Saturday, March 28, 2026
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उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और रहस्यमयी मामला सामने आया है,

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जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। एक महिला शिव भक्त ने दावा किया है कि उसकी जिंदगी एक अनसुनी और अलौकिक आवाज के बाद पूरी तरह बदल गई।

महिला का कहना है कि वह लंबे समय से भगवान शिव की भक्ति में लीन रहती है और अपना अधिकतर समय पूजा पाठ और तपस्या में बिताती है। लेकिन एक रात अचानक उसे एक अजीब सी आवाज सुनाई दी। यह आवाज साधारण नहीं थी बल्कि उसमें ॐ की ध्वनि के साथ गूंजता हुआ ब्रह्मनाद था। महिला के अनुसार, उसी एक रात ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी।

उसका कहना है कि उस दिन के बाद से वह लगातार उस दिव्य ध्वनि में डूबी रहती है और खुद को हमेशा प्रसन्न महसूस करती है। उसने यह भी दावा किया कि यह कोई सामान्य अनुभव नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संकेत है, जो केवल कुछ विशेष साधकों को ही सुनाई देता है।

महिला ने एक और हैरान करने वाला दावा किया है। उसका कहना है कि अब उसे अपने सिर के भीतर पूरा ब्रह्मांड दिखाई देता है। वह कहती है कि उसे नौ स्वरूप या नौ दृश्य लगातार नजर आते हैं, जो किसी गहरे आध्यात्मिक अनुभव का हिस्सा हो सकते हैं।

इस घटना के बाद महिला ने इच्छा जताई है कि अगर कोई अन्य साधक भी इस तरह की आवाज सुन चुका है तो वह उससे संपर्क करना चाहती है। साथ ही उसने बागेश्वर बाबा से भी अपने बारे में कुछ बताने और उनसे संवाद करने की इच्छा व्यक्त की है।

स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं तो कुछ इसे मानसिक स्थिति से जुड़ा मामला बता रहे हैं। हालांकि अभी तक इस दावे की किसी भी वैज्ञानिक या आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।

फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस रहस्य को समझने की कोशिश में लगे हैं कि आखिर यह दिव्य अनुभव है या फिर किसी और चीज का संकेत।

नालंदा में हैवानियत की कोशिश से दहशत मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को खेत में खींच ले गया आरोपी कई दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर

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बिहार के नालंदा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई और आरोपी अब तक फरार है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल बना हुआ है।

घटना 27 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता की भाभी कुसुम कुमारी के अनुसार उनकी ननद रोज की तरह घर से बाहर शौच के लिए गई थी। इसी दौरान गांव राधा विगहा थाना बेन जिला नालंदा का ही 45 वर्षीय जितेंद्र यादव उसे जबरन पकड़कर पास के खेत में ले गया।

जब काफी देर तक महिला घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों को शक हुआ। कुसुम कुमारी उसे खोजते हुए खेत तक पहुंचीं। वहां जो उन्होंने देखा उससे उनके होश उड़ गए। आरोपी महिला के साथ जबरदस्ती कर रहा था। जैसे ही उसने किसी को आते देखा वह मौके से भाग निकला।

पीड़िता अचेत हालत में जमीन पर पड़ी थी और उसके कपड़े फटे हुए थे जो घटना की भयावहता बयां कर रहे थे। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह महिला को घर लाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस ने पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भेजते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसे लेकर ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। वहीं पीड़िता के परिवार का कहना है कि अगर उन्हें समय पर न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और परिवारों में चिंता बढ़ गई है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि कब तक आरोपी पकड़ा जाता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है।

गुरुग्राम में बच्ची से रेप की असंवेदनशील जांच के लिए हरियाणा पुलिस को SC ने लगाई फटकार, SIT का किया गठन

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गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के साथ हुए रेप के मामले में निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने महिला IPS अधिकारियों की एक SIT का गठन किया है।गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची से रेप की असंवेदनशील जांच के लिए हरियाणा पुलिस को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। मामले में निष्पक्ष जांच के लिए देश के सर्वोच्च न्यायालय ने महिला IPS अधिकारियों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस को निर्देश दिया कि वह जांच SIT को सौंप दे। मैक्स हॉस्पिटल से भी एक रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है, जिसमें यह बताया जाए कि मेडिकल राय क्यों बदली गई।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की बेंच ने हरियाणा पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि उसने POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) एक्ट के तहत दर्ज FIR में अपराध की गंभीरता को कम कर दिया—यानी, एक सख्त धारा को हटाकर उसकी जगह एक हल्की धारा लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने एक प्राइवेट अस्पताल की डॉक्टर को भी फटकारा, जिसने बच्चे के बयान के संबंध में अपना पक्ष पूरी तरह से बदल दिया था; कोर्ट ने कहा, “एक डॉक्टर के लिए ऐसा करना शर्मनाक है।”

