Monday, July 13, 2026
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ऑक्सीजन के सहारे जंग लड़ रहा 27 वर्षीय युवक, दो साल के मासूम के सिर से उठ सकता है पिता का साया

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अररिया में बीमारी और गरीबी से टूटा परिवार, एक साल से टीबी–दमा से जूझ रहा इकलौता कमाने वाला
अररिया (बिहार)।

बिहार के अररिया जिले के धनेसरी गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक कहानी सामने आई है, जहां 27 वर्षीय युवक नितेश कुमार मंडल पिछले एक साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। नितेश अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था, लेकिन अब उसकी जिंदगी पूरी तरह ऑक्सीजन सिलेंडर पर टिकी हुई है। घर में उसकी पत्नी नेहा कुमारी और दो साल का मासूम बेटा सुशांत कुमार है, जिसे शायद अभी यह भी अहसास नहीं कि उसके पिता जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने नितेश को टीबी, दमा और अन्य गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रसित बताया है। हालत इतनी नाजुक हो चुकी है कि डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ऑक्सीजन हटाई गई तो नितेश की जान जा सकती है। वह केवल खाना खाते समय ही कुछ मिनटों के लिए ऑक्सीजन से अलग होते हैं, बाकी समय 24 घंटे ऑक्सीजन पर रहना अनिवार्य है।

नितेश के पिता भुवनेश्वर मंडल का कहना है कि बेटे के इलाज में बीते एक साल में जो भी जमा-पूंजी थी, वह पूरी तरह खत्म हो चुकी है। घर के गहने, जरूरी सामान और बचत—सब कुछ इलाज में लग चुका है। रिश्तेदारों और गांववालों ने भी अपनी-अपनी क्षमता अनुसार सहयोग किया, लेकिन अब स्थिति इतनी खराब हो गई है कि आगे का इलाज, दवाइयां और ऑक्सीजन की व्यवस्था करना परिवार के लिए असंभव होता जा रहा है।

परिवार पूरी तरह नितेश की सेवा में लगा हुआ है। पत्नी नेहा कुमारी दिन-रात पति की देखभाल कर रही हैं, वहीं माता-पिता भी लगातार बेटे के पास बैठे रहते हैं। आर्थिक तंगी के चलते कई बार दवाइयों और भोजन तक की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। पिता की आंखों में आंसू और आवाज में लाचारी साफ झलकती है। उनका कहना है कि वे बस इतना चाहते हैं कि किसी तरह उनके बेटे की जान बच जाए, ताकि दो साल के मासूम सुशांत के सिर से पिता का साया न उठे।
अब यह परिवार मीडिया के माध्यम से समाज, प्रशासन और सरकार से मदद की अपील कर रहा है। पिता भुवनेश्वर मंडल का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो उनके बेटे की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि गंभीर बीमारी और गरीबी के बीच फंसे ऐसे परिवारों के लिए व्यवस्था आखिर कहां है।

सहयोग के लिए अपील
परिवार ने बताया है कि जो भी व्यक्ति नितेश कुमार मंडल के इलाज में सहयोग करना चाहता है, वह गूगल-पे/पेटीएम नंबर 7340809251 पर अपनी सहायता राशि भेज सकता है। अधिक जानकारी के लिए इसी नंबर पर संपर्क भी किया जा सकता है।

 

बरेली में विवाहिता का दर्द: पति के अवैध संबंधों से टूटा 8 साल का रिश्ता, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप, तलाक व बच्ची के भविष्य की मांग

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बरेली | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 27 वर्षीय विवाहिता ने अपने पति पर अन्य औरतों के साथ अवैध संबंध, शारीरिक हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने रिश्ते को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन अंततः उत्पीड़न से तंग आकर अब वह तलाक और बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर रही है।

