो जाने कि आव उस समय क्या करते थे. देश जानना चाहता है कि उस समय किस तरह के पत्राचार होते थे. जब भी कोई प्रधानमंत्री जैसे पद पर बैठता है तो उससे जुड़ी चीजें देश की हो जाती है.

जाकिर हुसैन के निधन से शोक में बॉलीवुड, अमिताभ-करीना ने दी श्रद्धांजलि, अनुपम बोले- ‘दिल ना जाने

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मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने सोमवार की सुबह इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जाकिर हुसैन के निधन की खबर से बॉलीवुड सेलेब्स भी शॉक्ड हैं। कई सितारों ने मशहूर तबला वादक के निधन पर प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया के जरिए शोक व्यक्त किया है।
मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का सोमवार की सुबह अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में निधन हो गया। अमेरिका में रह रहे 73 वर्षीय तबला वादक दिल से जुड़ी समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जाकिर करीब 2 हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन रविवार को उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया था। जाकिर हुसैन के निधन की खबर ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। बॉलीवुड सितारों ने भी मशहूर तबला वादक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अमिताभ बच्चन से लेकर करीना कपूर तक, बी-टाउन के कई सितारों ने जाकिर के निधन पर शोक जताया और श्रद्धांजलि दी।
इन सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि
अमिताभ बच्चन ने X पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘बहुत दुखद दिन…’ इसके बाद उन्होंने अपने ब्लॉग पर जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि दी और लिखा, ‘एक प्रतिभा.. एक बेजोड़ उस्ताद.. एक अपूरणीय क्षति.. जाकिर हुसैन।’ वहीं करीना कपूर खान ने इंस्टाग्राम पर जाकिर हुसैन की एक फोटो शेयर की, जिसमें वह करीना के पिता और दिग्गज अभिनेता रणधीर कपूर के साथ नजर आ रहे हैं। फोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- ‘हमेशा से उस्ताद’। मलाइका अरोड़ा ने भी तबला वादक की एक तस्वीर शेयर की और लिखा- ‘रेस्ट इन पीस लीजेंड।’
अक्षय कुमार-अनुपम खेर ने भी दी श्रद्धांजलि
अक्षय कुमार ने जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा- ‘उस्ताद ज़ाकिर हुसैन साब के दुखद निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। वह वास्तव में हमारे देश की संगीत विरासत के लिए एक खजाना थे। ॐ शांति।’ अनुपम खेर ने लिखा- ‘दिल ना जाने कब तक उदास रहने वाला है! आवाज़ ना जाने कब तक खामोश रहने वाली है!! अलविदा मेरे दोस्त।इस दुनिया से गए हो! यादों में सदियों तक रहने वाले हो! तुम भी… तुम्हारा हुनर भी… और तुम्हारी दिल की गहराइयों तक छू जाने वाली बच्चों जैसी मुस्कुराहट भी!!’ वहीं रणवीर सिंह, सोनाली बेंद्रे, रिद्धिमा कपूर साहनी और अन्य सितारों ने भी दिवंगत तबला वादक को श्रद्धांजलि दी है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: AAP की फुल लिस्ट जारी, केजरीवाल ने BJP के लिए ये क्या कह दिया

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दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपने सभी 70 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है, जबकि भाजपा अबतक शांत बैठी है। अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर तंज कसा है, जानिए क्या कहा है?
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को 38 उम्मीदवारों की अपनी अंतिम सूची जारी कर दी, इस तरह से आम आदमी पार्टी ने अपने सभी 70 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट अब जारी कर दी है लेकिन मुख्य विपक्षी दल भाजपा की तरफ से अभी तक ऐसी सुगबुगाहट भी नहीं है। उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद, आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तंज कस कसा और कहा कि उनके पास तो मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा ही नहीं है। बता दें कि दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होना है। आप ने 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 62 सीट पर जीत हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में अपना दबदबा कायम रखा था।
भाजपा के लिए क्या कह दिया केजरीवाल ने
आम आदमी पार्टी की सूची के मुताबिक, पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और मुख्यमंत्री आतिशी एक बार फिर से कालकाजी सीट से चुनाव मैदान में होंगी। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पार्टी पूरे आत्मविश्वास और पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ रही है लेकिन भाजपा गायब है। उनके पास मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा नहीं है, कोई टीम नहीं है, कोई योजना नहीं है और दिल्ली के लिए कोई विजन नहीं है। उनके पास केवल एक ही नारा, एक ही नीति और एक ही मिशन है- ‘केजरीवाल हटाओ’। उनसे पूछें कि उन्होंने पांच साल में क्या किया, तो वे जवाब देते हैं- ‘‘केजरीवाल को खूब गाली दी।’’

केजरीवाल को चुनौती देंगे कांग्रेस के दीक्षित
बता दें कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। हालांकि भाजपा नयी दिल्ली सीट पर केजरीवाल के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को उतारने की योजना बना रही है। इस बीच, कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित भी शामिल हैं, जो नयी दिल्ली सीट पर केजरीवाल को चुनौती देंगे। केजरीवाल ने कई मौकों पर, कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार किया है, बावजूद इसके कि दोनों पार्टियां ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं।

