Monday, March 23, 2026
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पुणे में हेलिकॉप्टर क्रैश, 3 लोगों की मौत:इनमें 2 पायलट, 1 इंजीनियर; टेक ऑफ के बाद 1.5km दूर हादसा हुआ

महाराष्ट्र के पुणे जिले के बावधन ​​​​​​में बुधवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर में दो पायलट और एक इंजीनियर सवार थे। हादसे में तीनों की मौत हो गई। घटना बावधन में केके कंस्ट्रक्शन हिल के पास सुबह करीब 6:45 बजे हुई।

पुणे की पिंपरी चिंचवड़ पुलिस के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने ऑक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स के हेलीपैड से टेक ऑफ किया था। उड़ान भरने के करीब 10 मिनट बाद 1.5 किमी दूर जाकर हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसा पहाड़ी इलाके पर हुआ। वहां सुबह के समय घना कोहरा था।

क्रैश होने के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। हेलिकॉप्टर सरकारी था या प्राइवेट, यह अभी पता नहीं चला है। मृतकों की भी पहचान नहीं हो सकी है। घटना के तुरंत बाद रेसक्यू ऑपरेशन के लिए दो एम्बुलेंस और चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

40 दिनों के भीतर पुणे में हेलिकॉप्टर क्रैश की दूसरी घटना पुणे में 40 दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है। इससे पहले 24 अगस्त को पुणे के पौड इलाके में एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। यह हेलिकॉप्टर मुंबई से हैदराबाद जा रहा था। इसमें पायलट और तीन यात्री सवार थे। हादसे में पायलट जख्मी हुआ था। बाकी तीनों लोगों को ज्यादा चोट नहीं आई थीं।

पुणे रूरल पुलिस के सुपरिंटेंडेंट पंकज देशमुख ने बताया कि यह हेलिकॉप्टर मुंबई की ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉर्प कंपनी का था। यह AW 139 मॉडल का था। आशंका जताई गई कि हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी की वजह से क्रैश हुआ। हादसे के पीछे भारी बारिश को भी वजह माना गया।

मई में महाड में क्रैश हुआ था उद्धव गुट की नेता का हेलिकॉप्टर महाराष्ट्र के महाड में 3 मई को शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता सुषमा अंधारे का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। सुषमा अंधारे बारामती में महिला मेले में शामिल होने जा रही थीं। उनके हेलिकॉप्टर में चढ़ने से पहले ही हेलिकॉप्टर का बैलेंस बिगड़ गया और वो क्रैश हो गया। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने बताया था कि क्रैश की वजह साफ नहीं है। जांच की जा रही है।

एमपी में अब कहीं नहीं होगी तेज बारिश, पचमढ़ी में इतना हुआ न्यूनतम तापमान, कैसा है आज का मौसम?

भोपाल. मध्य प्रदेश का मौसम पूरा पलट गया है. अब प्रदेश में किसी भी तरह का मानसून सिस्टम एक्टिव नहीं है. इस वजह से कहीं भी मध्यम या भारी बारिश के आसार नहीं हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और हल्की बौछारों के आसार नजर आ रहे हैं. प्रदेश के सभी जिलों में आसमान अब पूरी तरह साफ है. यहां बादल छंट गए हैं. इस वजह से कड़ी धूप निकलने लगी है. मौसम विभाग का कहना है कि अब प्रदेश में तापमान बढ़ेगा. लोगों को गर्मी और उमस फिर परेशान करेगी. विभाग का कहना है कि एक ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश से गुजरती नजर आ रही है. लेकिन, इससे मानसूनी गतिविधि पर कोई असर नहीं होगा.

मौसम विभाग का कहना है कि एक ट्रफ लाइन कोंकण में बनती नजर आ रही है. यह यहां से होते हुए मध्य प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रही है. हवाओं में हल्की नमी है. वे पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बह रही हैं. इन सबकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में हल्के-हल्के बादल भी देखे जा सकते हैं. मौसम विभाग का कहना है कि दो दिनों के बाद मौसम फिर बदल सकता है. क्योंकि, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत की तरफ आ सकता है.

खंडवा में मौसम बदलते ही चढ़ा पारा
खंडवा में मौसम में आए बदलाव के बीच तापमान में बढ़ोतरी हुई है. 1 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32.5 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि, बारिश नहीं हुई. आसमान साफ होते ही तेज धूप खिली और तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई. मौसम विभाग ने 2 अक्टूबर को बादल छाए रहने की संभावना जताई है. हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. जिले में औसत बारिश 808 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले अब तक 914 मिमी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विशेषज्ञ कहते हैं कि अब मानसून की विदाई हो रही है.