शादी के बाद बदला व्यवहार
पीड़िता सुषमा (27) पत्नी राहुल शर्मा, थाना 12 गिरी गेट क्षेत्र के माला टोन की रहने वाली है। सुषमा की शादी वर्ष 2017 में राहुल शर्मा से पूरे रीति-रिवाज के साथ हुई थी। दंपति की एक बेटी सोना (7 वर्ष) है, जो फिलहाल मां के साथ रहती है। सुषमा का मायका मटिया, गली नंबर 3 में है, जबकि ससुराल श्मशान भूमि के पास स्थित है।
पीड़िता के अनुसार, शादी के शुरुआती छह महीने तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद पति का व्यवहार अचानक बदलने लगा।

अन्य औरतों के साथ अवैध संबंध का आरोप
सुषमा का आरोप है कि उसके पति राहुल शर्मा महिला के साथ अवैध संबंध हैं। पीड़िता का दावा है कि यह बात ससुराल पक्ष को भी भली-भांति पता है और इसके बावजूद घरवालों ने कभी विरोध नहीं किया। सुषमा के अनुसार, पति के हाथ पर किसी अन्य महिला का नाम लिखा होना भी उसके अवैध संबंधों की पुष्टि करता है। ससुराल में इन महिलाओं का आना-जाना तक बना रहा, जिससे पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ दिया गया।

सास के दबाव में शादी का दावा
पीड़िता के मुताबिक, राहुल शर्मा ने कई बार कहा कि उसने यह शादी अपनी मां पूनम शर्मा के दबाव में की थी और वह इस रिश्ते से खुश नहीं है। सुषमा का कहना है कि उसकी मां का वर्ष 2022 में निधन हो चुका है। उसके परिवार में दो बहनें हैं और कोई भाई नहीं है, ऐसे में वह पहले से ही सामाजिक और आर्थिक दबाव में है।

फोन में फोटो देखने पर बर्बरता
सुषमा ने बताया कि जब उसने पति के मोबाइल फोन में अन्य औरतों के साथ आपत्तिजनक फोटो देख ली, तो इस बात पर राहुल शर्मा ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि पति ने कहा, “तेरी औकात क्या है मेरे फोन को देखने की।” इसके बाद से उस पर लगातार शारीरिक हिंसा और मानसिक अत्याचार किए जाने लगे।

रिश्ता बचाने की कोशिश भी नाकाम
पीड़िता का कहना है कि उसने परिवार और समाज की खातिर कई बार रिश्ता बचाने की कोशिश की। एक बार मुकदमा दर्ज कराने के बावजूद वह चार साल बाद दोबारा ससुराल लौटी, इस उम्मीद में कि शायद पति सुधर जाए। लेकिन हालात नहीं बदले और पति के अवैध संबंध लगातार जारी रहे।

अब तलाक और बेटी के भविष्य की मांग
सुषमा ने साफ कहा है कि अब वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। उसकी मांग है कि पति उसे कानूनी रूप से तलाक दे, बेटी की पढ़ाई, पालन-पोषण और शादी तक पूरी आर्थिक जिम्मेदारी निभाए और नियमित रूप से भरण-पोषण राशि दे। पीड़िता का कहना है कि वह अपनी बच्ची के सुरक्षित भविष्य के लिए यह लड़ाई लड़ रही है और अब सम्मान के साथ नया जीवन शुरू करना चाहती है।

 

नाबालिग बच्ची लापता: 13 वर्षीय सुपारी उर्फ टेटे के अपहरण की आशंका, सूचना देने पर ₹5000 नगद इनाम, 