SC ने पुलिस के अधिकारियों और CWC को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया और उनसे पूछा कि इस मामले में घटिया जांच के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के इस रवैये को “शर्मनाक” और “असंवेदनशील” बताते हुए कहा, “पुलिस पीड़ित के घर क्यों नहीं जा सकती? क्या वे राजा हैं? जो अधिकारी वहां गया था, उसे भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया।”

बेंच ने गुरुग्राम बाल कल्याण समिति (CWC) को भी एक ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया, जिसमें पूछा गया कि उन्हें उनके पद से क्यों न हटा दिया जाए। बेंच ने टिप्पणी की, “5 फरवरी की रिपोर्ट से CWC सदस्यों का जो रवैया सामने आया है, उससे पीड़ित की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पूरी पुलिस फ़ोर्स—कमिश्नर से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक—ने यह साबित करने की हर मुमकिन कोशिश की कि बच्चे के पास कोई सबूत नहीं है और उसके माता-पिता का मामला बेबुनियाद है। इसमें जरा भी शक की गुंजाइश नहीं है कि POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत साफ तौर पर एक अपराध किया गया है।”

गुरुग्राम के जिला न्यायाधीश को दिया ये निर्देश
इसके अलावा कोर्ट ने गुरुग्राम के जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया कि वे इस मामले को शहर में POCSO अदालत की अध्यक्षता कर रही एक वरिष्ठ महिला न्यायिक अधिकारी को सौंप दें।

विकास से दूर अनंतनाला: सड़क, सुविधा और सुनवाई के लिए तरस रहे रहवासी, स्थानीय प्रतिनिधियों पर अनदेखी के आरोप

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किश्तवाड़/अनंतनाला।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के अनंतनाला और दक्षिण नाला क्षेत्र से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और गरीबों की समस्याओं को न तो प्रशासन सुन रहा है और न ही जनप्रतिनिधि।

ग्रामीणों का कहना है कि अनंतनाला क्षेत्र में आज तक पक्की सड़क तक नहीं बन पाई है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब कीचड़ और फिसलन के कारण आवाजाही लगभग ठप हो जाती है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि बड़े और प्रभावशाली लोग शहरों में अपने आलीशान मकान बना चुके हैं, जबकि गरीब आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों, विशेषकर सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं और क्षेत्र के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि “हम दक्षिण नाला और अनंतनाला के रहने वाले हैं। यहां सड़क तक नहीं है, सुविधाएं नहीं हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं होती। पत्रकारों से निवेदन है कि हमारी आवाज को आगे बढ़ाएं, ताकि प्रशासन तक हमारी बात पहुंचे।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने मीडिया और प्रशासन से अपील की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान किया जाए।

फिलहाल, यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्षेत्र के लोगों को राहत कब तक मिल पाती है।

गांव में घुसने पर जान से मारने की धमकी: 6 साल से परिवार से दूर युवक ने प्रशासन से लगाई गुहार

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उन्नाव जिले के आचमन थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंधोरा गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 34 वर्षीय सुधीर कुमार को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। सुधीर का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उन्हें खुलेआम धमकी दी है कि यदि वह गांव लौटे तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। इस भय के कारण वह पिछले 6 वर्षों से अपने परिवार से दूर रहकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

पीड़ित सुधीर कुमार ने बताया कि करीब 8 वर्ष पहले उन्होंने अपने परिवार की सहमति से विवाह किया था। हालांकि वैवाहिक जीवन केवल 2 वर्ष ही चल पाया और आपसी सहमति से दोनों ने तलाक ले लिया। इस दौरान कोई विवाद या कानूनी झगड़ा नहीं हुआ और दोनों पक्षों की रजामंदी से अलगाव हुआ था। इसके बावजूद गांव के कुछ लोगों ने इसे मुद्दा बनाकर उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया।

सुधीर का कहना है कि तलाक के बाद गांव वालों ने उन्हें गांव से बाहर कर दिया और तब से वह राजकोट क्षेत्र में रह रहे हैं। हाल ही में करीब 4-5 महीने पहले उनके पिता ने उन्हें फोन कर घर वापस आने के लिए कहा, लेकिन इसी बीच गांव के कुछ लोगों ने उन्हें फोन कर धमकाया और गांव आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