आतिशी और सिसोदिया ने किया पोस्ट
आतिशी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे कालकाजी से आम आदमी पार्टी का विधानसभा उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए पार्टी नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल जी को धन्यवाद।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए गर्व की बात है और मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगी।’’ वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सभी 70 सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा के साथ आम आदमी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव में उतर गई है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हम लोगों तक पहुंच रहे हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बिजली और पानी के क्षेत्र में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए पांच साल और मांग रहे हैं।’’

MP कांग्रेस का बड़ा विधानसभा घेराव, 50,000 से ज्यादा कार्यकर्ता करेंगे प्रदर्शन, जान लीजिए मुद्दा क्या है

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मध्य प्रदेश विधानसभा का पहला सत्र 16 दिसंबर को शुरू होने जा रहा है। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। कांग्रेस ने इस घेराव में प्रदेश भर से 50,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जुटाने का फैसला किया है। कांग्रेस इस विधानसभा घेराव के जरिए नेताओं की एकजुट और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस का विधानसभा घेराव सोमवार को शीतकालीन सत्र के दौरान होगा, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के घर हुई बैठक में इस आयोजन की रूपरेखा तय की गई थी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि पार्टी के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हजारों की संख्या में वाहनों के साथ भोपाल पहुंचे।

जवाहर चौक से शुरू होगा घेराव

कांग्रेस का घेराव भोपाल के जवाहर चौक इलाके से शुरू होगा, जहां एक बड़ी जनसभा होगी। इसके बाद कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए रंग महल चौराहा, रोशनपुरा चौराहा होते हुए विधानसभा घेराव करेंगे। इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी जातिगत जनगणना की मांग उठाएगी और इसे आंदोलन का रूप देने की कोशिश करेगी। कांग्रेस इस मुद्दे को अब गांव-गांव तक लेकर जाने की योजना बना रही है।

कांग्रेस की क्या-क्या हैं मांगें?

कांग्रेस का यह विधानसभा घेराव प्रदेश में बढ़ते दलित अत्याचार, अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर होने जा रहा है। इसके अलावा विधानसभा सत्र में कांग्रेस, बीजेपी के चुनाव के दौरान किए गए वादे को लेकर भी उसे घेरने का अभियान बना रही है। इनमें प्रमुख वादा है ‘लाडली बहन योजना’ के तहत हर महिला को 3000 रुपये प्रति माह की राशि दी जाए। इसके अलावा 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा, गेहूं का MSP 2700 रुपये, धान का MSP 3100 रुपये और सोयाबीन के दाम 6000 रुपये प्रति क्विंटल करने का वादा शामिल है। कांग्रेस बीजेपी से यह भी मांग करेगी कि सरकार द्वारा लिए जा रहे कर्ज के बारे में श्वेत पत्र जारी किया जाए।

“गूंगी-बहरी सरकार को अपनी आवाज सुनानी चाहिए”

इस घेराव को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “संकल्प पत्र में किए गए वादों से लेकर लाडली बहिनों तक के वादे पूरे नहीं हुए हैं। मैं सभी से निवेदन करता हूं कि इस गूंगी-बहरी सरकार को अपनी आवाज सुनानी चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक यह जान सकें कि वादे पूरे नहीं हुए हैं। इस घेराव में सभी का हिस्सा बनना जरूरी है, ताकि यह हक की लड़ाई सरकार की नींद को जगा सके।”

दिल्ली में महिलाओं के खाते में कब आएंगे 1000 रुपये प्रति महीने? सीएम आतिशी ने दिया बड़ा अपडेट

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दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सीएम आतिशी ने दिल्ली में मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की शुरुआत की है। इसके तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 1000 रुपये डाले जाएंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने शुक्रवार को शहर की महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने वाली ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सीएम आतिशी ने कहा कि अगले 7 से 10 दिनों में ये योजना शुरू कर दी जाएगी।

दो किस्तों में दी जाएगी ये राशि
उन्होंने कहा कि सरकार रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर काम कर रही है। आतिशी ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के अंत से पहले 31 मार्च, 2025 तक महिलाओं को इस योजना के तहत एक या दो किस्तें मिलेंगी।

आगे चलकर सरकार देगी 2100 रुपये प्रति महीने
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को योजना शुरू करने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में लौटती है तो राशि बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दी जाएगी।

महिलाओं का वादा पूरा किया- सीएम आतिशी
सीएम आतिशी ने कहा कि यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने के सरकार के वादे को पूरा करती है। उन्होंने कहा, ‘हमने महिलाओं को 1,000 रुपये की सहायता देने का अपना वादा पूरा किया है। विपक्ष द्वारा इस पहल को बाधित करने के सभी प्रयासों के बावजूद हमने इसे सफलतापूर्वक लागू किया है।’

महिलाओं को परिवार के सदस्यों पर निर्भर ना रहना पड़े- आतिशी
आतिशी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें छोटी-छोटी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर ना रहना पड़े। पात्रता के संबंध में, आतिशी ने बताया कि वर्तमान या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, जो महिलाएं सांसद, विधायक या पार्षद हैं या रही हैं, पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाली महिलाएं और जो पहले से ही किसी भी प्रकार की पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे इस योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं होंगी।