Saturday, July 11, 2026
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‘एक कन्या 10 पुत्रों के समान…’ जानें PM मोदी ने क्यों याद दिलाई बेटियों की बात?

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PM मोदी ने देशवासियों को याद दिलाया है कि एक कन्या का पालन-पोषण 10 पुत्रों के बराबर पुण्य देता है। जानें प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ पर क्या-क्या कहा?नई दिल्ली: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ के 11 साल पूरे होने पर PM मोदी ने एक खास पोस्ट किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को सुभाषित का एक श्लोक याद दिलाया, जिसमें कहा गया है कि एक कन्या 10 पुत्रों के समान होती है। जो पुण्यफल एक व्यक्ति को 10 पुत्रों के पालन-पोषण से मिलता है, वही फल उसे केवल एक कन्या के पालन-पोषण से मिल जाता है। जानें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट पर PM मोदी ने क्या कहा?
‘बेटी बचाओ अभियान’ की एनिवर्सरी पर खास पोस्ट
PM मोदी ने पोस्ट किया, ‘कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं। दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया।’
शेयर किए गए वीडियो में क्या है खास?
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें संस्कृत में ‘दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया’ दिख रहा है। इसके बाद हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उसका अर्थ समझाया जाता है।
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ क्या है?
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ भारत की केंद्र सरकार का एक सामाजिक अभियान है, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों के अस्तित्व, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। खासतौर पर भारत के उन जिलों में जहां शिशु लिंगानुपात में कमी है, और उसके लिए समाज के लोगों के बीच जागरूकता और कल्याणकारी सेवाओं में फोकस किया जाता है।
सोशल मीडिया नेटिजन ने की तारीफ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के इस पोस्ट को खूब सराहा जा रहा है। एक एक्स यूजर ने लिखा, ‘जब बेटियों को अवसर मिलते हैं, देश का भविष्य मजबूत होता है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ने भारत की नई दिशा तय की है।’ वहीं, एक अन्य नेटिजन ने लिखा, ‘बेटियां सबसे अनमोल वरदान एवं शक्ति का स्वरूप हैं, शिक्षित बेटी विकसित भारत और संस्कारित सशक्त समाज का आधार स्तंभ है।’

धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा-नमाज का विवाद गहराया, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