पीड़ित युवक का दर्द है कि जहां गांव में अन्य लोग भागकर शादी करने के बाद भी सामान्य रूप से रह रहे हैं, वहीं उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनका विवाह और तलाक दोनों ही परिवार की सहमति से हुआ, तो उन्हें सजा क्यों दी जा रही है।

सुधीर कुमार ने प्रशासन और मीडिया से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वह केवल अपने परिवार से मिलना चाहते हैं और अपने ही गांव में सम्मानपूर्वक रहना चाहते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को उजागर करने के लिए वीडियो भी जारी किया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिल पाई है।

इस घटना ने गांव में सामाजिक दबाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या सुधीर को उनके अधिकार दिला पाता है या नहीं।

जयपुर जंक्शन से 18 वर्षीय युवक रहस्यमय ढंग से लापता: समस्तीपुर के परिवार में मचा हड़कंप, तीन दिन से तलाश जारी

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समस्तीपुर/जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से बिहार के समस्तीपुर जिले के एक 18 वर्षीय युवक के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के अचानक गायब होने से उसके परिवार में हड़कंप मच गया है। परिजन पिछले तीन दिनों से उसकी तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को युवक के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत संपर्क कर मदद करें।

जानकारी के अनुसार लापता युवक की पहचान विकास कुमार (18 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। विकास कुमार के पिता का नाम शत्रुघ्न सहनी बताया जा रहा है। परिवार के अनुसार विकास कुमार काम की तलाश में गांव के कुछ लोगों के साथ जयपुर गया था। बताया जा रहा है कि गांव के ही सिकंदर साहनी और लालू नामक व्यक्ति और उसके साथियों ने काम दिलाने के लिए उसे जयपुर ले जाया था।

परिजनों का कहना है कि करीब तीन दिन पहले जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से विकास कुमार अचानक लापता हो गया। सबसे चिंता की बात यह है कि उसका मोबाइल फोन भी उसके पास नहीं है। बताया जा रहा है कि उसका फोन सिकंदर साहनी और उसके साथ मौजूद लालू नामक व्यक्ति के पास रह गया है। ऐसे में विकास कुमार के पास किसी से संपर्क करने का कोई साधन भी नहीं है।

परिवार का कहना है कि विकास कुमार ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है, हालांकि उसकी मानसिक स्थिति सामान्य है और वह अपना नाम-पता बता सकता है। परिजन आशंका जता रहे हैं कि अनजान शहर में फोन और किसी सहारे के बिना युवक के लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो सकती है। यही वजह है कि परिवार बेहद चिंतित और परेशान है।

विकास कुमार का भाई छोटू, जो फिलहाल पंजाब के लुधियाना में काम करता है, अपने भाई के लापता होने की खबर से बेहद परेशान है। उसने अपने स्तर पर हर संभव जगह तलाश की है और लोगों से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। परिवार का कहना है कि वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश भी कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द युवक का पता लगाया जा सके।

परिजनों ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी विकास कुमार कहीं दिखाई दे या उसके बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत दिए गए मोबाइल नंबर 6204750242 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। परिवार को उम्मीद है कि लोगों की मदद से उनका बेटा सुरक्षित मिल जाएगा।

बर्थडे के एक दिन पहले CM मोहन यादव ने दतिया को दी बड़ी सौगात, 62 करोड़ से ज्यादा की विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण

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सीएम मोहन यादव ने कहा कि वर्षों तक शासन करने के बाद भी कांग्रेस ने जनता को एक कौड़ी नहीं दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास कर रहा है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 मार्च को दतिया जिले के भांडेर के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने यहां 62 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ भी वितरित किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मौका था यहां आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन का। सीएम यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कन्यापूजन भी किया। इस अवसर पर सीएम यादव एक तरफ कांग्रेस पर बरसे, तो दूसरी ओर जनता के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहां हुए स्वागत और प्रेम को देखकर ऐसा लगा जैसे आज ही मेरा जन्मदिन मनाया गया हो।

पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार बढ़ रहा आगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है। उत्तर-दक्षिण-पूरब-पश्चिम, किसी भी क्षेत्र में, दुनिया के किसी भी कोने में और देश के अंदर भी अगर भारतीयों को परेशानी होती है तो प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से तुरंत मदद मिलती है। किसानों को काम करते देख आनंद की अनुभूति होती है। सीमा पर जवान और खेत में किसान को बारंबार प्रणाम है। जब हम किसानों की मेहनत देखते हैं तो पता चलता है कि वह सूरज से आंखें मिलाकर, पसीना बहाकर जान की बाजी लगाता है। किसान ही हमारा भाग्य विधाता है। उन्होंने कहा कि आज खेती के काम में कई प्रकार की चुनौतियां हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि यहां सांदीपनि विद्यालय खुलेगा। यहां हमारे बच्चे पढ़ेंगे-लिखेंगे। हमारे बच्चे भगवान कृष्ण के अनुयायी बनेंगे। कांग्रेसी पूछते हैं कि आप सांदीपनि विद्यालय की तारीफ क्यों करते हो। तो, मैं कहना चाहता हूं कि यह विद्यालय अद्भुत हैं। यहां बच्चों को किताबें मिलती हैं, यूनिफॉर्म मिल रही है, पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिल रहा है, इसलिए इस विद्यालय की तारीफ क्यों न करें। हमारी सरकार मेधावी बच्चों को स्कूटी और लैपटॉप दे रही है। इस साल जब बच्चे स्कूल जाएंगे, तो उनको दूध का पैकेट भी देंगे। इसके लिए हमारी सरकार ने यशोदा मां के नाम पर योजना चलाई है। प्रदेशवासियों से माफी मांगे कांग्रेस
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बच्चों को टाट-पट्टी साथ ले जानी पड़ती थी, स्कूल में बैठने की जगह नहीं होती थी। स्कूल भी पेड़ के नीचे लगता था। इस बात पर कांग्रेसियों को प्रदेशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। यहां वर्षों तक तुम्हारी सरकारें रहीं, लेकिन तुमने कुछ नहीं किया। यह काम हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की पहचान दूथ और दही से होती थी। इसलिए हमें दूध का उत्पादन बढ़ाना चाहिए। इसके लिए हम बाबा साहब आंबेडकर के नाम पर योजना लेकर आए। इस योजना में अगर कोई 25 गाय-40 लाख रुपये का निवेश करेगा, तो हमारी सरकार 10 लाख रुपये की सब्सिडी देगी डेयरी खोलने के लिए। हम चाहते हैं कि किसानों की आय खेती के साथ-साथ दूध उत्पादन से भी बढ़े। कांग्रेसियों ने 55 साल तक सरकार चलाई, वर्ष 1956 से वर्ष 2003 तक केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर में खेती होती थी। मुझे इस बात की प्रसन्नता है हमने दो साल में सिंचाई का रकबा दस लाख हेक्टेयर कर दिया। आज प्रदेश में 55 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई हो रही है।

हर सेक्टर में काम करने वाले की मदद कर रही सरकार
उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान से पूरे बुंदेलखंड में खेती की सूरत बदल जाएगी। खेतों को पानी मिलने से फसल सोने की हो जाती है। कांग्रेस ने नदी जोड़ो अभियान का मजाक बनाया। वो कहते थे कि ये संभव नहीं है, संसाधन कहां से लाओगे, झूठ बोल रहे हो। मैं कहना चाहता हूं कि कांग्रेसियों आकर देखना कि अब बुंदेलखंड से कोई पलायन नहीं होगा। जब लोगों को काम मिलने लगेगा, तो कौन घर से बिछड़ना चाहेगा। उन्होंने कहा कि अब जो मछली पालन करना चाहता है, वो मछली पालन करे, जो बागवानी करना चाहता है, वो बागवानी करे, जो व्यापार करना चाहता है, वो व्यापार करे। हमारी सरकार हर सेक्टर में जनता की मदद कर रही है। मध्य प्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाना है। सीएम यादव ने किसानों से अपील की, कि आप नरवाई जलाकर खेती मत बिगाड़ना, अपने भूसे को गौशाला में देना। हमारी सरकार भूसे का भी भुगतान करेगी। अब तो हमने प्रदेश में सभी प्रकार के कृषि यंत्रों को किराये पर देने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों को खेती में मदद मिल जाए। हम भावांतर योजना में सरसों को भी सम्मिलित करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री यादव ने किसानों से कहा कि आप कांग्रेसियों से जवाब पूछना कि 1956 में गेहूं करीब 100 रुपये क्विंटल मिलता था, 50 साल तक यह महज 500 रुपये क्विंटल बिकता था। जब हमारी सरकार बनी तब 2250 रुपये का भाव था और हमने 150 रुपये का बोनस दिया। उसके बाद 2425 रुपये भाव हुआ। अब हम 2625 रुपये क्विंटल गेहूं खरीदने वाले हैं। यह हमारी भावना और संकल्प हैं।
किसानों के हित में सब करने को तैयार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज दिन में लाइट जल रही है, कांग्रेस के शासनकाल में रात को लाइट नहीं होती थी। कांग्रेस के शासनकाल में लाइट नहीं, सड़कें नहीं, पानी का तो सवाल ही नहीं होता था। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि आज गांव में भी लाइट मिल रही है और खेतों में भी। यह प्रधानमंत्री मोदी और हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। हम आने वाले समय में खेतों के लिए दिन में भी बिजली देंगे। किसानों के हित जो भी हो सकता है, वह सब करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वृंदावन गांव बढ़ाकर हम आत्मीयता बढ़ा रहे हैं। जहां-जहां भगवान कृष्ण और भगवान राम की लीलाएं हुई हैं, उन-उन क्षेत्रों को तीर्थ बनाएंगे। हमारी सरकार हर महीने रक्षाबंधन मनाती है। लाड़ली बहना योजना की राशि हर महीने बहनों को मिल रही है। अन्नदाता तो किसान सम्मान निधि मिल रही है। कांग्रेस ने जनता को एक कौड़ी नहीं दी। हमारी सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं। हमारी सरकार का काम सेवा करना है। यहां की जनता अद्भुत है। यहां आकर लग रहा है कि आज ही मेरा जन्मदिन मना लिया गया है।