पचमढ़ी, जिला नर्मदापुरम 20.2 डिग्री
खरगोन 21.0 डिग्री
धार 21.1 डिग्री
अमरकंटक, जिला अनूपपुर 21.4 डिग्री
इंदौर 21.9 डिग्री

पुरंदर में एयरपोर्ट का इंतजार अब खत्म होने वाला है।

राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया है कि पुरंदर में हवाई अड्डे के लिए एमआईडीसी के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।

इस भूमि अधिग्रहण के लिए केंद्रीय उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल उदय सामंत के साथ बैठक करेंगे.

पिछले दिनों इस एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम स्थानीय विरोध के कारण रोक दिया गया था. इस बीच यह मसला सुलझने की संभावना है और अगले कुछ महीनों में एयरपोर्ट का काम शुरू होने की उम्मीद है.

हाल ही में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने पुणे आए उद्योग मंत्री सामंत ने कहा, “पुरंदर हवाईअड्डा परियोजना राज्य और पुणे के लोगों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, मैं केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर के साथ बैठक करूंगा।” इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए तीन से चार दिनों में मोहोल।”

सामंत ने कहा, “हम अगले आठ दिनों में परियोजना का एक मॉडल लेकर आएंगे, जिसके बाद हम वास्तव में भूमि अधिग्रहण का काम शुरू करेंगे।”
यह एयरपोर्ट पुणे के पुरंदर में बनने जा रहा है. यह हवाई अड्डा 2,832 हेक्टेयर में फैला होगा। हवाई अड्डे के लिए चयनित स्थल को रक्षा मंत्रालय से सभी मंजूरी मिल गई है।

राजेवाड़ी रेलवे स्टेशन इस हवाई अड्डे के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन है। यह हवाई अड्डे से आधे घंटे की दूरी पर है।

यह हवाई अड्डा पुणे शहर के विकास में मदद करेगा। इससे लोगों को शहर में घूमना आसान हो जाएगा।

इस हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण की चुनौती और स्थानीय लोगों के विरोध ने परियोजना की प्रगति में बाधा उत्पन्न की थी।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो रमेश मनोहर बनसोडे की रिपोर्ट

 

क्या मुंबई जैसी ऊंची-ऊची होंगी MP की कमर्शियल बिल्डिंगें, जानें किस नियम में हो सकता है बदलाव, क्या है तैयारी?

भोपाल. मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. अब प्रदेश की कमर्शियल बिल्डिंग और ऊची होंगी. सरकार कर्मशियल बिल्डिंग में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दोगुना कर सकती है. भोपाल में एफएआर फिलहाल 2.5 है, लेकिन अब इसे 5 या 7 करने की योजना है. खास बात यह है कि, इस तरह की बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना जरूरी होगा. इस कोड के पालन से भवन और ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होंगे. इसके मद्देनजर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) ने संशोधन प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव टी एंड सीपी के भूमि विकास नियम-2012 के लिए तैयार किया गया है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार नियमों के बदलाव होने के बाद उन्हीं के आधार पर अनुदान तय करेगी. इस तरह की बिल्डिंग बनने के बाद हर दुकान-मकान में आग के सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होंगे. इस तरह की ऊंची कॉलोनी बनाने वालों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाना होगा. भवन निर्माताओं को ग्राउंड कवरेज की लिमिट से छूट मिल सकती है. उन्हें एक न्यूनतम क्षेत्र की खुला रखना पड़ेगा. अभी तक बनी हाईराइज बिल्डिंगों में 50 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखना पड़ता है. रिहाशयी इलाके में 30 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखने का नियम है. जबकि, कमर्शियल में अभी तक 40 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखा जाता है.
केंद्र सरकार तय करेगी अनुदान
बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे शहरी क्षेत्रों में सुधार करें. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह इसलिए करने का कहा है, ताकि शहरी विकास योजनाओं और अमृत योजना के लिए अनुदान मिल सके. ये बदलाव होने के बाद जो सुधार होंगे, उन्हीं के आधार पर केंद्र सरकार अनुदान का फंड तय करेगी. इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि टी एंड सीपी ने नगरीय विकास एवं आवास को भूमि विकास नियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए थे. विभाग ने उन्हें और बेहतर तरीके से तैयार करने को कहा है. इसके बाद केंद्र सरकार जो मंशा होगी उस पर विचार किया जाएगा. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

बाप रे बाप! 2000 करोड़ की कोकीन, दिल्ली पुलिस ने पकड़ी ड्रग्स की बहुत बड़ी खेप

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बुधवार को एक करीब 500 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन को जब्त किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल कार्यवाही में 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के कोकीन बरामद किया है. इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस इस मामले को नार्को टेरर एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी.