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धार की भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा और जुमे की नमाज को लेकर हिंदू-मुस्लिम पक्ष आमने-सामने हैं। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में नमाज पर रोक की मांग की है। तनाव के बीच भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद की वजह बन गई है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिस वजह से पूजा और जुमे की नमाज को लेकर तनाव बढ़ गया है। हिंदू पक्ष पूरे दिन अखंड पूजा करने पर अड़ा है, जबकि मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करने की जिद पर कायम है। हिंदू पक्ष की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें बसंत पंचमी पर जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की गई है।
भोजशाला विवाद की वजह क्या है?
भोजशाला को हिंदू पक्ष सरस्वती मंदिर मानता है, जहां वे मां शारदा की पूजा करते हैं। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है, जहां वे नमाज अदा करते हैं। सामान्य दिनों में हिंदुओं को मंगलवार को पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने की इजाजत है। लेकिन बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को विशेष रूप से पूजा की अनुमति है। इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को होने से दोनों पक्षों के दावे टकरा रहे हैं। हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है, इसलिए पूरे दिन पूजा होनी चाहिए। वहीं, मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि वे कम संख्या में ही सही, लेकिन नमाज पढ़ेंगे।
हाईकोर्ट का आदेश क्या कहता है?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को लेकर स्पष्ट आदेश दिए हैं:हिंदुओं को हर मंगलवार को पूजा करने की अनुमति।
बसंत पंचमी के दिन भी हिंदुओं को पूजा की इजाजत।
मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति, लेकिन दोपहर 1 से 3 बजे तक ही।
अगर बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तो टाइम टेबल इस प्रकार है:
सरस्वती पूजा: सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक, और फिर दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक।
जुमे की नमाज: दोपहर 1 से 3 बजे तक।
आखिर क्या कह रहे हैं दोनों पक्ष?
हिंदू पक्ष पूजा की तैयारियों में जुटा हुआ है। उन्होंने भोजशाला में भगवा झंडे लगा दिए हैं और पूरे दिन अखंड पूजा, यज्ञ, पाठ और पूर्णाहुति की योजना बनाई है। मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, शंख बजे, झाल-मजीरा बजे और जयकारे लगे। हिंदू समाज की महिलाएं आज घर-घर जाकर पीले चावल बांटेंगी और लोगों को बड़ी संख्या में भोजशाला आने के लिए आमंत्रित करेंगी। भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा, ’23 तारीख को मां सरस्वती की पूजा के लिए भक्त भोजशाला जाएंगे।’ हिंदू पक्ष के लोगों ने कहा, ‘बसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा होगी। सूर्योदय से सूर्यास्त तक पाठ होगा, मां सरस्वती की पूजा होगी, दिन भर यज्ञ चलेगा और शाम को पूर्णाहुति होगी।’ वहीं, मुस्लिम पक्ष भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। कमाल मस्जिद के सदर जुल्फिकार पठान ने कहा, ‘हम कम संख्या में लोग पहुंचेंगे और नमाज पढ़ेंगे। हिंदू पक्ष बड़ा दिल दिखाए और दो घंटे नमाज होने दे।’
सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता इंतजाम
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भोजशाला को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मुख्य इंतजाम इस प्रकार हैं:
8000 से ज्यादा जवानों की तैनाती।
200 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए।
हर गली की थ्री डी मैपिंग कराई गई।
22 से 27 जनवरी तक ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी।
भोजशाला परिसर के 300 मीटर एरिया को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया।
इलाके में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। इंदौर के आईजी अनुराग ने कहा, ‘हमने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। स्थिति न बिगड़े, इसके लिए चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।’ प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, और चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।

हापुड़ में लाइसेंसी राइफल के बल पर धमकी, मंदिर परिसर में युवक की कनपटी पर रखी बंदूक, फसल काटने पर जान से मारने की चेतावनी

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हापुड़ जनपद के थाना गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के ग्राम हथुपुर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी प्रार्थी द्वारा पुलिस अधीक्षक हापुड़ को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने लाइसेंसी राइफल के बल पर न केवल जान से मारने की धमकी दी, बल्कि कृषि भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश भी की जा रही है।

घटना दिनांक 17 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार शाम करीब 6 बजे प्रार्थी जयकरन अपने साथी सतपाल के साथ गांव के शिव मंदिर परिसर में खड़ा था। उसी दौरान गांव निवासी यशवीर पुत्र चरनू सिंह वहां लाइसेंसी राइफल लेकर पहुंचा और आते ही जयकरन के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि यशवीर ने जयकरन की कनपटी पर राइफल रखकर उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उसके भाई सुखबीर की जिस जमीन को बटाई पर दिया गया है, उस पर उगी फसल को काटने नहीं देगा। यदि फसल काटने की कोशिश की गई तो हत्या कर दी जाएगी।

पीड़ित का आरोप है कि इस पूरी घटना की शिकायत थाना गढ़मुक्तेश्वर में तथा उच्चाधिकारियों को भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उसके पास यशवीर द्वारा राइफल ले जाते हुए का वीडियो मौजूद है, जिसे थाना प्रभारी को दिखाया गया, फिर भी पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