इन कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन
दतिया जिले के पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन-केंटीन, माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना में यात्री निवास भवन, पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। यहां 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र, 3.15 एमवीए पॉवर परिणामित्र-2 का स्थापना कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव ने भांडेर के सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ततारपुर स्टेडियम, पण्डोखर धाम के पास विश्राम गृह, रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य, सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 50 सीटर बालक छात्रावास और 50 सीटर बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन किया।

**जैसलमेर में बिजली विभाग पर गंभीर आरोप: रिश्वत नहीं देने पर घरों में घुसकर तोड़फोड़, ग्रामीणों में आक्रोश**

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जैसलमेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। गांव माडवा के निवासी इकबाल खान ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारी मनमानी और एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

शिकायत के अनुसार, अधिशासी अभियंता कार्यालय भणियाना से जुड़े कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के गांव में पहुंचते हैं और बिजली लाइन से जुड़े कार्यों के नाम पर लोगों के घरों में घुसकर अभद्र व्यवहार करते हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी खुलेआम गाली-गलौज करते हैं और जबरन वायरिंग तोड़कर चले जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि कर्मचारी रिश्वत की मांग करते हैं। जो लोग पैसे दे देते हैं, उनके साथ सामान्य व्यवहार किया जाता है, जबकि जो लोग पैसे देने से मना करते हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। इस तरह की घटनाओं से गांव में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस तरह की हरकतें सार्वजनिक रूप से की जाती हैं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

24 मार्च 2026 को दी गई इस शिकायत के बाद अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला विभागीय भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बन सकता है।

विधवा से 5 लाख लेकर मकान नामांतरण नहीं कराया, मां-बेटे पर धोखाधड़ी का आरोप; एक ही मकान कई लोगों को बेचने की आशंका

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जबलपुर। शहर के रांझी थाना क्षेत्र में मकान बिक्री के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि मकान बेचने के नाम पर उससे लाखों रुपये लेने के बाद विक्रेता पक्ष अब मकान उसके नाम कराने से बच रहा है। पीड़िता का कहना है कि आरोपितों ने उसका फोन तक ब्लॉक कर दिया है और अब उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। मामले को लेकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, रांझी थाना क्षेत्र के भगत सिंह वार्ड क्रमांक 63 स्थित हनुमान नगर की रहने वाली सरला चोटिल (उम्र लगभग 48 वर्ष), जिनके पति का पहले ही निधन हो चुका है, अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ रहती हैं। सरला के अनुसार उन्हें रहने के लिए मकान की आवश्यकता थी। इसी दौरान रेखा ठाकुर नामक महिला ने उनसे संपर्क कर अपना मकान बेचने की बात कही।

पीड़िता का आरोप है कि रेखा ठाकुर और उनके पुत्र सचिन ठाकुर ने हनुमान नगर स्थित मकान बेचने के लिए उनसे संपर्क किया और 27 दिसंबर 2024 को एक विक्रय पत्र तैयार कराया गया। सरला का कहना है कि इस मकान के लिए उन्होंने अलग-अलग समय पर कुल करीब 5 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। विक्रय पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि पूरी राशि मिलने के बाद मकान का नामांतरण नगर निगम में करा दिया जाएगा।