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कोल्हापुर/जबलपुर। 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची सुपारी उर्फ टेटे मलेश आदिवासी के लापता होने का मामला सामने आया है। बच्ची की चाची नंदिनी सचिन आदिवासी (30) ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अज्ञात व्यक्ति पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा करने की आशंका जताई है।
नंदिनी ने बताया कि वे मूल रूप से जबलपुर की निवासी हैं और पिछले दो महीनों से परिवार के साथ महाराष्ट्र में रहकर आजीविका चला रही थीं। परिवार पहले पुणे में रहा, इसके बाद कोल्हापुर जिले की हाटकनंगले तहसील अंतर्गत अमृतनगर फाटा, शिकालगर फार्म के पास डेरा डालकर रहने लगा।
ऐसे हुई बच्ची लापता
15 दिसंबर 2025 को सुबह 8 से 10 बजे के बीच परिवार के सदस्य रोज़गार के लिए निकल गए थे। दोपहर करीब 2 बजे के बाद से सुपारी उर्फ टेटे दिखाई नहीं दी। शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने आसपास और उसके आने-जाने वाले स्थानों पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
परिजनों का कहना है कि बच्ची नाबालिग है, इसलिए किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लालच देकर उसे अगवा किए जाने की आशंका है।
लापता बच्ची का हुलिया
नाम: सुपारी उर्फ टेटे मलेश आदिवासी
उम्र: 13 वर्ष
रंग: गेहुंआ
ऊंचाई: लगभग 5 फीट
पहचान: दाहिने हाथ की कलाई पर टैटू, बाईं आंख पर पानी का घाव
पहनावा: पीली स्कर्ट-ब्लाउज (हरे फूलों की डिज़ाइन), सुनहरे रंग का कवर
चप्पल: लाल प्लास्टिक की
भाषा: हिंदी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने आमजन से अपील की है कि बच्ची के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत मोबाइल नंबर 8446583526 या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। बच्ची की सुरक्षित जानकारी देने वाले को ₹5000 नगद इनाम देने की घोषणा भी की गई है।

संपर्क– 8446583526

घने कोहरे के चलते कम हुई विजिबिलिटी, 129 फ्लाइट कैंसिल, हवाई यात्रियों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी

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दिल्ली-एनसीआर में शनिवार तड़के से घना कोहरा छाया हुआ है। घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी कम हो गई। सड़कों पर गाड़ियां धीरे-धीरे चल रही हैं। कोहरे का असर फ्लाइट पर भी पड़ रहा है। कोहरे के कारण आज दिल्ली एयरपोर्ट से 129 फ्लाइट कैंसिल हुईं हैं। दिल्ली एयरपोर्ट ने हवाई यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
एयरलाइंस से संपर्क रखें यात्री
इस एडवाइजरी में कहा गया है, ‘दिल्ली एयरपोर्ट पर कम दृश्यता अभी भी जारी है। सभी उड़ानें सामान्य रूप से चल रही हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि घर से निकलने से पहले नवीनतम उड़ान अपडेट के लिए अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क करें।’

शुक्रवार 500 फ्लाइटें देरी से उड़ीं
शुक्रवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घने कोहरे के कारण बड़ी संख्या में फ्लाइट का संचालन बाधित हो गया। दिल्ली के आईजीआई एयर पोर्ट से शुक्रवार को कम से कम 177 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और 500 से अधिक फ्लाइटें देरी से उड़ सकीं।

खराब विजिबिलिटी के चलते ऐसा हुआ
एक अधिकारी ने कहा कि रद्द की गई उड़ानों में प्रस्थान और आगमन दोनों शामिल थे, जिनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी थीं। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों से पता चला कि खराब विजिबिलिटी के कारण दिन भर में लगभग 500 उड़ानें विलंबित हुईं।

IMD के साथ मिलकर काम कर रहा उड्डयन मंत्रालय
इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। फ्लाइट के परिचालन संबंधी निर्णय वास्तविक समय के मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर लिए जा रहे हैं।