ईरानी कप- सरफराज खान का शतक:रहाणे 97 रन पर आउट, पहली पारी में मुंबई का स्कोर 350 पार

ईरानी कप का मुकाबला रणजी चैंपियन मुंबई और रेस्ट ऑफ इंडिया (शेष भारत) के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जा रहा है। बुधवार को मुकाबले के दूसरे दिन मुंबई ने पहली पारी में खबर लिखे जाने तक 6 विकेट पर 368 रन बना लिए हैं। सरफराज खान और तनुषा कोटियान क्रीज पर हैं। दोनों के बीच सेंचुरी पार्टनरशिप हो चुकी है। सरफराज खान शतक पूरा कर चुके हैं। उन्होंने फर्स्ट क्लास में 15वां शतक जमाया है।

शम्स मुलानी (5 रन) को मुकेश कुमार ने बोल्ड कर दिया; जबकि, भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे 97 रन पर आउट हुए। उन्हें यश दयाल ने विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। मुंबई ने दिन की शुरुआत 237/4 के स्कोर से की।

पहले दिन 68 ओवर ही डाले जा सके मंगलवार, एक अक्टूबर को खराब रोशनी के कारण जल्दी स्टंप्स कर दिया गया था। मुकाबले के पहले दिन 68 ओवर का मैच हुआ। मुंबई ने 4 विकेट के नुकसान पर 237 पर बनाए हैं। अंजिक्य रहाणे 197 बॉल पर 86 रन और सरफराज 88 बॉल पर 54 रन पर नाबाद रहे थे।

दलीप ट्रॉफी के टॉप स्कोरर हैं रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में शामिल दलीप ट्रॉफी के टॉप 5 स्कोरर रेस्ट ऑफ इंडिया टीम के बल्लेबाज हैं। इनसे पार पाना रणजी चैंपियन मुंबई की टीम के लिए आसान नहीं है। शेष भारत टीम ईरानी ट्रॉफी की डिफेंडिंग चैंपियन भी है। पिछले 10 सीजन में टीम 6 बार चैंपियन बन चुकी है। मुंबई ने आखिरी बार ईरानी ट्रॉफी 1997-98 में जीती थी। टीम 26 साल से ईरानी ट्रॉफी नहीं जीत सकी है।

Indian Bank में नौकरी पाने का मौका, नहीं देनी होगी लिखित परीक्षा, बेहतरीन होगी सैलरी

बैंक में नौकरी (Sarkari Naukri) पाने की ख्वाहिश हर युवाओं की होती है. लेकिन इन ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए इन पदों के लिए आवेदन करना होगा. इंडियन बैंक ने वर्टिकल हेड – आर और जीआर (संसाधन और सरकारी संबंध) विभाग में भर्तियां निकाली है. उम्मीदवार जो कोई भी इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे इंडियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट indianbank.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन शुरू हो चुका है.

इंडियन बैंक के इस भर्ती के लिए जो कोई भी आवेदन करने का मन बना रहे हैं, वे 14 अक्टूबर तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. इस भर्ती के जरिए वर्टिकल हेड – आर और जीआर के पदों पर बहाली की जानी वाली है. अगर आप भी इन पदों पर काम करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए इन बातों को गौर से पढ़ें.

इंडियन बैंक में नौकरी पाने की आयु सीमा
उम्मीदवार जो कोई भी इन पदों के लिए आवेदन करने का मन बना रहे हैं, वे उनकी आयु 01 सितंबर 2024 को 36 वर्ष से 57 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

इंडियन बैंक में नौकरी पाने की योग्यता
इंडियन बैंक के इस भर्ती के लिए जो कोई भी उम्मीदवार आवेदन करने पर विचार कर रहे हैं, तो उनके पास आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए संबंधित योग्यता होनी चाहिए.

इंडियन बैंक में फॉर्म भरने के लिए देना होगा शुल्क
सामान्य/ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन करने का शुल्क: 1000 रुपये (जीएसटी सहित)
एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क: 100 रुपये (जीएसटी सहित)
यहां देखें आवेदन लिंक और नोटिफिकेशन
Indian Bank Recruitment 2024 के लिए अप्लाई करने का लिंक
Indian Bank Recruitment 2024 नोटिफिकेशन

इंडियन बैंक में ऐसे मिलती है नौकरी
इंडियन बैंक के इस भर्ती के लिए जो कई भी आवेदन कर रहे हैं, उनका चयन इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. उम्मीदवारों को याद रखने वाली बात यह है कि जो कोई भी इंटरव्यू के लिए उपस्थित होंगे, उन्हें कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा. इच्छुक उम्मीदवारों को समय सीमा से पहले आवश्यक डॉक्यूमेंट्सों के साथ अपना विधिवत भरा हुआ आवेदन फॉर्म को जमा करना होगा.