सरला के अनुसार, भुगतान के बाद भी आरोपितों ने मकान का नामांतरण नहीं कराया। जब उन्होंने इस बारे में रेखा ठाकुर और उनके बेटे सचिन ठाकुर से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया और बाद में उनका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। पीड़िता का कहना है कि दोनों मां-बेटे अब उनसे बचते फिर रहे हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जिस मकान को उन्हें बेचा गया था, उसी मकान को किसी मुकेश विश्वकर्मा नामक व्यक्ति को भी बेचा है। उनका कहना है कि अन्य लोगों से भी पैसे लेने की जानकारी सामने आई है, जिससे उन्हें शक है कि यह पूरा मामला संगठित धोखाधड़ी का हो सकता है।

सरला चोटिल का कहना है कि उनके पति का पहले ही निधन हो चुका है और उन्होंने अपने बेटे के भविष्य को देखते हुए मेहनत से पैसे जुटाकर यह मकान खरीदा था। लेकिन अब न तो मकान उनके नाम कराया जा रहा है और न ही उनकी रकम वापस की जा रही है। इससे वह आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।

पीड़िता ने पुलिस थाना रांझी में लिखित शिकायत देकर आरोपित रेखा ठाकुर और उनके पुत्र सचिन ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

दिल्ली में विवाहिता की गुहार: पति पर दूसरी महिला से संबंध और मारपीट का आरोप, 8 साल से थाने के चक्कर काट रही पीड़िता

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से घरेलू प्रताड़ना और कथित पुलिस लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट, जान से मारने की धमकी और दूसरी महिला से संबंध रखने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले करीब आठ वर्षों से पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, पूजा नामक महिला अपने दो बच्चों के साथ एबी-62 अमर पुरी, राम नगर, पहाड़गंज, नई दिल्ली-110055 में रहती थी। पूजा की शादी करीब 10 साल पहले बंटी नामक युवक से हुई थी। दंपत्ति के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा भव्वे (लगभग 9 वर्ष) और बेटी तनिष्का (लगभग 5 वर्ष) है। पूजा का मायका दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में है। पीड़िता के अनुसार उसके पिता मनोज शाह का पहले ही निधन हो चुका है और उसकी मां मंजू गंभीर रूप से बीमार रहती हैं।

पूजा का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसका पति बंटी उसके साथ मारपीट करने लगा और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। महिला का कहना है कि उसके पति के पहाड़गंज में रहने वाली काजल नाम की एक महिला से कथित संबंध हैं। आरोप है कि पति चोरी-छिपे उससे मिलने जाता था। जब पूजा ने इसका विरोध किया तो पति ने उसके साथ मारपीट की और कई बार तकिये से मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की।

पीड़िता का यह भी कहना है कि उसके पति के दो मकान हैं, जिनमें एक पहाड़गंज और दूसरा पटेल नगर में स्थित है। पटेल नगर में उसका ससुराल है। पूजा के अनुसार जब उसने अपने पति और काजल के संबंधों पर सवाल उठाया तो ससुराल पक्ष ने भी उसका साथ देने के बजाय उसे ही धमकाना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि सास, देवर विनय और देवरानी अर्पण भी उसे डराते-धमकाते हैं और कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि उसने एक बार अपने पति बंटी और काजल को एक कमरे में साथ पकड़ लिया था। उस समय उसने पुलिस को फोन कर मदद मांगी, लेकिन उसके अनुसार पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले आठ वर्षों से आनंद पर्वत थाने में शिकायतें दे रही है, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हो रही। उसका आरोप है कि कई बार पुलिसकर्मियों ने उसे यह कहकर भगा दिया कि “जब सिर फूटे तब थाने आना।”

महिला का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने मजाक उड़ाते हुए यह तक कह दिया कि “मेरी भी दो पत्नियां हैं।” इस तरह की बातों से वह खुद को बेहद अपमानित और असहाय महसूस करती है। पूजा का आरोप है कि उसका पति अक्सर यह कहता है कि “हम पैसे वाले लोग हैं, तुम्हें मार भी देंगे तो किसी को पता नहीं चलेगा और कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।”

लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर पूजा करीब एक महीने पहले अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई। उसने दिल्ली महिला आयोग में भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद डरी हुई है और चाहती है कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाया जाए।