मुंगेर : मानपुर गाँव की रहने वाली सुजाता देवी ने पुलिस अधिकारियों पर फर्जी केस दर्ज कर उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने आयुक्त महोदय, मुंगेर, को लिखे गए एक आवेदन में विस्तृत रूप से अपनी आपबीती सुनाई है।
क्या है पूरा मामला
सुजाता देवी के अनुसार, 6 जून 2024 को शामपुर थाने के पुलिस अधिकारी नितीश कुमार और अनुसंधानकर्ता परमेश्वर यादव ने उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज किया। परमेश्वर यादव ने उनसे केस खत्म करने के लिए 50,000 रुपये की मांग की और पाँच गवाह लाने को कहा। जब सुजाता देवी अन्य दोनों को 25 घंटे तक हिरासत में रखा गया। उनके पति बबलू पंडित ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो उन्हें गाली-गलौज कर भगा दिया।
पुलिस पर आरोप:
सुजाता देवी का कहना है कि नितीश कुमार, जो थाना अध्यक्ष के चचेरे भाई हैं, और उनका देवर नवल कुमार पंडित, जो रेलवे में कार्यरत हैं, के बीच गहरी दोस्ती है। इसी कारण उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है। सुजाता ने बताया कि पुलिस अधिकारी परमेश्वर यादव ने उनके पति से 50,000 रुपये की मांग की और कहा कि पैसे नहीं देने पर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।
भूमि विवाद और फर्जी केस:
सुजाता देवी ने बताया कि उनके दादा द्वारा चार पोतों को बराबर बांटी गई जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनके देवर नवल कुमार पंडित ने भी इसी जमीन को लेकर उन्हें परेशान किया है। सुजाता देवी और उनके पति ने 19 मई 2024 को भूमि नापी के लिए अंचलाधिकारी को आवेदन दिया था, लेकिन नवल कुमार पंडित की पत्नी संजु देवी ने झूठा केस दर्ज कर उन्हें फंसाने की कोशिश की।
साक्ष्य और गवाह:
सुजाता देवी ने अपने आवेदन में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज केस में कोई गवाह नहीं है और थाना में लगे सीसीटीवी फुटेज से भी साफ हो जाएगा कि 6 जून 2024 को कोई घटना नहीं घटी थी। उन्होंने कई स्थानीय गवाहों के नाम भी दिए हैं जिन्होंने घटना को झूठा बताया है। गाली गलोच किया सरिता देवी का पति डब्लू पंडित उर्फ आलोक कुमार, सुजाता देवी इन तीनों को पुलिस ने हिरासत में 25 घंटे रखा तथा पीड़ितों ने कहा कि उनके ऊपर झूठ कैसे लगाए गए हैं तथा आरोपियों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही है भविष्य में अगर परिवार को कुछ होता है तो इसके जिम्मेवार यही उपरोक्त आरोपों लोग होंगे पीड़ित परिवार ने लगाई सरकार से मदद की गुहार आरोपी लोग अभी भी मेरे पति और अन्य तीनों के ऊपर झूठा केस लगाने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
न्याय की गुहार:
सुजाता देवी ने अपने आवेदन में पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि वह स्वयं इस मामले की जांच करें और फर्जी केस दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि इस फर्जी केस से मुक्त करने में केवल आयुक्त महोदय ही उनकी मदद कर सकते हैं।
समर्थन की मांग:
सुजाता देवी ने कहा कि वह आँगनबाड़ी में कार्यरत हैं और उनके पति बिजली का काम करते हैं। ऐसे में झूठे केस से उनके परिवार पर आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से न्याय की अपील की है ताकि उनके और उनके परिवार के साथ हो रहे अन्याय को रोका जा सके।
सुजाता देवी के इस आवेदन से पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
ई खबर मीडिया के लिए ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट



तिजियाबाई ने बताया कि उन्होंने 12 दिसंबर 2023 को तहसीलदार से सीमांकन आदेश प्राप्त किया था, जिसके तहत उनकी भूमि पर से रामसहाय, कमल लाल सेन, और मातादीन का कब्जा हटाया जाना था। बावजूद इसके, आरोपीगण उनकी जमीन पर अवैध कब्जा बनाए हुए हैं। खेतों में खदान कर दी गई है, महुआ के पेड़ काट दिए गए हैं, और एक पेड़ में आग लगा दी गई है। कम से कम 1000 पेड़ों को काटकर बेच दिया गया है। पीड़ित परिवार ने वन विभाग से भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।
तिजियाबाई ने बताया कि उनके स्वामित्व की भूमि खसरा नंबर 284 और 314/2, ग्राम प्रेमपुरा, तहसील टीकमगढ़ में स्थित है। उन्होंने 12 दिसंबर 2023 को तहसीलदार न्यायालय के आदेश से अपनी भूमि का सीमांकन करवाया था। 14 जून 2024 को जब उन्होंने ट्रैक्टर से अपनी जमीन की जुताई शुरू की, तो आरोपी कमललाल, रामसहाय, मातादीन,चाऊदा, बृज किशोर, दुर्ग सिंह, बिहारी, निरपत, मुकेश, पुष्पेंद्र, परमलाल, निरपली, खेत सिंह, गोलू समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और गालियां देने लगे।