Tuesday, April 7, 2026
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भक्ति संगीत से जनमानस को जोड़ रहे हैं बबलू यादव: पटना के उभरते भोजपुरी भजन गायक

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पटना/बिहार:
भक्ति संगीत की मधुर लहरों के बीच एक नाम तेजी से उभर रहा है – बबलू यादव, जो न केवल अपनी soulful आवाज़ से लोगों के दिलों को छू रहे हैं, बल्कि भोजपुरी भाषा में भक्ति गीतों को एक नई पहचान भी दे रहे हैं। बबलू यादव, पिता श्री राम शियावर यादव के पुत्र हैं और गांव – चंदा, अथमलगोला प्रखंड, जिला – पटना, बिहार के निवासी हैं।

पिछले 5 वर्षों से बबलू यादव पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ भोजपुरी भक्ति गीतों के माध्यम से भक्तों के मन में आस्था की अलख जगा रहे हैं। उन्होंने अनेक देवी-देवताओं पर आधारित गीत गाकर धार्मिक आयोजनों, जागरणों और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

ग्रामीण परिवेश से आने वाले बबलू यादव ने शुरुआत में गांव के छोटे-छोटे भजन मंडलियों और धार्मिक आयोजनों में गाना शुरू किया। लेकिन उनका समर्पण, स्वर की मधुरता और भक्ति में डूबे गीतों ने उन्हें श्रोताओं का चहेता बना दिया। वे खासतौर पर भोलेनाथ, दुर्गा माता, श्रीराम, और राधा-कृष्ण पर आधारित गीतों को अपनी आवाज़ में ढालते हैं।

आज के दौर में जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म कलाकारों को नई ऊंचाई दे रहे हैं, वहीं बबलू यादव ने भी यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों के ज़रिए हजारों श्रोताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके कई गीत लाखों व्यूज़ पा चुके हैं और स्थानीय भोजपुरी चैनलों पर भी उनके भजन नियमित रूप से प्रसारित होते हैं।

बबलू यादव के गीतों में सिर्फ भक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी समावेश होता है। वे अपने गीतों में नशा, अंधविश्वास और समाज में फैल रही कुरीतियों के खिलाफ भी संदेश देते हैं, जिससे उनके गीत युवाओं को भी प्रेरित करते हैं।

बबलू यादव का सपना है कि वे भोजपुरी भक्ति संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएं। वे आने वाले समय में और अधिक स्टूडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो एलबम, तथा भक्ति यात्रा कार्यक्रमों में भाग लेने की योजना बना रहे हैं।

भक्ति भावना से भरे और सुरों में पगे बबलू यादव आज बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं। उनके गीत न केवल भक्ति भाव को जाग्रत करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। भोजपुरी संगीत को धार्मिक रंग में ढालने वाले इस युवा कलाकार का सफर प्रशंसनीय और सराहनीय है।

अजब एमपी में कुपोषण से जंग की गजब कहानी, गौमाता के भोजन के लिए 40 रुपये तो बच्चों के लिए दिए सिर्फ 8-12 रुपये

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कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए सरकार 8-12 रुपये प्रतिदिन दे रही है जबकि गायों के भोजन के लिए 40 रुपये दिया जा रहा है। इस मामले की जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है।भोपालः मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ जंग जारी है लेकिन सरकार ये जंग कुछ अनोखे ढंग से लड़ रही है। कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए सरकार के पास हैं सिर्फ 8-12 रुपए, लेकिन गौशालाओं की गौमाता के भोजन के लिए 40 रुपये। जी हां, ये कोई आंकड़ों की गलती नहीं है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज सच्चाई है। सामान्य बच्चों के पोषण के लिए सरकार 8 रुपये तो कुपोषित बच्चों के लिए सरकार 12 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दे रही है।

कुपोषण को लेकर विधानसभा में हंगामा

मध्य प्रदेश में कुपोषण से निपटने की जंग सरकार कैसे लड़ रही है इसका जवाब जब विधानसभा में आया तो जमकर हंगामा खड़ा हो गया। दरअसल सरकार ने जवाब में बताया कि अति गंभीर कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 12 रुपये पूरक पोषण आहार भारत सरकार द्वारा दिया जाता है।

कांग्रेस बोली- नेता 19 हजार रुपये का बादाम-काजू खा रहे लेकिन बच्चों को दे रहे 12 रुपये