मामले में आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि यशवीर द्वारा गांव के ही अजव सिंह पुत्र तिरखा सिंह, निजामुद्दीन पुत्र रज्जाक, वासिल, जावेद पुत्र मुजफ्फर और सराफत अली पुत्र इलियास निवासी ग्राम हथुपुर की कृषि भूमि में जबरन अपने खेत की मेड़ बढ़ाकर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन लोगों को भी यशवीर द्वारा अपनी लाइसेंसी राइफल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि यशवीर ने खुलेआम कहा कि वह पहले भी लंबे समय तक जेल में सजा काट चुका है और किसी की हत्या कर फिर से जेल जाने से नहीं डरेगा। इस तरह की धमकियों के बाद पीड़ित पक्ष और गांव के अन्य लोगों में भय का माहौल है और उन्हें अपनी जान-माल का गंभीर खतरा बना हुआ है।

पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक हापुड़ से मांग की है कि आरोपी यशवीर पुत्र चरनू सिंह के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

अब देखना यह है कि इतने गंभीर आरोपों और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के बावजूद पुलिस प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

जगकरन
पिता का नाम: सतपाल अजब सिंह पिता का नाम: तिरखा सिंह निजामुद्दीन पिता का नाम: रज्जा सराफत
पिता का नाम: इल्यास राशिद पुत्र वासल
नावल पुत्र मुजफल
निवासी ग्राम सरूरपुर थाना गढ़मुक्तेश्वर जिला हापुड़
जावल पुत्र मुजफल

‘SIR के खिलाफ भड़काऊ भाषण दे रहीं ममता’, जानें EC ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में क्या-क्या कहा?

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ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसमें उन्होंने बताया कि कैसे पश्चिम बंगाल में SIR करने में दिक्कत आ रही है। सीएम भड़काऊ भाषण दे रही हैं।नई दिल्ली: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आमने-सामने हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से अपने हलफनामे में कहा कि ममता बनर्जी ने एसआईआर को नुकसान पहुंचाने के लिए भड़काऊ भाषण दिए। उन्होंने डर फैलाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भ्रामक व गलत जानकारी भी दीगलत जानकारी देकर भड़का रहीं ममता- EC
चुनाव आयोग ने कहा कि अन्य राज्यों के उलट पश्चिम बंगाल में बहुत ज्यादा धमकियां और बाधाएं हैं। हलफनामे में चुनाव आयोग ने कहा कि लोगों को एसआईआर की प्रक्रिया के प्रति गलत जानकारी देकर भड़काया जा रहा है। हलफनामे में कहा गया कि राज्य में ईसीआई अधिकारियों के खिलाफ हिंसा और धमकियों का माहौल है।
ममता बनर्जी ने CEC को लिखा था पत्र
जान लें कि ममता बनर्जी समय-समय पर SIR का विरोध करती रही हैं। हाल ही में उन्होंने इसको लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि एसआईआर प्रक्रिया मतदाता सूची का रिकॉर्ड सही करने के बजाय वोटर्स के नाम हटाने की कवायद बना दी गई है। एसआईआर शुरू होने के बाद उनका ये तीसरा लेटर ज्ञानेश कुमार को था।
आम गलतियों पर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा- ममता
इसमें ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर असंवेदनशीलता, राजनीतिक पक्षपात और मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने ने दावा किया कि वर्तनी या उम्र से जुड़ी मामूली गलतियों के कारण आम लोगों को जबरन सुनवाई के लिए आना पड़ रहा है। इससे उन्हें उत्पीड़न और सैलरी के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने नोबेल प्राइज विनर अमर्त्य सेन, कवि जॉय गोस्वामी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियों को तलब किए जाने की तरफ भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त का ध्यान खींचा। ममता बनर्जी ने पूछा कि कि क्या यह निर्वाचन आयोग की तरफ से सरासर दुस्साहस नहीं है।

‘धुरंधर 2’ में होगी ‘उरी’ स्टार की एंट्री, रणवीर सिंह संग विक्की कौशल को देख डबल होगा मजा? खास होने वाला है रोल