भोपाल मेट्रो का उद्घाटन आज, CM भी होंगे शामिल, जाने किराया और पूरा शेड्यूल

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भोपाल मेट्रो 21 दिसंबर से आम लोगों के लिए शुरू होगी। मेट्रो का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा। शुरुआती चरण में मेट्रो एम्स स्टेशन से सुभाष नगर स्टेशन तक संचालित होगी।भोपाल में मेट्रो सेवा की शुरुआत 21 दिसंबर से होगी। शनिवार (20 दिसंबर) को सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में मेट्रो का उद्घाटन होगा। शुरुआती चरण में मेट्रो एम्स स्टेशन से सुभाष नगर स्टेशन तक संचालित होगी। मेट्रो का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा। रोजाना कुल 17 ट्रिप चलाई जाएंगी। मेट्रो की रफ्तार 30 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 70 रुपए होगा।

पहले दो स्टेशनों तक यात्रा पर किराया 20 रुपए। इसके बाद तीन से चार स्टेशनों के लिए किराया 30 रुपए और पांच से आठ स्टेशनों तक का किराया 40 रुपए होगा। पूरा कॉरिडोर चालू होने पर अधिकतम किराया 70 रुपए निर्धारित किया गया है। 21 दिसंबर को सुबह 9 बजे आम लोगों के लिए पहली मेट्रो एम्स स्टेशन से रवाना होगी। दोनों दिशाओं में मिलाकर दिनभर में कुल 17 ट्रिप होंगी। एम्स से सुभाष नगर की ओर 9 ट्रिप होंगी और सुभाष नगर से एम्स की ओर 8 ट्रिप होंगी।पहला प्रोजेक्ट 16.74 किलोमीटर लंबा
भोपाल मेट्रो का पहला प्रोजेक्ट 16.74 किलोमीटर लंबा है। ऑरेंज लाइन, करोंद से एम्स के बीच होगी। वहीं, दूसरा प्रोजेक्ट 14.16 किलोमीटर लंबा है। ब्लू लाइन, भदभदा से रत्नागिरि तक बनाई जा रही है। शुरुआती चरण में जिन स्टेशनों को शामिल किया गया है, उनमें कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। एक रूट पर मेट्रो 75 मिनट के भीतर अपना सफर पूरा करेगी। एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो का सफर लगभग 40 मिनट में पूरा होगा। आखिरी मेट्रो ट्रेन शाम 5 बजे एम्स स्टेशन से रवाना होगी और शाम 6:25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी।

20 दिसंबर से शुरू होगा कमर्शियल रन
छह साल के इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कोरिडोर यात्रियों के लिए खुलेगा। 20 दिसंबर को मेट्रो का लोकार्पण केंद्रीय मंत्री मोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। 21 दिसंबर से एम्स स्टेशन से सुभाष नगर स्टेशन के बीच कमर्शियल रन शुरू होगा। 7 किलोमीटर के सफर में 8 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।शाम 4.15 बजे होगा मेट्रो लोकार्पण
शाम 4:15 बजे कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम में केंदीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर,सीएम डॉ मोहन यादव,नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद रहेंगे,कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल संबोधित करेंगे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे हॉल से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन रवाना होंगे। दोनों नेता सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पहुंचेंगे और मीडिया से चर्चा करेंगे। मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सुभाष नगर से मेट्रो में सवार होकर एम्स तक सफर करेंगे।