यह तब है जब मध्य प्रदेश सरकार गौशाला में गौ माता के लिए आहार के लिए विधानसभा में 40 रुपये प्रतिदिन की घोषणा कर चुकी है। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा यहां ₹19000 के काजू बादाम खा जाते हैं और कुपोषित बच्चों के लिए दिन में मात्र ₹12 दिए जा रहे हैं।

दरअसल मध्य प्रदेश में कुपोषण एक गंभीर और लगातार बढ़ती समस्या है। श्योपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जैसे आदिवासी बहुल जिलों में हालात बेहद चिंताजनक हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई जिलों में हर चार में से एक बच्चा गंभीर रूप से कुपोषित है।

मऊगंज से चौंकाने वाला मामला: पत्नी लाखों के गहने और बच्चों के साथ फरार, पति ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

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मऊगंज (म.प्र.) — जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के ग्राम घोघम निवासी संदीप विश्वकर्मा (पिता: हिन्छलाल विश्वकर्मा) ने अपनी पत्नी नीता विश्वकर्मा इनके पिता का नाम है श्री कामता प्रसाद विश्वकर्मा माता का नाम है अनारकली विश्वकर्मा, भाई अजीत विश्वकर्मा हैं और नीता विश्वकर्मा के अचानक घर छोड़कर भाग जाने और थाने की कथित लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक मऊगंज को शिकायत दर्ज कराई है।

संदीप, जो पेशे से ड्राइवर हैं, ने बताया कि दिनांक 27 जुलाई 2025 को दोपहर लगभग 2 बजे उनकी पत्नी नीता विश्वकर्मा घर से लाखों रुपये के गहनों और अपने बच्चों अंश व दुर्गादृष्टि के साथ फरार हो गई। आरोप है कि वह मोहम्मद सहजाद (पिता: सेख अली, निवासी ग्राम हटवा पटपरा) के साथ भागी है। उस समय संदीप ट्रक लेकर मैहर में थे और घर पर उनकी बुजुर्ग माँ राधा विश्वकर्मा अकेली थीं।

परिवारजनों द्वारा रिश्तेदारों और पत्नी के मायके में खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। संदीप की माँ उसी दिन रात 9 बजे हनुमना थाने पहुँचीं, लेकिन उनके अनुसार थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय केवल फोटो लेकर उन्हें लौटा दिया।

संदीप को आशंका है कि उनकी पत्नी व मोहम्मद सहजाद बच्चों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। थाना स्तर से कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक मऊगंज को लिखित शिकायत सौंपी है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। लेकिन पुलिस प्रशासन इनकी कोई कार्यवाही नहीं कर रही हैं जिस किसी को भी नीता विश्वकर्मा या इन बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है तो दिए गए संपर्क नंबर 7247229531 पर संपर्क करें या नजदीकी थाने में भी सूचित कर सकते हैं। जो कोई भी इस महिला और बच्चों के बारे में सूचना देगा उसको ₹10000 राशि इनाम दी जाएगी

51% के बंपर प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ ये IPO, 3 दिन में मिला था 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन

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लिस्टिंग के दौरान कंपनी का मार्केट कैप 12,180.53 करोड़ रुपये रहा। बताते चलें कि आदित्य इंफोटेक का आईपीओ 29 जुलाई को खुला था और 31 जुलाई को बंद हुआ था।सीपी प्लस नाम से वीडियो सिक्यॉरिटी और सर्विलांस प्रॉडक्ट्स, सॉल्यूशन्स और सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी Aditya Infotech का आईपीओ आज शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। मंगलवार को शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग शानदार रही और इसके शेयर अपने इश्यू प्राइस 675 रुपये से करीब 51 प्रतिशत की उछाल के साथ लिस्ट हुए। एनएसई पर कंपनी के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 50.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1015 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए और फिर बाद में ये 52.73 प्रतिशत चढ़कर 1032 रुपये के लेवल पर पहुंच गए। बीएसई पर इसने 50.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1018 रुपये पर कारोबार की शुरुआत की और बाद में ये 53.34 प्रतिशत चढ़कर 1035.05 रुपये प्रति शेयर पर आ गया।