बिहार के बगहा में मगरमच्छ घर में घुसा, राजस्थान में तापमान करीब 40 डिग्री; आज 11 राज्यों में बारिश का अलर्ट

देश में मानसून सीजन अब खत्म होने वाला है। दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों को छोड़कर किसी राज्यों में बारिश का अलर्ट नहीं है। नेपाल में भारी बारिश के चलते बिहार के 16 जिलों में बाढ़ आ गई है। करीब 10 लाख आबादी प्रभावित हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में एयरफोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है। वायुसेना हेलिकॉप्टर से लोगों तक फूड पैकेट्स पहुंचाए जा रहे हैं। पश्चिम चंपारण के बगहा में मंगलवार रात टाइगर रिजर्व के पास रिहायशी इलाके में एक मगरमच्छ घर में घुस गया। वन विभाग की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद मगरमच्छ का रेस्क्यू किया।

दूसरी तरफ, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर खत्म हो गया है। राजस्थान के कई जिलों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। मंगलवार को गंगानगर, फलोदी में सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में दिन का तापमान 35.2 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा था। मध्य प्रदेश का खजुराहो 36.8 डिग्री तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

देश में बाढ़-लैंडस्लाइड की घटनाओं में इस साल 1500 लोगों की मौत मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मानसून के इस सीजन (1 जून से 30 सितंबर) में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश हुई। दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के लॉन्ग पीरियड सेशन (LPA) में हुई बारिश का एवरेज 108% रहा। इस दौरान 934.8 mm बारिश दर्ज की गई। ये साल 2020 के बाद सबसे अधिक है।

मौसम विभाग ने 106 % बारिश के पूर्वानुमान जताया था, जो सरपास हो गया। एक्चुअल बारिश और सामान्य बारिश दोनों में 4% का अंतर रहा। इस साल मानसून ने चार महीने से ज्यादा बरसा।

विभाग के मुताबिक, मानसून के मौजूद सीजन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में पूरे देश में 1492 लोगों की मौत हुई। बाढ़-बारिश से घटनाओं में 895 लोगों की जान गई, जबकि 597 मौतें आंधी-बिजली गिरने से हुईं।

मौजूदा मानसून सीजन में 525 भारी वर्षा की घटनाएं हुईं। बीते 5 साल में ये सबसे ज्यादा रहीं। इस दौरान 115.6 mm और 204.5 mm के बीच बारिश हुई। बहुत भारी बारिश की घटनाएं 96 रहीं, इस दौरान 204.5 mm से ज्यादा बारिश हुई।

MP में 18% ज्यादा मानसूनी बारिश, बिहार में 19% कम देश में 1 जून से 30 सितंबर के दौरान सामान्य रूप से 868.6 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन इस बार 934.8 मिमी हुई है यानी 7.8% ज्यादा। जबकि जून में बारिश की 11% कमी थी लेकिन उसके बाद लगातार ज्यादा बारिश होती रही।

जुलाई में 9%, अगस्त में 15.3% और सितंबर में 11.6% बारिश हुई। उत्तर पश्चिम के इलाके जिसमें राजस्थान और दिल्ली शामिल हैं, वहां जून और जुलाई में 32.6% और 14.6% की कमी थी लेकिन बाकी के दो महीने अगस्त व सितंबर में 30.1% और 29.2% ज्यादा बारिश हुई।

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश की कमी बनी रही लेकिन आखिरी दो हफ्तों में हुई बारिश के चलते उसका कोटा पूरा हो गया। मध्य भारत अकेला क्षेत्र रहा, जहां जून में बाकी सभी महीनों से भारी बारिश हुई। जुलाई में 33%, अगस्त में 16.5% और सितंबर में 32.3% बारिश हुई।

अगस्त-सितंबर में बंगाल की खाड़ी में लगातार पांच कम दबाव के क्षेत्र बनने और फिर उसके पूर्वी तटों से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए लगातार सक्रिय रहने से मध्य भारत खूब भीगा और हिंद महासागर में सक्रियता से महाराष्ट्र-गुजरात भीगे।

अब आगे क्या? नवंबर के तीसरे हफ्ते से दस्तक देने लगेगी सर्दी मानसून के देशभर से विदा होने की सामान्य तिथि 15 अक्टूबर है। अब अगले एक से डेढ़ महीने दिन व रात के तापमान में अंतर और बढ़ जाएगाा। नवंबर के तीसरे हफ्ते से दिन में भी तापमान कम होना शुरू होगा, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