भूख, बीमारी और बदहाली के बीच 18 वर्षीय बेटी संभाल रही पूरा परिवार

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मधुबनी में मानवता शर्मसार, बीमार माता-पिता की सेवा में जुटी बेटी, भीख मांगकर पेट पालने की मजबूरी
मधुबनी (बिहार)।
बिहार के मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र अंतर्गत काली पट्टी गांव से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां गरीबी, बीमारी और सरकारी उपेक्षा ने एक पूरे परिवार को भूख के कगार पर ला खड़ा किया है। इस परिवार की 18 वर्षीय बेटी संतोषी कुमारी अपने बीमार माता-पिता की देखभाल करते हुए खुद भूख और बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर है।
संतोषी कुमारी ने बताया कि उसके पिता राम भगत और माता बेचने देवी दोनों ही गंभीर रूप से अस्वस्थ रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि घर में खाने तक की व्यवस्था नहीं है। कई-कई दिन चूल्हा नहीं जलता और भोजन के लिए पैसे तक उपलब्ध नहीं होते। मजबूरी में संतोषी कभी गांव में भीख मांगती है तो कभी कोई दया कर देता है, तभी परिवार का पेट भर पाता है।
पीड़िता का कहना है कि इलाज के लिए पैसे न होने के कारण माता-पिता की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। खुद संतोषी पढ़ाई और अपने भविष्य की चिंता छोड़कर माता-पिता की सेवा में दिन-रात लगी हुई है। घर की जिम्मेदारी इतनी भारी है कि कम उम्र में ही उसे जिंदगी की सबसे कठोर सच्चाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
परिवार का आरोप है कि उन्होंने कई बार स्थानीय स्तर पर मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस सहायता नहीं मिली। न तो राशन की समुचित व्यवस्था है और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि गरीब और असहाय लोगों के लिए बनी सरकारी योजनाएं आखिर किसके लिए हैं।
अब संतोषी कुमारी ने मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन से मदद की अपील की है। उसका कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो उनके परिवार पर बड़ा संकट आ सकता है। यह मामला न केवल प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि समाज के सामने भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या आज भी भूख से लड़ती बेटियों की आवाज अनसुनी रह जाएगी।

 

घर में घुसकर महिला पर हमला, बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी, इलाके में दहशत

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मऊ। जिले के एक मोहल्ले में महिला पर दबंगों द्वारा घर में घुसकर जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि वह अपने घर में अकेली रहती है और परिवार का कोई सदस्य सुरक्षा में मौजूद नहीं है। इसी बात का फायदा उठाकर पड़ोस के लोगों ने उस पर हमला किया, गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

घटना 18 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। पीड़िता के लंबे समय से अकेले रहने को मजबूर है। इसी दौरान कुछ लोगों ने जबरन उसके घर में घुसकर मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने गंदी गंदी गालियां दीं और कहा कि अगर विरोध किया तो जान से मार देंगे।

पीड़िता ने बताया कि किसी तरह उसने अपने आपको बचाने की कोशिश की और घर का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद हमलावर और उग्र हो गए। लाठी डंडों से दरवाजे और खिड़कियों पर जोर जोर से वार किए गए। हमले में कई महिलाएं भी शामिल थीं जिनमें शैमा, इतारा, कोजिमा और नाजिया के नाम सामने आए हैं।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि एक आरोपी नईम ने बंदूक निकालकर दिखाई और कहा कि इसे मार दो गोली चला दो। इस पूरी घटना का वीडियो पीड़िता के पास मौजूद बताया जा रहा है, जो मामले को और भी गंभीर बनाता है।

पीड़िता का कहना है कि हमलावरों के पास संदिग्ध दवाएं भी थीं और उनके इरादे बेहद खतरनाक लग रहे थे। पूरे घटनाक्रम से मोहल्ले में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

पीड़िता ने प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है इस तरह के हमले से उसकी और उसके जान को गंभीर खतरा है।

फिलहाल मामले में पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। अगर वीडियो साक्ष्य की जांच होती है तो यह मामला बड़े स्तर पर तूल पकड़ सकता है।

हमीरपुर में पारिवारिक दबंगई का कहर: 10 साल से महिला का उत्पीड़न, मारपीट–धमकी–जमीन कब्जे के आरोप, निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार

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हमीरपुर | इंगोटा/सुमेरपुर
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम–पोस्ट इंगोटा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही परिवार के लोगों पर बीते 10 वर्षों से लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जमीन पर अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रभावशाली आरोपियों के चलते आज तक उसे न्याय नहीं मिल पाया।