IPO को मिला था 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन
लिस्टिंग के दौरान कंपनी का मार्केट कैप 12,180.53 करोड़ रुपये रहा। बताते चलें कि आदित्य इंफोटेक का आईपीओ 29 जुलाई को खुला था और 31 जुलाई को बंद हुआ था। सीपी प्लस के नाम से सीसीटीवी कैमरे बनाने के लिए मशहूर इस कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का छप्परफाड़ समर्थन मिला था। आदित्य इंफोटेक के आईपीओ को कुल 100.69 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। QIB कैटेगरी के निवेशकों ने अपने कोटे (60,65,625 शेयर) की तुलना में इस आईपीओ के लिए सबसे ज्यादा 133.21 गुना सब्सक्राइब किया था। इसके अलावा, रिटेल निवेशकों ने भी इस आईपीओ के लिए 50.87 गुना सब्सक्राइब किया था।

कंपनी ने फिक्स किया था 640-675 रुपये का प्राइस बैंड
आदित्य इंफोटेक अपने इस आईपीओ के जरिए 1300.00 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसके लिए कुल 1,92,59,258 शेयर जारी किए गए थे। इस आईपीओ के तहत 500 करोड़ रुपये के 74,07,407 नए शेयर जारी किए गए हैं और 800.00 करोड़ रुपये के 1,18,51,851 शेयर ओएफएस के जरिए जारी किए गए हैं। कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत, 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 640-675 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। आदित्य इंफोटेक ने अपने कर्मचारियों को प्रत्येक शेयर पर 60 रुपये का डिस्काउंट ऑफर किया था।

मधुबनी में प्रेम विवाह बना विवाद की वजह: युवक को जान से मारने की धमकी, पुलिस पर भी लगाए लापरवाही के आरोप

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सकरी (मधुबनी) एक युवक को अपनी बहन के देवर द्वारा प्रेम विवाह करने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है, जहां 25 वर्षीय इंद्रजीत कुमार मंडल, पिता रामप्रकाश मंडल, को गांव के ही कुछ लोगों ने बर्बरता से पीटा और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित इंद्रजीत का कहना है कि उसकी बहन रुनझुन कुमारी के देवर आलोक कुमार मंडल (20 वर्ष), पिता महेंद्र मंडल ने गांव की युवती संजनी कुमारी से 4 जुलाई को मंदिर में जाकर प्रेम विवाह कर लिया। विवाह पूरी तरह से आपसी सहमति से हुआ था, लेकिन इसके बावजूद 5 जुलाई को संजनी के परिजन इंद्रजीत के घर पहुंचे और उसे लड़की भगाने का दोषी ठहराया।

इंद्रजीत ने बताया कि संजनी के चाचा सुरेश यादव (पुत्र नरेश यादव), सनी यादव, मुकेश यादव (पुत्र प्रेमलाल यादव), सरवन यादव (पुत्र महेश यादव) और कुछ अन्य महिलाओं ने मिलकर उसके साथ जमकर मारपीट की। आरोपियों ने उसकी भाभी गणिता देवी पर भी रास्ते में हमला कर, उसे घसीटकर अपने आंगन में ले जाकर बुरी तरह पीटा और उसके साथ अभद्रता की।

इंद्रजीत ने मीडिया को बताया कि उक्त आरोपी अवैध शराब के धंधे में लिप्त हैं और इलाके में दहशत फैलाए हुए हैं। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस को जानकारी देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे यह कहा गया कि पहले वीडियो और सबूत दो, तभी कोई एक्शन लिया जाएगा।

अब पीड़ित इंद्रजीत ने प्रशासन से न्याय और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

मधुबनी में जबरन मारपीट का मामला: लड़की की मर्जी से शादी के बाद युवक को दी जा रही जान से मारने की धमकी, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

जिला मधुबनी के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक युवक को सिर्फ इसलिए मारपीट और धमकियों का शिकार होना पड़ रहा है क्योंकि उसकी बहन के देवर ने प्रेम विवाह कर लिया। पीड़ित इंद्रजीत कुमार मंडल (उम्र 25 वर्ष), पिता रामप्रकाश मंडल, निवासी सकरी, ने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है।

इंद्रजीत कुमार मंडल के अनुसार, उसकी बहन रुनझुन कुमारी का देवर आलोक कुमार मंडल (उम्र 20 वर्ष), पिता महेंद्र मंडल ने गांव की ही संजनी कुमारी से 4 जुलाई को मंदिर में जाकर अपनी मर्जी से शादी कर ली थी। इसके बाद 5 जुलाई को संजनी के परिवारजन इंद्रजीत के घर पहुंचे और उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने लड़की को भगाने में मदद की है।