दिसंबर में पहाड़ों पर बर्फबारी की शुरुआत से मैदानों में भी ठंड दस्तक देगी। नवंबर के आखिरी तक ला-नीना पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ला-नीना में अक्सर ज्यादा ठंड रहती है।

पुराने CM से मिलने का है मन तो क्या आपको पता है नया एड्रेस? जानिए कहां श‍िफ्ट होने जा रहे हैं अरव‍िंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल का आशियाना बदलने वाला है. अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं. लिहाजा उन्हें मुख्यमंत्री आलवास अब खाली करना होगा. अरविंद केजरीवाल ने पितृपक्ष के बाद सरकारी आवास और सुविधाएं छोड़ने का ऐलान किया है. अरविंद केजरीवाल ने नया घर फाइनल कर लिया है. उम्मीद की जा रही है कि एक-दो दिन में वह अपने नए घर में शिफ्ट हो जाएंगे. अरविंद केजरीवाल का नया ठिकाना फिरोजशाह रोड पर होगा. हालांकि, बंगले को लेकर अब भी सस्पेंस है.

दरअसल, अरविंद केजरीवाल कई बार यह बता चुके हैं कि उन्होंने अपने लिए दिल्ली में अब तक कोई मकान नहीं बनाया है. सूत्रों के मुताबिक, अरविन्द केजरीवाल ने अपने लिए घर तय कर लिया है. अरविंद केजरीवाल ऐसा मकान चाहते हैं, जिस पर कोई विवाद ना हो. साथ ही उनकी विधानसभा नई दिल्ली इलाके में ही घर हो ताकि वो लोगों से जुड़े रह सकें. इसका मतलब है कि वह नई दिल्ली विधानसभा में ही रहेंगे.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय सयोंजक अरविंद केजरीवाल के रहने के लिए अब तक दो घरों पर विचार हो रहा है. इन दोनों घरों का पता लुटियंस दिल्ली के फिरोजशाह रोड का है. यहां बताना जरूरी है कि फिरोजशाह रोड पर आम आदमी पार्टी के दो राज्यसभा सांसदों का भी घर है. अब जानते हैं कि आखिर अरविंद केजरीवाल फिरोजशाह रोड पर कहां रह सकते हैं.
पहला पता:
बंगला नंबर 5, फिरोजशाह रोड: पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को यह सरकारी घर मिला हुआ है. एनडी गुप्ता की तरह ही अशोक मित्तल भी अपने इस सरकारी आवास में नहीं रहते हैं. यहां अब तक अशोक मित्तल के कर्मचारी ही इस सरकारी बंगले में रहते हैं. अरविंद केजरीवाल इस घर पर भी विचार कर रहे हैं.
दूसरा पता:
बंगला नंबर 10, फिरोजशाह रोड: दिल्ली से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता को यह सरकारी आवास आवंटित किया गया है. एनडी गुप्ता अपने परिवार के साथ अपने निजी आवास में रहते हैं जबकि उनके सरकारी घर में उनके कार्यालय चलता है.

अरविंद केजरीवाल बंगला नंबर 5 या बंगला नंबर 10 में रहेंगे, अभी तक यह फाइनल नहीं हो पाया है. माना जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल ने फाइनल कर लिया है, मगर डिटेल सामने नहीं आई है. नवरात्र शुरू होते ही वह नए घर में शिफ्ट हो जाएंगे. अरविंद केजरीवाल बीते दिनों जमानत पर जेल से बाहर आए हैं. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया. इसके बाद आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया.

क्या गांधीजी की भी थी कोई लव स्टोरी, कौन थीं सरला चौधरानी, कैसे जिंदगी में आईं, फिर बन गईं संन्यासी

गांधीजी के जीवन में कई महिलाएं आईं. कस्तूरबा से उन्होंंने 12 साल की उम्र में शादी की. कुछ उनकी अनुगामी थीं. कुछ सहयोगी. कुछ को उन्होंने बेटी माना लेकिन एक और थी, जिसे गांधी जी अपना दिल दे बैठे थे. वो उनकी जिंदगी में आईं. फिर चली गईं. बाद में संन्यासी बन गईं. इस पर काफी कुछ लिखा भी जा चुका है.

ये भी कहा जाता है कि ये गांधी जी के लंबे राजनीतिक जीवन का फिसलन था, जिससे तमाम तरह की बातें फैलनी शुरू हो गईं थीं. घर टूटने की कगार पर आ गया. सम्मान दाव पर लगने की नौबत आ गई. आखिरकार गांधीजी ने अपने पैर वहां से वापस खींच लिए.

