Tuesday, April 7, 2026
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लौरिया के कटैया में छह माह में ही टूटी विधायक निधि से बनी सड़क, ग्रामीणों में आक्रोश

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बेतिया/लौरिया। कटैया पंचायत की सड़कें बदहाली की शिकार हैं। पंचायत के बरवा शेख गांव में मात्र छह माह पहले विधायक निधि से बनी पीसीसी सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह सड़क परशुराम महतो के घर से कमलेश तिवारी के खेत तक बनाई गई थी, लेकिन निर्माण में भारी अनियमितताओं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह टिक ही नहीं पाई और जगह-जगह से उखड़ गई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सड़क 30% कमीशनखोरी पर विजय सिंह के द्वारा बनवाई गई थी, जिसे विनय बिहारी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत मंजूरी दिलाई थी। सड़क पर उखड़े पत्थरों पर फिसलकर लोग अक्सर घायल हो रहे हैं और वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

स्थानीय निवासी हरकेश कुमार सिंह, मुखिया प्रतिनिधि विनोद शर्मा, पूर्व मुखिया विपिन साह, परशुराम महतो, कमलेश तिवारी, प्रवीण श्रीवास्तव और सिकंदर राम ने बताया कि कटैया पंचायत में जिला परिषद और विधायक निधि से बनी ज्यादातर सड़कों की यही हालत है। बरवा शेख गांव की यह सड़क तो प्रमुख मार्ग है, जो नवलपुर-लौरिया मुख्यमार्ग को जोड़ती है, लेकिन इसके टूटने से करीब 2000 की आबादी परेशानी झेल रही है।

ग्रामीणों का सवाल है—”जब नेताओं द्वारा बनाई गई सड़क छह माह में ही टूट जाए तो उन्हें चुनने का क्या फायदा?”

ग्राम पंचायत राज कटैया की मुखिया किरण शर्मा ने कहा कि बरवा शेख वार्ड-13 की सड़क सहित पंचायत की अन्य सड़कों की बदहाल स्थिति की जानकारी अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि समय रहते मरम्मत और कार्रवाई हो सके।

शादी का झांसा देकर महिला को छोड़ा, गर्भवती होने पर आरोपी फरार

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बहला-फुसलाकर किया शारीरिक और मानसिक शोषण, पीड़िता बोली— मेरी सादगी और अशिक्षा का उठाया नाजायज फायदा

शहडोल। ग्राम खैरी निवासी कलावती पानीका ने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्राम डड्डी, जिला सीधी निवासी राजेश पनिका ने पहले उन्हें मीठी-मीठी बातों में फंसाया, शादी का वादा किया और फिर मंदिर में विवाह रचाया। शादी के बाद उसने अपना नाम बदलकर पति-पत्नी की तरह उनके साथ करीब चार से पांच महीने तक साथ जीवन बिताया। इस दौरान राजेश ने उनका पूरा भरोसा जीत लिया और उनकी सादगी का फायदा उठाया।

पीड़िता का कहना है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं, इस वजह से राजेश ने उनकी भोली सोच और शराफत का नाजायज फायदा उठाते हुए उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। जैसे ही उन्हें गर्भधारण हो गया और पेट में राजेश का बच्चा पनपने लगा, आरोपी अचानक घर से फरार हो गया। तब से वह लापता है और उसका कोई सुराग नहीं मिला।

कलावती का आरोप है कि राजेश के परिजन भी इस मामले में पूरी तरह शामिल हैं और उसे छुपाकर कहीं सुरक्षित स्थान पर रखे हुए हैं, ताकि वह पुलिस या समाज की पकड़ में न आ सके।

आंसुओं से भरी आंखों और टूटे हुए दिल के साथ पीड़िता ने मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, “मैंने इस आदमी को अपना सबकुछ समझा, लेकिन उसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। मैं चाहती हूं कि इसे ढूंढकर मेरे सामने लाया जाए और कानून से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि कोई और लड़की मेरी तरह धोखा न खाए।”

कलावती के पिता ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि उनकी बेटी को न्याय दिलाया जाए और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए।

उत्तम नगर में बहू का हंगामा: बुजुर्ग सास पर पत्थरबाजी, बच्चों के अपहरण की धमकी, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