पीड़िता का आरोप:
पीड़िता गोमती प्रजापति पत्नी रामदयाल प्रजापति (जाति कुम्हार), निवासी ग्राम–पोस्ट इंगोटा, का आरोप है कि उसके जेठ रामप्रताप पुत्र लल्लू, जेठानी तथा उनके बेटे पंकज, नीरज/करण और परिवारजन बिना किसी कारण के आए दिन गाली-गलौज करते हैं, मारपीट करते हैं और अनाचार संबंधी धमकियां देकर परिवार को डराते-धमकाते हैं। पीड़िता के अनुसार, 21 जनवरी 2023 की रात करीब 10:30 बजे आरोपियों ने घर के सामने गालियां दीं, विरोध करने पर मारपीट की और पति-पत्नी को जान से मरवाने की धमकी दी। शोर मचाने पर पति और बच्चे पहुंचे तो आरोपी धमकियां देते हुए भाग निकले। घटना के दौरान 112 पर कॉल कर पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए।

पुराने मामलों का दर्दनाक ब्योरा:
पीड़िता ने बताया कि यह उत्पीड़न नया नहीं है। 11–14 मई 2022 के बीच भी शादी में बाहर रहने के दौरान लौटने पर घर के सामने गाली-गलौज, मारपीट और धमकियां दी गईं। 30 मई 2022 की रात घर पर पत्थरबाजी की गई, जिसके पत्थर आज भी आंगन में पड़े होने का दावा किया गया है। पीड़िता के पति रामदयाल प्रजापति के अनुसार, तीन साल पहले आरोपियों ने उनकी पत्नी को बुरी तरह पीटा था, जिससे सिर फट गया और इलाज कराना पड़ा। उस समय मुकदमा भी चला, लेकिन बाद में आरोपी छूट गए।

जमीन विवाद और कब्जे का आरोप:
पीड़ित परिवार का कहना है कि विवाद की जड़ बंटवारा और प्लॉट है। आरोप है कि आरोपियों ने जबरदस्ती शौचालय वाली जमीन पर कब्जा कर घर बना लिया, जबकि पीड़ित परिवार ने पहले ही शौचालय बनवाकर दिया था। पंचायत स्तर पर भी समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन आरोपियों ने मानने से इनकार कर दिया।

प्रभाव और दबाव का आरोप:
पीड़िता का दावा है कि आरोपी खुद को स्थानीय राजनीतिक डॉ मनोज कुमार प्रजापति जो विधायक का चमचा है मनोज कुमार जो प्रधान है वह भी इसे मिले हुए हैं और उनके साथ माता-पिता दोनों इनका साथ देते हैं और आरोपी राम प्रताप प्रजापति श्री लल्लू पत्नी सुनैना और उनके तीन लड़के करण नीरज पंकज पंकज की पत्नी राजकली ‌हैं।
जो विधायक अगर गांव के प्रधान से मिले हैं

पति रामदयाल प्रजापति वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं,
जबकि पत्नी गांव में रहती है। पीड़िता ने आशंका जताई कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपियों की होगी।

प्रशासन से मांग:
पीड़िता गोमती प्रजापति ने चौकी इंचार्ज इंगोटा, थाना सुमेरपुर सहित उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई, जमीन विवाद का समाधान और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका जीवन और बच्चों का भविष्य खतरे में है।

नालंदा से पति की गुहार: ससुराल पक्ष पर मारपीट व धमकी का आरोप, पत्नी से मिलवाने की मांग

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नालंदा (बिहार) | विशेष रिपोर्ट
बिहार के नालंदा जिले के हंगारी धाम, रामत बीघा निवासी धर्मवीर ने मीडिया को जानकारी देते हुए अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। धर्मवीर के अनुसार उनका विवाह करीब 7 वर्ष पहले मनिता कुमारी, पुत्री अभय चौधरी, निवासी लीनी सलारपुर से हुआ था। दंपति के तीन पुत्र हैं, जिनमें सबसे छोटा बच्चा मात्र तीन महीने का है।

धर्मवीर ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उनके साथ मारपीट करता है और जान से मारने की धमकियां देता है। उन्होंने कहा कि उन्हें ससुराल में आने से रोका जा रहा है। धर्मवीर के मुताबिक उनकी पत्नी मनिता कुमारी कुछ समय पहले मायके चली गई थीं और अब वापस आने से इनकार कर रही हैं।