इंद्रजीत का आरोप है कि संजनी के परिजनों – चाचा सुरेश यादव (पुत्र नरेश यादव), पोता सनी यादव, मुकेश (पुत्र प्रेमलाल यादव), सरवन यादव (पुत्र महेश यादव) और कुछ अन्य महिलाओं ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। इसके साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।

इंद्रजीत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने मेरी भाभी के साथ भी मारपीट की जिनका नाम गणिता देवी जो अपने काम से अपने घर आ रही थी अचानक उसे रास्ते में घेर लिया और उसे पर हमला कर दिया घर पहुंचने से पहले ही मारपीट कर दी और गणित को खींचकर अपने आंगन में ले गया मारपीट करते हुए और उसे अभद्र व्यवहार किया।

इंद्रजीत का कहना है कि ये लोग इलाके में शराब का अवैध धंधा करते हैं और लगातार उसे धमकियां दे रहे हैं। जब पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि पहले वीडियो और सबूत लेकर आओ, तभी कार्रवाई होगी।

पीड़ित इंद्रजीत कुमार मंडल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उसे तथा उसके परिवार को सुरक्षा दी जाए।

संतोष कुमार की पत्नी सुधा देवी बच्चों को छोड़ शंकर यादव के साथ हुई फरार, गहने-रुपए और LIC के कागजात भी साथ ले गईं

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नालंदा जिले के निवासी संतोष कुमार, उम्र 42 वर्ष, इस वक्त मानसिक पीड़ा और पारिवारिक संकट से जूझ रहे हैं। संतोष कुमार लुधियाना में एक फैक्ट्री में काम करते हैं और मूल रूप से बिहार के नालंदा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके अनुसार, उनकी पत्नी सुधा देवी (उम्र 35 वर्ष) 29 जुलाई 2025 को दिन में लगभग 12 से 1 बजे के बीच अचानक लापता हो गईं। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गईं — आर्यन कुमार (उम्र 6 वर्ष) और संध्या कुमारी (उम्र 10 वर्ष)।

संतोष कुमार ने जानकारी दी कि उनकी पत्नी सुधा देवी कुछ दिनों पहले मायके नालंदा गई थीं और वहीं से अचानक फरार हो गईं। जांच और परिजनों से पूछताछ के बाद यह पता चला है कि सुधा देवी कथित रूप से सीतामढ़ी निवासी शंकर यादव नामक व्यक्ति के साथ भाग गई हैं। यह घटना न केवल परिवार के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डाल रही है।

इस मामले में और भी चौंकाने वाली बात यह है कि सुधा देवी घर से जाते वक्त करीब 70 से 80 हजार रुपये, जो बैंक खाते में जमा थे, अपने साथ ले गईं। इसके अलावा 23,000 रुपये नकद, सोने के गहने, और एक LIC पॉलिसी का कागज जो उनके नाम पर था, वह भी अपने साथ लेकर गई हैं।

संतोष कुमार का कहना है कि जब यह घटना हुई, वह रोजी-रोटी के लिए पंजाब के लुधियाना में थे, इसलिए वह तत्काल घर पर मौजूद नहीं रह सके। फोन पर संपर्क करने पर सुधा देवी ने स्पष्ट रूप से यह कह दिया कि अब वह संतोष के साथ नहीं रहना चाहतीं और वापस नहीं आएंगी।

अब सवाल यह उठता है कि बच्चों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? दोनों मासूम बच्चे मां के बिना मानसिक तनाव में हैं और पिता दूर शहर में मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे हैं।

संतोष कुमार ने इस पूरे मामले की जानकारी स्थानीय थाना में दी है और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि उनकी पत्नी और शंकर यादव को जल्द से जल्द खोजा जाए और उनके बच्चों को न्याय दिलाया जाए।

यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर एक गंभीर चिंता का विषय है, जहाँ बच्चों की परवरिश और भावनात्मक सुरक्षा संकट में है। प्रशासन और पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वे शीघ्र इस मामले में ठोस कदम उठाएं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं।

NDA की अहम बैठक, PM Modi ने अमित शाह की खूब तारीफ की, क्या क्या कहा, जानें पूरी डिटेल्स