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नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में 12 अगस्त की सुबह 9:30 बजे एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर उनकी बहू और रिश्तेदारों द्वारा हंगामा, तोड़फोड़ और धमकियों का मामला सामने आया है।

पीड़िता शिवकुमारी (64 वर्ष), निवासी जिला द्वारका, ने बताया कि उनकी बहू नीलम और उसकी बहन सुमन और सीता भाई विशाल जीजा सुनील (निवासी बदरपुर) अचानक घर में घुस आईं और गाली-गलौज करने लगीं। इसके बाद दोनों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे घर का काफी सामान टूट गया और शिवकुमारी घायल हो गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, नीलम की शादी 2022 में उनके बेटे अजय से हुई थी। शादी के शुरुआती 15 दिन तक रही लेकिन उसके दौरान भी लड़ाई झगड़े किए और उसके बाद वह किसे के साथ कीमतें समान के साथ घर छोड़ कर चली गई और अजय को भी घर से भगा दिया। इस दौरान वह लगातार झगड़ा करती रही और संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव डालती थी। धमकी देती थी—“अगर नाम पर नहीं करोगे तो हाथ काट दूँगी, नस काट दूँगी।”

शिवकुमारी ने बताया कि नीलम के अलावा उसकी तीन और बहनें — सीता, फूल और सुमन — तथा जीजा सुनील और भाई विशाल भी इस विवाद में शामिल हैं। राखी वाले दिन ये सभी मिलकर उनके घर में घुसे, पत्थरबाजी की और उनके घर के बच्चों को किडनैप करने की और घर में पेट्रोल डालकर जलाने की भी धमकी दी।

पीड़िता का कहना है कि घटना के दौरान उन्होंने पुलिस को फोन किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में जब वे नजदीकी थाने पहुँचे, तो एफआईआर दर्ज करने से भी इनकार कर दिया गया। यहाँ तक कि पुलिसकर्मियों के सामने भी नीलम ने गाली-गलौज और मारपीट की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिवकुमारी ने आरोप लगाया कि यह केवल एक घरेलू विवाद नहीं, बल्कि जानमाल की धमकी, बच्चों की सुरक्षा और संपत्ति हड़पने की साजिश का गंभीर मामला है, जिसमें पुलिस की लापरवाही ने आरोपियों के हौसले और बढ़ा दिए हैं।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर नाराज़गी जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

बेगूसराय: टूटी सड़क और जलभराव से ग्रामीण बेहाल, हादसों का खतरा बढ़ा

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बेगूसराय, बिहार। जिले के साहेबपुर कमल थाना क्षेत्र के एक गांव राहुआ में जर्जर सड़क और जलभराव की समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है। 22 वर्षीय स्थानीय निवासी नीतू, पुत्री सक्लदेव साहनी, ने इस मामले में गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

नीतू के अनुसार, गांव में करीब 2 से 3 साल पहले सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन उचित रखरखाव और समय पर मरम्मत न होने के कारण सड़क अब पूरी तरह टूट चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बारिश के दिनों में इनमें पानी भरकर छोटे तालाब जैसी स्थिति बन जाती है।

उन्होंने बताया कि यह सड़क अब रोजमर्रा के आवागमन के लिए खतरनाक हो चुकी है। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी, मरीजों और बुजुर्गों के लिए चलना मुश्किल, और वाहनों के फिसलने का खतरा हर समय बना रहता है। बरसात में तो यह रास्ता एक तरह से मौत का जाल बन जाता है।

नीतू ने एक ताज़ा घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कल वह अपने परिवार के साथ गाड़ी से जा रही थीं, तभी सड़क पर भरे पानी के कारण गाड़ी फिसल गई और सभी गिर पड़े। सौभाग्य से गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया — “अगर हमारे बच्चों को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?”