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‘धुरंधर 2′ की भी रिलीज डेट करीब आती जा रही है। फिल्म को लेकर हर दिन नई अपडेट सामने आ रही है और लोग इसे लेकर काफी एक्साइटेड है। अब फिल्म को लेकर एक और चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है रणवीर सिंह के साथ अब उरी स्टार दिखेंगे।’धुरंधर 2’ को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं और इसकी वजह है फिल्म से जुड़ते जा रहे बड़े नाम। सीक्वल को लेकर पहले ही जबरदस्त उत्साह बना हुआ था, लेकिन अब जो नई जानकारियां सामने आ रही हैं, उन्होंने फैंस की उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है। अक्षय खन्ना की वापसी पहले ही कन्फर्म मानी जा चुकी है, जो फ्लैशबैक सीक्वेंस के जरिए नजर आएंगे। इसी बीच ताजा रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विक्की कौशल भी इस पावर-पैक्ड फ्रेंचाइजी का हिस्सा बन गए हैं। अगर यह खबर सच साबित होती है तो ‘धुरंधर’ यूनिवर्स का दायरा काफी बड़ा हो सकता है।
कैमियो नहीं, खास रोल में विक्की कौशल?
विक्की कौशल को लेकर सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनका रोल सिर्फ एक झलक या कैमियो तक सीमित नहीं बताया जा रहा। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, विक्की एक बार फिर अपने बेहद लोकप्रिय किरदार मेजर विहान शेरगिल के रूप में नजर आ सकते हैं, जिसे उन्होंने आदित्य धर की 2019 की सुपरहिट फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में निभाया था। यह किरदार आज भी दर्शकों के बीच उतना ही यादगार है और उसकी वापसी की खबर ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।
‘उरी’ और ‘धुरंधर’ के बीच कनेक्शन?
मिड-डे से बातचीत में एक सूत्र ने बताया कि डायरेक्टर आदित्य धर धुरंधर 2 से जुड़े सभी बड़े सरप्राइज को फिलहाल गुप्त रखना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने बड़ी चतुराई से उरी और धुरंधर की कहानियों को एक ही यूनिवर्स में जोड़ने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि उरी की कहानी 2016 के घटनाक्रम पर आधारित थी और उसी टाइमलाइन से विक्की के किरदार को धुरंधर 2 में इंट्रोड्यूस किया जाएगा। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि विक्की कौशल और रणवीर सिंह के किरदार आमने-सामने आएंगे या नहीं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विक्की के हिस्से में कुछ दमदार एक्शन सीक्वेंस जरूर होंगे। यह क्रॉसओवर आदित्य धर की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें वह केवल एक सीक्वल नहीं बल्कि एक मजबूत और आपस में जुड़ा हुआ सिनेमैटिक यूनिवर्स खड़ा करना चाहते हैं।
शूटिंग पहले ही हो चुकी है?
एक और चौंकाने वाली जानकारी यह है कि विक्की कौशल ने कथित तौर पर अपना हिस्सा पिछले साल ही शूट कर लिया था, वो भी धुरंधर की पहली फिल्म के रिलीज़ से पहले। सूत्रों के मुताबिक, आदित्य धर ने भविष्य की फिल्मों को ध्यान में रखते हुए कुछ खास सीक्वेंस पहले ही डिजाइन कर लिए थे। विक्की, आदित्य के पसंदीदा कलाकारों में से एक माने जाते हैं और इसी वजह से उनके किरदार को आगे चलकर और विस्तार दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
आदित्यधर और विक्की कौशल की बॉन्डिंगआदित्य धर और विक्की कौशल की प्रोफेशनल जर्नी 2019 में उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक से शुरू हुई थी। यह फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने चार राष्ट्रीय पुरस्कार भी अपने नाम किए। इस प्रोजेक्ट ने दोनों के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और हिंदी सिनेमा में वॉर फिल्मों का एक नया स्टैंडर्ड सेट किया। ‘उरी’ के बाद दोनों फिल्म द इमॉर्टल अश्वत्थामा में दोबारा साथ काम करने वाले थे। इस महत्वाकांक्षी साइंस-फिक्शन प्रोजेक्ट का फर्स्ट लुक भी रिलीज़ हुआ था, लेकिन भारी बजट के चलते यह फिल्म ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बावजूद, आदित्य और विक्की के बीच आपसी सम्मान और प्रोफेशनल समझ बनी रही।
विक्की ने की थी धुरंधर की जमकर तारीफ
जब पहली धुरंधर रिलीज़ हुई थी, तब विक्की कौशल ने खुले तौर पर फिल्म और उसके निर्देशक की तारीफ की थी। इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा था कि इतनी बारीकी, विश्वास और शानदार वर्ल्ड-बिल्डिंग के साथ फिल्म बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने फिल्म की परफॉर्मेंस, टेक्निकल क्वालिटी और पूरी टीम की जमकर सराहना की थी। इसके जवाब में आदित्य धर ने भी विक्की को ‘मेरा धुरंधर’ कहकर संबोधित किया था, जिससे दोनों की दोस्ती साफ झलकती है।
आधिकारिक ऐलान का इंतजार
हालांकि अभी तक विक्की कौशल की कास्टिंग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री में चल रही चर्चाएं और मिले-जुले संकेत यही बताते हैं कि वह धुरंधर यूनिवर्स का अहम हिस्सा बनने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि उनकी भूमिका आगे चलकर कितनी बड़ी बनती है। फिलहाल फैंस बेसब्री से मेकर्स की ओर से किसी पक्के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं।