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जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा या उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर मंथन होगी। आज पांच अगस्त है और आज का दिन खास है, पीएम मोदी की एनडीए सहयोगियों के साथ बैठक जारी है। क्या फैसला लेंगे पीएम मोदी?दिल्ली, मुंबई, श्रीनगर, पटना और कोलकाता से लेकर इस्लामाबाद और रावलपिंडी तक चर्चा गरम है, क्योंकि आज 5 अगस्त है और पीएम मोदी अहम बैठक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि पांच अगस्त को बहुत कुछ बड़ा होने वाला है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र चल रहा है और इस बीच धानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक को संबोधित करने वाले हैं। पीएम मोदी की इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस बैठक में क्या फैसला होने वाला है। इस बैठक में सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसद शामिल हैं और यह महत्वपूर्ण-सत्रीय बैठक होगी, जो काफी अंतराल के बाद हो रही है।

NDA संसदीय दल में पीएम मोदी ने कहा –
प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए बैठक में अमित शाह की खूब प्रशंसा की, पीएम ने कहा कि वह अब सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले केंद्रीय गृह मंत्री हैं।

पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में डिटेल जानकारी दी । विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा मांग कर पछता रहा होगा।

पांच अगस्त को ही राम जन्मभूमि का भूमि पूजन हुआ था और ये बहुत महत्वपूर्ण दिन है।

साथ ही कांग्रेस जम्मू कश्मीर में संविधान को लागू करना ही नहीं चाहती थी, हमने धारा 370 को हटाकर संविधान लागू किया जम्मू कश्मीर में।

प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को अपने अपने क्षेत्रों को घर घर तिरंगा अभियान मनाने के लिए कहा।

इसके अलावा राष्ट्रीय खेल दिवस (29 August )और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (23 august) भी अपने अपने क्षेत्रों में जाकर मनाने के लिए सांसदों को दिए निर्देश।

पहलगाम टेरर अटैक में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि

एनडीए संसदीय दल की मीटिंग में पहलगाम टेरर अटैक में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही भारतीय सेना के शौर्य और पाकिस्तान को बेनक़ाब करने के लिए भेजे गये डेलीगेशन पर प्रस्ताव भी आया। एनडीए की यह बैठक संसद के मानसून सत्र में गतिरोध के बीच हो रही है, जो पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिवसीय बहस को छोड़कर, काफी हद तक बाधित रहा है। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कार्यवाही रोक दी है।

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला

यह बैठक उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया से पहले हो रही है, जो 7 अगस्त से शुरू हो रही है। एनडीए के पास निर्वाचक मंडल में बहुमत होने के कारण, यदि चुनाव लड़ा जाता है तो उसके उम्मीदवार के 9 सितंबर को होने वाले चुनाव में आसानी से जीत हासिल करने की उम्मीद है। पीटीआई द्वारा उद्धृत सूत्रों के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को अंतिम रूप देने के लिए सहयोगी दलों के साथ समन्वय कर सकते हैं।

कैराना के राधेश्याम की फरियाद : 10 महीने से लापता पत्नी, दरोगा पर ₹50 हजार लेने का आरोप

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शामली। कैराना तहसील के मोहल्ला रेतेवाला निवासी राधेश्याम कश्यप की ज़िंदगी पिछले 10 महीनों से उलट-पलट हो चुकी है। पत्नी पार्वती के गायब होने के बाद से राधेश्याम थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। आरोप है कि छपरौली थाने के दरोगा हरिओम ने न सिर्फ उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की बल्कि दो बार मिलाकर ₹50 हजार भी वसूल लिए।

राधेश्याम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि मोनिका, प्रवेज और सुन्दर नामक लोग उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। बताया कि आरोपी गलत किस्म के लोग हैं और उसकी पत्नी को अपने जाल में फंसा रखा है।

दरोगा ने जगह-जगह घुमाया, गलत जानकारी दी

पीड़ित का कहना है कि जब भी वह छपरौली थाने में रिपोर्ट लिखवाने जाता है, दरोगा सही जानकारी देने के बजाय कभी हरिद्वार, कभी रुड़की, कभी देहरादून और कभी उत्तराखंड में पत्नी होने की बात कहकर उसे भटकाता रहा। डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए।

राधेश्याम ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि घटना के आठ महीने बाद दरोगा उसे कुडाना गांव ले गया था, जहां सुन्दर की पत्नी से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पति सुबह जाता है और शाम को लौटता है और नशे में मारपीट करता है।

छह बच्चियों का बाप दर-दर की ठोकरें खा रहा

राधेश्याम के छह बेटियां हैं। पत्नी के जाने के बाद उनका पालन-पोषण अकेले करना मुश्किल हो गया है। पीड़ित का कहना है कि अगर समय रहते पत्नी नहीं मिली और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उसका परिवार बर्बाद हो जाएगा।

मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि बागपत के पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया जाए और दरोगा हरिओम सहित आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उसने कहा कि उसे अब सिर्फ सरकार से ही इंसाफ की उम्मीद है।

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

मध्यप्रदेश: तीन नाबालिग बच्चों के अपहरण का मामला, पिता ने पुलिस अधीक्षक से लगाई मदद की गुहार

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धार (म.प्र.) | 2 जुलाई 2025: धार जिले के एक आदिवासी मजदूर पिता ने अपने तीन नाबालिग बच्चों के जबरन अपहरण और संभावित अनहोनी को लेकर पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता प्रेम भील, ग्राम मोतीनगर सागौर निवासी, ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ लोगों ने 17 जून 2025 को उनके तीनों बच्चों — पुत्र कान्हा और पुत्रियां पायल व आरती — को जबरन अगवा कर लिया है और उनके साथ किसी गंभीर वारदात की आशंका जताई है।

प्रेम भील ने अपने लिखित शिकायती आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी पिंकीबाई चार साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वे अकेले ही अपने बच्चों की परवरिश मजदूरी कर करते आ रहे हैं। वर्तमान में वे ग्राम करंजवा में कुलदीप पटेल के यहां मजदूरी कर रह रहे थे, वहीं अपने बच्चों के साथ रह रहे थे। 17 जून को आरोपीगण — दीपक पिता लच्छु, सुनिता पत्नी दीपक, और रतननाई पत्नी लच्छु (सभी निवासी सागौर, तहसील पिंथमपुर, जिला धार) — उनके घर पर आए और उनके नाबालिग बच्चों को जबरन उठाकर अपने साथ ले गए।

प्रेम का आरोप है कि जब उन्होंने बच्चों की जानकारी लेने के लिए आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने उन्हें डराया और कहा कि “जो करना है कर लो, अब हम तेरे बच्चों को नहीं लौटाएंगे।” आरोपियों के इस कथन से प्रेम को गहरी चिंता है कि उनके बच्चों को किसी अप्रिय घटना का शिकार बनाया गया हो सकता है। उन्हें यह भी आशंका है कि आरोपी उनके बच्चों की हत्या भी कर चुके हो सकते हैं।

प्रेम ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई है और मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने आग्रह किया है कि पुलिस जल्द से जल्द उनके बच्चों का पता लगाकर उनकी जान की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन्हें उनके सुपुर्द करे।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस मामले की आवक-जावक प्रक्रिया दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग जोर पकड़ रही है। अब यह देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस दुखद घटना में कितनी तत्परता और संवेदनशीलता से कार्रवाई करती है।

भोजपुरी सुपरस्टार कल्लू सिंह की जबरदस्त फैन बनीं रूबी देवी, सोशल मीडिया के जरिए जताई मिलने की ख्वाहिश

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बिहार: जिला सिवान के गांव हथोड़ा बड़का टोला की 24 वर्षीय रूबी देवी भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार कल्लू सिंह जी की जबरदस्त फैन निकलीं। रूबी का कहना है कि वह कल्लू सिंह जी को दिल से पसंद करती हैं और उनका सपना है कि वह जीवन में एक बार उनसे जरूर मिलें।

रूबी देवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और इंस्टाग्राम पर रील्स बनाकर अपलोड करती हैं। उनका इंस्टाग्राम आईडी है rubbydevi007, जहां उन्होंने अब तक 47 पोस्ट किए हैं, 420 फॉलोअर्स हैं और वह 44 लोगों को फॉलो करती हैं।

रूबी ने भावुक होकर कहा, “मैं कल्लू सिंह जी की बहुत बड़ी फैन हूं, उनकी फिल्मों और गानों से बहुत प्रेरणा मिलती है। मैं चाहती हूं कि मेरी यह भावना कल्लू सिंह जी तक पहुंचे। अगर मुझे उनसे मिलने का मौका मिले तो वह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा पल होगा।”

रूबी ने यह भी बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं और वह बड़ी कठिनाइयों के बीच अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। इसके बावजूद वह सोशल मीडिया के जरिए अपने पसंदीदा कलाकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

रूबी देवी चाहती हैं कि सोशल मीडिया और मीडिया जगत उनके इस संदेश को कल्लू सिंह तक पहुंचाए ताकि वह एक बार अपने चहेते स्टार से मुलाकात कर सकें।