गांधी जी दक्षिण अफ्रीका में अपने आंदोलनों के कारण जानी पहचानी शख्सियत बन चुके थे. वर्ष 1901 में वो दक्षिण अफ्रीका से भारत, कांग्रेस के अधिवेशन में हिस्सा लेने आए. ये कह सकते हैं कि भारत में अपनी राजनीतिक ज़मीन को टटोलने के लिए आए. कांग्रेस के अधिवेशन में उन्होंने एक युवती को कांग्रेस को समर्पित एक गाना लिखकर गाते हुए सुना. तीखे नाक नक्शों वाली प्रखर मेधा की बंगाली सुंदरी. ऐसी महिला, जो अलग थी. गांधीजी के दिमाग पर ज़रूर ही वो युवती कहीं दर्ज़ हो गई.

जब सरला देवी से दोबारा मिले
गांधी जी दोबारा जब 1915 में भारत लौटे तो ये सोचकर लौटे कि अब वो स्थायी तौर पर अपने पराधीन देश को स्वाधीन बनाने की लड़ाई लड़ेंगे. अफ्रीका में किए गए प्रयोगों को भारत में आजमाएंगे. 1917 तक गांधी जी की पहचान देश में बन चुके थी. दो साल बाद उनके असहयोग आंदोलन को पूरे देश में अभूतपूर्व समर्थन मिला
इस बीच गांधीजी को देशयात्रा के दौरान उस बंगाली महिला से फिर मिलने का अवसर मिला. लेकिन अक्टूबर 1919 जब वो सरला देवी चौधरानी के लाहौर स्थित घर में रुके तो उनके प्यार में पड़ गए. सरला तब 47 साल की थीं और गांधी जी 50 के.

सरला देवी नोबेल पुरस्कार प्राप्त रविंद्र नाथ टैगोर की बड़ी बहन की बेटी थीं. लाहौर में जब गांधी जी उनके घर ठहरे तो उनके पति चौधरी रामभुज दत्त आज़ादी आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण जेल में थे.

गांधीजी की शादी टूटने की नौबत आ गई थी
‘कस्तूरबा ए सीक्रेट डायरी’ की लेखिका और देश के प्रसिद्ध उद्योगपति रहे रामकृष्ण डालमिया की बेटी नीलिमा डालमिया कहती हैं, ‘गांधीजी को वाकई सरला देवी से प्यार हो गया था. इस पर कस्तूरबा ने तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की थी. ऐसा लगने लगा था कि गांधी जी की शादी टूट न जाए. इससे उनके घर में भूचाल आ गया. बेटों ने ज़बरदस्त विरोध किया. कुल मिलाकर ये मामला बड़ा स्कैंडल बन गया. बस गांधीजी ने जल्दी ही खुद को इससे किनारे कर लिया.’

पोते ने पहली बार किताब में ज़िक्र किया
लाहौर में जिस दौरान गांधी जी सरला के घर में ठहरे, तब सार्वजनिक तौर पर भी लोगों ने उनकी करीबी का अहसास किया. गांधीजी ने अपने भाषण में उनका ज़िक्र किया. गांधीजी के पोते राजमोहन गांधी ने जब तक महात्मा गांधी की बॉयोग्राफी नहीं लिखी थी, तब तक ये प्रेम प्रसंग केवल सुनी सुनाई बातों और अटकलों के रूप में मौजूद था.

वह पहले शख्स थे, जिन्होंने अपनी किताब के माध्यम से इसे सबके सामने ला दिया. राजमोहन ने तब कहा, ” मुझे लगता है कि अगर ईमानदारी से गांधी जी की बॉयोग्राफी लिख रहा हूं तो उनका ये पहलू भी सामने आना चाहिए. बचपन में वो अपने अभिभावकों से लगातार ये बात सुनते थे कि किस तरह अधेड़ उम्र में भी गांधीजी फिसल गए थे.”

तुम मेरे अंदर हो
गांधी जी ने लाहौर से लौटकर सरला देवी को पत्र लिखा, “तुम मेरे अंदर पूरी शिद्दत से हो, तुमने अपने महान समर्पण के पुरस्कार के बारे में पूछा है, ये तो अपने आप खुद पुरस्कार है.” दक्षिण अफ्रीका के अपने एक मित्र को पत्र लिखा, “सरला का सानिध्य बहुत आत्मीय और अच्छा था, उसने मेरा बहुत ख्याल रखा.” इस प्यार में पड़ने के कुछ महीनों बाद वो सोचने लगे थे कि उनके रिश्ते आध्यात्मिक शादी की तरह हैं.