प्रयागराज से बड़ी खबर, सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, निकालने की कोशिश जारी

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प्रयागराज में सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। विमान तालाब में जा गिरा। विमान को तालाब से निकालने का काम जारी है।उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। विमान तालाब में जा गिरा। मौके पर रेस्क्यू टीम पहुंची है। विमान को तालाब से निकालने का काम जारी है। विमान अचानक हवा में संतुलन खो बैठा और शहर के बीचोंबीच तालाब में गिर गया।
एयरफोर्स का माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट था। इंजन फेल होने की वजह से तालाब में एयरक्राफ्ट गिरा। हवा में काफी देर तक घूमता रहा और फिर तालाब में गिर पड़ा। दो क्रू मेंबर थे। सेना के मुताबिक दोनों सुरक्षित हैं।
यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। तालाब के आस-पास के क्षेत्र को घेर लिया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है।
खबर अपडेट हो रही है…

अंपायर से बहस पड़ गई भारी, इस खिलाड़ी पर ठोक दिया गया मोटा जुर्माना

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डब्ल्यूपीएल के एक मुकाबले में अंपायर से बहस करना और फैसले पर नाराजगी जताना दिल्ली कैपिटल्स की सलामी बल्लेबाज लिजेल ली पर भारी पड़ गया। उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना ठोका गया है।इस वक्त भारत में महिला प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है। दुनियाभर की महिला खिलाड़ी इसमें खेलती हुई नजर आ रही हैं। इस बीच मंगलवार देर शाम एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जो शायद नहीं होना चाहिए था। दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला जारी था। बाद में बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की सलामी बल्लेबाज लिजेल ली शानदार बल्लेबाजी कर रही थीं, लेकिन इस बीच ली स्टंप आउट हो गई। तीसरे अंपायर ने काफी देर तक रिप्ले देखा और उसके बाद ली को आउट करार दिया। हालांकि लिजेल ली इससे कतई संतुष्ट नहीं थीं और उन्होंने इसको लेकर अंपायर से बात भी की। अब इसे अनुशासनहीनता माना गया है और उन पर मोटी जुर्माना ठोका गया है।
लिजेल ली पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगा
दिल्ली कैपिटल्स की सलामी बल्लेबाज लिजेल ली पर मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स मैच के दौरान महिला प्रीमियर लीग के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। ये मुकाबला मंगलवार को बडोदरा के BCA स्टेडियम में खेला जा रहा था।
मैच की दूसरी पारी में 11वें ओवर में हुआ पूरा घटनाक्रम