पीड़ित ने बताया कि उनका 6 वर्षीय बेटा उनके साथ रह रहा है, जबकि बाकी दो बच्चे पत्नी के पास हैं, जो मायके में रह रही हैं। धर्मवीर का कहना है कि वह पत्नी और बच्चों को अपने साथ रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मनिता कुमारी साफ तौर पर घर आने से मना कर रही है और ससुराल वाले भी उसे उनके साथ नहीं रहने दे रहे।

आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए धर्मवीर ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि वह बेहद गरीब हैं और न तो अदालतों के चक्कर काट सकते हैं और न ही पुलिस चौकियों में बार-बार जाने की स्थिति में हैं। धर्मवीर ने मांग की है कि प्रशासन उन्हें उनकी पत्नी से मिलवाए और ससुराल पक्ष के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

दिल्ली के 10 हजार क्लास रूम में लगाए जाएंगे एयर प्यूरीफायर, मंत्री ने कहा- 10 महीने में नहीं उपजा ये वायु प्रदूषण

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दिल्ली सरकार के मंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण एक दिन की समस्या नहीं है। इसके लिए दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना चाहिए।दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंत्री आशीष सूद ने कहा कि प्रदूषण सिर्फ पिछले 10 महीने में उपजा हुआ मुद्दा नहीं है। दिल्ली का अपना कोई मौसम नहीं है। दिल्ली में प्रदूषण में आस-पास के राज्यों का एक बड़ा योगदान होता है। मंत्री ने इस दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग ने 10 हजार क्लास रूम में एयर प्यूरीफायर लगाने का टेंडर जारी किया है। बाद में दिल्ली के सभी क्लास रूम में एयर प्यूरीफायर लगाएंगे। स्मार्ट क्लास में अब शुद्ध हवा भी मिलेगी। मंत्री ने CAG की रिपोर्ट का दिया हवाला
मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कुछ बेरोजगार नेता वायु प्रदूषण के मुद्दों पर बोलते रहते हैं। ये कहते हैं कि दिल्ली के AQI मीटर ग्रीन बेल्ट में लगा दिए गए। जबकि 2018 में जो 20 AQI मीटर लगे थे उनमें से 30% मीटर ग्रीन बेल्ट में लगे थे। क्योंकि इनका मकसद प्रदूषण कम करना नहीं था। ये मेरी रिपोर्ट नहीं है। ये CAG की रिपोर्ट है।’

अरविंद केजरीवाल सरकार लाई थी odd -even योजना
दिल्ली सरकार के मंत्री ने कहा, ‘बेरोजगार नेता कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने odd -even जैसी योजना लाए थे। जबकि मीडिया रिपोर्ट बताती है कि इससे क्यों प्रदूषण कम नहीं हुआ था। इसी तरह से रेड लाइट on गाड़ी ऑफ की बात करते हैं। जबकि इस योजना के बारे में DPCC ने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होता था। ये लोग सिर्फ PR एक्सरसाइज करते थे।’

केजरीवाल के पास विज्ञापन के लिए पैसा था
मंत्री आशीष सूद ने कहा, ‘अगर दिल्ली में धूल से प्रदूषण होता है जैसे कि एक्सपोर्ट बताते हैं तो स्वीपिंग मशीन लाते थे, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठीक करते। इनके पास पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए पैसा नहीं था। विज्ञापन के लिए पैसा था।’

एक दिन की समस्या नहीं है प्रदूषण
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मंत्री ने कहा, ‘EV पालिसी की बात करते थे। इस योजना में भी जो 45 करोड़ को सब्सिडी देनी थी वो नहीं दिया। वो पैसा आज हमारी सरकार दे रही है। प्रदूषण एक दिन की समस्या नहीं है। इसके लिए दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना चाहिए।’