सरला और गांधी के पत्र
गांधीजी ने अपने एक अन्य पत्र में सरलादेवी को लिखा, वो अक्सर उनके सपने देखते हैं. उन्होंने सरलादेवी के पति को बधाई दी कि सरला महान शक्ति या देवी हैं. अगस्त 1920 में गांधीजी के सचिव महादेव देसाई ने रिकॉर्ड किया कि सरलादेवी के पांच-छह पत्र लगातार मिले. एक बार तो सरलादेवी ने गांधीजी को छह दिनों में 12 पत्र लिख डाले. उनके लेख गांधीजी ने यंगइंडिया में लगातार छापे. नवजीवन के पहले पेज पर उनकी कविताएं प्रकाशित कीं. वो उनकी कविताओं की तारीफ करते थे.

एक साल से ऊपर चला ये रिश्ता
1920 में जब घर में सरलादेवी को लेकर हालात दुरूह होने लगे तो उदास गांधीजी ने उनसे कहा कि उनके रिश्ते ख़त्म हो जाने चाहिए, क्योंकि मुश्किलें बढ़ रही हैं. दोनों ने अपनी आत्मकथाओं में अपनी निकटताओं का ज़िक्र नहीं किया. बस एक जगह सरला देवी ने ये ज़रूर लिखा, “जब वो राजनीतिक तौर पर मुश्किल में थी तो महात्मा गांधी ने मुझसे कहा, तुम्हारी हंसी राष्ट्रीय संपत्ति है, हमेशा हंसती रहो. ये रिश्ता अक्टूबर 1919 से दिसंबर 1920 तक चला.” कुछ समय पहले जानीमानी महिला साहित्यकार अलका सरावगी ने भी इस पर एक किताब “सरला देवी चौधरानी और गाँधी : बारह अध्याय” लिखी.

महिला साहित्यकार अलका सरावगी की किताब “सरला देवी चौधरानी और गाँधी : बारह अध्याय”
संबंध करीबी भरे थे
‘महात्मा गांधीः ब्रह्मचर्य के प्रयोग’ के लेखक और पत्रकार दयाशंकर शुक्ल सागर कहते हैं, ‘इसमें कोई शक नहीं कि दोनों के संबंध बहुत करीबी भरे थे. अपने मित्र केलनबैचर को लिखे पत्र में उन्होंने सरलादेवी और कस्तूरबा की तुलना कर डाली थी. इस पत्र से ही लगता है कि कस्तूरबा के मुकाबले जब उन्हें सरलादेवी का सानिध्य मिला और वो उनके करीब आए.”

सरला का मोहक व्यक्तित्व
सरलादेवी का व्यक्तित्व मोहक और भव्य था. उनके लंबे काले बाल लहराते होते थे. गले में मालाएं होती थीं और वो सिल्क की शानदार साड़ियां पहनती थीं. नाक नक्श तीखे थे. आंखों में गहराई दिखती थी. बंगाली साहित्य में सरलादेवी पर अलग से कई किताबें लिखी गई हैं वो समय से बहुत आगे और असाधारण महिला थीं.

उनके पिता कांग्रेस के शुरुआती असरदार नेताओं में थे. कांग्रेस के संस्थापक एओ ह्यूम से उनकी करीबी थी. पिता जानकीनाथ घोषाल मजिस्ट्रेट थे और लंबे समय तक लंदन में रहे. मां स्वर्णकुमारी बांग्ला साहित्य और राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय थीं.

प्रखर महिला
सरला देवी अपने मामा रविंद्रनाथ टैगोर के साथ कोलकाता के टैगोर हाउस में रहीं, लिहाज़ा उन पर अपने ननिहाल का प्रभाव ज्यादा था. इस परिवार ने आज़ादी से पहले देश को कई प्रखर दिमाग वाली हस्तियां दीं. ‘गांधीः वायस ऑफ न्यू एज रिवोल्यूशन’ में लेखक मार्टिन ग्रीन लिखते हैं, ‘वो पढ़ाई में तेज़ थीं. कई विदेशी भाषाओं की जानकार. वो संगीतज्ञ थीं और कवियित्री भी. वो बंगाल के सशस्त्र आज़ादी के आंदोलन में शामिल होने वाली पहली महिला थीं. वो पुरुषों के साथ सोसायटी की मीटिंग में हिस्सा लेती थीं. कुश्ती और बॉक्सिंग के मैच आयोजित कराती थीं.’