दरअसल ये मामला तब हुआ, जब दिल्ली की टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रही थी। पारी के 11वें ओवर में अंपायरों के लंबे ऑन-फील्ड विचार-विमर्श के बाद ली को स्टंप आउट दिया गया। अमनजोत कौर की लेग साइड की तरफ फेंकी गई गेंद पर ली फ्लिक करने की कोशिश में अपना संतुलन खो बैठीं और विकेटकीपर राहिरा फिरदौस ने स्टंपिंग कर दी। स्टंप कैमरे सहित कई एंगल देखने के बाद, तीसरे अंपायर ने फैसला सुनाया कि जब बेल्स गिरीं, उस समय ली का बल्ला हवा में था।
28 बॉल पर ली ने ठोक दिए थे 46 रन
जब ये सब कुछ त​ब तक लिजेल ली 28 गेंदों पर 46 रन बनाकर शानदार बल्लेबाजी कर रही थीं, आउट होने के बाद मैदान से बाहर जाते समय साफ तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की और फैसले के बाद भी विरोध करती रहीं। पता चला है कि उन्होंने कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के तहत लेवल 1 के अपराध को स्वीकार किया, जो मैच के दौरान क्रिकेट उपकरणों के दुरुपयोग से संबंधित है। हालांकि मैच की बात की जाए तो ली के आउट होने के बाद भी दिल्ली कैपिटल्स ने मैच जीत लिया और मुंबई इंडियंस को हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली की ये इस साल के महिला प्रीमियर लीग में दूसरी जीत है। टीम के पास अब चार अंक हो गए हैं।

15 साल की गुरु-सेवा, फिर भी आश्रम से बेदखल: दिव्यांग शिष्य संतोष गिरी को ‘खंडित’ बताकर निकाला, आस्था और मानवता पर सवाल

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जोधपुर/सामराउ (राजस्थान)।
भारतीय सनातन परंपरा में गुरु की तन-मन से सेवा करने वाले शिष्य को जीवन भर संरक्षण और सम्मान का अधिकारी माना जाता है, लेकिन जोधपुर जिले के सामराऊ स्थित लाल गिरी जी के चोला आश्रम से सामने आया मामला इस मान्यता को झकझोर देने वाला है। दृष्टिहीन और हाथ-पैर से दिव्यांग संतोष गिरी के साथ कथित रूप से ऐसा अन्याय हुआ, जिसे लेकर साधु-संत समाज से लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश है।

प्रार्थी संतोष गिरी, गुरु श्री दिगंबर भैरव गिरी जी महाराज (श्री पंचधासनाम जूना अखाड़ा) के शिष्य हैं। संतोष गिरी वर्ष 2012 में गुरु स्थान लाल गुरु जी के चोला, सामराऊ आए थे। आंखों से अंधे और शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद उन्होंने 15 वर्षों तक अपने गुरु की निस्वार्थ सेवा की। आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चाय बनाना, भोजन तैयार करना, रोटियां बनाना और दिन-रात गुरु की सेवा करना ही उनका जीवन बन गया था।

वर्ष 2016 के उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में गुरु परंपरा के अनुसार संतोष गिरी का संस्कार हुआ। परंपरा के तहत उनके चाचा गुरु महंत श्री दौलत गिरी को सखी बनाया गया और गुरु महाराज ने संतोष गिरी को उनकी जिम्मेदारी में सौंपा, क्योंकि संतोष को दिखाने-समझाने का कार्य आवश्यक था। इसके बाद भी संतोष गिरी ने गुरु सेवा में कोई कमी नहीं आने दी।