गोंडा — विवादित जमीन पर दबंगई, पीड़ित को मिल रही जान से मारने की धमकी

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पचपुती जगतापुर (दर्शुपुरवा) निवासी पवन शर्मा पुत्र गुलाब शर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके घर के सामने स्थित 6 विस्वा जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस संबंध में उन्होंने कई बार थाने, तहसील और यहां तक कि गोंडा कचहरी में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।

पीड़ित का कहना है कि पुलिस घर तक आती है, लेकिन विपक्षी पक्ष से पैसे लेकर वापस लौट जाती है। आरोप है कि विपक्षी राम शंकर ने विवादित जमीन पर छप्पर डालकर कब्जा करने की कोशिश की है। जब पवन शर्मा ने जमीन खाली करने को कहा, तो विपक्षी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर अपनी जमीन पर हो रहे कब्जे को रोकने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कोर्ट केस में फंसा व्यक्ति, गांव के लोगों पर षड्यंत्र रचने व जान से मारने की धमकी का आरोप

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मलकानगिरी: जिले के एक व्यक्ति ने कलेक्टर और एसपी को शिकायत देते हुए आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोग उसके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, 25 फरवरी 2023 को उसने इस मामले की शिकायत माठिली थाना में दर्ज करानी चाही, लेकिन पुलिस ने तुरंत शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई।

शिकायत में आरोप है कि गांव के विश्लेश्वर समरथ, दाशरथी, तुमेश्वर सरपंच, बैदो समरथ, लिंगराज समरथ, हरिचंद, जुजष्टी और कमलू डोंगरी मिलकर झूठा केस दर्ज करा रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि वह जमानत पर बाहर है, लेकिन ये लोग बेल छुड़ाने नहीं दे रहे और गवाही देने से भी रोक रहे हैं।

उसका कहना है कि गांव में उसके खिलाफ माहौल बना दिया गया है और कल माठिली कोर्ट में उसके खिलाफ वारंट जारी होने वाला है। उसने कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित ने बताया कि उसने हल्बा समाज 18 गढ़ महासभा अध्यक्ष और बड़ा जी गढ़ अध्यक्ष से भी मदद मांगी, लेकिन सहयोग नहीं मिला। यहां तक कि मामला राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल पाया है।

आम के पेड़ को काटने से रोका तो परिवार पर हमला, बहनों के अपहरण की धमकी, झूठे केस और नक्सली कनेक्शन के आरोप पीड़ित ने राष्ट्रपति तक लगाई गुहार

मलकानगिरी (ओडिशा), 21 फरवरी 2024 — मलकानगिरी जिले के टेमरुपाली गांव निवासी तम्मूराम नेकाल ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विगनेश्वर नीलकंठ और उसके साथियों ने कुछ साल पहले उनके परिवार पर हमला किया था, जब उन्होंने आम के पेड़ का तना काटने से रोका।

तम्मूराम के अनुसार, उनके माता-पिता, दादा-दादी और चाचा-चाची अब इस दुनिया में नहीं हैं, जिससे वह और उनका परिवार अनाथ स्थिति में हैं। आरोप है कि विगनेश्वर ने बहनों के अपहरण की धमकी दी, पूरे परिवार को खत्म करने की बात कही, और गांव में आतंक का माहौल पैदा किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी जादू-टोना करता है और उसका नक्सली संगठनों से जुड़ाव रहा है।

तम्मूराम ने दूसरी शिकायत में बताया कि कोर्ट केस और आपसी लड़ाई के मामले में भी उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। 25 फरवरी 2023 को उन्होंने माथिली थाना में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया और तीन दिन बाद एफआईआर लिखी। उनका आरोप है कि गांव के कुछ लोग — विश्लेश्वर समरथ, दाशरथी, तुमेश्वर (सरपंच), बैदो समरथ, लिंगराज समरथ, हरिचन्द, जुजष्टी और कमलू डोंगरी — उनके खिलाफ झूठा केस करके साजिश रच रहे हैं और जमानत छुड़ाने में बाधा डाल रहे हैं।

पीड़ित का कहना है कि इन लोगों ने गवाही देने पर भी गांव में डर और दबाव का माहौल बना दिया है। अब माथिली कोर्ट में उनके खिलाफ वारंट जारी होने वाला है, लेकिन कलेक्टर और एसपी को शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