बाद में संन्यासिन बन गईं
विवेकानंद उन्हें पसंद करते थे. वो अक्सर सिस्टर निवेदिता से उनकी तारीफ करते थे. वो जब वर्ल्ड कांग्रेस में शिकागो गए तो सरला देवी को भी एक युवा लड़की के रूप में अपने साथ ले जाना चाहते थे ताकि दुनिया भारत के उभरते हुए युवाओं को देख सके. लेकिन तब उनके पिता ने इस यात्रा की अनुमति नहीं दी. ‘माई एक्सपेरिमेंट विद गांधी’ में लेखक प्रमोद कपूर ने सरला देवी के बाद के जीवन के बारे में लिखा, ‘1923 में उनके पति का देहांत हो गया. इसके बाद वो लाहौर से कोलकाता चली गईं. 1935 में वो संन्यासिन बनकर हिमालय की ओर चली गईं. 1945 में 73 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. बाद में सरला देवी के बेटे दीपक का विवाह मगनलाल गांधी की बेटी राधा (गांधीजी की पोती) के साथ हुआ.’

सरला ने महिलाओं के मताधिकार की लड़ाई भी लड़ी
द टेलीग्राफ में 28 जनवरी 2024 को प्रकाशित लेख म्यूज टू द महात्मा (Muse to the Mahatma) में प्रसून चौधरी ने लिखा, सरला देवी के लिए सक्रियता की शुरुआत काफ़ी पहले ही हो गई थी; वह अपने मूर्तिभंजक तरीकों के कारण टैगोर परिवार में थोड़ी अलग थीं. उन्होंने बंगाल में उग्र राष्ट्रवाद के लिए मंच तैयार किया और बाद में महिलाओं के मताधिकार के लिए लड़ाई लड़ी.

गांधीजी उनके व्यक्तित्व से चकित थे
गांधी के पोते राजमोहन गांधी ने अपनी जीवनी मोहनदास: ए ट्रू स्टोरी ऑफ़ ए मैन, हिज पीपल एंड एन एम्पायर में लिखा है , “गांधी स्पष्ट रूप से उनके व्यक्तित्व से चकित थे और ऐसा लग रहा था कि वे कल्पना कर रहे थे कि ईश्वर चाहता है कि वे भारत को एक नए स्वरूप में ढालें… उन्होंने उनके पति की इस प्रशंसा को दोहराया कि वह एक ‘ महान शक्ति’ या देवी थीं.”

इतिहासकारों, जीवनीकारों और पत्रकारों ने दोनों के बीच के रिश्ते को व्यवस्थित रूप से गलत तरीके से पेश किया है, इसे एक निंदनीय मोड़ दिया. खासकर गांधी द्वारा अपने मित्र हरमन कैलेनबैक को लिखे गए पत्र में “आध्यात्मिक विवाह” वाक्यांश के इस्तेमाल के आधार पर. गांधीवादी विद्वान मार्टिन ग्रीन के “मनोविश्लेषण” ने यहां तक ​​सुझाव दिया कि गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा को तलाक देने के लिए तैयार थे ताकि वह सरला देवी से शादी कर सकें.

बाद में राजमोहन गांधी ने द टेलीग्राफ से एक बातचीत में स्पष्ट किया कि उनके दादा ने वास्तव में सरला देवी के साथ “एक गैर-भौतिक साझेदारी की कल्पना की थी” ताकि “भारत के लिए उनके सपनों को शीघ्र पूरा किया जा सके.”

वह हमेशा गांधीजी की हर बात से सहमत नहीं होती थीं
इस रिश्ते का सबसे निष्पक्ष विश्लेषण नारीवादी इतिहासकार गेराल्डिन फोर्ब्स ने अपनी किताब लॉस्ट लेटर्स एंड फेमिनिस्ट हिस्ट्रीज़: द पॉलिटिकल फ्रेंडशिप ऑफ़ मोहनदास के. गांधी एंड सरला देवी चौधरानी में किया. उन्होंने गांधी के 79 पत्रों और सरला देवी के चार पत्रों के ज़रिए अपने तर्क पेश किए, जिन्हें सरला देवी के बेटे दीपक ने भी साझा किया.

फोर्ब्स कहते हैं, “सरला देवी वह आज्ञाकारी शिष्य नहीं थीं, जिसे गांधी चाहते थे. उन्हें लगता था कि उनमें भारत की महिला नेता बनने की क्षमता है, वह चाहते थे कि वह एक कार्यक्रम पूरा करें – जिसे उन्होंने खुद तय किया था – ताकि वह नेता बन सकें.” उन्होंने कई चीजें कीं, जो गांधी चाहते थे, जैसे खादी पहनना. हालांकि वह अक्सर गांधी के आदेशों की अवहेलना करती थीं. विभिन्न मुद्दों पर असहमत होती थीं.”

प्रसून चौधरी अपने लेख में कहते हैं कि दूसरे शब्दों में कहें तो गांधी सरला देवी को एक स्वतंत्र महिला के रूप में स्वीकार करने में विफल रहे। यही कारण था कि उनकी दोस्ती एक साल में ही खत्म हो गई. गांधी ने स्वीकार किया कि वह खुद “उस संगति के लायक नहीं थे”.