साल 2025 के प्रयागराज महाकुंभ में गुरु श्री दिगंबर भैरव गिरी जी महाराज का शरीर पूर्ण हो गया। संतोष गिरी गुरु के पार्थिव शरीर के साथ प्रयागराज से उमराव पहुंचे। आरोप है कि उस दौरान दादा गुरु महंत अर्जुन गिरी, चाचा गुरु दौलत गिरी और साली गिरी सहित कई गुरु मूर्तियों के समक्ष यह कहा गया कि संतोष गिरी यहीं रहेगा, क्योंकि इसने सेवा की है और विकलांग होने के कारण इसकी जिम्मेदारी आश्रम की है।

इतना ही नहीं, वर्ष 2020 में बृहस्पति गिरी के हरिद्वार में हुए संस्कार के बाद स्वामी समाज के 42 गांवों में भी यह कहा गया कि संतोष गिरी को लाल गुरु जी के चोला में ही रहना है। तय हुआ कि बृहस्पति गिरी लाल गुरु जी की धोनी संभालेंगे और संतोष गिरी दोनों गुरु भाइयों के साथ रहेगा। लेकिन आरोप है कि बाद में गेवर जाखड़, लक्ष्मण जाखड़, लक्ष्मण साइन और तारपुरी स्वामी सहित उमराव गांव के कुछ तथाकथित लोगों ने आपसी सलाह कर संतोष गिरी को ‘खंडित’ बताकर आश्रम से बाहर कर दिया।

संतोष गिरी का कहना है कि वह 15 वर्षों तक उसी आश्रम में रहा, तब किसी को उसका विकलांग होना खंडित नहीं लगा। गुरु महाराज के शरीर पूर्ण होते ही उसे खंडित कहकर बाहर निकाल दिया गया। यह न सिर्फ गुरु परंपरा का अपमान है, बल्कि एक दिव्यांग के अधिकारों का खुला हनन भी है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु-सेवा करने वाले शिष्य का हक मारना गंभीर पाप माना जाता है। दिव्यांग व्यक्ति के साथ भेदभाव करना न केवल अमानवीय है, बल्कि समाज और धर्म—दोनों के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। सवाल यह है कि क्या साधु-संतों की धरती पर सेवा, समर्पण और मानवता से बड़ा कोई स्वार्थ हो सकता है? और क्या संतोष गिरी जैसे दिव्यांग सेवक को न्याय मिलेगा, या उसकी आस्था की कीमत उसे दर-दर की ठोकरों से चुकानी पड़ेगी?

 

‘फिर से हिंदु बन जाओ…’, विवादों के बीच भजन सिंगर ने दे डाली एआर रहमान को सलाह, अब वायरल हुआ वीडियो