तम्मूराम ने कहा कि वह अपने हल्बा समाज 18 गढ़ महासभा अध्यक्ष और बड़ा जी गढ़ अध्यक्ष से मदद मांग चुके हैं, लेकिन वहां से भी सहयोग नहीं मिला। उन्होंने अपनी गुहार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाई है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए और घर को हुए नुकसान की भरपाई के रूप में 5 लाख रुपये वसूलकर दिलाए जाएं।

निजी भूमि पर कब्ज़े की कोशिश, घर में घुसकर मारपीट का आरोप पीड़ित ने सीओ से की कार्रवाई की मांग

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महेशपुर (पाकुड़), 31 जुलाई 2025 — महेशपुर क्षेत्र के बिरकिट्टी गांव निवासी रमजान दीवान ने अपनी निजी भूमि पर जबरन कब्ज़ा और मारपीट का आरोप लगाते हुए गुरुवार को अंचल अधिकारी (सीओ) कुमार सिन्हा को लिखित शिकायत दी।

रमजान दीवान ने बताया कि बिरकिट्टी, मौजा संख्या 228, प्लॉट संख्या 804 में उनकी 3 कट्ठा 12 धुर निजी जमीन है, जो रजिस्टर-2 में भी उनके नाम दर्ज है और उस पर उनका कब्जा है। 26 जुलाई को वे अपनी जमीन पर पिलर निर्माण करा रहे थे, तभी रहीम मिर्धा, कमल दीवान और मोफीडल सो मौके पर पहुंचे और दावा किया कि यह जमीन उनकी है। उन्होंने पिलर तोड़ दिया और जब विरोध किया तो लाठी, लोहे के सावल से मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया।

पीड़ित के अनुसार आरोपी यहीं नहीं रुके, बल्कि घर में घुसकर तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट में रमजान की पत्नी आजमीरा और मां लाखमोन बीबी भी घायल हो गईं, जिनके कपड़े भी फाड़ दिए गए।

रमजान दीवान ने सीओ से मांग की है कि जमीन संबंधी सभी कागजात की जांच कर उन्हें उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

शुभमन गिल को मिला आईसीसी का बड़ा अवॉर्ड, पूरी दुनिया में ऐसा करने वाले बने पहले खिलाड़ी

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शुभमन गिल पिछले कुछ समय से बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके बल्ले से खूब रन भी निकल रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया था और टीम के लिए सबसे बड़े नायक बनकर उभरे थे। गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की वजह से ही भारतीय टीम टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर कर पाई थी। अब जुलाई 2025 महीने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड मिला है। इसका ऐलान आईसीसी ने किया है।गिल ने किया था दमदार प्रदर्शन
शुभमन गिल को प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के लिए इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर वियान मुल्डर से कड़ी टक्कर मिली। 25 साल के गिल ने जुलाई में दमदार खेल दिखाया और उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 94.50 की शानदार औसत से 567 रन बनाए, जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल रहा।

शुभमन गिल ने कही ये बात
प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के बाद शुभमन गिल ने कहा कि जुलाई के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार यह और भी ज्यादा अहम है क्योंकि यह अवॉर्ड मुझे कप्तान के रूप में मेरी पहली टेस्ट सीरीज के दौरान मेरे प्रदर्शन के लिए मिला है। बर्मिंघम में लगाया गया दोहरा शतक मेरे सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। मैं इस अवॉर्ड के लिए मुझे चुनने के लिए जूरी को धन्यवाद देना चाहता हूं।

गिल ने चौथी बार जीता आईसीसी प्लेयर ऑफ मंथ अवॉर्ड
शुभमन गिल का यह कुल चौथा आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड है। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2025, जनवरी 2023, सितंबर 2023 में यह अवॉर्ड अपने नाम किया था। वह पूरी दुनिया में इकलौते प्लेयर बने हैं, जिन्होंने प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड चार बार जीता है। इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल ने ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसकी मिशाल कम ही देखने को मिलती है। उन्होंने पूरी टेस्ट सीरीज के पांच मैचों में कुल 754 रन बनाए, जिसमें चार शतक शामिल रहे।

इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान
शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में शतक लगाया था, लेकिन तब भारत को पांच विकेट से हार मिली थी। इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 269 रन और दूसरी पारी में 161 रन बनाए थे। उनकी वजह से ही भारतीय टीम दूसरा मैच 336 रनों से जीत दर्ज करने में सफल रही। गिल इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान बने थे।

बेतिया में तीन बेटियों की मां को पति ने पीटा, घर से निकाला, मासूम बच्चियां छीन लीं

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बेतिया। हरी नगर की रहने वाली 26 वर्षीय पुनीता देवी के साथ हुए अत्याचार ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति विकास शाह ने केवल इस वजह से उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया क्योंकि उसकी तीन बेटियां हैं।

जानकारी के अनुसार पुनीता देवी की शादी 3 दिसंबर 2015 को विकास शाह से हुई थी। उनके परिवार में पहले से दो बेटियां हैं बड़ी बेटी की उम्र 4 साल और दूसरी की उम्र 3 साल है। हाल ही में पुनीता ने तीसरी बेटी को जन्म दिया है, जो अभी एक महीने से भी छोटी है। डिलीवरी ऑपरेशन के जरिए मायके में कराई गई थी।

पुनीता का कहना है कि राखी के दिन 9 अगस्त को पति ने उसे घर बुलाया। वह मासूम बेटियों के साथ पहुंची, लेकिन वहां पहुंचते ही विकास शाह ने उस पर जानलेवा हमला किया और बुरी तरह पीटा। आरोप है कि सास धारा देवी, देवर आकाश और ससुर शिव शाह ने भी मानसिक प्रताड़ना दी।

पीड़िता के मुताबिक पति ने तीनों बेटियों को अपने पास रख लिया और उसे घर से निकाल दिया। मायके लौटी पुनीता का कहना है कि बेटियों से जुदाई ने उसकी जिंदगी को तोड़ दिया है और वह लगातार रो रही है।

घटना की शिकायत पुनीता ने सुबोली थाना में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल बेटियों के पास मां को वापस भेजने और आरोपी पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़िता मायके में न्याय की गुहार लगा रही है।

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

पीएम मोदी की सुरक्षा की ढाल है ‘अदासो कपेसा’, माओ नागा जनजाति से रखती हैं ताल्लुक, जानिए और भी बहुत कुछ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हाल ही में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मणिपुर के सेनापति जिले के छोटे से गांव कैबी की रहने वाली इंस्पेक्टर अदासो कपेसा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में शामिल होकर इतिहास रच दिया। वह पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात होने वाली पहली महिला कमांडो हैं। उनकी एक तस्वीर, जिसमें वह काले सूट और ईयरपीस के साथ पीएम के पीछे आत्मविश्वास से खड़ी हुई दिख रही हैं। अदासो कपेसा की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।

SSB की 55वीं बटालियन में तैनात थीं कपेसा
अदासो कपेसा मणिपुर के माओ नागा जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। साधारण पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों वाले गांव से आने वाली अदासो ने बचपन से ही बड़े सपने देखे। उन्होंने स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी की और फिर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में शामिल हुईं। वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में SSB की 55वीं बटालियन में इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद पर तैनात थीं। अपनी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने SPG में जगह बनाई।

मार्शल आर्ट और बम डिफ्यूजिंग में हैं माहिर
SPG में शामिल होना कोई आसान काम नहीं है। यह भारत की सबसे विशिष्ट सुरक्षा इकाई है, जो केवल प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। SPG में चयन के लिए कठिन शारीरिक और मानसिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, जिसमें हथियारों की ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट, बम डिफ्यूजिंग, और गुप्त मिशनों की तैयारी शामिल है। अदासो ने 2020 में SPG कमांडो ट्रेनिंग पूरी की और 2024 में पीएम की कोर सुरक्षा टीम में शामिल हुईं। इस तरह कपेसा ने पुरुष प्रधान देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की।

सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक
अदासो कपेसा की SPG में तैनाती न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह भारत के सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है। उनकी तस्वीरें खासकर पीएम मोदी की हालिया ब्रिटेन यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। लोग उन्हें ‘नारी शक्ति’ और ‘राष्ट्रीय गौरव’ कहकर सराह रहे हैं। खासकर मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत के लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।