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एआर रहमान के इंटरव्यू के बाद मचे बवाल के बीच बॉलीवुड के भजन सिंगर ने भी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही वीडियो जारी कर एआर रहमान को फिर से हिंदु बन जाने की सलाह भी दी है।बॉलीवुड के सुपरस्टार म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान बीते दिनों से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें कम्यूनल डिस्क्रिमिनेशन झेलना पड़ा है और उनके पास काम की कमी है। इस बयान पर खूब बवाल मचा और फिल्मी कलाकारों ने इसको लेकर प्रतिक्रिया भी दी है। अब भजन सिंगर अनूप जलोटा ने भी इसको लेकर प्रतिक्रिया दी है। अनूप जलोटा ने एक वीडियो शेयर किया है और एआर रहमान को सलाह देते हुए कहा कि फिर से हिंदु बन जाओ।
क्या बोले अनूप जलोटा?
एआर रहमान की मुस्लिम कॉन्ट्रोवर्सी को लेकर अनूप जलोटा ने एक वीडियो शेयर किया है जो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अनूप जलोटा ने कहा, ‘म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान पहले हिंदू थे। उसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया और बहुत काम किया, बहुत नाम कमाया, लोगों के दिलों में बहुत अच्छी जगह बनाई। लेकिन अगर उन्हें इस बात का विश्वास है कि हमारे देश में मुस्लिम होने की वजह से उनको फिल्म नहीं मिल रही है संगीत देने के लिए, तो फिर वो दोबारा हिंदू हो जाएंगे। तो उनको ये विश्वास होना चाहिए कि हिंदू होने के बाद, धर्म परिवर्तन हो जाने के बाद, उनको फिर से फिल्में मिलनी शुरू हो जाएंगी। यही तो उनका मतलब है। तो मेरी सलाह है कि वो हिंदू हो जाएं और फिर कोशिश करें कि उनको दोबारा फिल्में मिलती हैं या नहीं।’ अब अनूप जलोटा का ये वीडियो भी वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
क्या बोले थे एआर रहमान?
एआर रहमान ने बीते दिनों बीबीसी एसियन नेटवर्क को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उनसे सवाल पूछा गया था कि क्या आपको एक तमिल म्यूजिक कंपोजर होने के नाते आपको बॉलीवुड में कभी भेदभाव झेलना पड़ा। इसके जवाब में एआर रहमान ने कहा था, ‘शायद मुझे इसके बारे में कभी पता ही नहीं चला, शायद भगवान ने इसे छुपा रखा था, लेकिन मुझे इसका जरा भी एहसास नहीं हुआ। पिछले आठ सालों में शायद सत्ता परिवर्तन हुआ है और अब सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो रचनात्मक नहीं हैं। यह सांप्रदायिक मुद्दा भी हो सकता है। लेकिन यह मेरे सामने जाहिर नहीं है।’ इस बयान के बाद एआर रहमान को काफी ट्रोल किया गया था और इसके बाद उन्होंने माफी भी मांगी थी। एआर रहमान ने कहा था, ‘संगीत हमेशा से हमारी संस्कृति से जुड़ने, उसका जश्न मनाने और उसका सम्मान करने का मेरा जरिया रहा है। भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है। लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के माध्यम से उत्थान, सम्मान और सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को ठेस पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी, और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी महसूस की जाएगी।’

राहुल गांधी को मिला खास गिफ्ट, रायबरेली में एक परिवार ने दिया दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस,

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रायबरेली की यात्रा पर पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को खास गिफ्ट मिला। रायबरेली में एक परिवार ने राहुल गांधी को उनके दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा है।कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी अपने लोकसभा क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर हैं। यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। राहुल गांधी को जिले में एक खास गिफ्ट भी मिला है जिसे देखकर वह भावुक हो गए। एक कार्यक्रम के दौरान रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी को यहां के एक परिवार ने उनके दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा। बताया जा रहा है कि यह परिवार इस नायाब निशानी को सहेज कर रखे था और आज जब उन्होंने इसे राहुल गांधी को सौंपा तो वह भी भावुक हो गए। राहुल ने तुरंत उसकी फोटो खींचकर मां सोनिया गांधी को व्हाट्सऐप के जरिये भेज दिया।
भावुक नजर आये राहुल गांधी
दरअसल राहुल गांधी भुएमऊ गेस्ट हाउस से यहाँ आईटीआई के पास स्थित राजीव गाँधी स्टेडियम में रायबरेली प्रीमिअर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उसी दौरान एक परिवार ने मंच पर पहुंच कर उनके खानादान की यह विरासत उन्हें सौंपी। इस दौरान राहुल गांधी काफी भावुक नजर आये और काफ़ी देर तक लाइसेंस को उलट पलट कर देखते रहे। इस दौरान राहुल गांधी के साथ मंच साझा कर रहे अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने इस बात की पुष्टि की हैराहुल गांधी ने किया क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन
राहुल गांधी ने जिले में राजीव गांधी स्टेडियम में यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस दौरान राहुल गांधी जी ने क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों और उनके खिलाड़ियों से भी मुलाक़ात की।
मनरेगा चौपाल में जनसभा
इसके अलावा राहुल गांधी ने जिले में ‘मनरेगा चौपाल’ में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं- गरीब मजदूरों का स्वाभिमान है, उनके रोजगार का अधिकार है। हम इसे किसी भी कीमत पर तबाह नहीं होने देंगे।